विश्व योग दिवस के अवसर पर, गौतम बुद्ध नगर के दादरी स्थित एयर फोर्स स्टेशन के प्रांगण में दिव्यदर्शन योग सेवा संस्थान के संस्थापक योगाचार्य योगिराज करनदेव के निर्देशन में एक विशाल योग शिविर का आयोजन किया गया। यह योग शिविर प्रोटोकॉल योग पर आधारित था, जिसमें एयर फोर्स स्टेशन के संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। योग सत्र में योगाचार्य योगिराज करनदेव ने सर्वप्रथम सूक्ष्म व्यायाम कराया। इसके बाद, खड़े होकर किए जाने वाले आसन, बैठकर किए जाने वाले आसन, लेटकर किए जाने वाले आसन और पेट के बल लेटकर किए जाने वाले आसनों का अभ्यास कराया गया। योगाभ्यास के साथ-साथ प्राणायाम, श्वास नियंत्रण, ध्यान और शांति पाठ का भी अभ्यास कराया गया। इस अवसर पर, योगाचार्य योगिराज करनदेव ने योग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि नियमित योगाभ्यास से शरीर स्वस्थ, मन शांत और जीवन संतुलित बनता है। उन्होंने कहा कि योग न केवल शारीरिक रोगों से बचाव में सहायक है, बल्कि मानसिक तनाव, चिंता और थकान को दूर करने में भी अत्यंत लाभकारी है। उन्होंने यह भी बताया कि योग भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है, जिसे अपनाकर व्यक्ति निरोगी और अनुशासित जीवन जी सकता है। कार्यक्रम के अंत में, एयर फोर्स स्टेशन दादरी की ओर से योगाचार्य योगिराज करनदेव को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी अधिकारियों एवं प्रतिभागियों ने योगाभ्यास को स्वास्थ्य और जीवनशैली के लिए उपयोगी बताया। दिव्यदर्शन योग सेवा संस्थान द्वारा आयोजित यह योग शिविर सफलतापूर्वक संपन्न हुआ, और सभी प्रतिभागियों ने नियमित योग करने का संकल्प लिया।
विश्व योग दिवस के अवसर पर, गौतम बुद्ध नगर के दादरी स्थित एयर फोर्स स्टेशन के प्रांगण में दिव्यदर्शन योग सेवा संस्थान के संस्थापक योगाचार्य योगिराज करनदेव के निर्देशन में एक विशाल योग शिविर का आयोजन किया गया। यह योग शिविर प्रोटोकॉल योग पर आधारित था, जिसमें एयर फोर्स स्टेशन के संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। योग सत्र में योगाचार्य योगिराज करनदेव ने सर्वप्रथम सूक्ष्म व्यायाम कराया। इसके बाद, खड़े होकर किए जाने वाले आसन, बैठकर किए जाने वाले आसन, लेटकर किए जाने वाले आसन और पेट के बल लेटकर किए जाने वाले आसनों का अभ्यास कराया गया। योगाभ्यास के साथ-साथ प्राणायाम, श्वास नियंत्रण, ध्यान और शांति पाठ का भी अभ्यास कराया गया। इस अवसर पर, योगाचार्य योगिराज करनदेव ने योग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि नियमित योगाभ्यास से शरीर स्वस्थ, मन शांत और जीवन संतुलित बनता है। उन्होंने कहा कि योग न केवल शारीरिक रोगों से बचाव में सहायक है, बल्कि मानसिक तनाव, चिंता और थकान को दूर करने में भी अत्यंत लाभकारी है। उन्होंने यह भी बताया कि योग भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है, जिसे अपनाकर व्यक्ति निरोगी और अनुशासित जीवन जी सकता है। कार्यक्रम के अंत में, एयर फोर्स स्टेशन दादरी की ओर से योगाचार्य योगिराज करनदेव को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी अधिकारियों एवं प्रतिभागियों ने योगाभ्यास को स्वास्थ्य और जीवनशैली के लिए उपयोगी बताया। दिव्यदर्शन योग सेवा संस्थान द्वारा आयोजित यह योग शिविर सफलतापूर्वक संपन्न हुआ, और सभी प्रतिभागियों ने नियमित योग करने का संकल्प लिया।
- रायबरेली के लालगंज कोतवाली क्षेत्र के टिकरान गांव में रिश्तों को शर्मसार करने वाली एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। यहाँ एक कलयुगी बेटे ने अपने ही पिता की लाठी-डंडों से बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या कर दी। इस हृदयविदारक घटना के बाद मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी बेटा मौके से फरार हो गया। स्थानीय लोगों की सूचना पर पहुँची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जाँच शुरू कर दी है और फरार आरोपी की तलाश तेज़ी से की जा रही है।1
- कौशाम्बी के महेवाघाट थाना क्षेत्र में सोमवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे में एंबुलेंस और एक कार की आमने-सामने की भीषण टक्कर हो गई। यह हादसा सरसवां पीएचसी के पास हुआ, जहां टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों वाहनों के परखच्चे उड़ गए। इस दुर्घटना में कार सवार एक महिला और उसके छह माह के बेटे की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पति और पुत्री गंभीर रूप से घायल हो गए। जानकारी के अनुसार, प्रतापगढ़ जनपद के रहने वाले फैजल अपनी पत्नी सयामा फारूखी, छह माह के पुत्र अब्बास और पुत्री मनाल फारूखी के साथ कार से जा रहे थे। इसी दौरान राजापुर की ओर से आ रही एक एंबुलेंस से उनकी कार की जोरदार भिड़ंत हो गई। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों की सूचना पर पहुंची महेवाघाट पुलिस ने सभी घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया। उपचार के दौरान सयामा फारूखी और छह माह के मासूम अब्बास की मौत हो गई, जबकि फैजल और उनकी पुत्री मनाल फारूखी गंभीर रूप से घायल हैं और उनका इलाज चल रहा है। हादसे के बाद पुलिस ने दोनों क्षतिग्रस्त वाहनों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक तौर पर इस दुर्घटना का कारण तेज रफ्तार को माना जा रहा है। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है।4
- कौशांबी जिले के सिराथू ब्लॉक के ग्राम कैमा रामपुर धमावा गौराहार में समर्थ किसान पार्टी (सकिपा) द्वारा सोमवार को एक जनसंपर्क अभियान चलाया गया, जिसके तहत पार्टी नेता अजय सोनी की अध्यक्षता में गौराहार में एक बैठक हुई। इस बैठक में ओवरलोड वाहनों के कारण सड़कों की बदहाली और उनसे हो रही दुर्घटनाओं पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई। लोगों ने बताया कि जिले के कई मार्गों, विशेषकर सिराथू धाता मार्ग से दिन-रात सैकड़ों की तादाद में बालू के ओवरलोड वाहन गुजरते हैं, जिससे सड़कें लगातार खराब और जर्जर हो रही हैं। अजय सोनी ने इस पर अपनी बात रखते हुए कहा कि जिले भर में रोजाना सैकड़ों ओवरलोड वाहन गुजरते हैं, जिससे सड़कें क्षतिग्रस्त हो रही हैं। उन्होंने विशेष रूप से ग्राम कैमा और धमांवा के पास की सड़कों का जिक्र किया, जो ओवरलोड वाहनों की आवाजाही के कारण पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी हैं। इन खराब सड़कों के चलते लोग लगातार दुर्घटनाओं का शिकार होकर घायल हो रहे हैं। सोनी ने सरकारी स्तर पर ओवरलोड वाहनों की रोकथाम के लिए किसी भी तरह की व्यवस्था न होने पर भी सवाल उठाया, जिससे स्थिति और गंभीर होती जा रही है। बैठक के माध्यम से सकिपा नेताओं ने कौशांबी जिला प्रशासन, परिवहन विभाग और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उनकी मांग है कि जिले भर में रोजाना अभियान चलाकर ओवरलोड वाहनों को चिह्नित किया जाए और उन पर समुचित कार्यवाही की जाए। सकिपा ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो समर्थ किसान पार्टी के कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे। इस बैठक में अशोक सोनी, भारत सिंह, लाल बहादुर यादव, जुम्मन अली और नरेंद्र मिश्र सहित कई अन्य लोग मौजूद रहे।2
- कौशांबी जिले के जवई गाँव में इमाम हुसैन की याद में 'पचई' का कार्यक्रम बहुत अकीदत और श्रद्धा के साथ मनाया गया। इस मौके पर इमाम हुसैन के प्रति अपनी आस्था व्यक्त करने के लिए एक विशाल जनसैलाब उमड़ पड़ा। यह आयोजन मोहर्रम 2026 से संबंधित था, जिसमें लोगों ने अपनी गहरी आस्था का प्रदर्शन किया।1
- कौशांबी के महेवाघाट क्षेत्र में अवैध खनन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि खंड संख्या 16/4 से 16/6 तक का खनन पट्टा अनामिका करवरिया के नाम पर होने के बावजूद, निर्धारित क्षेत्र से बाहर 16/20-22 तक पोकलेन जैसी भारी मशीनों से धड़ल्ले से खनन कराया जा रहा है। ये गतिविधियां खुलेआम जारी हैं और कई वीडियो भी सामने आ चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद प्रशासन और टास्क फोर्स की चुप्पी चौंकाने वाली है। इलाके के ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से इसकी शिकायत की है। शिकायतकर्ता राजेश, अश्वनी कुमार पांडेय और आशुतोष कुमार के अनुसार, मौरंग खनन के इस पूरे मामले में करवरिया बंधुओं का इतना दबदबा है कि अधिकारी भी कार्रवाई करने से कतरा रहे हैं। हालात यह हैं कि दिन-रात एनजीटी और खनन नियमों को दरकिनार करते हुए वैध सीमा से बाहर खनन जारी है, पर जिम्मेदार विभागों द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है, जिससे प्रशासनिक नाकामी और दबाव की स्थिति साफ दिखती है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि प्रदेश में खनन विभाग सीधे मुख्यमंत्री के पास है, फिर भी जिले के अधिकारी मौके पर जाकर छापेमारी या कार्रवाई करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं, जिससे यह सवाल और गहरा हो जाता है कि आखिर किसके संरक्षण में यह अवैध खनन चल रहा है। इस अवैध खनन का असर केवल नियमों के उल्लंघन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पर्यावरण और जलीय जीव-जंतुओं के लिए भी गंभीर खतरा बन चुका है। लगातार हो रही खुदाई से प्राकृतिक संतुलन बिगड़ रहा है और क्षेत्र के पारिस्थितिकी तंत्र पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है। अब जब यह मामला मीडिया में उजागर हो चुका है, तो सबकी नजर शासन-प्रशासन पर टिकी है कि आखिर कब तक इस अवैध खनन पर रोक लगती है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाती है।2
- मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में स्थित गर्ल्स कॉलेज परीक्षा केंद्र पर आयोजित री-NEET परीक्षा के दौरान, तीन छात्राएं परीक्षा देने से वंचित रह गईं।1
- रायबरेली के ऊंचाहार क्षेत्र में बंदरों के आतंक की एक घटना सामने आई है, जहाँ सोमवार को मकदूमपुर गाँव में मुमताज पुत्र आतिफ नूर पर चार-पांच बंदरों ने हमला कर उसे काट लिया, जिससे वह घायल हो गया। जानकारी के अनुसार, यह घटना तब हुई जब मुमताज अपने खेत में खेलने गया था। घटना की सूचना मिलते ही परिजनों ने घायल मुमताज को तत्काल ऊंचाहार सीएचसी पहुँचाया, जहाँ चिकित्सकों द्वारा उसका इलाज किया जा रहा है। चिकित्सकों ने पुष्टि की कि बंदर के काटने से घायल हुए बच्चे को उपचार के लिए लाया गया है और उसका इलाज जारी है। पूरे ऊंचाहार क्षेत्र के गाँवों में बंदरों का आतंक लगातार बना हुआ है।1