नर्मदा बचानी है तो सहायक नदियों को भी बचाना होगा: मोहन नागर ‘नर्मदा संवाद’ में नदी संरक्षण पर मंथन, जैविक खेती, जलग्रहण क्षेत्र, घाट संस्कृति और जनभागीदारी पर बनी कार्ययोजना नर्मदापुरम। नर्मदा की निर्मलता और अविरलता बनाए रखने के लिए केवल मुख्य नदी की सफाई पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसकी सहायक नदियों, जलस्रोतों, जंगलों और पूरे जलग्रहण क्षेत्र का संरक्षण जरूरी है। इसी संदेश के साथ बुधवार को रिवर व्यू परिसर में ‘नर्मदा संवाद’ का आयोजन किया गया। मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद, नर्मदापुरम और नर्मदा समग्र के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यशाला में नर्मदा संरक्षण से जुड़े विभिन्न विषयों पर मंथन हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि राज्यसभा सांसद माया नारोलिया और विशिष्ट अतिथि नपाध्यक्ष नीतू महेंद्र यादव मौजूद रहीं। मुख्य वक्ता के रूप में बृज किशोर भार्गव और कार्तिक सप्रे ने प्रतिभागियों का मार्गदर्शन किया। कार्यशाला में नर्मदा जलग्रहण क्षेत्र में जैविक एवं प्राकृतिक कृषि, नर्मदा और उसकी सहायक नदियों का संरक्षण, नर्मदा घाटों की स्वच्छता एवं संरक्षण, परिक्रमावासियों की सुविधाएं और घाट संस्कृति जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। इसके साथ ही स्थानीय स्तर पर किए जाने वाले कार्यों को लेकर कार्ययोजना भी तैयार की गई। सहायक नदियों के संरक्षण पर विशेष जोर मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष पद्मश्री मोहन नागर ने कहा कि नर्मदा की निर्मलता और अविरलता के लिए मुख्य नदी के साथ उसकी सहायक नदियों और उनके जलग्रहण क्षेत्रों की सुरक्षा भी जरूरी है। जंगलों की कटाई रोकने, बड़े पैमाने पर पौधरोपण करने और नदियों में पहुंच रहे गंदे एवं प्रदूषित पानी को रोकने की दिशा में लगातार काम करना होगा। उन्होंने कहा कि सहायक नदियों का जल निर्बाध रूप से नर्मदा तक पहुंचता रहे, इसके लिए उनके उद्गम स्थल से लेकर नर्मदा में मिलने वाले स्थान तक संरक्षण की निरंतर व्यवस्था जरूरी है। सहायक नदियों के किनारे बसे गांवों को भी अभियान से जोड़कर स्वच्छता, जल संरक्षण और पौधरोपण जैसे कार्यों को जनआंदोलन का रूप देना होगा। नर्मदा से भावनात्मक जुड़ाव को संरक्षण की ताकत बनाने की जरूरत मोहन नागर ने नर्मदा परिक्रमा की परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारे पूर्वजों ने नर्मदा को केवल नदी नहीं, बल्कि जीवनदायिनी मां के रूप में देखा। नर्मदा परिक्रमा ने सदियों से समाज को नदी और उसके तट से जोड़े रखा है। इसी भावनात्मक जुड़ाव को नर्मदा संरक्षण की ताकत बनाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि नर्मदा संरक्षण केवल सरकारी योजनाओं के भरोसे संभव नहीं है। समाज की सक्रिय भागीदारी के बिना नदी संरक्षण का लक्ष्य पूरा नहीं किया जा सकता। नर्मदा से जुड़े गांवों और समाज के विभिन्न वर्गों को साथ लेकर स्थानीय स्तर पर निरंतर जनजागरण, स्वच्छता, जल संरक्षण और पौधरोपण के अभियान चलाने होंगे। जमीनी स्तर पर सक्रिय होंगी टीमें संवाद में सहायक नदियों के संरक्षण के लिए जमीनी स्तर पर कार्य करने वाली टीमों को सक्रिय करने पर सहमति बनी। इसके साथ ही पौधरोपण और स्वच्छता अभियानों को गति देने तथा नर्मदा किनारे और सहायक नदियों से जुड़े क्षेत्रों में जनभागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया गया। कार्यशाला का संदेश स्पष्ट रहा कि नर्मदा संरक्षण सिर्फ मुख्य धारा को साफ रखने तक सीमित नहीं है। नर्मदा की प्रत्येक सहायक नदी, जलस्रोत, जंगल और जलग्रहण क्षेत्र को सुरक्षित रखना ही नर्मदा मैया की सच्ची सेवा और संरक्षण का आधार है।
नर्मदा बचानी है तो सहायक नदियों को भी बचाना होगा: मोहन नागर ‘नर्मदा संवाद’ में नदी संरक्षण पर मंथन, जैविक खेती, जलग्रहण क्षेत्र, घाट संस्कृति और जनभागीदारी पर बनी कार्ययोजना नर्मदापुरम। नर्मदा की निर्मलता और अविरलता बनाए रखने के लिए केवल मुख्य नदी की सफाई पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसकी सहायक नदियों, जलस्रोतों, जंगलों और पूरे जलग्रहण क्षेत्र का संरक्षण जरूरी है। इसी संदेश के साथ बुधवार को रिवर व्यू परिसर में ‘नर्मदा संवाद’ का आयोजन किया गया। मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद, नर्मदापुरम और नर्मदा समग्र के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यशाला में नर्मदा संरक्षण से जुड़े विभिन्न विषयों पर मंथन हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि राज्यसभा सांसद माया नारोलिया और विशिष्ट अतिथि नपाध्यक्ष नीतू महेंद्र यादव मौजूद रहीं। मुख्य वक्ता के रूप में बृज किशोर भार्गव और कार्तिक सप्रे ने प्रतिभागियों का मार्गदर्शन किया। कार्यशाला में नर्मदा जलग्रहण क्षेत्र में जैविक एवं प्राकृतिक कृषि, नर्मदा और उसकी सहायक नदियों का संरक्षण, नर्मदा घाटों की स्वच्छता एवं संरक्षण, परिक्रमावासियों की सुविधाएं और घाट संस्कृति जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। इसके साथ ही स्थानीय स्तर पर किए जाने वाले कार्यों को लेकर कार्ययोजना भी तैयार की गई। सहायक नदियों के संरक्षण पर विशेष जोर मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष पद्मश्री मोहन नागर ने कहा कि नर्मदा की निर्मलता और अविरलता के लिए मुख्य नदी के साथ उसकी सहायक नदियों और उनके जलग्रहण क्षेत्रों की सुरक्षा भी जरूरी है। जंगलों की कटाई रोकने, बड़े पैमाने पर पौधरोपण करने और नदियों में पहुंच रहे गंदे एवं प्रदूषित पानी को रोकने की दिशा में लगातार काम करना होगा। उन्होंने कहा कि सहायक नदियों का जल निर्बाध रूप से नर्मदा तक पहुंचता रहे, इसके लिए उनके उद्गम स्थल से लेकर नर्मदा में मिलने वाले स्थान तक संरक्षण की निरंतर व्यवस्था जरूरी है। सहायक नदियों के किनारे बसे गांवों को भी अभियान से जोड़कर स्वच्छता, जल संरक्षण और पौधरोपण जैसे कार्यों को जनआंदोलन का रूप देना होगा। नर्मदा से भावनात्मक जुड़ाव को संरक्षण की ताकत बनाने की जरूरत मोहन नागर ने नर्मदा परिक्रमा की परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारे पूर्वजों ने नर्मदा को केवल नदी नहीं, बल्कि जीवनदायिनी मां के रूप में देखा। नर्मदा परिक्रमा ने सदियों से समाज को नदी और उसके तट से जोड़े रखा है। इसी भावनात्मक जुड़ाव को नर्मदा संरक्षण की ताकत बनाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि नर्मदा संरक्षण केवल सरकारी योजनाओं के भरोसे संभव नहीं है। समाज की सक्रिय भागीदारी के बिना नदी संरक्षण का लक्ष्य पूरा नहीं किया जा सकता। नर्मदा से जुड़े गांवों और समाज के विभिन्न वर्गों को साथ लेकर स्थानीय स्तर पर निरंतर जनजागरण, स्वच्छता, जल संरक्षण और पौधरोपण के अभियान चलाने होंगे। जमीनी स्तर पर सक्रिय होंगी टीमें संवाद में सहायक नदियों के संरक्षण के लिए जमीनी स्तर पर कार्य करने वाली टीमों को सक्रिय करने पर सहमति बनी। इसके साथ ही पौधरोपण और स्वच्छता अभियानों को गति देने तथा नर्मदा किनारे और सहायक नदियों से जुड़े क्षेत्रों में जनभागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया गया। कार्यशाला का संदेश स्पष्ट रहा कि नर्मदा संरक्षण सिर्फ मुख्य धारा को साफ रखने तक सीमित नहीं है। नर्मदा की प्रत्येक सहायक नदी, जलस्रोत, जंगल और जलग्रहण क्षेत्र को सुरक्षित रखना ही नर्मदा मैया की सच्ची सेवा और संरक्षण का आधार है।
- कलेक्टर की कलाई पर सजा बेटियों का स्नेह, इको फ्रेंडली राखी से दिया पर्यावरण बचाने का संदेश मिसरोद के नितिन साई चाइल्ड केयर स्कूल की छात्राओं ने खुद तैयार की राखियां, कलेक्टर सोमेश मिश्रा ने मिठाई खिलाकर दिया आशीर्वाद नर्मदापुरम। रक्षाबंधन के पावन पर्व पर नर्मदापुरम में भाई-बहन के स्नेह के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी देखने को मिला। मिसरोद स्थित नितिन साई चाइल्ड केयर स्कूल की कक्षा 7वीं और 9वीं की छात्राओं ने कलेक्टर सोमेश मिश्रा से आत्मीय मुलाकात कर उन्हें अपने हाथों से तैयार की गई इको फ्रेंडली राखियां बांधीं। छात्राओं ने रक्षाबंधन के लिए विशेष रूप से पर्यावरण अनुकूल राखियां तैयार की थीं। अपनी रचनात्मकता और मेहनत से बनाई गई इन राखियों को कलेक्टर की कलाई पर बांधकर छात्राओं ने भाई-बहन के स्नेह, विश्वास और अपनत्व के पर्व को उत्साह के साथ मनाया। राखियों के माध्यम से उन्होंने पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। कलेक्टर ने मिठाई खिलाकर दिया स्नेह छात्राओं से राखी बंधवाने के बाद कलेक्टर सोमेश मिश्रा ने भी बच्चों के साथ सहजता और आत्मीयता से संवाद किया। उन्होंने छात्राओं को मिठाई खिलाई और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए स्नेहाशीष प्रदान किया। कलेक्टर ने छात्राओं द्वारा स्वयं तैयार की गई इको फ्रेंडली राखियों की सराहना करते हुए कहा कि त्योहारों को पर्यावरण संरक्षण के संदेश के साथ मनाना सराहनीय पहल है। उन्होंने कहा कि बच्चों की ऐसी रचनात्मक पहल समाज को प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनने और पर्यावरण हितैषी परंपराओं को अपनाने की प्रेरणा देती है। यादगार बना रक्षाबंधन का पल कलेक्टर से मुलाकात और राखी बांधने के बाद छात्राएं काफी उत्साहित नजर आईं। इस आत्मीय मुलाकात की यादों को संजोने के लिए छात्राओं ने कलेक्टर के साथ सामूहिक फोटो भी खिंचवाया। रक्षाबंधन के इस अवसर पर छात्राओं की पहल ने स्नेह के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया और पर्व को एक सकारात्मक सामाजिक संदेश से जोड़ दिया।1
- कृषि उपज मंडी में अव्यवस्थाओं का आलम, कीचड़ और गड्ढों से किसान परेशान; कई दिनों से बिजली भी बंद नर्मदापुरम शहर की आईटीआई रोड स्थित कृषि उपज मंडी में अव्यवस्थाओं का आलम है। मंडी के दोनों गेटों पर कीचड़ और गड्ढों के कारण किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आए दिन किसान और उनके वाहन फंस रहे हैं। वहीं सफाई के अभाव में जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हैं और मंडी की बिजली व्यवस्था भी कई दिनों से बंद बताई जा रही है। सफाई और बिजली के लिए निजी कर्मचारी होने के बावजूद व्यवस्था नहीं सुधरने से मंडी प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। पूरी खबर नर्मदापुरम शहर के आईटीआई रोड स्थित कृषि उपज मंडी में इन दिनों अव्यवस्थाओं के चलते किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मंडी में रोजाना सैकड़ों किसान अपनी कृषि उपज लेकर पहुंचते हैं, लेकिन मंडी के दोनों गेटों पर बदहाल रास्तों के कारण उनकी परेशानी बढ़ गई है। मंडी के दोनों गेटों पर जगह-जगह कीचड़ और गड्ढे होने के कारण कृषि उपज से भरे वाहन निकलने में दिक्कत हो रही है। किसानों के वाहन आए दिन कीचड़ और गड्ढों में फंस रहे हैं। इससे किसानों को अपने वाहनों को निकालने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। इसके साथ ही मंडी परिसर में नियमित सफाई नहीं होने से जगह-जगह कचरे के ढेर दिखाई दे रहे हैं। किसानों का आरोप है कि सफाई के लिए निजी कर्मचारी होने के बावजूद नियमित रूप से सफाई नहीं की जा रही है। वहीं मंडी परिसर की बिजली व्यवस्था भी कई दिनों से बंद होने की बात सामने आई है। आरोप है कि बिजली व्यवस्था के लिए निजी कर्मचारी को हर महीने भुगतान किया जाता है, लेकिन इसके बावजूद बिजली की समस्या बनी हुई है। किसानों का कहना है कि मंडी में रोजाना बड़ी संख्या में किसान अपनी उपज लेकर आते हैं। ऐसे में मंडी के दोनों गेटों पर सड़क की स्थिति सुधारने, कीचड़ और गड्ढों को भरने, नियमित सफाई कराने और बिजली व्यवस्था जल्द बहाल करने की जरूरत है। अब सवाल यह है कि किसानों से जुड़ी इतनी महत्वपूर्ण मंडी में मूलभूत सुविधाओं की निगरानी आखिर कौन कर रहा है? सफाई और बिजली व्यवस्था के लिए कर्मचारी होने के बावजूद हालात क्यों नहीं सुधर रहे हैं? किसानों ने जिम्मेदार अधिकारियों से तत्काल व्यवस्थाएं दुरुस्त कराने और लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई की मांग की है।1
- त्योहार के मद्देनजर मिठाई दुकानों पर खाद्य विभाग की छापेमार कार्रवाई, 31 नमूने जांच के लिए लिए नर्मदापुरम/सोहागपुर। त्योहारों के मद्देनजर दूध एवं दुग्ध उत्पादों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने जिले में विशेष जांच अभियान शुरू किया है। नियंत्रक खाद्य एवं औषधि प्रशासन एवं कलेक्टर श्री सोमेश मिश्रा के निर्देशानुसार 26 अगस्त 2026 को खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीमों ने सेमरी हरचंद, सोहागपुर और बनखेड़ी क्षेत्र की मिठाई दुकानों का औचक निरीक्षण किया। सेमरी हरचंद में खाद्य सुरक्षा अधिकारी बी.एस. धाकड़ एवं कमलेश एस. दियावार ने सर्वेश्वर मिष्ठान, बजरंग मिष्ठान एवं बीकानेर मिष्ठान का निरीक्षण किया। इस दौरान संदेह के आधार पर मिठाई, सोन पापड़ी, रसगुल्ला, बेसन, सोयाबीन तेल और नमकीन सहित 18 नमूने जांच के लिए लिए गए। इसी प्रकार सोहागपुर स्थित श्री बीकानेर एवं न्यू बीकानेर से मावा, बर्फी, लड्डू, सोन पापड़ी और रसगुल्ला के 8 नमूने लिए गए। वहीं खाद्य सुरक्षा विभाग की एक अन्य टीम ने बनखेड़ी क्षेत्र में कार्रवाई की। खाद्य सुरक्षा अधिकारी जितेंद्र सिंह राणा ने अग्रवाल स्वीट, श्याम स्वीट एवं बीकानेर स्वीट का निरीक्षण कर मावा पेड़ा, मावा, कलाकंद, मिल्क केक और बर्फी के 5 नमूने जांच के लिए लिए। इस तरह तीनों क्षेत्रों से कुल 31 खाद्य नमूने लिए गए हैं। सभी नमूनों को जांच के लिए राज्य खाद्य प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। विभाग के अनुसार जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत आगे की कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी। खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि त्योहारों के दौरान खाद्य पदार्थों, विशेषकर दूध, दुग्ध उत्पाद एवं घी की गुणवत्ता की जांच का अभियान नियमित रूप से जारी रहेगा। विभाग की कार्रवाई का उद्देश्य मिलावटी एवं अमानक खाद्य पदार्थों की बिक्री पर रोक लगाना और उपभोक्ताओं को सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है।1
- मालवीगंज बाइबल कॉलेज रोड पुलिया का स्थायी समाधान! अध्यक्ष जी का धन्यवाद | Itarsi Update मुख्य लाइन (Catchy Line) इटारसी के गोल्डन गार्डन के सामने वाली वायरल पुलिया का हुआ नया निर्माण, नागरिकों से अपील- 10-12 दिन भारी वाहन न गुजारें। डिस्क्रिप्शन (Description) इटारसी वासियों के लिए बड़ी राहत! मालवीगंज, बाइबल कॉलेज रोड और गोल्डन गार्डन के सामने बनी वायरल पुलिया का आज स्थायी समाधान कर दिया गया है। जर्जर हिस्से को पूरी तरह तोड़कर नए सिरे से शानदार निर्माण किया गया है। इस त्वरित और बेहतरीन कार्य के लिए स्थानीय नागरिकों ने अध्यक्ष जी का दिल से आभार व्यक्त किया है। ⚠️ विशेष अपील: नवनिर्मित पुलिया की मजबूती और Curing को ध्यान में रखते हुए सभी नागरिकों से अनुरोध है कि अगले 10 से 12 दिनों तक इस मार्ग से भारी वाहनों की आवाजाही बिल्कुल न करें और प्रशासन द्वारा डायवर्ट किए गए रूट का ही उपयोग करें। सहयोग बनाए रखें! हैशटैग (Hashtags) #ItarsiUpdate #MalviGanjRoad #ItarsiNews #BibleCollegeRoad #GoldenGardenItarsi #Itarsi #MadhyaPradeshNews #PublicNotice #LocalDevelopment मालवीगंज बाइबल कॉलेज रोड पुलिया का स्थायी समाधान! अध्यक्ष जी का धन्यवाद | Itarsi Update मुख्य लाइन (Catchy Line) इटारसी के गोल्डन गार्डन के सामने वाली वायरल पुलिया का हुआ नया निर्माण, नागरिकों से अपील- 10-12 दिन भारी वाहन न गुजारें। डिस्क्रिप्शन (Description) इटारसी वासियों के लिए बड़ी राहत! मालवीगंज, बाइबल कॉलेज रोड और गोल्डन गार्डन के सामने बनी वायरल पुलिया का आज स्थायी समाधान कर दिया गया है। जर्जर हिस्से को पूरी तरह तोड़कर नए सिरे से शानदार निर्माण किया गया है। इस त्वरित और बेहतरीन कार्य के लिए स्थानीय नागरिकों ने अध्यक्ष जी का दिल से आभार व्यक्त किया है। ⚠️ विशेष अपील: नवनिर्मित पुलिया की मजबूती और Curing को ध्यान में रखते हुए सभी नागरिकों से अनुरोध है कि अगले 10 से 12 दिनों तक इस मार्ग से भारी वाहनों की आवाजाही बिल्कुल न करें और प्रशासन द्वारा डायवर्ट किए गए रूट का ही उपयोग करें। सहयोग बनाए रखें! हैशटैग (Hashtags) #ItarsiUpdate #MalviGanjRoad #ItarsiNews #BibleCollegeRoad #GoldenGardenItarsi #Itarsi #MadhyaPradeshNews #PublicNotice #LocalDevelopment1
- नर्मदा नदी ने लिया रौद्र रूप, लगातार बारिश से बढ़ा जलस्तर; कई इलाकों में जलभराव की स्थिति नर्मदा नदी ने लिया रौद्र रूप, लगातार बारिश से बढ़ा जलस्तर; कई इलाकों में जलभराव की स्थिति1
- भोपाल मै निकला ईद मिलादुन्नबी का परंपरागत जुलूस राजधानी भोपाल में ईद मिलादुन्नबी के मुबारक मौके पर परंपरागत जुलूस बड़े ही अकीदत और उत्साह के साथ निकाला गया। अशोका गार्डन से शुरू हुआ यह जुलूस प्रभात चौराहा, सुभाष नगर, बोगदापुल, जिंसी और जहांगीराबाद होते हुए लिली टॉकीज पहुंचा, जहां जुलूस का समापन हुआ। जुलूस में बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए। पूरे रास्ते नात-ए-पाक और सलाम की सदाएं गूंजती रहीं और लोगों ने ईद मिलादुन्नबी की खुशी का इज़हार किया। इस दौरान जुलूस में शामिल लोगों ने अमन, शांति, भाईचारे और मोहब्बत का पैगाम दिया। भोपाल की गंगा-जमुनी तहज़ीब की खूबसूरत तस्वीर भी इस जुलूस में देखने को मिली। अशोका गार्डन से लिली टॉकीज तक निकला यह जुलूस अपनी रिवायत और अकीदत के साथ एक बार फिर शहर में आपसी मोहब्बत और भाईचारे का संदेश देता नजर आया।3
- न्यूज़ कोलार की धड़कन 7 सितंबर से निगम कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जा रहे हैं न्यूज कोलार की धड़कन भोपाल नगर निगम कमिश्नर महापौर नगर निगम अध्यक्ष के सामने अब बड़ी चुनौती निगम कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जा रहे है भोपाल में 7 सितंबर से शहर की नगर निगम की व्यवस्था हो जाएगी चौपट. निगम कर्मी करेंगे अनिश्चितकालीन काम बंद हड़ताल. आगामी 7 सितंबर से नगर निगम के सफाई मित्र/ वाहन चालक/ वार्ड कार्यालय, जोन कार्यालय आदि के सभी कर्मचारी हड़ताल पर जा रहे है। नगर निगम में लंबे समय से लंबित नियमीतिकरण,पेंशन, पदोन्नति आदि की मांग को लेकर (अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा) के बैनर तले सभी कर्मचारी काम बंद हड़ताल करने जा रहे हैं. विगत दो दिनों से पदाधिकारीयों द्वारा रणनीति बनाई जा रही है मंगलवार को आरिफ नगर में बड़ी संख्या में कर्मचारीगण जुटे थे और आज शाहजहानी पार्क के पीछे नगर निगम के वेस्ट डिपो में कर्मचारी इकट्ठे हुए जहां पर काम बंद हड़ताल की रणनीति बनाई गई है.इस बार मामला आर पार का है.शहर को स्वच्छ रखने वाले कर्मचारियों की तनखा बहुत कम है. रुपये ₹10000 महीने में कर्मचारियों का गुजारा नहीं हो पा रहा है.कर्मचारियों के बच्चे शिक्षा से वंचित हो रहे हैं. कर्मचारी नेता इरफान अल्ताफ ने बताया कि 7 तारीख से शहर में सफाई, पानी, सहित कई सेवाएं बाधित होगी.कोई भी निगम का वाहन सड़कों पर नहीं दौड़ेगा यहां तक की वार्ड एवं ज़ोन कार्यालय भी बंद होंगे.सभी कंप्यूटर ऑपरेटर्स कार्य बंद करेंगे.कर्मचारीयो को नगर निगम में काम करते हुए जवान से बुढ़ापा आ गया लेकिन रेगुलर नहीं हो पाए हैं.इस बार महापौर, कमिश्नर, निगम अध्यक्ष के सामने बड़ी चुनौती खड़ी होने जा रही है.आज कर्मचारियों को संबोधित किया इरफान अल्ताफ, श्यामलाल मैना, चैन सिंह चौहान, एवं मोहम्मद मुशीर आदि ने अन्य बड़े कर्मचारी संगठनों के बड़े पदाधिकारीयों का मार्गदर्शन भी इन सबको मिल रहा है. अब सवाल यह है कि नगर निगम कमिश्नर महापौर अध्यक्ष के सामने बहुत बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है सभी कर्मचारी एकजुट होकर 7 सितंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जा रहे हैं4
- एशियन गेम्स-2026 में नर्मदापुरम के तीन खिलाड़ी भारत की दावेदारी को देंगे मजबूती विवेक सागर प्रसाद, आध्या तिवारी और हर्षिता तोमर करेंगे भारत का प्रतिनिधित्व नर्मदापुरम, 26 अगस्त 2026। खेल प्रतिभाओं के क्षेत्र में नर्मदापुरम जिले ने एक बार फिर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत पहचान दर्ज कराई है। जापान के आइची-नागोया में 19 सितंबर से 4 अक्टूबर 2026 तक आयोजित होने वाले एशियन गेम्स-2026 में नर्मदापुरम जिले के तीन प्रतिभावान खिलाड़ी भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। हॉकी के स्टार खिलाड़ी विवेक सागर प्रसाद, सॉफ्ट टेनिस की युवा खिलाड़ी आध्या तिवारी और सेलिंग की अनुभवी खिलाड़ी हर्षिता तोमर भारतीय दल में शामिल हैं। एक ही जिले से तीन अलग-अलग खेलों के खिलाड़ियों का एशियन गेम्स जैसे प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय आयोजन के लिए चयन होना नर्मदापुरम के लिए गौरव की बड़ी उपलब्धि है। यह सफलता न केवल इन खिलाड़ियों की मेहनत, लगन और निरंतर अभ्यास का परिणाम है, बल्कि जिले में विकसित हो रही खेल संस्कृति और प्रतिभाओं की क्षमता को भी दर्शाती है। एशियन गेम्स में एशिया के विभिन्न देशों के शीर्ष खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं। ऐसे में नर्मदापुरम के तीनों खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए देश के लिए पदक हासिल करने की कोशिश करेंगे। जिले के खेल प्रेमियों और नागरिकों की नजरें अब इन खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर टिकी रहेंगी। हॉकी में विवेक सागर प्रसाद पर रहेंगी निगाहें नर्मदापुरम के प्रतिभावान हॉकी खिलाड़ी विवेक सागर प्रसाद भारतीय पुरुष हॉकी टीम का हिस्सा होंगे। विवेक भारतीय हॉकी के प्रमुख खिलाड़ियों में अपनी जगह बना चुके हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई महत्वपूर्ण मुकाबलों में देश का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। एशियन गेम्स में भारतीय पुरुष हॉकी टीम अपने पिछले स्वर्ण पदक के प्रदर्शन को दोहराने और खिताब बरकरार रखने के लक्ष्य के साथ मैदान में उतरेगी। ऐसे में टीम के अनुभवी खिलाड़ियों में शामिल विवेक सागर प्रसाद की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है। विवेक की तेज खेल शैली, मैदान पर निर्णय लेने की क्षमता और अंतरराष्ट्रीय अनुभव भारतीय टीम के लिए उपयोगी साबित हो सकता है। नर्मदापुरम के खेल प्रेमियों को उम्मीद है कि विवेक एशियन गेम्स के मंच पर भी शानदार प्रदर्शन करते हुए भारतीय हॉकी टीम की सफलता में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। विवेक का एशियन गेम्स के लिए चयन जिले के युवा हॉकी खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणा का विषय है। छोटे शहर और जिले से निकलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने वाले विवेक ने नर्मदापुरम के युवाओं के सामने खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने की एक मिसाल पेश की है। सॉफ्ट टेनिस में आध्या तिवारी की नई उड़ान नर्मदापुरम की युवा सॉफ्ट टेनिस खिलाड़ी आध्या तिवारी भी एशियन गेम्स-2026 में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी। आध्या का चयन महिला सिंगल्स और मिक्स्ड डबल्स स्पर्धाओं के लिए हुआ है। आध्या ने अपने प्रदर्शन के दम पर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है। अब उन्हें एशिया के सबसे बड़े खेल मंचों में से एक पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा। सॉफ्ट टेनिस में एशियाई देशों के खिलाड़ियों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिलता है। ऐसे में आध्या के सामने भी मजबूत अंतरराष्ट्रीय चुनौती होगी। आध्या का एशियन गेम्स के लिए चयन नर्मदापुरम की बेटियों के लिए विशेष रूप से प्रेरणादायी उपलब्धि है। खेल के क्षेत्र में लगातार आगे बढ़ रही जिले की युवा प्रतिभाओं के लिए उनका चयन यह संदेश देता है कि निरंतर मेहनत और लक्ष्य के प्रति समर्पण के जरिए अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचा जा सकता है। महिला सिंगल्स के साथ मिक्स्ड डबल्स में भी आध्या भारत की दावेदारी मजबूत करने की कोशिश करेंगी। उनसे उम्मीद की जा रही है कि वह आत्मविश्वास के साथ मुकाबलों में उतरकर देश और जिले का नाम रोशन करेंगी। सेलिंग में हर्षिता तोमर का अनुभव बनेगा ताकत नर्मदापुरम की सेलिंग खिलाड़ी हर्षिता तोमर एशियन गेम्स-2026 में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाली तीसरी खिलाड़ी होंगी। हर्षिता पहले भी एशियन गेम्स में देश के लिए पदक जीत चुकी हैं। उन्होंने 2018 जकार्ता एशियन गेम्स में कांस्य पदक हासिल कर नर्मदापुरम और भारत का गौरव बढ़ाया था। अब एक बार फिर एशियन गेम्स के अंतरराष्ट्रीय मंच पर उतरने जा रहीं हर्षिता के अनुभव पर सभी की निगाहें रहेंगी। एशियन गेम्स जैसे बड़े आयोजन में पहले पदक जीतने का अनुभव उनके लिए महत्वपूर्ण ताकत साबित हो सकता है। सेलिंग एक ऐसा खेल है जिसमें खिलाड़ी को तकनीक, रणनीति, मौसम और परिस्थितियों के अनुरूप तत्काल निर्णय लेने की क्षमता की जरूरत होती है। हर्षिता के पिछले अंतरराष्ट्रीय अनुभव को देखते हुए उनसे एक बार फिर बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है। उनकी एशियन गेम्स में वापसी नर्मदापुरम के लिए भी गर्व का विषय है। हर्षिता ने पहले ही यह साबित किया है कि जिले की प्रतिभाएं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने की क्षमता रखती हैं। एक जिले से तीन खेलों में अंतरराष्ट्रीय पहचान एशियन गेम्स-2026 में नर्मदापुरम के तीन खिलाड़ी तीन अलग-अलग खेलों—हॉकी, सॉफ्ट टेनिस और सेलिंग में भारत की ओर से चुनौती पेश करेंगे। यह उपलब्धि जिले के खेल इतिहास में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। विवेक सागर प्रसाद हॉकी में, आध्या तिवारी सॉफ्ट टेनिस में और हर्षिता तोमर सेलिंग में देश की उम्मीदों का प्रतिनिधित्व करेंगी। तीनों खिलाड़ियों की खेल विधाएं अलग हैं, लेकिन लक्ष्य एक ही है—भारत के लिए बेहतर प्रदर्शन करना और देश का नाम रोशन करना। इन खिलाड़ियों की उपलब्धि से जिले के खेल मैदानों, प्रशिक्षण केंद्रों और युवा खिलाड़ियों में भी उत्साह बढ़ने की उम्मीद है। नर्मदापुरम के कई युवा अब खेलों को केवल स्थानीय प्रतियोगिताओं तक सीमित न मानकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर करियर के अवसर के रूप में देख रहे हैं। जिलेवासियों को पदक की उम्मीद आइची-नागोया में होने वाले एशियन गेम्स-2026 के दौरान नर्मदापुरम के खेल प्रेमियों की विशेष नजर भारतीय दल के इन तीन खिलाड़ियों पर रहेगी। तीनों खिलाड़ियों ने अपने-अपने खेल में मेहनत और प्रदर्शन के जरिए यह मुकाम हासिल किया है। विवेक सागर प्रसाद, आध्या तिवारी और हर्षिता तोमर अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की उम्मीदों को आगे बढ़ाएंगे। जिलेवासियों को भरोसा है कि तीनों खिलाड़ी अपनी पूरी क्षमता के साथ मुकाबला करेंगे और शानदार प्रदर्शन के जरिए नर्मदापुरम की खेल प्रतिभा को नई पहचान दिलाएंगे। तीन खिलाड़ी, तीन खेल और नर्मदापुरम का गौरव एशियन गेम्स-2026 में नर्मदापुरम की मौजूदगी इस बात का प्रमाण है कि प्रतिभा किसी बड़े शहर की मोहताज नहीं होती। सही मार्गदर्शन, निरंतर अभ्यास और दृढ़ इच्छाशक्ति के बल पर जिले के खिलाड़ी भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व कर सकते हैं। अब 19 सितंबर से शुरू होने वाले एशियन गेम्स में जब भारतीय खिलाड़ी मैदान में उतरेंगे, तब नर्मदापुरम की निगाहें विशेष रूप से अपने इन तीन सितारों पर रहेंगी। जिलेवासियों की उम्मीद और शुभकामनाओं के साथ विवेक सागर प्रसाद, आध्या तिवारी और हर्षिता तोमर भारत की पदक दावेदारी को मजबूत करने के लिए मैदान में उतरेंगे। NDPM NEWS twenty four नर्मदापुरम की खास रिपोर्ट2