चूरू में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भर्ती 2024: 18,012 अभ्यर्थियों के दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया शुरू चूरू में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भर्ती 2024: 18,012 अभ्यर्थियों के दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया शुरू चूरू संभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भर्ती 2024 के तहत अभ्यर्थियों के दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। संयुक्त निदेशक (स्कूल शिक्षा) कार्यालय चूरू की ओर से यह प्रक्रिया राजकीय गोपीराम गोयनका उमावि, चूरू में आयोजित की जा रही है। संयुक्त निदेशक संगीता मानवी के निर्देशानुसार भर्ती प्रक्रिया को सुव्यवस्थित तरीके से संचालित किया जा रहा है। प्रबोधन समिति के सदस्य सचिव महेन्द्र बडसरा ने बताया कि भर्ती के तहत कुल 18,012 अभ्यर्थियों के दस्तावेजों का सत्यापन किया जाएगा। यह प्रक्रिया 11 मार्च से 15 अप्रैल 2026 तक चलेगी, जिसमें प्रतिदिन 750 अभ्यर्थियों को दस्तावेज सत्यापन के लिए बुलाया जा रहा है। बुधवार को दिव्यांग श्रेणी के 750 अभ्यर्थियों को आमंत्रित किया गया है। दिव्यांग अभ्यर्थियों का दस्तावेज सत्यापन पूरा होने के बाद मेडिकल बोर्ड द्वारा पुनः परीक्षण भी किया जाएगा। इसके लिए अभ्यर्थियों की सूची मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, चूरू को भेज दी गई है। सत्यापन प्रक्रिया में पहले बायोमेट्रिक सत्यापन, फिर रजिस्ट्रेशन और उसके बाद 30 टीमों द्वारा दस्तावेज जांच की जा रही है। पूरी व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए परिवेदना समिति, खेल समिति, अनुशासन समिति और सामान्य व्यवस्था समिति का गठन किया गया है।
चूरू में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भर्ती 2024: 18,012 अभ्यर्थियों के दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया शुरू चूरू में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भर्ती 2024: 18,012 अभ्यर्थियों के दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया शुरू चूरू संभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भर्ती 2024 के तहत अभ्यर्थियों के दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। संयुक्त निदेशक (स्कूल शिक्षा) कार्यालय चूरू की ओर से यह प्रक्रिया राजकीय गोपीराम गोयनका उमावि, चूरू में आयोजित की जा रही है। संयुक्त निदेशक संगीता मानवी के निर्देशानुसार भर्ती प्रक्रिया को सुव्यवस्थित तरीके से संचालित किया जा रहा है। प्रबोधन समिति के सदस्य सचिव महेन्द्र बडसरा ने बताया कि भर्ती के तहत कुल 18,012 अभ्यर्थियों के दस्तावेजों का सत्यापन किया जाएगा। यह प्रक्रिया 11 मार्च से 15 अप्रैल 2026 तक चलेगी, जिसमें प्रतिदिन 750 अभ्यर्थियों को दस्तावेज सत्यापन के लिए बुलाया जा रहा है। बुधवार को दिव्यांग श्रेणी के 750 अभ्यर्थियों को आमंत्रित किया गया है। दिव्यांग अभ्यर्थियों का दस्तावेज सत्यापन पूरा होने के बाद मेडिकल बोर्ड द्वारा पुनः परीक्षण भी किया जाएगा। इसके लिए अभ्यर्थियों की सूची मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, चूरू को भेज दी गई है। सत्यापन प्रक्रिया में पहले बायोमेट्रिक सत्यापन, फिर रजिस्ट्रेशन और उसके बाद 30 टीमों द्वारा दस्तावेज जांच की जा रही है। पूरी व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए परिवेदना समिति, खेल समिति, अनुशासन समिति और सामान्य व्यवस्था समिति का गठन किया गया है।
- चूरू में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भर्ती 2024: 18,012 अभ्यर्थियों के दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया शुरू चूरू संभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भर्ती 2024 के तहत अभ्यर्थियों के दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। संयुक्त निदेशक (स्कूल शिक्षा) कार्यालय चूरू की ओर से यह प्रक्रिया राजकीय गोपीराम गोयनका उमावि, चूरू में आयोजित की जा रही है। संयुक्त निदेशक संगीता मानवी के निर्देशानुसार भर्ती प्रक्रिया को सुव्यवस्थित तरीके से संचालित किया जा रहा है। प्रबोधन समिति के सदस्य सचिव महेन्द्र बडसरा ने बताया कि भर्ती के तहत कुल 18,012 अभ्यर्थियों के दस्तावेजों का सत्यापन किया जाएगा। यह प्रक्रिया 11 मार्च से 15 अप्रैल 2026 तक चलेगी, जिसमें प्रतिदिन 750 अभ्यर्थियों को दस्तावेज सत्यापन के लिए बुलाया जा रहा है। बुधवार को दिव्यांग श्रेणी के 750 अभ्यर्थियों को आमंत्रित किया गया है। दिव्यांग अभ्यर्थियों का दस्तावेज सत्यापन पूरा होने के बाद मेडिकल बोर्ड द्वारा पुनः परीक्षण भी किया जाएगा। इसके लिए अभ्यर्थियों की सूची मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, चूरू को भेज दी गई है। सत्यापन प्रक्रिया में पहले बायोमेट्रिक सत्यापन, फिर रजिस्ट्रेशन और उसके बाद 30 टीमों द्वारा दस्तावेज जांच की जा रही है। पूरी व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए परिवेदना समिति, खेल समिति, अनुशासन समिति और सामान्य व्यवस्था समिति का गठन किया गया है।1
- बालाजी ऑप्टिकल तारानगर आपका हार्दिक अभिनंदन और स्वागत करता है यहां पर हर प्रकार की आंखों की जांच तसल्ली से की जाती है अनेक प्रकार के धूप और छाई के चश्मे बनाए जाते हैं बच्चे और बुजुर्ग की जांच का किसी प्रकार का कोई चार्ज नहीं लिया जाएगा बिल्कुल फ्री की जाएगी आए और विजिट कीजिए1
- सगाई समारोह में गूंजा लाल डायरी, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राजेंद्र गुढ़ा को देखते ही कहा लाल डायरी, वीडियो हुआ वायरल पूर्व RTDC चेयरमैन धर्मेंद्र सिंह राठौड़ के सुपुत्र गिरीश राठौड़ के सगाई समारोह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। मिली जानकारी के अनुसार समारोह में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी शिरकत की। वहीं समारोह में पहुंचे पूर्व राज्यमंत्री राजेंद्र गुढ़ा को लेकर जब धर्मेंद्र राठौड़ अशोक गहलोत के पास गए तब अशोक गहलोत ने गुढ़ा को देखते ही हंसी मजाक में कहा- लाल डायरी। इसी दौरान धर्मेंद्र राठौड़ कहते हुए नजर आए- लेकिन अपनी सरकार बचाने वाले भी यहीं हैं। आपको बता दें राजेंद्र गुढ़ा झुंझुनूं जिले की उदयपुरवाटी विधानसभा से पूर्व विधायक हैं और अशोक गहलोत सरकार में मंत्री थे। लाल डायरी प्रकरण के बाद गहलोत सरकार ने गुढ़ा को मंत्री पद से बर्खास्त कर दिया था।1
- “स्वच्छता 365 दिन का कार्य, जनभागीदारी से बनेगा स्वच्छ राजस्थान” - केके गुप्ता दौसा। स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के तहत राजस्थान सरकार के ब्रांड एम्बेसडर केके गुप्ता ने बुधवार को भांकरी रोड स्थित टाउन हॉल में जिले के सभी नगरीय निकायों के अधिकारियों की बैठक लेकर मिशन की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में रूडीप प्रोजेक्ट और जेजेएम योजना से जुड़े अधिकारी भी शामिल हुए। बैठक को संबोधित करते हुए केके गुप्ता ने कहा कि स्वच्छता कोई सीमित अवधि का अभियान नहीं, बल्कि 365 दिन निरंतर चलने वाला कार्य है, जिसे निकायों को नियमित रूप से प्रभावी ढंग से लागू करना होगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का संकल्प स्वच्छ राजस्थान बनाना है और इसे जनआंदोलन के रूप में आगे बढ़ाना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों को डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण व्यवस्था मजबूत करने, रात्रिकालीन सफाई सुनिश्चित करने, सार्वजनिक शौचालयों की नियमित सफाई, खाली प्लॉटों की स्वच्छता, प्लास्टिक मुक्त वातावरण और सड़कों को गड्ढामुक्त रखने के निर्देश दिए। साथ ही निर्माण सामग्री सड़कों पर न फैलाने और शहरों में स्वच्छता व्यवस्था सुदृढ़ करने पर जोर दिया। बैठक में विभिन्न निकायों ने अपने-अपने क्षेत्रों की स्वच्छता गतिविधियों की जानकारी प्रस्तुत की। इस दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले सफाई कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया गया। नगर परिषद आयुक्त कमलेश कुमार मीणा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।1
- Post by Prakash Kumar2
- प्रेस रिर्पोटर हनुमान प्रसाद सोनी सरदारशहर में अमानत के सोने को लेकर विवाद, कोर्ट के आदेश पर मामला दर्जः 11 मार्च सरदारशहर में अमानत के रूप में दिए गए सोने को लेकर विवाद का मामला न्यायालय तक पहुंच गया है। माननीय अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (ACJM) सरदारशहर के आदेश के बाद पुलिस थाना सरदारशहर में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार परिवादी सुनील कुमार पुत्र हनुमानमल सोनी, निवासी वार्ड नं. 21 सरदारशहर ने अदालत में परिवाद पेश कर बताया कि उसका अभियुक्त मातादीन उर्फ अमित पुत्र डूंगरमल सोनी, निवासी गौशाला बास सरदारशहर के साथ पिछले चार–पांच वर्षों से सोने की जड़ाई का कामकाज चलता था। परिवादी के अनुसार उसने करीब 3 ग्राम 840 मिलीग्राम सोना अमानत के रूप में अभियुक्त को दिया था, जो उसके पास बाकी था। पिड़ित का आरोप है कि जब उसने अपना सोना वापस मांगा तो अभियुक्त ने सोना लौटाने से इनकार कर दिया और कथित रूप से धमकी दी कि यदि दोबारा सोना मांगा तो वह अपने जानकार अनुसूचित जाति या जनजाति के महिला व पुरुष से उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज करवा देगा।मामले में न्यायालय के समक्ष परिवाद प्रस्तुत किए जाने के बाद मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।पुलिस ने बताया कि मामले की जांच उपनिरीक्षक प्रदीप कुमार को सौंपी गई है।2
- Post by सरजीत पाजू1
- Churu शहर के प्रतिभानगर स्थित Sheetla Mata Temple Churu में शीतला अष्टमी के पावन अवसर पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। महिला श्रद्धालुओं ने मां शीतला देवी की विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य की कामना की। शीतला अष्टमी को बासौड़ा अष्टमी के नाम से भी जाना जाता है। इस अवसर पर महिलाओं ने पारंपरिक तरीके से माता की पूजा कर पापड़, गुलगुला, हलवा सहित विभिन्न बासी व्यंजनों का भोग अर्पित किया और गुलाल चढ़ाकर माता की आराधना की। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार चैत्र कृष्ण पक्ष की अष्टमी को मां शीतला की पूजा करने से संक्रामक रोगों से रक्षा और परिवार के उत्तम स्वास्थ्य की कामना की जाती है। इस दिन घरों में चूल्हा नहीं जलाया जाता और एक दिन पहले बनाया गया ठंडा भोजन ही माता को भोग लगाकर प्रसाद के रूप में ग्रहण किया जाता है। मेले के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए पुलिस का जाप्ता सुरक्षा व्यवस्था के लिए तैनात रहा, जिससे दर्शन व्यवस्था सुचारू रूप से चलती रही।1