मध्य प्रदेश शासन द्वारा साइबर जागरूकता अभियान 'सेफ क्लिक' चलाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य नागरिकों को विभिन्न साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक करना है। इस अभियान के तहत, करेली पुलिस द्वारा नागरिकों को साइबर क्राइम से बचने के लिए सुरक्षात्मक उपाय और महत्वपूर्ण सावधानियां बताई गई हैं। पुलिस ने आगाह किया कि अनजान नंबरों से आने वाले कॉल्स पर भरोसा न करें और न ही ऐसे नंबरों से आए लिंक, फोटो, वीडियो या एपीके (APK) फाइल्स डाउनलोड करें। नागरिकों को किसी भी प्रकार के भय या लालच का शिकार न बनने, विश्वसनीय सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का उपयोग करने और ऑनलाइन डेटिंग साइट्स से दूर रहने की सलाह दी गई है। इसके अतिरिक्त, ईमेल आईडी, सोशल मीडिया प्रोफाइल्स, ई-वॉलेट्स और नेट बैंकिंग आदि के पासवर्ड मजबूत रखने और उन्हें नियमित अंतराल पर बदलते रहने पर जोर दिया गया है, साथ ही टू-स्टेप वेरिफिकेशन या टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन चालू रखने को कहा गया है। ऑनलाइन लॉटरी, केबीसी, कैशबैक, जॉब, लोन बीमा और शॉपिंग ऑफर्स जैसे प्रलोभनों से सावधान रहने तथा ऑनलाइन शॉपिंग के लिए मान्यता प्राप्त ई-कॉमर्स वेबसाइट्स या एप्स का ही प्रयोग करने की बात कही गई है। करेली पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि ऑनलाइन अपराधों को बढ़ावा देने से बचने के लिए नागरिकों को सोशल मीडिया पर अनजान लोगों की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार नहीं करनी चाहिए। उन्हें अपने पिन, पासवर्ड, ओटीपी और बैंक डिटेल्स जैसी गोपनीय जानकारी कभी भी किसी के साथ साझा नहीं करनी चाहिए और न ही कहीं लिखकर रखनी चाहिए। पुलिस ने विशेष रूप से चेतावनी दी कि ऑनलाइन चैट पर आपत्तिजनक या अंतरंग फोटो/वीडियो आदि साझा न करें। यह भी बताया गया कि सोशल मीडिया पर किसी मित्र द्वारा मजबूरी बताकर पैसों की मांग करने पर तुरंत पैसे जमा न करें, बल्कि पहले किसी अन्य विश्वसनीय माध्यम से उसकी पुष्टि कर लें। साथ ही, किसी व्यक्ति के कहने पर एनीडेस्क, टीम व्यूअर, क्विक सपोर्ट जैसी कोई एप्लीकेशन अपने डिवाइस पर इंस्टॉल न करने की सलाह दी गई है। पुलिस ने इस बात पर जोर दिया कि नागरिकों की कई बार छोटी-सी लापरवाही साइबर अपराधियों के लिए बड़ा अवसर बन जाती है। यदि किसी व्यक्ति के साथ किसी भी प्रकार की साइबर ठगी, ऑनलाइन फ्रॉड, सोशल मीडिया अपराध, बैंकिंग धोखाधड़ी या अन्य डिजिटल अपराध होता है, तो वह तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करा सकता है।
मध्य प्रदेश शासन द्वारा साइबर जागरूकता अभियान 'सेफ क्लिक' चलाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य नागरिकों को विभिन्न साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक करना है। इस अभियान के तहत, करेली पुलिस द्वारा नागरिकों को साइबर क्राइम से बचने के लिए सुरक्षात्मक उपाय और महत्वपूर्ण सावधानियां बताई गई हैं। पुलिस ने आगाह किया कि अनजान नंबरों से आने वाले कॉल्स पर भरोसा न करें और न ही ऐसे नंबरों से आए लिंक, फोटो, वीडियो या एपीके (APK) फाइल्स डाउनलोड करें। नागरिकों को किसी भी प्रकार के भय या लालच का शिकार न बनने, विश्वसनीय सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का उपयोग करने और ऑनलाइन डेटिंग साइट्स से दूर रहने की सलाह दी गई है। इसके अतिरिक्त, ईमेल आईडी, सोशल मीडिया प्रोफाइल्स, ई-वॉलेट्स और नेट बैंकिंग आदि के पासवर्ड मजबूत रखने और उन्हें नियमित अंतराल पर बदलते रहने पर जोर दिया गया है, साथ ही टू-स्टेप वेरिफिकेशन या टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन चालू रखने को कहा गया है। ऑनलाइन लॉटरी, केबीसी, कैशबैक, जॉब, लोन बीमा और शॉपिंग ऑफर्स जैसे प्रलोभनों से सावधान रहने तथा ऑनलाइन शॉपिंग के लिए मान्यता प्राप्त ई-कॉमर्स वेबसाइट्स या एप्स का ही प्रयोग करने की बात कही गई है। करेली पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि ऑनलाइन अपराधों को बढ़ावा देने से बचने के लिए नागरिकों को सोशल मीडिया पर अनजान लोगों की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार नहीं करनी चाहिए। उन्हें अपने पिन, पासवर्ड, ओटीपी और बैंक डिटेल्स जैसी गोपनीय जानकारी कभी भी किसी के साथ साझा नहीं करनी चाहिए और न ही कहीं लिखकर रखनी चाहिए। पुलिस ने विशेष रूप से चेतावनी दी कि ऑनलाइन चैट पर आपत्तिजनक या अंतरंग फोटो/वीडियो आदि साझा न करें। यह भी बताया गया कि सोशल मीडिया पर किसी मित्र द्वारा मजबूरी बताकर पैसों की मांग करने पर तुरंत पैसे जमा न करें, बल्कि पहले किसी अन्य विश्वसनीय माध्यम से उसकी पुष्टि कर लें। साथ ही, किसी व्यक्ति के कहने पर एनीडेस्क, टीम व्यूअर, क्विक सपोर्ट जैसी कोई एप्लीकेशन अपने डिवाइस पर इंस्टॉल न करने की सलाह दी गई है। पुलिस ने इस बात पर जोर दिया कि नागरिकों की कई बार छोटी-सी लापरवाही साइबर अपराधियों के लिए बड़ा अवसर बन जाती है। यदि किसी व्यक्ति के साथ किसी भी प्रकार की साइबर ठगी, ऑनलाइन फ्रॉड, सोशल मीडिया अपराध, बैंकिंग धोखाधड़ी या अन्य डिजिटल अपराध होता है, तो वह तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करा सकता है।
- जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल से जुड़े एक मामले को लेकर भीम आर्मी ने पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा है। संगठन ने इस मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग की है। ज्ञापन के माध्यम से भीम आर्मी ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि अगले एक सप्ताह के भीतर इस प्रकरण में उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो वे आगे की रणनीति तय करने के लिए मजबूर होंगे।1
- नरसिंहपुर में युवा कांग्रेस ने मुख्यमंत्री के खिलाफ अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान, युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री का पुतला दहन कर अपनी नाराजगी और विरोध व्यक्त किया।1
- कांग्रेस ने मुख्यमंत्री मोहन यादव और उनके परिवार का पुतला फूंका। यह प्रदर्शन भूमि घोटाले के मुद्दे पर किया गया और खास बात यह रही कि पुलिस की मौजूदगी में ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इस विरोध प्रदर्शन को अंजाम दिया।1
- साईंखेड़ा के वार्ड क्रमांक 12 में भगवान देवाधिदेव महादेव और संकटमोचन हनुमान जी के प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव के अंतर्गत शुक्रवार को एक भव्य शोभायात्रा श्रद्धा और उत्साह के साथ निकाली गई। इस शोभायात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, महिलाएं, युवक-युवतियां और बच्चे शामिल हुए, जिनके भगवान के जयघोष, भजन-कीर्तन और ढोल-नगाड़ों की मधुर ध्वनि से पूरा नगर भक्तिमय हो उठा। शोभायात्रा वार्ड क्रमांक 12 स्थित आदर्श विद्यालय के समीप से शुरू हुई और मुख्य मार्ग, अखाड़े वाले दादा जी व बम्होरी मार्ग से होते हुए मंदिर परिसर पहुँची। मार्ग में विभिन्न स्थानों पर भक्तों ने पुष्पवर्षा कर भगवान का स्वागत किया और श्रद्धापूर्वक आरती उतारी। इस आयोजन को परम पूजनीय अंघोरा वाले पागल बाबा जी एवं पूज्य श्री सुतीक्ष्ण दास जी महाराज की गरिमामयी उपस्थिति से आध्यात्मिक ऊँचाई मिली। श्रद्धालुओं ने दोनों संतों का आशीर्वाद प्राप्त किया, जिससे धार्मिक वातावरण और अधिक दिव्य एवं भक्तिमय हो गया। आयोजन समिति ने बताया कि महोत्सव के तहत वैदिक विधि-विधान से प्राण-प्रतिष्ठा के शास्त्रोक्त अनुष्ठान जारी हैं, और यह आयोजन 27 जून को महा-प्राण-प्रतिष्ठा, पूर्णाहुति एवं महाआरती के साथ समाप्त होगा। नगरवासियों से सपरिवार उपस्थित होकर धर्मलाभ लेने की अपील की गई है।3
- नरसिंहपुर जिले के गाडरवारा थाना अंतर्गत बराहाबड़ा निवासी देवेंद्र कुशवाहा ने पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय पहुंचकर एसपी को एक आवेदन सौंपा है। उन्होंने अपने आवेदन में बताया कि उनके गांव की एक महिला ने उनके खिलाफ एसपी कार्यालय में एक झूठा आवेदन दिया है, जिसमें उन्हें छेड़छाड़ के आरोप में फंसाने का प्रयास किया जा रहा है। देवेंद्र कुशवाहा ने स्पष्ट किया कि घटना के कथित समय उनका भाई एक शादी समारोह में मौजूद था और वे स्वयं अपने घर पर थे। पीड़ित देवेंद्र कुशवाहा और उनके भाई ने एसपी से मुलाकात कर इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करने और उचित कार्यवाही करने की मांग करते हुए न्याय की गुहार लगाई है।1
- मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले में मुहर्रम की नौवीं तारीख़ को एक उत्साहपूर्ण दृश्य देखने को मिला, जहाँ एक बाबा सहनाई की धुन पर झूमते हुए दिखाई दिए। यह आयोजन मुहर्रम के अवसर पर हुआ, जिसमें बाबा ने अपने नृत्य से लोगों का ध्यान आकर्षित किया।1
- नरसिंहपुर जिले में भीम आर्मी भारत एकता मिशन ने आज पुलिस अधीक्षक को एक ज्ञापन सौंपकर जातिसूचक शब्दों के प्रयोग से संबंधित एक गंभीर मामले में कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। संगठन का आरोप है कि हाल ही में वाहन चेकिंग के दौरान सूरज पटेल नामक व्यक्ति ने रविदास समाज के प्रति आपत्तिजनक और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया, जिससे समाज के लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है। ज्ञापन में बताया गया है कि सूरज पटेल ने न केवल दुर्व्यवहार किया, बल्कि रविदास समाज को निशाना बनाकर अपमानजनक भाषा का प्रयोग भी किया। भीम आर्मी ने इस घटना को सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाला कृत्य करार दिया है। संगठन ने मांग की है कि इस घटना का संज्ञान लेते हुए आरोपी सूरज पटेल के खिलाफ तत्काल प्रभाव से अनुसूचित जाति/जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम (SC/ST Act) के तहत एफआईआर दर्ज की जाए और उसे अविलंब गिरफ्तार किया जाए। ज्ञापन के माध्यम से भीम आर्मी ने जिला प्रशासन को स्पष्ट अल्टीमेटम दिया है कि यदि एक सप्ताह के भीतर आरोपी पर सख्त कानूनी कार्रवाई नहीं की जाती है, तो वे सड़क पर उतरने को मजबूर होंगे। पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि इसके बाद होने वाले धरना-प्रदर्शन और चक्का जाम की संपूर्ण जवाबदेही जिला प्रशासन की होगी। इस दौरान भीम आर्मी भारत एकता मिशन के बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और पदाधिकारी उपस्थित रहे, जिन्होंने एक स्वर में दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की हुंकार भरी।1
- नरसिंहपुर जिले की सालीचौक चौकी के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत बैरागढ़ से एक दंपति ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर अपने पड़ोसियों के खिलाफ मारपीट की शिकायत की है। पीड़िता के अनुसार, उनके मोहल्ले के पड़ोसियों ने उनके पति-पत्नी के साथ मारपीट की, जिसमें पीड़िता के सिर पर गंभीर चोटें आई हैं। दंपति ने बताया कि उनके पड़ोसी अवैध रूप से दारू बेचते हैं और घर के पास कचरा फेंकते हैं, जिससे गांव के कई लोग परेशान हैं। जब पीड़ित दंपति ने साफ-सफाई की बात कही, तो पड़ोसियों ने उनके साथ गाली-गलौज की और फिर मारपीट पर उतारू हो गए। इस घटना के बाद दंपति ने सालीचौका चौकी में सुनवाई की गुहार लगाई, लेकिन वहां उनकी सुनवाई नहीं हुई। अब न्याय की उम्मीद में पीड़ित दंपति ने कलेक्टर और एसपी कार्यालय का दरवाजा खटखटाया है।1