रादौर के गांव मेहरा के ग्रामीण पिछले लगभग आठ दिनों से ट्यूवेलों पर बिजली की गंभीर समस्या का सामना कर रहे हैं। इसी मुद्दे पर अपना रोष व्यक्त करने के लिए ग्रामीण वीरवार, 18 जून को बिजली निगम कार्यालय रादौर पहुँचे। वहाँ अधिकारियों की कुर्सियाँ खाली देखकर ग्रामीण भड़क उठे और उन्होंने बिजली निगम कार्यालय के मेन गेट पर ताला लगाकर निगम के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। ग्रामीणों ने बताया कि गांव मेहरा में पावर हाउस होने के बावजूद पिछले आठ दिनों से बिजली की सप्लाई पूरी तरह ठप पड़ी है, जिससे सभी किसान बेहद परेशान हैं। उन्होंने बिजली निगम पर ढुलमुल रवैया अपनाने का आरोप लगाया और कहा कि धरातल पर बिजली सुधार को लेकर कोई काम नहीं हो रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, बिजली के पोल तो गाड़ दिए गए हैं, लेकिन तारें लगाने का काम कछुआ चाल से चल रहा है। बिजली न आने के कारण खेतों में खड़ी फसलें, धान की पौध, सब्जियाँ और पशुओं का चारा पूरी तरह सूख चुका है, जिससे उनका कामकाज ठप हो गया है। इस विरोध प्रदर्शन में गांव मेहरा निवासी गुरप्रीत सिंह, राजेंद्र, रविंद्र, जसपाल, अजमेर, राजन, अमित बांगड़, रमेश कुमार, समीराज, विनोद कुमार, अंकुश बांगड़, सौरभ, बलविंदर सिंह, बलबीर, गुरुदेव शर्मा, सुल्तान, नसीब, जसरत और विपिन समेत कई अन्य ग्रामीण शामिल थे। विरोध प्रदर्शन के दौरान, मेहरा फीडर के जेई ने मौके पर पहुँचकर ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण एसडीओ से मिलने पर अड़े रहे। एसडीओ के न मिलने पर ग्रामीणों ने विभाग के खिलाफ अपना रोष और तेज कर दिया। बिजली निगम कार्यालय के मेन गेट पर ताला लगाने से बिल भरने आए लोगों को भारी दिक्कत का सामना करना पड़ा, क्योंकि कई लोगों के लिए वह बिल भरने का आखिरी दिन था। बाद में, बिजली निगम रादौर के एसडीओ दीपांशु धीमान के आश्वासन पर ग्रामीणों ने मेन गेट का ताला खोल दिया। एसडीओ दीपांशु धीमान ने स्वयं मौके का मुआयना करने की बात कही और बताया कि उन्होंने काम में तेजी लाने के लिए कर्मचारियों को लेबर बढ़ाने के सख्त निर्देश दे दिए हैं। उन्होंने किसानों की इस बिजली समस्या का जल्द ही समाधान करने का आश्वासन दिया। हालांकि, ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि जब तक बिजली सुचारू नहीं होती, उनका विरोध जारी रहेगा।
रादौर के गांव मेहरा के ग्रामीण पिछले लगभग आठ दिनों से ट्यूवेलों पर बिजली की गंभीर समस्या का सामना कर रहे हैं। इसी मुद्दे पर अपना रोष व्यक्त करने के लिए ग्रामीण वीरवार, 18 जून को बिजली निगम कार्यालय रादौर पहुँचे। वहाँ अधिकारियों की कुर्सियाँ खाली देखकर ग्रामीण भड़क उठे और उन्होंने बिजली निगम कार्यालय के मेन गेट पर ताला लगाकर निगम के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। ग्रामीणों ने बताया कि गांव मेहरा में पावर हाउस होने के बावजूद पिछले आठ दिनों से बिजली की सप्लाई पूरी तरह ठप पड़ी है, जिससे सभी किसान बेहद परेशान हैं। उन्होंने बिजली निगम पर ढुलमुल रवैया अपनाने का आरोप लगाया और कहा कि धरातल पर बिजली सुधार को लेकर कोई काम नहीं हो रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, बिजली के पोल तो गाड़ दिए गए हैं, लेकिन तारें लगाने का काम कछुआ चाल से चल रहा है। बिजली न आने के कारण खेतों में खड़ी फसलें, धान की पौध, सब्जियाँ और पशुओं का चारा पूरी तरह सूख चुका है, जिससे उनका कामकाज ठप हो गया है। इस विरोध प्रदर्शन में गांव मेहरा निवासी गुरप्रीत सिंह, राजेंद्र, रविंद्र, जसपाल, अजमेर, राजन, अमित बांगड़, रमेश कुमार, समीराज, विनोद कुमार, अंकुश बांगड़, सौरभ, बलविंदर सिंह, बलबीर, गुरुदेव शर्मा, सुल्तान, नसीब, जसरत और विपिन समेत कई अन्य ग्रामीण शामिल थे। विरोध प्रदर्शन के दौरान, मेहरा फीडर के जेई ने मौके पर पहुँचकर ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण एसडीओ से मिलने पर अड़े रहे। एसडीओ के न मिलने पर ग्रामीणों ने विभाग के खिलाफ अपना रोष और तेज कर दिया। बिजली निगम कार्यालय के मेन गेट पर ताला लगाने से बिल भरने आए लोगों को भारी दिक्कत का सामना करना पड़ा, क्योंकि कई लोगों के लिए वह बिल भरने का आखिरी दिन था। बाद में, बिजली निगम रादौर के एसडीओ दीपांशु धीमान के आश्वासन पर ग्रामीणों ने मेन गेट का ताला खोल दिया। एसडीओ दीपांशु धीमान ने स्वयं मौके का मुआयना करने की बात कही और बताया कि उन्होंने काम में तेजी लाने के लिए कर्मचारियों को लेबर बढ़ाने के सख्त निर्देश दे दिए हैं। उन्होंने किसानों की इस बिजली समस्या का जल्द ही समाधान करने का आश्वासन दिया। हालांकि, ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि जब तक बिजली सुचारू नहीं होती, उनका विरोध जारी रहेगा।
- रादौर में पुलिस पर पत्थरबाजी के पिछले दिनों हुए एक मामले में कार्रवाई करते हुए, पुलिस ने वीरवार को डेहा बस्ती निवासी रवीना को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। न्यायालय ने रवीना को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। रादौर पुलिस ने दावा किया है कि इस मामले में नामजद अन्य लोगों को भी जल्द ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।1
- रादौर के छोटा बांस क्षेत्र में पुलिस टीम पर हुए कथित हमले के मामले को लेकर प्राध्यापिका, समाजसेविका और नशे के खिलाफ ब्रांड एंबेसडर रादौर सामने आई हैं। उन्होंने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाली ऐसी घटनाएँ समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय हैं। उनकी मांग है कि इस मामले में दोषियों के खिलाफ निष्पक्ष और सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पुलिस टीम एक कार्रवाई के लिए इस क्षेत्र में पहुँची थी, जिसके दौरान विवाद और कथित पथराव की घटना सामने आई। उन्होंने जोर देकर कहा कि मामले से संबंधित सभी तथ्यों की जाँच की जानी चाहिए और जाँच के आधार पर ही कार्रवाई होनी चाहिए, किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाना चाहिए। इसके साथ ही, उन्होंने नशे के खिलाफ समाज और प्रशासन से मिलकर काम करने का आह्वान किया, यह बताते हुए कि युवाओं को नशे से दूर रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने स्थानीय लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी प्रकार की अफवाहों से बचने की अपील भी की।1
- यमुनानगर स्थित नगर निगम के वार्ड 16 की हरबंसपुरा कॉलोनी में ₹41.55 लाख की लागत से सड़क और पानी निकासी के लिए आरसीसी नाले का निर्माण किया जाएगा। वीरवार को विधायक घनश्याम दास अरोड़ा और मेयर सुमन बहमनी ने पार्षद संदीप धीमान की उपस्थिति में इस विकास कार्य का शिलान्यास किया। उन्होंने नारियल फोड़कर सड़क और नाले के निर्माण का विधिवत शुभारंभ किया तथा निगम अधिकारियों को गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखते हुए निर्धारित समय अवधि में कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। मेयर सुमन बहमनी ने बताया कि यह परियोजना कांबोज करियाना स्टोर से लेकर नीलकंठ डेयरी तक फैलेगी। उन्होंने जोर दिया कि निर्माण सामग्री की गुणवत्ता से कोई समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और अधिकारियों को काम में पूरी पारदर्शिता बरतने तथा इसे समय सीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। इस विकास कार्य से जहां नई पक्की सड़क बनेगी, वहीं दोनों ओर आरसीसी नाले के निर्माण से आगामी बरसात के मौसम में स्थानीय निवासियों को जलभराव की समस्या से पूरी तरह निजात मिलेगी। विधायक घनश्याम दास अरोड़ा ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश में समान विकास की नीति पर काम किया जा रहा है और नगर निगम क्षेत्र में करोड़ों रुपये की लागत से विकास कार्य करवाए जा रहे हैं। उन्होंने दोहराया कि प्रदेश सरकार और नगर निगम शहर के प्रत्येक वार्ड में मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करने के लिए लगातार कार्य कर रहे हैं, क्योंकि जनता को बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को गुणवत्ता मानकों के अनुरूप और निर्धारित समय सीमा में काम पूरा करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर भाजपा मंडल अध्यक्ष शुभम राणा, सुरेंद्र शर्मा, नरेंद्र राणा, डॉ. विरेंद्र सिंह चौहान, सरदारी लाल मल्होत्रा, सीमा कंबोज, दिनेश उपाध्याय, विजय कुमार, रोशन अरोड़ा, संदीप रोहिल्ला, राम कुमार धीमान, राम कुमार कांबोज, बबलू, दयानंद शर्मा और सुदर्शन कुमार, दिनेश राणा सहित कई अन्य लोग मौजूद रहे।2
- एक हालिया घटना में, एक बिना नंबर प्लेट वाले ट्रैक्टर ने एक बाइक सवार को टक्कर मार दी। यह पूरी दुर्घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। इस घटना को लेकर स्थानीय ग्रामीणों में काफी रोष देखा जा रहा है।1
- यमुनानगर जिले में अब घर बनाने की लागत बढ़ सकती है, क्योंकि ईंटों के दाम बढ़ा दिए गए हैं। हाल ही में हुई बेमौसम बारिश से ईंट उद्योग को काफी नुकसान हुआ है, जिससे भट्टों पर तैयार कच्ची ईंटें खराब हो गईं और भट्ठा संचालकों को आर्थिक क्षति उठानी पड़ी। इसी नुकसान के मद्देनजर, भट्ठा एसोसिएशन ने एक बैठक की, जिसमें ईंटों की दरें बढ़ाने का निर्णय लिया गया। पहले एक हज़ार ईंटों का रेट करीब 7500 रुपये था, जिसे अब बढ़ाकर 8000 से 8500 रुपये तक कर दिया गया है। विभिन्न क्षेत्रों और ईंटों की गुणवत्ता के आधार पर दरों में थोड़ा अंतर हो सकता है। भट्ठा संचालकों का कहना है कि बारिश के कारण उत्पादन प्रभावित हुआ है और उनकी लागत में भी वृद्धि हुई है, इसलिए रेट बढ़ाना उनकी मजबूरी थी। इस फैसले का सीधा असर आम लोगों और निर्माण कार्य से जुड़े कारोबारियों पर पड़ेगा। जो लोग नया मकान बनाने या कोई निर्माण कार्य शुरू करने की योजना बना रहे हैं, उन्हें अब पहले से अधिक खर्च करना होगा। ईंट भट्ठा एसोसिएशन के अध्यक्ष रणवीर सिंह और ईंट भट्ठा संचालक सूरज कुमार ने भी इस बढ़ोतरी की पुष्टि की। भट्ठा एसोसिएशन के इस निर्णय के बाद से निर्माण सामग्री के बाजार में हलचल बढ़ गई है, और लोग अन्य निर्माण सामग्री के दामों पर भी नज़र बनाए हुए हैं।3
- यमुनानगर में आगामी मानसून के मद्देनजर जलभराव की समस्या से निपटने के लिए नगर निगम ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी कड़ी में बुधवार को मेयर सुमन बहमनी ने अधिकारियों के साथ जम्मू कॉलोनी स्थित एसटीपी के पास मुख्य नाले और डिच ड्रेन का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान नाले में पानी की निकासी में आ रही बड़ी बाधा सामने आने पर मेयर ने मौके पर ही कार्रवाई के निर्देश दिए, जिसके बाद एक फैक्ट्री और एसटीपी की दीवार को तोड़कर नाले की सफाई करवाई गई। निरीक्षण के दौरान मेयर सुमन बहमनी, अतिरिक्त निगम आयुक्त धीरज कुमार और मुख्य सफाई निरीक्षक विनोद बेनीवाल सहित अन्य अधिकारियों ने पाया कि जम्मू कॉलोनी एसटीपी के पास मुख्य नाले का एक बड़ा हिस्सा फैक्ट्री की दीवार और एसटीपी की दीवार के कारण अवरुद्ध था। इन दीवारों के कारण न केवल पानी की निकासी बाधित हो रही थी, बल्कि नाले की नियमित सफाई भी संभव नहीं हो पा रही थी। स्थिति का जायजा लेने के बाद मेयर ने तुरंत अवरोध हटाने के निर्देश दिए। नगर निगम की टीम ने मौके पर पोकलेन और जेसीबी मशीनें बुलाकर अवरोधक दीवारों को हटा दिया, जिससे बंद पड़े नाले की व्यापक सफाई हो सकी और पानी की निकासी सुचारु हो गई। स्थानीय लोगों ने भी निगम की इस पहल की सराहना की। नाले की सफाई के बाद मेयर ने डिच ड्रेन का भी निरीक्षण किया और अधिकारियों को निर्देश दिए कि शहर के सभी प्रमुख नालों, डिच ड्रेनों और सीवरेज लाइनों का निरीक्षण कर पानी निकासी में आ रही किसी भी रुकावट या अवैध अवरोध को तुरंत हटाया जाए। उन्होंने मानसून से पहले सभी सफाई कार्य समयबद्ध तरीके से पूरे करने पर जोर दिया। मेयर सुमन बहमनी ने कहा कि नगर निगम का लक्ष्य बारिश के दौरान शहरवासियों को जलभराव की समस्या से राहत दिलाना है और इसके लिए टीमें लगातार फील्ड में रहकर नालों की सफाई, अवैध कब्जों को हटाने और पानी निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने का काम कर रही हैं। उन्होंने अधिकारियों को मानसून शुरू होने से पहले सभी संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाकर जल निकासी व्यवस्था को पूरी तरह सुचारु बनाने के निर्देश दिए।1
- हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो द्वारा आईटीआई नरवाना में नशे के विरुद्ध एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणामों के बारे में जानकारी दी गई। उप निरीक्षक डॉ. अशोक कुमार वर्मा ने इस दौरान बताया कि नशे के खिलाफ गुप्त सूचनाएं देने के लिए हेल्पलाइन नंबर 1933 अथवा 90508-91508 पर संपर्क किया जा सकता है।1
- यमुनानगर के रादौर की डेहा बस्ती में दो दिन पहले नशा तस्करों द्वारा पुलिस टीम पर जानलेवा हमला कर एक अपराधी को छुड़ाने की घटना से स्थानीय लोगों और सामाजिक संस्थाओं में भारी रोष व्याप्त है। इस गंभीर मामले को लेकर रादौर शहर की समस्त धार्मिक और सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने एकजुट होकर नगरपालिका चेयरमैन को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की गई है। संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने मीडिया से बातचीत में बताया कि नशा तस्करों द्वारा पुलिस पर हमला और गाड़ियों में तोड़फोड़ अत्यंत गंभीर विषय है। उन्होंने चेतावनी दी कि जो भी स्थानीय 'तथाकथित समाजसेवी' या व्यक्ति इन नशा तस्करों की पैरवी करेगा या उनकी जमानत करवाएगा, सारा शहर एकजुट होकर उनके घरों के बाहर धरना प्रदर्शन करेगा और उनका सामाजिक बहिष्कार करेगा। पुलिस पर हमले के बाद रादौर में आक्रोश बढ़ा है और बाजार बंद करने की चेतावनी भी दी गई है। प्रतिनिधियों ने यह भी मांग की कि नशा तस्करों को मिल रहे राजनीतिक संरक्षण को खत्म करने के लिए वोट बैंक की राजनीति पर रोक लगाई जाए और उनकी वोटों को अलग-अलग वार्डों में विभाजित किया जाए।1