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राजस्थान के नागौर जिले के मेड़ता में एक कारीगर ने महज 7 दिन में लोगों का भरोसा जीतने के बाद मिनटों में 60 लाख रुपये का सोना लेकर फरार हो गया। यह पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। घटना के मुताबिक, कारीगर ने कुछ दिनों पहले ही सोने के गहनों की कारीगरी का काम शुरू किया था। उसने अपने काम से लोगों का दिल जीत लिया और उन्हें विश्वास में ले लिया। अचानक एक दिन वह 60 लाख रुपये का सोना लेकर गायब हो गया। स्थानीय लोगों ने जब इस बारे में जांच की तो पाया कि कारीगर ने सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई वारदात को अंजाम दिया है। स्थानीय प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और कारीगर की तलाश में जुट गई है। लोगों में इस घटना को लेकर काफी आक्रोश है और वे कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
रमेश सिंह
राजस्थान के नागौर जिले के मेड़ता में एक कारीगर ने महज 7 दिन में लोगों का भरोसा जीतने के बाद मिनटों में 60 लाख रुपये का सोना लेकर फरार हो गया। यह पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। घटना के मुताबिक, कारीगर ने कुछ दिनों पहले ही सोने के गहनों की कारीगरी का काम शुरू किया था। उसने अपने काम से लोगों का दिल जीत लिया और उन्हें विश्वास में ले लिया। अचानक एक दिन वह 60 लाख रुपये का सोना लेकर गायब हो गया। स्थानीय लोगों ने जब इस बारे में जांच की तो पाया कि कारीगर ने सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई वारदात को अंजाम दिया है। स्थानीय प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और कारीगर की तलाश में जुट गई है। लोगों में इस घटना को लेकर काफी आक्रोश है और वे कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
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- राजस्थान के नागौर जिले के रियांबड़ी स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय पुरोहितासनी में डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की पुण्यतिथि पर एक प्रेरणादायी कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर विद्यालय के सभी विद्यार्थियों को शैक्षणिक सामग्री वितरित की गई। भामाशाह श्रीमती बाबू देवी, उनके पुत्र रामकिशोर फड़ौलिया और रामरतन फड़ौलिया की ओर से 100 स्कूल बैग वितरित किए गए। भगवती बुक डिपो के संचालक सोनू जांगिड़ ने कक्षा 1 से 5 तक के विद्यार्थियों को स्लेट, पेंसिल, रबर और शार्पनर तथा कक्षा 8 के विद्यार्थियों को मीनिंग बुक भेंट की। वक्ताओं ने कहा कि डॉ. कलाम शिक्षा को समाज और राष्ट्र के विकास की सबसे बड़ी शक्ति मानते थे। विद्यार्थियों को शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराना उनके सपनों को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने बच्चों से लगन, अनुशासन और मेहनत के साथ अध्ययन कर अपने परिवार, समाज और देश का नाम रोशन करने का आह्वान किया। संस्था प्रधान रामकिशोर फड़ौलिया ने भामाशाहों का आभार व्यक्त किया और कहा कि ऐसे सहयोग से विद्यार्थियों का मनोबल बढ़ता है और उन्हें बेहतर शिक्षा प्राप्त करने की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने समाज के अन्य लोगों से भी शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग करने की अपील की। इस अवसर पर विद्यालय स्टाफ और ग्रामीणों सहित ओमप्रकाश चोयल, अर्जुन सिंह राजपुरोहित, सुरेन्द्र सिंह राजपुरोहित, भगवान सिंह राजपुरोहित, जब्बर सिंह राजपुरोहित, कालूराम तूतड़ एवं मंजू बेरवाल उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी ने शिक्षा के प्रसार और विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए निरंतर सहयोग करने का संकल्प लिया।1
- जब ये युवा हाथों में हिंदुस्तान का तिरंगा लिए शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहा था, तब इसे पैलेट गन से मारा गया। सरकार कहती है कि प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन का इस्तेमाल नहीं हुआ, लेकिन सच्चाई आपके सामने है। इनके ऊपर पैलेट गन से हमला किया गया, जिससे इनकी आंख खराब हो गई है, दिखना बंद हो गया है। ऐसे हजारों युवाओं पर पैलेट गन चलाई गई है, इन्हें लाठियों से मारा-पीटा गया है। वो भी इसलिए क्योंकि इन युवाओं का पेपर लीक हुआ है, जिसके खिलाफ ये प्रदर्शन कर रहे थे। सरकार के दावों के विपरीत, प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन के इस्तेमाल की सच्चाई सामने आ गई है। हजारों युवाओं पर पैलेट गन से हमला किया गया, जिससे कई युवाओं की आंखें खराब हो गई हैं और उनका दिखना बंद हो गया है। ये सब इसलिए हुआ क्योंकि इन युवाओं का पेपर लीक हुआ था और वे इसके खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे।1
- राजस्थान में रियां बड़ी पंचायत समिति के ग्राम सुरियास में एक सामाजिक परंपरा को नई दिशा देते हुए मिसाल पेश की गई है। सुरियास निवासी कानसिंह राठौड़ के निधन के बाद रविवार को बारहवें की रस्म पर उनकी दस वर्षीय इकलौती पुत्री भाविका कंवर उर्फ बिट्टू का पाग दस्तुर संपन्न कराया गया। आमतौर पर पिता के वैकुण्ठवास के बाद पुत्र या पुत्र न होने की स्थिति में दत्तक पुत्र लेकर उत्तराधिकारी के रूप में पाग दस्तुर की रस्म निभाई जाती है, लेकिन सुरियास में पहली बार बेटी को यह अधिकार देकर पगड़ी पहनाई गई। कानसिंह राठौड़ का 15 जुलाई को गंभीर बीमारी के कारण अल्पायु में निधन हो गया था। रविवार को बारहवें की रस्म के दौरान जब परिवार के पुरुष सदस्य परम्परानुसार किसी निकट संबंधी को दत्तक लेने पर विचार कर रहे थे, तब कानसिंह के मामा शंकरसिंह राजावत और भाविका के मामा महावीरसिंह सिंगोद ने परिवार की महिलाओं से चर्चा की। इस पर मृतक की माता और पत्नी ने स्पष्ट रुख अपनाते हुए कहा कि बेटा और बेटी में कोई अंतर नहीं होता, इसलिए पाग दस्तुर उनकी बेटी का ही किया जाए। परिवार की भावनाओं का सम्मान करते हुए पीहर और ससुराल पक्ष सहित सभी परिजनों ने सर्वसम्मति से भाविका के पाग दस्तुर का निर्णय लिया। रस्म के दौरान सामाजिक परंपरा के अनुसार सबसे पहले दादी के पीहर पक्ष से शंकरसिंह राजावत ने पगड़ी बंधवाई, इसके बाद ननिहाल पक्ष से महावीरसिंह सिंगोद ने दूसरी पगड़ी पहनाकर रस्म पूरी कराई। समाज में बेटी को बेटे के समान अधिकार और सम्मान देने की इस पहल की ग्रामीणों ने मुक्तकंठ से सराहना की है। इस परिवार में पिछले चार पीढ़ियों से प्रत्येक पीढ़ी में केवल एक ही पुरुष सदस्य रहा है—पड़दादा भीमसिंह, उनके पुत्र उदयसिंह, फिर भगवानसिंह और उनके बाद कानसिंह। कानसिंह के निधन के बाद अब परिवार की विरासत और उम्मीदों का केंद्र उनकी इकलौती पुत्री भाविका ही हैं। इस अवसर पर कुन्दनसिंह, छोटूसिंह, हड़मानसिंह, गिरवरसिंह, किशोरसिंह, महावीरसिंह, रुघनाथसिंह, गोपालसिंह, रतनसिंह, भंवरसिंह, रविन्द्रसिंह, दशरथसिंह, विक्रमसिंह और श्यामसिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।1
- देश के करोड़ों युवाओं के भविष्य की सुरक्षा और हमारी परीक्षा प्रणाली में अटूट पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में 'सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026' का लोकसभा में प्रस्तुत होना एक युगपरिवर्तकारी और ऐतिहासिक कदम है। युवाओं के सपनों से खिलवाड़ करने वाले परीक्षा माफिया और पेपर लीक गिरोहों की जड़ों पर प्रहार करने के लिए यह कड़ा कानून बेहद आवश्यक था। इस ऐतिहासिक और साहसिक निर्णय से युवाओं का तंत्र पर विश्वास मजबूत होगा साथ ही, उनकी वर्षों की मेहनत को भी न्याय मिलेगा। युवा शक्ति के उज्ज्वल भविष्य और पारदर्शिता को प्राथमिकता देने के लिए यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी एवं केंद्र सरकार का सहृदय आभार!1
- राजस्थान के नागौर जिले के मेरता सिटी में बारिश के मौसम में सड़कों पर जलभराव और कीचड़ के कारण लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय प्रशासन की अनदेखी और नालियों की सफाई न होने से कई मुख्य रास्ते और रिहायशी इलाके टापू बन गए हैं। नालियों का गंदा पानी सड़कों पर फैलने से बीमारियां फैलने का खतरा मंडरा रहा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि बारिश के दिनों में सड़कों पर पानी भर जाने से आवागमन मुश्किल हो जाता है। नालियों की सफाई न होने के कारण गंदगी और बदबू से लोग परेशान हैं। कई इलाकों में तो पानी इतना भर जाता है कि लोगों को नाव की मदद लेनी पड़ती है। प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाए जाने से लोग नाराज हैं।1
- बिहार में छात्र प्रदर्शन के दौरान AK-47 चलाने का एक वीडियो वायरल हुआ है। इस वीडियो की पुष्टि नहीं की गई है। वायरल वीडियो में दिख रहा है कि कुछ छात्र प्रदर्शन के दौरान हथियार लहरा रहे हैं। यह घटना बिहार के एक जिले में हुई बताई जा रही है, लेकिन सटीक स्थान की पुष्टि नहीं की गई है। इस वायरल वीडियो ने देशभर में चिंता और आक्रोश फैला दिया है। लोग इस बात पर हैरान हैं कि छात्र प्रदर्शन में इस तरह के खतरनाक हथियार कैसे आ गए। सोशल मीडिया पर इस वीडियो को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। कई लोग इसे छात्रों की बेकाबू होती हिंसा का उदाहरण बता रहे हैं, जबकि कुछ इसे प्रशासन की विफलता का नतीजा मान रहे हैं। हालांकि, अभी तक किसी आधिकारिक स्रोत से इस वीडियो की पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए यह स्पष्ट नहीं है कि वीडियो कहाँ और कब का है। फिर भी, इसने पूरे देश में सुरक्षा और कानून व्यवस्था को लेकर बहस छेड़ दी है।1