नेरचौक नगर परिषद चुनाव 2026: वार्ड आरक्षण सूची जारी, बदले समीकरण; कई सीटों पर नए चेहरे तय नेरचौक नगर परिषद चुनाव 2026: वार्ड आरक्षण सूची जारी, बदले समीकरण; कई सीटों पर नए चेहरे तय नेरचौक , नगर परिषद नेरचौक के चुनाव 2026 को लेकर सोमवार को वार्डों की आरक्षण सूची जारी कर दी गई। जारी इस सूची के बाद अब स्थानीय राजनीति में हलचल तेज हो गई है। आरक्षण के नए रोस्टर से कई वार्डों की तस्वीर बदल गई है, जिससे इस बार चुनाव में नए चेहरे सामने आने तय हैं। नगर परिषद क्षेत्र की कुल आबादी 8528 है, जिसमें अनुसूचित जाति की आबादी 3751 है जो43.98 प्रतिशत है, जबकि अनुसूचित जनजाति की आबादी मात्र 5 (0.55 प्रतिशत) है। इसी आधार पर वार्डों का आरक्षण तय किया गया है। वार्डवार आरक्षण की स्थिति इस प्रकार है। ढांगू-I वार्ड को महिला वर्ग के लिए आरक्षित किया गया है। ढांगू-II वार्ड अनारक्षित रखा गया है। नेर-I वार्ड अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है, जबकि नेर-II वार्ड अनुसूचित जाति महिला के लिए आरक्षित किया गया है। भंगरोटू वार्ड को अनारक्षित रखा गया है। मजेहठल-I वार्ड महिला के लिए आरक्षित किया गया है, जबकि मजेहठल-II वार्ड अनुसूचित जाति महिला के खाते में गया है। नेर-III वार्ड अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है। डडोर वार्ड को अनारक्षित रखा गया है। पहले क्या थी स्थिति, अब क्या बदला पिछले चुनाव के मुकाबले इस बार आरक्षण में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। पहले जहां कई वार्ड सामान्य वर्ग के लिए खुले थे, वहीं अब जनसंख्या के अनुपात के आधार पर अनुसूचित जाति और महिला वर्ग को प्राथमिकता दी गई है। अनुसूचित जाति आबादी अधिक होने के बावजूद डडोर और भंगरोटू जैसे वार्डों को अनारक्षित रखा गया है, जिससे यहां सीधा मुकाबला होगा। वहीं चार वार्ड अनुसूचित जाति वर्ग के लिए आरक्षित किए गए हैं, जिनमें दो सीटें अनुसूचित जाति महिला के लिए हैं। इसके अलावा दो वार्ड सामान्य महिला के लिए आरक्षित किए गए हैं। इस बदलाव से कई पुराने दावेदारों की दावेदारी प्रभावित हुई है। जिससे चुनावी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। आरक्षण सूची जारी होते ही संभावित प्रत्याशियों ने अपनी-अपनी रणनीति बनानी शुरू कर दी है। जिन वार्डों में आरक्षण बदला है, वहां नए उम्मीदवारों की तलाश तेज हो गई है। इस बार नगर परिषद नेरचौक का चुनाव आरक्षण के कारण पूरी तरह से नए रंग में नजर आएगा और मुकाबला पहले से अधिक दिलचस्प होने की उम्मीद है।
नेरचौक नगर परिषद चुनाव 2026: वार्ड आरक्षण सूची जारी, बदले समीकरण; कई सीटों पर नए चेहरे तय नेरचौक नगर परिषद चुनाव 2026: वार्ड आरक्षण सूची जारी, बदले समीकरण; कई सीटों पर नए चेहरे तय नेरचौक , नगर परिषद नेरचौक के चुनाव 2026 को लेकर सोमवार को वार्डों की आरक्षण सूची जारी कर दी गई। जारी इस सूची के बाद अब स्थानीय राजनीति में हलचल तेज हो गई है। आरक्षण के नए रोस्टर से कई वार्डों की तस्वीर बदल गई है, जिससे इस बार चुनाव में नए चेहरे सामने आने तय हैं। नगर परिषद क्षेत्र की कुल आबादी 8528 है, जिसमें अनुसूचित जाति की आबादी 3751 है जो43.98 प्रतिशत है, जबकि अनुसूचित जनजाति की आबादी मात्र 5 (0.55 प्रतिशत) है। इसी आधार पर वार्डों का आरक्षण तय किया गया है। वार्डवार आरक्षण की स्थिति इस प्रकार है। ढांगू-I वार्ड को महिला वर्ग के लिए आरक्षित किया गया है। ढांगू-II वार्ड अनारक्षित रखा गया है। नेर-I वार्ड अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है, जबकि नेर-II वार्ड अनुसूचित जाति महिला के लिए आरक्षित किया गया है। भंगरोटू वार्ड को अनारक्षित रखा गया है। मजेहठल-I वार्ड महिला के लिए आरक्षित किया गया है, जबकि मजेहठल-II वार्ड अनुसूचित जाति महिला के खाते में गया है। नेर-III वार्ड अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है। डडोर वार्ड को अनारक्षित रखा गया है। पहले क्या थी स्थिति, अब क्या बदला पिछले चुनाव के मुकाबले इस बार आरक्षण में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। पहले जहां कई वार्ड सामान्य वर्ग के लिए खुले थे, वहीं अब जनसंख्या के अनुपात के आधार पर अनुसूचित जाति और महिला वर्ग को प्राथमिकता दी गई है। अनुसूचित जाति आबादी अधिक होने के बावजूद डडोर और भंगरोटू जैसे वार्डों को अनारक्षित रखा गया है, जिससे यहां सीधा मुकाबला होगा। वहीं चार वार्ड अनुसूचित जाति वर्ग के लिए आरक्षित किए गए हैं, जिनमें दो सीटें अनुसूचित जाति महिला के लिए हैं। इसके अलावा दो वार्ड सामान्य महिला के लिए आरक्षित किए गए हैं। इस बदलाव से कई पुराने दावेदारों की दावेदारी प्रभावित हुई है। जिससे चुनावी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। आरक्षण सूची जारी होते ही संभावित प्रत्याशियों ने अपनी-अपनी रणनीति बनानी शुरू कर दी है। जिन वार्डों में आरक्षण बदला है, वहां नए उम्मीदवारों की तलाश तेज हो गई है। इस बार नगर परिषद नेरचौक का चुनाव आरक्षण के कारण पूरी तरह से नए रंग में नजर आएगा और मुकाबला पहले से अधिक दिलचस्प होने की उम्मीद है।
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- Post by Himachal Update 24 News3
- रिपोर्ट 31 मार्च सैंज (बुद्धि सिंह ठाकुर ): शिक्षा के क्षेत्र में चार दशकों से अधिक का समय न्यौछावर करने वाले राजेंद्र शर्मा 31 मार्च को अपनी राजकीय सेवा से सेवानिवृत्त होने जा रहे हैं। इस अवसर पर पीएम श्री राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सैंज में एक भव्य विदाई समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें स्कूल प्रबंधन और विद्यार्थियों ने अपने प्रिय शिक्षक का भावपूर्ण स्वागत किया। विद्यार्थियों और प्रबंधन द्वारा यादगार विदाई समारोह की शुरुआत में स्कूल के पूर्व व वर्तमान प्रबंधन और विद्यार्थियों द्वारा राजेंद्र शर्मा जी का भव्य स्वागत किया गया। विद्यार्थियों ने फूल-मालाओं और गीतों के साथ अपने गुरु के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। स्कूल प्रशासन ने उनके 40 वर्षों के सेवाकाल को संस्थान के लिए एक 'स्वर्ण युग' बताया और शिक्षा के प्रति उनके समर्पण की सराहना की। शून्य से शिखर तक का सफर सैंज घाटी की रैला पंचायत के जीवा गांव के एक साधारण परिवार में जन्मे राजेंद्र शर्मा की यात्रा प्रेरणादायक रही है: शिक्षा: प्रारंभिक शिक्षा प्राथमिक विद्यालय शरण-II से करने के बाद उन्होंने सैंज स्कूल से ही अपनी माध्यमिक शिक्षा पूरी की। इसके बाद प्रभाकर, स्नातक, एमए (हिंदी), जेबीटी और बीएड जैसी उच्च शिक्षा मेरिट के साथ हासिल की। करियर की शुरुआत: वर्ष 1987 में जेबीटी अध्यापक के रूप में नियुक्ति हुई। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने मझाण और खुन्न जैसे अत्यंत दुर्गम क्षेत्रों में भी अपनी सेवाएं दीं। पदोन्नति: जेबीटी से सफर शुरू कर वे भाषा अध्यापक और टीजीटी हिंदी के पद तक पहुँचे। सेवा के मुख्य केंद्र राजेंद्र शर्मा ने अपने 40 वर्ष 03 माह के कार्यकाल में कई विद्यालयों को सींचा, जिनमें मुख्य रूप से: प्रारंभिक चरण: राजकीय केंद्र प्राथमिक विद्यालय सैंज, मंगलौर, पुखरी, करटाह और शरण-II। वरिष्ठ चरण: वराण, ढालपुर कुल्लू, खल्याणी और अंत में पीएम श्री सैंज। भविष्य का संकल्प और आभार विदाई के क्षणों में भावुक होते हुए राजेंद्र शर्मा ने कहा, "मैंने जीवन भर कड़ी मेहनत से हर मुकाम हासिल किया है और मेरा प्रयास हमेशा विद्यार्थियों की भलाई रहा है। सरकारी सेवा भले ही समाप्त हो रही हो, लेकिन समाज की भलाई के लिए मैं आगे भी सक्रिय रहूँगा।" उन्होंने अपने पूरे जीवन काल में सहयोग देने के लिए सभी सहयोगियों और क्षेत्रवासियों का आभार जताया। अपनी सेवानिवृत्ति के उपलक्ष्य में उन्होंने अपने पैतृक गांव जीवा (सिउंड) में सभी शुभचिंतकों के लिए धाम (पारंपरिक भोज) का आयोजन भी किया है।1
- Post by Himachal Ab Tak1
- सुजानपुर हिमाचल प्रदेश में वाहनों पर प्रवेश कर के मुद्दे पर प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता एवं पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर करारा हमला बोला है। राजेंद्र राणा ने कहा कि प्रवेश कर में बढ़ोतरी से बाहरी राज्यों से हिमाचल में रोजमर्रा का सामान लाने वाले व्यापारियों पर भारी बोझ पड़ेगा, जिसका सीधा असर आम जनता पर होगा और प्रदेश में जरूरत का सामान और महंगा मिलेगा। राजेंद्र राणा ने कहा कि एक तरफ नरेंद्र मोदी द्वारा हिमाचल के लिए वित्तीय सहायता के रूप में ₹3,920 करोड़ जारी किए गए हैं, वहीं दूसरी तरफ हिमाचल सरकार पेट्रोल और डीजल पर पाँच रुपये बढ़ाने और करों में वृद्धि कर जनता को निचोड़ने की नीति अपना रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की जिद के आगे प्रदेश की जनता को नुकसान उठाना पड़ रहा है और प्रवेश कर बढ़ाने का फैसला तुरंत प्रभाव से वापस लिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसे फैसलों से हिमाचल प्रदेश की छवि पहले ही खराब हो चुकी है और अब बची-खुची कसर भी पूरी हो जाएगी। फर्क केवल आम जनता को पड़ता है, लेकिन यह बात मुख्यमंत्री समझ नहीं पा रहे हैं। राणा ने मुख्यमंत्री सुक्खू से सवाल उठाते हुए कहा कि दिल्ली के रेडिसन होटल में कमरा नंबर 411 में 72 घंटे तक वह क्या कर रहे थे। यदि उन्होंने कुछ गलत नहीं किया है तो इस बारे में जनता को स्पष्ट जवाब देना चाहिए। इस मुद्दे पर उनकी खामोशी से जनता के बीच मुख्यमंत्री की छवि और खराब हो रही है और यदि जल्द जवाब नहीं दिया गया तो स्थिति और गंभीर होगी।1
- मंडी के गलमा स्कूल में बनी आधुनिक लाइब्रेरी 📚 | लाखों की सौगात, बच्चों को मिलेगी डिजिटल शिक्षा1