नागौर जिले की नावा सिटी और आसपास के क्षेत्रवासियों के लिए एक अत्यंत सुखद और ऐतिहासिक खबर सामने आई है, जहाँ लंबे समय से बहुप्रतीक्षित उप जिला चिकित्सालय के नए भवन निर्माण को लेकर सकारात्मक प्रगति हुई है। यदि निर्माण कार्य प्रारंभ होने में कोई तकनीकी या प्रशासनिक बाधा नहीं आती है, तो आगामी जून माह में ही उप जिला चिकित्सालय भवन निर्माण कार्य का शुभारंभ होने की प्रबल संभावना है। गौरतलब है कि नावा सिटी में उप जिला चिकित्सालय के नए भवन की मांग को लेकर पिछले लंबे समय से लगातार जनआवाज उठाई जा रही थी। इस जनहित के मुद्दे पर समाजसेवी मनोज गंगवाल और उनकी टीम ने क्षेत्रवासियों के सहयोग से निरंतर प्रयास किए, जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभागों के समक्ष प्रभावी रूप से मांग रखी, तथा विभिन्न माध्यमों से अभियान चलाकर इस विषय को प्रमुखता से उठाया। क्षेत्र की जनता के सहयोग, समर्थन और एकजुटता के परिणामस्वरूप यह महत्वपूर्ण मांग अब साकार होती दिख रही है। नए चिकित्सालय भवन के निर्माण से नावा सिटी एवं आसपास के हजारों लोगों को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी, जिससे उपचार के लिए अन्य शहरों पर उनकी निर्भरता कम होगी और स्वास्थ्य सेवाओं के स्तर में व्यापक सुधार आएगा। इससे मरीजों और उनके परिजनों को बड़ी राहत मिलेगी तथा क्षेत्र के स्वास्थ्य ढांचे को नई मजबूती प्राप्त होगी। क्षेत्रवासियों ने इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर राज्य मंत्री विजय सिंह चौधरी के प्रति विशेष आभार व्यक्त किया और कहा कि उनके सकारात्मक हस्तक्षेप, निरंतर प्रयासों और जनभावनाओं के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण के कारण यह वर्षों पुरानी मांग अब धरातल पर उतरने की दिशा में आगे बढ़ रही है। क्षेत्रवासियों ने मंत्री चौधरी का हृदय से धन्यवाद ज्ञापित करते हुए इसे नावा सिटी के विकास में एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया है। क्षेत्रवासियों का मानना है कि यह केवल एक भवन निर्माण परियोजना नहीं, बल्कि नावा सिटी के स्वास्थ्य, विकास और जनकल्याण से जुड़ा एक ऐतिहासिक कदम है, जो आने वाले वर्षों में लाखों लोगों के लिए लाभकारी साबित होगा। नावा सिटी के विकास के इस स्वर्णिम अध्याय पर पूरे क्षेत्र में खुशी और उत्साह का माहौल है। समाजसेवी मनोज गंगवाल, उनकी टीम और समस्त क्षेत्रवासियों ने इसे जनएकता, जनसहयोग और सतत संघर्ष की जीत बताते हुए सभी नागरिकों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।
नागौर जिले की नावा सिटी और आसपास के क्षेत्रवासियों के लिए एक अत्यंत सुखद और ऐतिहासिक खबर सामने आई है, जहाँ लंबे समय से बहुप्रतीक्षित उप जिला चिकित्सालय के नए भवन निर्माण को लेकर सकारात्मक प्रगति हुई है। यदि निर्माण कार्य प्रारंभ होने में कोई तकनीकी या प्रशासनिक बाधा नहीं आती है, तो आगामी जून माह में ही उप जिला चिकित्सालय भवन निर्माण कार्य का शुभारंभ होने की प्रबल संभावना है। गौरतलब है कि नावा सिटी में उप जिला चिकित्सालय के नए भवन की मांग को लेकर पिछले लंबे समय से लगातार जनआवाज उठाई जा रही थी। इस जनहित के मुद्दे पर समाजसेवी मनोज गंगवाल और उनकी टीम ने क्षेत्रवासियों के सहयोग से निरंतर प्रयास किए, जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभागों के समक्ष प्रभावी रूप से मांग रखी, तथा विभिन्न माध्यमों से अभियान चलाकर इस विषय को प्रमुखता से उठाया। क्षेत्र की जनता के सहयोग, समर्थन और एकजुटता के परिणामस्वरूप यह महत्वपूर्ण मांग अब साकार होती दिख रही है। नए चिकित्सालय भवन के निर्माण से नावा सिटी एवं आसपास के हजारों लोगों को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी, जिससे उपचार के लिए अन्य शहरों पर उनकी निर्भरता कम होगी और स्वास्थ्य सेवाओं के स्तर में व्यापक सुधार आएगा। इससे मरीजों और उनके परिजनों को बड़ी राहत मिलेगी तथा क्षेत्र के स्वास्थ्य ढांचे को नई मजबूती प्राप्त होगी। क्षेत्रवासियों ने इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर राज्य मंत्री विजय सिंह चौधरी के प्रति विशेष आभार व्यक्त किया और कहा कि उनके सकारात्मक हस्तक्षेप, निरंतर प्रयासों और जनभावनाओं के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण के कारण यह वर्षों पुरानी मांग अब धरातल पर उतरने की दिशा में आगे बढ़ रही है। क्षेत्रवासियों ने मंत्री चौधरी का हृदय से धन्यवाद ज्ञापित करते हुए इसे नावा सिटी के विकास में एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया है। क्षेत्रवासियों का मानना है कि यह केवल एक भवन निर्माण परियोजना नहीं, बल्कि नावा सिटी के स्वास्थ्य, विकास और जनकल्याण से जुड़ा एक ऐतिहासिक कदम है, जो आने वाले वर्षों में लाखों लोगों के लिए लाभकारी साबित होगा। नावा सिटी के विकास के इस स्वर्णिम अध्याय पर पूरे क्षेत्र में खुशी और उत्साह का माहौल है। समाजसेवी मनोज गंगवाल, उनकी टीम और समस्त क्षेत्रवासियों ने इसे जनएकता, जनसहयोग और सतत संघर्ष की जीत बताते हुए सभी नागरिकों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।
- नागौर/थांवला में अवैध खनन के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो ट्रैक्टर-ट्रॉलियां जब्त की हैं। इनमें से एक ट्रॉली अवैध बजरी से भरी थी, जबकि दूसरी में अवैध पत्थर पाए गए। यह कार्रवाई नागौर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आशाराम चौधरी (आर.पी.एस.) के अवैध खनन रोकथाम संबंधी निर्देशों के पालन में, वृत्ताधिकारी वृत्त डेगाना जयप्रकाश बेनिवाल के निकट पर्यवेक्षण में, थानाधिकारी अशोक कुमार झाझडिया के नेतृत्व में थाना थांवला की टीम द्वारा की गई। पुलिस टीम द्वारा अवैध बजरी खनन के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में, सहायक उपनिरीक्षक (सउनि) सुरेंद्र कुमार और उनकी टीम गश्त करते हुए लाडपुरा के लूणी नदी क्षेत्र में पहुंची। वहां उन्हें बजरी से भरी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली मिली, जिसका चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने ट्रैक्टर-ट्रॉली को हिरासत में लिया और थाने लाकर उस पर प्रकरण संख्या 104, दिनांक 31 मई 2026 को धारा 303 (2) बीएनएस और 4/21 एमएमआरडी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर अनुसंधान शुरू कर दिया है। इसी प्रकार, सउनि महेंद्र सिंह और उनकी टीम ने अवैध पत्थर खनन के खिलाफ कार्रवाई करते हुए देवगढ़ रोड पर थांवला की सरहद पर गश्त की। उन्हें अवैध पत्थरों से भरी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली सामने आती दिखी, जिसके चालक ने सरकारी गाड़ी को देखकर ट्रैक्टर को बीच सड़क पर ही छोड़कर भागने का प्रयास किया और वह मौके से फरार हो गया। पुलिस ने इस ट्रैक्टर-ट्रॉली को भी जब्त कर थाने लाया और खनन विभाग को इसकी सूचना दी।1
- मौसम का मिजाज अचानक बिगड़ गया है। घने बादलों और गरज के साथ मौसम में बदलाव देखा गया है।1
- रियांबड़ी में भक्ति के रंगों के बीच ग्यारह कोसी नगर परिक्रमा का भव्य शुभारंभ हो गया है। पूरा क्षेत्र इस आयोजन के साथ भक्तिमय वातावरण में सराबोर है।1
- नागौर जिले में अवैध खनन के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत थांवला पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है, जिसमें अवैध बजरी और पत्थर से भरी दो ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को जब्त किया गया। यह अभियान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, नागौर के निर्देशों पर गठित विशेष टीमों द्वारा चलाया जा रहा है। पुलिस के अनुसार, 31 मई 2026 को अवैध खनन के विरुद्ध कार्रवाई के लिए पुलिस टीमें क्षेत्र में गश्त कर रही थीं। इसी दौरान, सार्जेंट सुरेंद्र कुमार के नेतृत्व में एक टीम लूणी नदी क्षेत्र के लाडपुरा पहुंची, जहाँ उन्हें अवैध बजरी से भरी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली मिली। पुलिस टीम को देखते ही चालक वाहन छोड़कर फरार हो गया। पुलिस ने ट्रैक्टर-ट्रॉली को जब्त कर थांवला थाना परिसर में खड़ा करा दिया और इस मामले में बीएनएसएस व एमएमआरडी एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। दूसरी ओर, सार्जेंट महेंद्र सिंह के नेतृत्व में एक अन्य पुलिस टीम देवगढ़ रोड स्थित क्षेत्र में गश्त करते हुए अवैध पत्थरों से भरी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली का पता चला। पुलिस वाहन को देखते ही चालक इसे सड़क पर छोड़कर भाग निकला। पुलिस ने इस वाहन को भी कब्जे में लेकर थाने पहुंचाया और खनन विभाग को भी आवश्यक कार्रवाई के लिए सूचित किया। इस कार्रवाई में कुल दो ट्रैक्टर-ट्रॉलियां जब्त की गई हैं, जिनमें एक अवैध बजरी और दूसरी अवैध पत्थरों से भरी थी। थांवला थाना के पुलिस निरीक्षक अशोक कुमार झाझड़िया, सार्जेंट महेंद्र सिंह और सार्जेंट सुरेंद्र कुमार सहित पुलिस जवानों की टीम इस कार्रवाई में शामिल थी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिले में अवैध खनन और खनिज परिवहन के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस की इस कार्रवाई को क्षेत्र में अवैध खनन माफियाओं के खिलाफ एक बड़ी सफलता माना जा रहा है, और स्थानीय लोगों ने भी पुलिस की तत्परता की सराहना करते हुए अवैध खनन पर प्रभावी अंकुश लगाने की मांग की है।1
- रिया बड़ी नगर पालिका में 'वंदे गंगा जल संरक्षण' अभियान का भव्य शुभारंभ किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य जल संरक्षण, जल संचय और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए आमजन को पानी बचाने के लिए प्रेरित करना है। राजस्थान सरकार के निर्देशानुसार रिया बड़ी उपखंड में इस जन अभियान का शुभारंभ उत्साहपूर्वक आयोजित हुआ। रिया बड़ी उपखंड अधिकारी ने दीपक प्रज्वलित कर इस अभियान का शुभारंभ किया। इस अवसर पर कार्यक्रम का आरंभ सरोवर पूजन और पौधरोपण के साथ हुआ। मुख्य उपखंड अधिकारी विनीत कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि जिस भाव से गंगा के जल का वंदन किया जाता है, उसी भाव से हर जल स्रोत का संरक्षण अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जल को गंगा का जल मानते हुए उसका संरक्षण करना चाहिए, क्योंकि जल संरक्षण राम नाम के स्मरण से कम नहीं है और यह इंसान की ऊर्जा का एकमात्र स्रोत है। विनीत कुमार ने यह भी बताया कि पहले गांवों में लोग सामूहिक रूप से जल संरक्षण करते थे, लेकिन अब वे पूरी तरह सरकार पर निर्भर हो गए हैं। उन्होंने समाज से मनरेगा सहित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से आगे बढ़कर जल संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आग्रह किया। इस कार्यक्रम में उपखंड अधिकारी विनीत कुमार, नगर पालिका एग्जीक्यूटिव ऑफिसर धर्मेंद्र कुमार, नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष गिरधारी लाल सैनी, पूर्व उपाध्यक्ष सत्यनारायण वैष्णव, अशोक कुमार माली, राहुल भाटी, अभिषेक माली, मुकेश धारु, सुनील दगदी और समस्त नरेगा स्टाफ व मजदूर लोग उपस्थित रहे।2
- नागौर जिले के लाडपुरा गांव में एक भगतमाल कथा का आयोजन किया गया। इस धार्मिक आयोजन के अवसर पर सुखदेवजी महाराज कुचेरा ने मीडिया से बातचीत की।1
- Post by Khushal Parihar Khushal Pariha1
- नागौर जिले में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आशाराम चौधरी के निर्देशों के बाद यातायात नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की गई है। इन निर्देशों का उद्देश्य बिना नंबर प्लेट, काले शीशे वाले और नंबर प्लेटों से छेड़छाड़ कर घूमने वाले वाहनों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करना था। उम्मेद सिंह, उप अधीक्षक यातायात, नागौर के पर्यवेक्षण में यातायात प्रभारी देवीलाल, पुलिस निरीक्षक, यातायात शाखा, नागौर ने नागौर कस्बे में अभियान चलाया। इस दौरान बिना नंबर की 7 मोटरसाइकिलें मोटर वाहन (एमवी) अधिनियम के तहत जब्त की गईं। इसके अतिरिक्त, यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले कुल 142 वाहनों के चालान किए गए। इसी तरह, मेड़तासिटी कस्बे में भी कार्रवाई की गई, जिसमें रामकरणसिंह मलिंडा, वृत्ताधिकारी, वृत्त मेड़तासिटी और उम्मेदसिंह, आर.पी.एस. यातायात, नागौर के निकट पर्यवेक्षण में प्रहलादराम, सहायक उप निरीक्षक और थाना प्रभारी, यातायात पुलिस थाना मेड़तासिटी के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया। इस टीम ने बिना नंबर की 3 मोटरसाइकिलें एमवी अधिनियम के तहत जब्त कीं और यातायात नियमों का उल्लंघन करने पर कुल 20 चालान किए। नागौर पुलिस ने इस कार्रवाई के तहत नागौर और मेड़तासिटी से कुल 10 बिना नंबर वाली मोटरसाइकिलें जब्त की हैं और यातायात नियमों के उल्लंघन के लिए एमवी अधिनियम के तहत कुल 162 चालान काटे गए हैं। नागौर पुलिस ने आमजन से अपील की है कि सुरक्षित यात्रा आपकी और आपके परिवार की जिम्मेदारी है, क्योंकि सड़क पर थोड़ी सी लापरवाही गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है।4