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ग्राम पंचायत करसा के बाहर चलती रोड के किनारे लगे नल की सुध नहीं हो पा रही है इसका जिम्मेदार प्रधान है
अशोक यादव
ग्राम पंचायत करसा के बाहर चलती रोड के किनारे लगे नल की सुध नहीं हो पा रही है इसका जिम्मेदार प्रधान है
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- सीतापुर के कमलापुर क्षेत्र के गन्ना किसानों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। करीब 17 वर्षों से बंद पड़ी कमलापुर शुगर एंड इंडस्ट्रीज लिमिटेड की चीनी मिल अब दोबारा शुरू होने जा रही है। यह मिल साल 2009 से बंद पड़ी थी, जिससे क्षेत्र के हजारों गन्ना किसानों को अपनी फसल बेचने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। मिल का संचालन मेसर्स एन. आर. इंफ्राकॉन प्राइवेट लिमिटेड द्वारा किया जाएगा, जिसने वर्ष 2017 में नीलामी के जरिए इस मिल को खरीदा था। हालांकि तकनीकी और लाइसेंस संबंधी अड़चनों के कारण अब तक मिल चालू नहीं हो सकी थी। अब भारत सरकार से आवश्यक लाइसेंस मिलने और मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद मिल के संचालन का रास्ता साफ हो गया है। पेराई सत्र 2025-26 के लिए ट्रायल रन कराने हेतु गन्ना आवंटन की मांग को गन्ना आयुक्त उत्तर प्रदेश ने स्वीकार कर लिया है। जल्द ही मिल परिसर में गन्ने से लदी ट्रॉलियों की आवाजाही शुरू होने की उम्मीद है। सबसे अहम बात यह है कि वर्ष 2006 से 2009 के बीच किसानों का जो गन्ना मूल्य बकाया था, उसके भुगतान पर भी सहमति बन गई है। मिल प्रबंधन ने लिखित रूप से बकाया भुगतान करने की बात कही है। इसके लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एक विशेष समिति गठित की जाएगी, जो अभिलेखों की जांच कर भुगतान प्रक्रिया शुरू करेगी। मिल के दोबारा शुरू होने से क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। अनुमान है कि इससे लगभग 500 लोगों को प्रत्यक्ष और 1500 से 2000 लोगों को अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। साथ ही करीब 15 हजार गन्ना किसान सीधे तौर पर इससे लाभान्वित होंगे।1
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- Sitapur-सिधौली में शंकराचार्य का आगमन… सिद्धेश्वर मंदिर में श्रद्धालुओं लगा तांता, कैसी हैं तैयारियां?1
- Dayashankar Singh ने बताया कि Uttar Pradesh Government की कैबिनेट बैठक के बाद प्रदेश सरकार एक नई परिवहन नीति लेकर आई है। इस नीति के तहत जिले के हर गांव को जिला मुख्यालय से जोड़ने के लिए रोजाना बस सेवा शुरू की जाएगी। परिवहन मंत्री ने बताया कि इस योजना के अनुसार जिला मुख्यालय से प्रतिदिन एक बस गांव तक भेजी जाएगी। यह बस रात में गांव में ही खड़ी रहेगी और अगले दिन सुबह वहीं से यात्रियों को लेकर ब्लॉक और तहसील होते हुए वापस जिला मुख्यालय पहुंचेगी। सरकार का कहना है कि इस व्यवस्था से ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को आवागमन में बड़ी सुविधा मिलेगी, खासकर पढ़ाई, इलाज और सरकारी कामकाज के लिए जिला मुख्यालय आने-जाने में आसानी होगी।1
- मानपुरवा के पास कुत्ते को बचाने के चक्कर में हुआ हादसा, परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल सीतापुर-बहराइच हाईवे पर मंगलवार दोपहर एक बड़ा हादसा होते-होते रह गया। मानपुरवा के पास सवारियों से भरा एक ई-टेंपो अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गया। इस दुर्घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई, हालांकि गनीमत रही कि किसी की जान नहीं गई और एक गंभीर हादसा टल गया। कैसे हुआ हादसा? प्रत्यक्षदर्शियों और चालक के अनुसार, टेंपो तेज रफ्तार में बहराइच की ओर जा रहा था। तभी अचानक सड़क पर एक कुत्ता सामने आ गया। उसे बचाने के प्रयास में चालक ने तेजी से स्टयरिंग मोड़ी, जिससे संतुलन बिगड़ गया और क्षमता से अधिक सवारियों से लदा टेंपो सड़क पर ही पलट गया। हादसे में टेंपो पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। बाल-बाल बचे यात्री: टेंपो में सवार यात्रियों को मामूली चोटें आई हैं। स्थानीय लोगों की मदद से सभी को सुरक्षित बाहर निकाला गया। घायल यात्रियों को पास के स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई। सिस्टम पर सवाल: क्या किसी बड़े हादसे का इंतजार है? इस घटना ने एक बार फिर हाईवे पर दौड़ रहे डग्गामार और अनियंत्रित ई-टेंपो के संचालन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ओवरलोडिंग का खेल: हाईवे पर क्षमता से दोगुनी सवारियां बैठाकर फर्राटा भरते ये टेंपो मौत को दावत दे रहे हैं। परिवहन विभाग की चुप्पी: आखिर डंडाधारी पुलिस और परिवहन विभाग की नजर इन पर क्यों नहीं पड़ती? क्या विभाग को इन अवैध रूप से दौड़ रहे वाहनों की जानकारी नहीं है? अनियंत्रित रफ्तार: बैट्री चालित इन वाहनों की गति और हाईवे पर इनके बेखौफ संचालन ने आम लोगों की जान को जोखिम में डाल दिया है। सड़क सुरक्षा के बड़े-बड़े दावे करने वाला प्रशासन आखिर इन ई-टेंपो की मनमानी पर लगाम लगाने में असमर्थ क्यों है? क्या जिम्मेदार विभाग किसी बड़ी अनहोनी के बाद ही अपनी नींद से जागेगा?2
- यह दशा है हमारे साफ सुथरे भारत देश में सीतापुर जिले के महर्षि के स्कूल के दूसरी गाली के पास की जहा गिनती के कुछ लोग कूड़ा फेंकने आते है और मना करने पर लडाई करने को उतारू हो जाते है यह स्वच्छ भारत अभियान की धज्जियां उड़ा रहे हैं2
- निंदुरा में शादी से पहले भाई की हत्याः विधायक ने पुलिस को सख्त कार्रवाई करने के दिए निर्देश निंदुरा बाराबंकी: कुर्सी थाना क्षेत्र के मदारपुर गांव के पास युवक की धारदार हथियार से हत्या के मामले में आरोपियों को पुलिस ने धर दबोचा है। लेकिन परिजनों में अभी भी आक्रोश बना है। परिजन हत्यारोंको फांसी दिये जाने की बात कर रहे हैं। लखनऊ और बाराबंकी की सीमा पर स्थित श्रीरामपुरवा (मदारपुर) में शनिवार को एक युवक की हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान छवि नाथ के पुत्र मिथुन रावत के रूप में हुई है। यह घटना मिथुन की बहन की शादी से ठीक पांच दिन पहले हुई, जिससे परिवार में मातम पसर गया। परिजन हत्यारों को फांसी दिये जाने की बात कह रहे हैं। घटना के बाद रविवार शाम चार बजे बाराबंकी की जिला पंचायत अध्यक्ष राजरानी रावत और भाजपा के क्षेत्रीय विधायक साकेंद्र प्रताप वर्मा पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे। उन्होंने परिवार को उचित मुआवजा दिलाने, मामले का निष्पक्ष खुलासा करने और घटना में शामिल दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया। इस दौरान, विधायक साकेंद्र प्रताप वर्मा ने कोतवाली कुर्सी के थाना प्रभारी कृष्णकांत सिंह को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने बीट में तैनात सभी सिपाही और दरोगा को तत्काल प्रभाव से हटाने का आदेश दिया। विधायक ने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नए और सक्रिय पुलिसकर्मियों की तैनाती के भी निर्देश दिए। इस अवसर पर श्रीश रावत, प्रदीप रावत, विशाल सिंह, सहित गांव के कई अन्य लोग उपस्थित रहे।1
- सीतापुर जिले के प्राचीन तीर्थ नैमिषारण्य में सोमवार शाम धार्मिक आस्था का अद्भुत दृश्य देखने को मिला, जब ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की धर्म यात्रा उन्नाव और हरदोई की सीमाओं से होते हुए यहां पहुंची। उनके आगमन की सूचना पहले से ही श्रद्धालुओं को मिल चुकी थी, जिसके चलते बड़ी संख्या में लोग उनके दर्शन के लिए एकत्रित हुए। नैमिषारण्य पहुंचने पर व्यास आश्रम के युवराज रंजीत दीक्षित ने माल्यार्पण कर शंकराचार्य का स्वागत और सम्मान किया। इसके बाद धर्म यात्रा प्रसिद्ध ललिता देवी मंदिर पहुंची, जहां शंकराचार्य ने विधि-विधान के साथ पूजन-अर्चन किया। सायंकालीन बेला में शंकराचार्य चक्रतीर्थ पहुंचे, जो पौराणिक आस्था का प्रमुख केंद्र माना जाता है। यहां उन्होंने पूजा-अर्चना कर आरती में भाग लिया। आरती के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे और पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। शंकराचार्य के आगमन को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए थे। चक्रतीर्थ में पूजा और आरती के बाद धर्म यात्रा परमार्थ धाम आश्रम पहुंची, जहां श्रद्धालुओं ने उनकी पादुका पूजन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। हालांकि सूर्यास्त के बाद मौन धारण करने की परंपरा के चलते स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने मीडिया से कोई बातचीत नहीं की। धर्म यात्रा के दौरान नैमिषारण्य में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली और पूरा क्षेत्र धार्मिक आस्था से सराबोर नजर आया।1