अनूपपुर जिले के जैतहरी थाना पुलिस ने 19.06.2026 को मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर तिपान नदी के इमली घाट क्षेत्र में एक विशेष कार्रवाई की। इस रेड के दौरान, पुलिस को मौके पर अवैध रूप से रेत से भरी हुई तीन ट्रैक्टर-ट्रॉलियां खड़ी मिलीं, जिन्हें तत्काल प्रभाव से जब्त कर लिया गया। जांच में पता चला कि जब्त किए गए ट्रैक्टरों में एक जॉन डियर मॉडल 5036D, एक स्वराज मॉडल XM834 (2019), और एक जॉन डियर मॉडल 5050D (2023) शामिल थे, और तीनों पर कोई नंबर नहीं था। प्रत्येक ट्रॉली में लगभग 03 घन मीटर रेत भरी हुई थी। चालकों की पहचान जानकी राठौर (27), घनश्याम राठौर (35), और फूलचंद नापित (48) के रूप में हुई, जो सभी ग्राम चोरभठी, थाना जैतहरी के निवासी हैं। चालकों से रेत परिवहन के लिए वैध परिवहन पर्ची (टी.पी.) या संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा गया, परंतु वे कोई भी वैध प्रमाण उपलब्ध नहीं करा सके। प्रथम दृष्टया अवैध रेत उत्खनन और परिवहन में संलिप्त पाए जाने पर, इन तीनों ट्रैक्टरों और उनमें भरी रेत खनिज को पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया। जब्त की गई सामग्री का कुल मूल्य ₹14,12,000/- आंका गया है। पुलिस ने प्रचलित खनिज अधिनियम और अन्य संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू कर दी है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक, अनूपपुर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, अनूपपुर और अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस), अनूपपुर के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक अमर वर्मा के नेतृत्व में संपन्न हुई, जिसमें उपनिरीक्षक जे.पी.एच. तिर्की, सहायक उपनिरीक्षक विनोद विश्वकर्मा, मणिराज सिंह, सुरेश कुमार कोरी, और प्रधान आरक्षक दिनेश पाटील की सराहनीय भूमिका रही।
अनूपपुर जिले के जैतहरी थाना पुलिस ने 19.06.2026 को मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर तिपान नदी के इमली घाट क्षेत्र में एक विशेष कार्रवाई की। इस रेड के दौरान, पुलिस को मौके पर अवैध रूप से रेत से भरी हुई तीन ट्रैक्टर-ट्रॉलियां खड़ी मिलीं, जिन्हें तत्काल प्रभाव से जब्त कर लिया गया। जांच में पता चला कि जब्त किए गए ट्रैक्टरों में एक जॉन डियर मॉडल 5036D, एक स्वराज मॉडल XM834 (2019), और एक जॉन डियर मॉडल 5050D (2023) शामिल थे, और तीनों पर कोई नंबर नहीं था। प्रत्येक ट्रॉली में लगभग 03 घन मीटर रेत भरी हुई थी। चालकों की पहचान जानकी राठौर (27), घनश्याम राठौर (35), और फूलचंद नापित (48) के रूप में हुई, जो सभी ग्राम चोरभठी, थाना जैतहरी के निवासी हैं। चालकों से रेत परिवहन के लिए वैध परिवहन पर्ची (टी.पी.) या संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा गया, परंतु वे कोई भी वैध प्रमाण उपलब्ध नहीं करा सके। प्रथम दृष्टया अवैध रेत उत्खनन और परिवहन में संलिप्त पाए जाने पर, इन तीनों ट्रैक्टरों और उनमें भरी रेत खनिज को पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया। जब्त की गई सामग्री का कुल मूल्य ₹14,12,000/- आंका गया है। पुलिस ने प्रचलित खनिज अधिनियम और अन्य संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू कर दी है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक, अनूपपुर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, अनूपपुर और अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस), अनूपपुर के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक अमर वर्मा के नेतृत्व में संपन्न हुई, जिसमें उपनिरीक्षक जे.पी.एच. तिर्की, सहायक उपनिरीक्षक विनोद विश्वकर्मा, मणिराज सिंह, सुरेश कुमार कोरी, और प्रधान आरक्षक दिनेश पाटील की सराहनीय भूमिका रही।
- मध्य प्रदेश पुलिस के मुखिया और DGP श्री कैलाश मकवाणा जी ने हाल ही में एक शानदार संगीतमय प्रस्तुति दी है। उन्होंने इस अवसर पर गीत गाकर अपनी कला का प्रदर्शन किया, जिसकी सराहना की गई।1
- नौरोजाबाद नगर परिषद में उस समय माहौल गरमा गया जब जनप्रतिनिधियों ने मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) की कार्यशैली को लेकर खुलकर नाराजगी जताई। पार्षदों ने मीडिया के सामने अपनी बात रखते हुए सीएमओ पर गंभीर आरोप लगाए। पार्षदों का आरोप है कि सीएमओ नियमित रूप से समय पर कार्यालय नहीं पहुंचते और कई बार कार्यालय से भी अनुपस्थित रहते हैं, जिससे आम नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।3
- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर 21 जून को उमरिया जिले के जैव विविधता केंद्र ताला-बांधवगढ़ में सामूहिक योग कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। यह कार्यक्रम जिला प्रशासन और आयुष विभाग के तत्वावधान में होगा, जिसमें जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों, सामाजिक संगठनों, पत्रकारों और नागरिकों की सहभागिता रहेगी। इसके लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इसी कड़ी में, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की है कि वे अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर जबलपुर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु के साथ शामिल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सनातन संस्कृति में योग के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण के काल से ही यह सर्वस्वीकृत और सार्वभौमिक रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सतत प्रयासों और वैश्विक नेतृत्व को रेखांकित किया, जिनके कारण योग आज विश्वभर में करोड़ों लोगों के स्वस्थ जीवन का आधार बन चुका है। डॉ. यादव ने स्पष्ट किया कि योग केवल प्राणायाम और आसनों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अनुशासित, संतुलित और सकारात्मक जीवन जीने की सर्वोत्तम पद्धति है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की है कि वे योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएं और योग दिवस कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर भाग लें।1
- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर 21 जून को उमरिया जिले के जैव विविधता केंद्र ताला-बांधवगढ़ में एक सामूहिक योग कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन जिला प्रशासन एवं आयुष विभाग के तत्वावधान में किया जा रहा है, जिसमें जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों, सामाजिक संगठनों, पत्रकारों एवं नागरिकों की सहभागिता रहेगी। कार्यक्रम को लेकर सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इसी क्रम में, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जानकारी दी है कि वे अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर जबलपुर में आयोजित होने वाले राज्य स्तरीय कार्यक्रम में महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु के साथ सहभागी बनेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सनातन संस्कृति में योग का महत्व भगवान श्रीकृष्ण के काल से ही सर्वस्वीकृत और सार्वभौमिक रहा है। डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सतत प्रयासों और वैश्विक नेतृत्व को रेखांकित किया, जिनके कारण आज योग विश्वभर में करोड़ों लोगों के स्वस्थ जीवन का आधार बन चुका है। उन्होंने यह भी बताया कि योग केवल प्राणायाम और आसनों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अनुशासित, संतुलित और सकारात्मक जीवन जीने की सर्वोत्तम पद्धति है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि वे योग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएं और योग दिवस कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर भाग लें।1
- विश्व सिकल सेल दिवस के अवसर पर उमरिया जिला चिकित्सालय में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जहाँ लगभग 530 लोगों की स्क्रीनिंग और जांच की गई। यह कार्यक्रम मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. व्ही.एस. चंदेल की अध्यक्षता और सिकल सेल नोडल अधिकारी डॉ. मुकुल तिवारी के निर्देशन में संपन्न हुआ। आयोजन के दौरान सिकल सेल रोग के प्रति जनजागरूकता फैलाने, स्क्रीनिंग, जांच, उपचार, सिकल सेल कार्ड वितरण और हाइड्रॉक्सी यूरिया दवा वितरण जैसी महत्वपूर्ण गतिविधियां संचालित की गईं। इस अवसर पर राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन-2047 के तहत आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में एनीमिया और सिकल सेल की स्क्रीनिंग, जांच, उपचार प्रबंधन, काउंसलिंग और रोकथाम संबंधी कार्ययोजना की विस्तृत जानकारी भी प्रदान की गई। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. व्ही.एस. चंदेल ने इस संबंध में बताया कि जिले के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और अन्य स्वास्थ्य संस्थानों में सिकल सेल की जांच एवं उपचार की सुविधा पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे समय-समय पर अपनी जांच कराकर इस बीमारी की रोकथाम और उपचार का लाभ उठाएं। इस कार्यक्रम में आरएमओ डॉ. संदीप सिंह, डॉ. मुकुल तिवारी, विशेषज्ञ चिकित्सक, चिकित्सा अधिकारी, नर्सिंग स्टाफ, पैरामेडिकल स्टाफ और वरिष्ठ नागरिक सहित कई अन्य लोग उपस्थित रहे।1
- कोरिया जिले के सोनहत के नौगई क्षेत्र में हुए एक हत्याकांड के मामले में पाँच अपराधियों ने आत्मसमर्पण किया है। आत्मसमर्पण करने वाले इन पाँचों अपराधियों को पटना थाना क्षेत्र में पैदल मार्च कराया गया।1
- अनूपपुर जिले की पवित्र नगरी अमरकंटक के मैकल पार्क और नर्मदा तट पर 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर जिला स्तरीय योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में कुटीर एवं ग्रामोद्योग मंत्री श्री दिलीप जायसवाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उनके साथ राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष श्री रामलाल रौतेल, कलेक्टर श्री हर्षल पंचोली, पुलिस अधीक्षक श्री विक्रांत मुराब, जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती अर्चना कुमारी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री जगन्नाथ मरकाम, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व पुष्पराजगढ़ श्री वसीम अहमद भट्ट, जन अभियान परिषद के समन्वयक श्री उमेश पांडेय, जिला आयुष अधिकारी डॉ. राजेंद्र सिंह सहित कई जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, विद्यार्थियों, स्थानीय पत्रकारों और बड़ी संख्या में नागरिकों ने सामूहिक योगाभ्यास कर स्वस्थ जीवन का संदेश दिया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्य मंत्री श्री दिलीप जायसवाल ने योग को भारत की प्राचीन सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक धरोहर बताया, जो व्यक्ति को शारीरिक, मानसिक और आत्मिक रूप से स्वस्थ बनाता है। उन्होंने वर्तमान बदलती जीवनशैली और बढ़ती स्वास्थ्य चुनौतियों के बीच योग को दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाने को समय की आवश्यकता बताया। मंत्री श्री जायसवाल ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि आज योग को वैश्विक पहचान मिली है और पूरी दुनिया भारतीय योग परंपरा को अपना रही है। उन्होंने नागरिकों से नियमित योगाभ्यास, संतुलित जीवनशैली और स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने का आह्वान करते हुए स्वस्थ शरीर को जीवन की सबसे बड़ी पूंजी और योग को उसके संरक्षण का सबसे सरल एवं प्रभावी माध्यम बताया। योग दिवस के अवसर पर उन्होंने पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया और प्रधानमंत्री के 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान से जुड़ने की अपील करते हुए हर व्यक्ति को पौधरोपण कर उसके संरक्षण का संकल्प लेने तथा अमरकंटक की प्राकृतिक एवं पर्यावरणीय विरासत को संरक्षित रखने पर बल दिया। कलेक्टर श्री हर्षल पंचोली ने जिले वासियों को योग दिवस की शुभकामनाएं देते हुए बताया कि शासन के निर्देशानुसार प्रदेश के सभी प्रमुख और ऐतिहासिक स्थलों पर योग कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है। उन्होंने नर्मदा तट पर योगाभ्यास स्थल पर बच्चों और युवाओं की भारी उपस्थिति पर प्रसन्नता व्यक्त की। श्री पंचोली ने अमरकंटक जैसे धार्मिक और आध्यात्मिक स्थलों में असीम क्षमता और ऊर्जा होने का उल्लेख करते हुए कहा कि योग अमरकंटक के पर्यटन को नई ऊंचाइयां दे सकता है। उन्होंने सभी जिला वासियों से अमरकंटक को भविष्य में मध्य प्रदेश के एक बड़े और प्रतिष्ठित योग केंद्र के रूप में स्थापित करने का प्रण लेने का आह्वान किया, जिसके लिए आगामी समय में भी ऐसे भव्य आयोजन निरंतर किए जाते रहेंगे। योगाभ्यास कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और बड़ी संख्या में उपस्थित छात्र-छात्राओं ने योग के विभिन्न आसनों, प्राणायाम और ध्यान की क्रियाओं में भाग लिया। इस दौरान सामूहिक रूप से ग्रीवा चालन, स्कंध संचालन, ताड़ासन, वृक्षासन, पादहस्तासन, कटिचक्रासन, दण्डासन, वज्रासन, तितली आसन, उष्ट्रासन, शशांकासन, उत्तानमंडूकासन, वक्रासन, मकरासन, सेतुबंध आसन, उत्तानपादासन, पवनमुक्तासन और शवासन जैसे आसन किए गए। आसनों के बाद कपालभाति, नाड़ीशोधन, अनुलोम-विलोम और भ्रामरी जैसे प्राणायाम का अभ्यास भी किया गया। योग प्रशिक्षक श्री नयन मिश्रा और सुश्री उर्मिला दयादत द्वारा योगाभ्यास कराया गया और योग विधा के संबंध में जानकारी दी गई। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का कोलकाता से अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम का सीधा प्रसारण भी किया गया, जिसे उपस्थित जन समुदाय ने देखा और सुना।1
- Post by पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार1
- डिंडोरी जिले के शहपुरा विकासखंड के ग्राम ढोढ़ा में 19 जून 2026 को विश्व पर्यावरण दिवस और अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के मध्य जनकल्याणकारी योजना के क्रियान्वयन के अंतर्गत प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक कार्यशाला सह संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस आयोजन में कुल 216 किसानों ने भाग लिया, जहाँ उन्हें प्राकृतिक खेती के महत्व, पर्यावरण संरक्षण और खेती के बीच गहरे संबंधों, तथा प्राकृतिक तरीकों को अपनाकर खेती करने की तकनीकों की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। किसानों को यह भी बताया गया कि प्राकृतिक खेती से मृदा स्वास्थ्य का संरक्षण होता है, पर्यावरण संतुलन बना रहता है और टिकाऊ कृषि को बढ़ावा मिलता है। कार्यक्रम के दौरान, किसानों को प्रगतिशील कृषक श्री बिहारी लाल साहू जी के जैविक केंद्र और बीआरसी यूनिट का भ्रमण कराया गया। इस भ्रमण में किसानों ने जैविक खाद के निर्माण की प्रक्रिया और प्राकृतिक कृषि पद्धतियों का प्रत्यक्ष अवलोकन किया। जनप्रतिनिधियों में, जिला अध्यक्ष श्री चमरू सिंह नेताम ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि प्राकृतिक खेती अपनाने से उनकी आय में वृद्धि होती है और रासायनिक खाद के उपयोग पर होने वाले खर्च में कमी आती है। उन्होंने जैविक खेती के महत्व पर जोर देते हुए किसानों को गाय, भैंस और बकरी पालन को एक व्यवसाय के रूप में अपनाने, शुद्ध दूध प्राप्त करने और जैविक खाद के माध्यम से खेतों की उर्वरता बढ़ाते हुए दूध की बिक्री से अतिरिक्त आय अर्जित करने के लिए प्रोत्साहित किया। उपाध्यक्ष श्री ज्ञानेन्द्र त्रिपाठी ने भी संगोष्ठी को संबोधित करते हुए स्वयं के किसान परिवार से होने और नियमित रूप से प्राकृतिक खेती व जैविक खाद का उपयोग करने का अनुभव साझा किया, जिससे उत्पादन में वृद्धि और लागत में कमी आने से अधिक लाभ होता है। उन्होंने सभी किसान भाइयों से प्राकृतिक खेती को अपनाकर स्वस्थ पर्यावरण के निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की अपील की। इस कार्यशाला में जनप्रतिनिधियों में जिला अध्यक्ष श्री चमरू सिंह नेताम, उपाध्यक्ष श्री ज्ञानदीप त्रिपाठी, श्री आशीष वैश्य, श्री राहुल पांडे, श्री घनश्याम कछवाहा, श्री विष्णु प्रसाद साहू, और किसान संघ अध्यक्ष श्री बिहारी लाल साहू उपस्थित रहे। इनके अतिरिक्त, परियोजना संचालक आत्मा श्री आर.पी.एस. नायक, उपसंचालक कृषि श्री संजय दोषी, उप परियोजना संचालक आत्मा श्रीमती रुचि टेकाम, एसएडीओ शहपुरा श्री गुमान सिंह चौहान, कृषि विज्ञान केंद्र से वरिष्ठ वैज्ञानिक श्री के.के. देशमुख, श्रीमती गीता सिंह, एटीएम श्री विनय टेकाम (मेहंदवानी) सहित तहसीलदार श्री रामप्रसाद मार्को, मत्स्य विभाग, पशुपालन विभाग और जन अभियान परिषद के अधिकारीगण भी उपस्थित थे। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य किसानों को प्राकृतिक खेती के प्रति जागरूक कर उन्हें अधिक से अधिक पर्यावरण-अनुकूल एवं टिकाऊ कृषि पद्धतियों से जोड़ना था।4