बलरामपुर जनपद के थाना कोतवाली देहात श्रीनगर चौकी क्षेत्र में अवैध मिट्टी खनन का मामला लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है। क्षेत्रीय ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन और पुलिस द्वारा कोई प्रभावी कार्रवाई न होने के कारण प्रतिदिन रात 10 बजे से सुबह 4 बजे तक खुलेआम ट्रैक्टर-ट्रालियों के जरिए मिट्टी खनन किया जा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, रातभर तेज रफ्तार से चलने वाली इन ट्रैक्टर-ट्रालियों से गाँव की सड़कों की स्थिति खराब होती जा रही है। साथ ही, लगातार हो रहे शोर और भारी वाहनों की आवाजाही से स्थानीय लोगों की नींद और दैनिक जीवन भी प्रभावित हो रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत किए जाने के बावजूद न तो खनन रुक पाया है और न ही किसी ट्रैक्टर-ट्राली को अब तक पकड़ा गया है, जिससे अवैध खनन करने वालों के हौसले बुलंद हो रहे हैं। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से इस अवैध खनन पर तत्काल रोक लगाने, संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और रात में गश्त बढ़ाने की मांग की है। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन और खनन विभाग इस मामले को कितनी गंभीरता से लेते हैं और अवैध खनन पर कब तक प्रभावी कार्रवाई की जाती है।
बलरामपुर जनपद के थाना कोतवाली देहात श्रीनगर चौकी क्षेत्र में अवैध मिट्टी खनन का मामला लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है। क्षेत्रीय ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन और पुलिस द्वारा कोई प्रभावी कार्रवाई न होने के कारण प्रतिदिन रात 10 बजे से सुबह 4 बजे तक खुलेआम ट्रैक्टर-ट्रालियों के जरिए मिट्टी खनन किया जा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, रातभर तेज रफ्तार से चलने वाली इन ट्रैक्टर-ट्रालियों से गाँव की सड़कों की स्थिति खराब होती जा रही है। साथ ही, लगातार हो रहे शोर और भारी वाहनों की आवाजाही से स्थानीय लोगों की नींद और दैनिक जीवन भी प्रभावित हो रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत किए जाने के बावजूद न तो खनन रुक पाया है और न ही किसी ट्रैक्टर-ट्राली को अब तक पकड़ा गया है, जिससे अवैध खनन करने वालों के हौसले बुलंद हो रहे हैं। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से इस अवैध खनन पर तत्काल रोक लगाने, संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और रात में गश्त बढ़ाने की मांग की है। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन और खनन विभाग इस मामले को कितनी गंभीरता से लेते हैं और अवैध खनन पर कब तक प्रभावी कार्रवाई की जाती है।
- बलरामपुर जिले की ग्राम सभा बालापुर लोकहवा में 20 साल के लंबे इंतजार के बाद बनी एक सड़क निर्माण के मात्र तीन दिन के भीतर ही ध्वस्त हो गई, जिस पर ग्रामीणों ने सड़क की खराब गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, सड़क का निर्माण बिना गिट्टी और पत्थर के किया गया था, जिसके कारण इसकी गुणवत्ता बेहद खराब रही। निर्माण कार्य शुरू होने के तीन दिन बाद ही सड़क कई जगहों से उखड़ गई और टूट गई। इस घटना ने सड़क निर्माण में शामिल इंजीनियरों, अधिकारियों और ठेकेदारों की भूमिका पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। ग्रामवासियों ने अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें ऐसी खराब गुणवत्ता वाली सड़क नहीं चाहिए। उनका यह भी कहना है कि एक तरफ सरकार निष्पक्ष और ईमानदार काम का दावा करती है, वहीं दूसरी ओर ऐसे खुलेआम घटिया निर्माण कार्य हो रहे हैं। ग्रामीणों ने जिला अधिकारी महोदय से इस मामले की तत्काल जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है और यहाँ तक कहा है कि यदि ऐसी ही सड़कें बनानी हैं, तो बेहतर है कि ठेकेदारों को सीधे भुगतान कर दिया जाए और सड़क न बनाई जाए।1
- बलरामपुर जिले के बरईपुर में सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और विकास की स्थिति पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि जमीनी स्तर पर विकास कार्य नजर नहीं आ रहे हैं। एक परिवार आज भी सरकारी आवास के इंतजार में अपनी जिंदगी झोपड़ी में बिताने को मजबूर है। इसके अतिरिक्त, पंचायत भवन में भी गंदगी का अंबार लगा हुआ है, जिस पर ग्रामीणों ने अपनी चिंता व्यक्त करते हुए प्रशासन से जवाब मांगा है।1
- उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले में महाराजगंज थाना क्षेत्र के रामपुर महादेईया गांव में बिजली के तार अत्यधिक नीचे लटक रहे हैं, जिससे किसी भी समय एक बड़ी दुर्घटना होने का गंभीर खतरा बना हुआ है। गांव के बच्चों, राहगीरों और पशुओं की जान को इन लटकते तारों से लगातार खतरा बना हुआ है। जनहित में बिजली विभाग से यह निवेदन किया गया है कि इस समस्या का जल्द से जल्द समाधान किया जाए और तारों को सुरक्षित ऊंचाई पर कराया जाए, ताकि क्षेत्र में सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।1
- Samadhan Eicher के 551 मॉडल ट्रैक्टर को उसकी शक्तिशाली विशेषताओं के कारण जमकर सराहा जा रहा है। यह मॉडल इन दिनों एक वायरलशॉर्ट के रूप में ट्रेंडिंग है, जिसे लोग बेहद पसंद कर रहे हैं।1
- बकरा ईद के दिन एक अत्यंत गंभीर और निंदनीय घटना सामने आई है, जहाँ हिंदू लड़कों को बकरे की कुर्बानी का झांसा देकर धोखे से बुलाया गया। इसके बाद उन लड़कों पर चाकू से कई वार किए गए, जिसके परिणामस्वरूप उनकी निर्मम हत्या कर दी गई।1
- Post by Fakhre Alam Alam1
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