उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडलीय कार्यालय के अवर सचिव श्री रास बिहारी को सेवा निवृत्ति पर भावभीनी विदाई हजारीबाग: उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडलीय कार्यालय, हजारीबाग के अवर सचिव श्री रास बिहारी प्रसाद (झा. स. से.) सेवानिवृत्ति के अवसर पर कार्यालय परिसर में एक भावभीना विदाई समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रमंडलीय कार्यालय के पदाधिकारियों एवं कर्मियों ने उनके दीर्घ एवं समर्पित सेवा काल को याद करते हुए उन्हें सम्मानपूर्वक विदाई दी। इस अवसर पर बताया गया कि श्री बिहारी ने वर्ष 1995 से अपनी सेवा प्रारंभ की और अपने लगभग तीन दशकों के कार्यकाल में विभिन्न दायित्वों का निष्ठा, ईमानदारी एवं कर्तव्यपरायणता के साथ निर्वहन किया। अपने शांत स्वभाव, अनुशासन एवं कार्य के प्रति प्रतिबद्धता के कारण वे सहकर्मियों के बीच सदैव आदरणीय रहे। समारोह को संबोधित करते हुए सचिव श्री बासुदेव प्रसाद ने कहा कि श्री बिहारी ने अपने लंबे सेवा काल में कार्यालय की कार्यसंस्कृति को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उनकी कार्यनिष्ठा, सरलता और प्रशासनिक अनुभव आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत रहेगा। सचिव ने उनके स्वस्थ, सुखद एवं सक्रिय सेवानिवृत्ति जीवन की कामना करते हुए कहा कि सेवा निवृत्ति केवल एक पड़ाव है, बल्कि जीवन के अनुभवों को समाज के साथ साझा करने का नया अवसर भी है। कार्यक्रम के दौरान सहकर्मियों ने भी अपने-अपने अनुभव साझा करते हुए श्री रास बिहारी के साथ बिताए गए समय को याद किया तथा उनके उज्ज्वल एवं स्वस्थ भविष्य की कामना की। इस अवसर पर उन्हें शॉल एवं पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया गया। समारोह में सेवानिवृत्त अवर सचिव राकेश चौधरी, प्रमंडलीय कार्यालय के सभी पदाधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहें।
उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडलीय कार्यालय के अवर सचिव श्री रास बिहारी को सेवा निवृत्ति पर भावभीनी विदाई हजारीबाग: उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडलीय कार्यालय, हजारीबाग के अवर सचिव श्री रास बिहारी प्रसाद (झा. स. से.) सेवानिवृत्ति के अवसर पर कार्यालय परिसर में एक भावभीना विदाई समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रमंडलीय कार्यालय के पदाधिकारियों एवं कर्मियों ने उनके दीर्घ एवं समर्पित सेवा काल को याद करते हुए उन्हें सम्मानपूर्वक विदाई दी। इस अवसर पर बताया गया कि श्री बिहारी ने वर्ष 1995 से अपनी सेवा प्रारंभ की और अपने लगभग तीन दशकों के कार्यकाल में विभिन्न दायित्वों का निष्ठा, ईमानदारी एवं कर्तव्यपरायणता के साथ निर्वहन किया। अपने शांत स्वभाव, अनुशासन एवं कार्य के प्रति प्रतिबद्धता के कारण वे सहकर्मियों के बीच सदैव आदरणीय रहे। समारोह को संबोधित करते हुए सचिव श्री बासुदेव प्रसाद ने कहा कि श्री बिहारी ने अपने लंबे सेवा काल में कार्यालय की कार्यसंस्कृति को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उनकी कार्यनिष्ठा, सरलता और प्रशासनिक अनुभव आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत रहेगा। सचिव ने उनके स्वस्थ, सुखद एवं सक्रिय सेवानिवृत्ति जीवन की कामना करते हुए कहा कि सेवा निवृत्ति केवल एक पड़ाव है, बल्कि जीवन के अनुभवों को समाज के साथ साझा करने का नया अवसर भी है। कार्यक्रम के दौरान सहकर्मियों ने भी अपने-अपने अनुभव साझा करते हुए श्री रास बिहारी के साथ बिताए गए समय को याद किया तथा उनके उज्ज्वल एवं स्वस्थ भविष्य की कामना की। इस अवसर पर उन्हें शॉल एवं पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया गया। समारोह में सेवानिवृत्त अवर सचिव राकेश चौधरी, प्रमंडलीय कार्यालय के सभी पदाधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहें।
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- दारू ( हजारीबाग): दारू थाना क्षेत्र अंतर्गत मेडकुरी पंचायत के मोक्तम्मा गांव में घरेलू जमीनी विवाद ने मंगलवार को हिंसक रूप ले लिया। दो सगे भाइयों के बीच हुए विवाद में उमेश तुरी और उनके पुत्र आर्यन कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए। प्राप्त जानकारी के अनुसार, उमेश तुरी और उनके भाई कामेश्वर तुरी के बीच लंबे समय से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। इसी मामले के समाधान के लिए पंचायत मुखिया भोला तुरी की उपस्थिति में गांव में बैठक बुलाई गई थी। बैठक के दौरान कामेश्वर तुरी की पत्नी ने परिवार के सदस्यों के अनुपस्थित रहने का हवाला देते हुए बैठक को 5 अप्रैल तक स्थगित करने की बात कही, जिस पर ग्रामीणों ने सहमति जताई और बैठक समाप्त हो गई। आरोप है कि बैठक खत्म होने के करीब 10 मिनट बाद कामेश्वर तुरी अपने परिवार के साथ पहुंचे और उमेश तुरी व उनके बेटे पर अचानक हमला कर दिया। इस हमले में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। ग्रामीणों की मदद से उन्हें तत्काल सदर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। पीड़ित ने दारू थाना में आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है।3
- यह सफलता हमारी मेडिकल टीम की दक्षता और समर्पण का परिणाम है : जया सिंह हज़ारीबाग शहर के प्रतिष्ठित एचजेडबी आरोग्यम सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल में एक बार फिर आधुनिक चिकित्सा क्षेत्र में उल्लेखनीय सफलता हासिल की गई है। अस्पताल के वरिष्ठ लैप्रोस्कोपिक सर्जन डॉ. बी.एन. प्रसाद ने एक ऐसे मरीज का सफल ऑपरेशन किया है, जो बार-बार उभरने वाले जटिल हर्निया से पीड़ित था। इस सफल सर्जरी के बाद मरीज को नई ज़िंदगी मिली है और वह तेजी से स्वस्थ हो रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, संबंधित मरीज पहले भी दो बार हर्निया की सर्जरी करा चुका था, लेकिन दोनों ही बार यह समस्या पुनः सामने आ गई थी। चिकित्सकीय दृष्टिकोण से ऐसे मामलों में तीसरी बार सर्जरी करना बेहद चुनौतीपूर्ण होता है। जिसमें पहले लगाए गए मेश (जाली) को निकालना पड़ता है। यह प्रक्रिया न केवल जटिल होती है, बल्कि इसमें संक्रमण और अन्य जोखिमों की संभावना भी अधिक रहती है। मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉ. बी.एन. प्रसाद ने पारंपरिक पद्धति से हटकर आधुनिक लैप्रोस्कोपिक तकनीक अपनाने का निर्णय लिया। उन्होंने आई.पी.ओ.एम.तकनीक के माध्यम से इस जटिल ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। इस प्रक्रिया के दौरान लगभग 15×15 सेंटीमीटर का विशेष मेश मरीज के पेट के अंदर सुरक्षित रूप से लगाया गया, जिससे हर्निया की समस्या का स्थायी समाधान संभव हो सका। डॉक्टरों के अनुसार, इस प्रकार की उन्नत लैप्रोस्कोपिक हर्निया सर्जरी हज़ारीबाग़ में पहली बार की गई है। अब तक इस तरह के जटिल मामलों के लिए मरीजों को बड़े महानगरों का रुख करना पड़ता था, लेकिन इस सफलता के बाद स्थानीय स्तर पर ही उच्च स्तरीय इलाज उपलब्ध होने की राह और मजबूत हो गई है। ऑपरेशन के बाद मरीज पूरी तरह स्वस्थ है और उसकी रिकवरी भी संतोषजनक गति से हो रही है। चिकित्सकों का कहना है कि लैप्रोस्कोपिक तकनीक के कारण मरीज को कम दर्द, कम रक्तस्राव और जल्दी स्वस्थ होने का लाभ मिलता है। अस्पताल के निर्देशक हर्ष अजमेरा ने इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि उनका उद्देश्य हज़ारीबाग़ के लोगों को महानगरों जैसी आधुनिक और उन्नत चिकित्सा सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि अस्पताल निरंतर नई तकनीकों को अपनाकर मरीजों को बेहतर सेवा देने के लिए प्रतिबद्ध है। वहीं अस्पताल की प्रशासक जया सिंह ने इसे पूरी टीम के समर्पण और कुशलता का परिणाम बताते हुए कहा कि मरीजों की सुरक्षा, विश्वास और बेहतर उपचार उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि इस तरह की सफल सर्जरी से न केवल अस्पताल की पहचान मजबूत होती है, बल्कि मरीजों का भरोसा भी बढ़ता है। इस सफल ऑपरेशन को न केवल अस्पताल, बल्कि पूरे हज़ारीबाग़ के चिकित्सा क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले समय में और भी जटिल सर्जरी अब शहर में ही संभव हो पाएंगी, जिससे मरीजों को बेहतर और सुलभ इलाज मिल सकेगा।1
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