कुशीनगर पुलिस के 'ऑपरेशन कन्विक्शन' अभियान के तहत जघन्य अपराधों में दोषियों को सजा दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण सफलता मिली है। वर्ष 2021 में तुर्कपट्टी थाना क्षेत्र में दर्ज हत्या के एक मामले में न्यायालय ने दोषी अभियुक्त को मृत्युदंड (फांसी) के साथ तीन लाख रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। यह फैसला शुक्रवार को जिला एवं सत्र न्यायालय, पडरौना द्वारा सुनाया गया। यह मामला थाना तुर्कपट्टी पर मुकदमा अपराध संख्या 218/2021, धारा 302 भारतीय दंड संहिता के तहत दर्ज किया गया था। अभियुक्त राजेश गुप्ता, पुत्र चन्नू गुप्ता, निवासी किशुनदास पट्टी, थाना तुर्कपट्टी, जनपद कुशीनगर के विरुद्ध हत्या का आरोप था। मामले की विवेचना और न्यायालय में प्रभावी पैरवी के दौरान अभियोजन पक्ष ने पर्याप्त साक्ष्य प्रस्तुत किए, जिसके आधार पर अभियुक्त को दोषी करार दिया गया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में स्थानीय पुलिस, मॉनिटरिंग सेल और जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) द्वारा लगातार प्रभावी पैरवी की गई। इसी सघन प्रयास के कारण अभियोजन पक्ष न्यायालय में अपराध सिद्ध करने में सफल रहा। इस दोषसिद्धि और सजा दिलाने में तत्कालीन विवेचक निरीक्षक आनंद कुमार गुप्ता, निरीक्षक जयप्रकाश पाठक, जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) जी.पी. यादव, थानाध्यक्ष तुर्कपट्टी आलोक कुमार, थाना पैरवी अधिकारी रणविजय सिंह और पैरोकार वेद प्रकाश यादव की भूमिका विशेष रूप से सराहनीय रही। कुशीनगर पुलिस ने इस उपलब्धि को 'ऑपरेशन कन्विक्शन' के तहत अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान की एक बड़ी सफलता बताया है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि गंभीर अपराधों में दोषियों को कड़ी सजा दिलाने का उनका प्रयास भविष्य में भी जारी रहेगा।
कुशीनगर पुलिस के 'ऑपरेशन कन्विक्शन' अभियान के तहत जघन्य अपराधों में दोषियों को सजा दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण सफलता मिली है। वर्ष 2021 में तुर्कपट्टी थाना क्षेत्र में दर्ज हत्या के एक मामले में न्यायालय ने दोषी अभियुक्त को मृत्युदंड (फांसी) के साथ तीन लाख रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। यह फैसला शुक्रवार को जिला एवं सत्र न्यायालय, पडरौना द्वारा सुनाया गया। यह मामला थाना तुर्कपट्टी पर मुकदमा अपराध संख्या 218/2021, धारा 302 भारतीय दंड संहिता के तहत दर्ज किया गया था। अभियुक्त राजेश गुप्ता, पुत्र चन्नू गुप्ता, निवासी किशुनदास पट्टी, थाना तुर्कपट्टी, जनपद कुशीनगर के विरुद्ध हत्या का आरोप था। मामले की विवेचना और न्यायालय में प्रभावी पैरवी के दौरान अभियोजन पक्ष ने पर्याप्त साक्ष्य प्रस्तुत किए, जिसके आधार पर अभियुक्त को दोषी करार दिया गया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में स्थानीय पुलिस, मॉनिटरिंग सेल और जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) द्वारा लगातार प्रभावी पैरवी की गई। इसी सघन प्रयास के कारण अभियोजन पक्ष न्यायालय में अपराध सिद्ध करने में सफल रहा। इस दोषसिद्धि और सजा दिलाने में तत्कालीन विवेचक निरीक्षक आनंद कुमार गुप्ता, निरीक्षक जयप्रकाश पाठक, जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) जी.पी. यादव, थानाध्यक्ष तुर्कपट्टी आलोक कुमार, थाना पैरवी अधिकारी रणविजय सिंह और पैरोकार वेद प्रकाश यादव की भूमिका विशेष रूप से सराहनीय रही। कुशीनगर पुलिस ने इस उपलब्धि को 'ऑपरेशन कन्विक्शन' के तहत अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान की एक बड़ी सफलता बताया है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि गंभीर अपराधों में दोषियों को कड़ी सजा दिलाने का उनका प्रयास भविष्य में भी जारी रहेगा।
- उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले में एक नाबालिग प्रेमिका अपने प्रेमी को जेल से रिहा कराने की मांग को लेकर एक टावर पर चढ़ गई। यह घटना तब हुई जब कुछ दिन पहले उसका प्रेमी उसे लेकर फरार हो गया था, जिसके बाद पुलिस ने इस मामले में प्रेमी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। पुलिस के काफी समझाने-बुझाने के बाद नाबालिग प्रेमिका अंततः टावर से नीचे उतरी।1
- यह वीडियो कक्षा 11 के रसायन शास्त्र के एक बहुत ही महत्वपूर्ण विषय, ऊष्मागतिकी (Thermodynamics) और उसकी सीमाओं पर विस्तार से जानकारी प्रदान करता है। इस शैक्षिक सामग्री में, दर्शक ऊष्मागतिकी की मूलभूत अवधारणाओं के साथ-साथ यह भी जान पाएंगे कि इसकी क्या-क्या सीमाएं हैं। वीडियो में मुख्य रूप से इन प्रश्नों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा: ऊष्मागतिकी क्या है, ऊष्मागतिकी के नियम क्या हैं, और ऊष्मागतिकी की सीमाएं क्या हैं। 'राहुल सर पीसीबी' द्वारा प्रस्तुत यह वीडियो छात्रों को इस जटिल विषय को गहराई से समझने में मदद करेगा।1
- यह वीडियो क्लास 11वीं के रसायन शास्त्र के एक बहुत ही महत्वपूर्ण विषय, ऊष्मा गति की (Thermodynamics) पर केंद्रित है। राहुल सर पीसीबी द्वारा प्रस्तुत इस वीडियो में ऊष्मा गति की क्या है, इसके विभिन्न नियम क्या हैं, और विशेष रूप से इसकी प्रमुख सीमाएं क्या-क्या हैं, इन सभी पहलुओं को विस्तार पूर्वक समझाया जाएगा।1
- उत्तर प्रदेश पुलिस के दरोगाओं के आचरण पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई है। इस पर तीखा सवाल उठाया गया है कि यदि पुलिस के दरोगा ही लोगों को मौत के घाट उतारकर भागने लगेंगे, तो ऐसी स्थिति में आम जनता को न्याय कैसे प्राप्त होगा।2
- गोपालगंज जिले के कुचायकोट प्रखंड अंतर्गत मठनिया कला सिपाया खास पंचायत के वार्ड नंबर 08 में एक बिजली के खंभे पर कटा हुआ तार खतरनाक स्थिति पैदा कर रहा है। इस कटे हुए तार से किसी बड़ी दुर्घटना के होने की प्रबल संभावना बनी हुई है, लेकिन इस गंभीर समस्या पर अभी तक कोई सुनवाई या कार्रवाई नहीं हो रही है।1
- एक गाँव की सड़क पर पानी भरा होने का मामला सामने आया है, जिस पर चिंता व्यक्त की गई है। इस स्थिति को लेकर अपील की गई है कि इस पर तत्काल ध्यान दिया जाए और इसकी जाँच की जाए। लोगों ने गुज़ारिश की है कि सड़क पर जमा पानी की उचित निकासी की व्यवस्था की जाए।1
- यह वीडियो बुद्ध काल की शिक्षा व्यवस्था का विस्तारपूर्वक विवरण प्रस्तुत करेगा। इसमें यह गहराई से बताया जाएगा कि उस युग में शिक्षा प्रणाली कैसी थी, विशेषकर महिलाओं के लिए क्या शैक्षिक प्रावधान थे, और उस दौरान महिलाएँ तथा लड़कियाँ किस प्रकार शिक्षा ग्रहण करती थीं। वीडियो इस बात पर भी प्रकाश डालेगा कि बुद्ध काल की यह शिक्षा व्यवस्था वर्तमान समय के स्कूलों से कितनी भिन्न थी।1
- उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में फर्जी नौकरी का झांसा देकर 453 नेपाली युवक-युवतियों को बंधक बना लिया गया। इन सभी को नौकरी दिलाने के बहाने फर्जी नेटवर्क मार्केटिंग का काम कराया जा रहा था, जबकि वास्तविक नौकरी का कोई प्रावधान नहीं था। यह फर्जी संस्था कुशीनगर के कसया थाना क्षेत्र में कसया नगर पालिका के मथौली रोड पर एक किराए के मकान में संचालित की जा रही थी। इस गिरोह ने 'विनस्पायर वर्ड कंपनी' के नाम पर इन नेपाली युवक-युवतियों को बंधक बनाया था और नौकरी का लालच देकर प्रत्येक व्यक्ति से 7,000 रुपये से लेकर 1 लाख रुपये तक की मोटी रकम वसूली जा रही थी। इस मामले की शिकायत मिलने के बाद नेपाल एम्बेसी ने पहल की। इसके उपरांत, नेपाल एम्बेसी ने स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर कार्रवाई करते हुए इन सभी 453 नेपाली लोगों को सुरक्षित छुड़ाया। रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद, नेपाल एम्बेसी इन सभी युवक-युवतियों को अपने साथ वापस ले गई।1