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शिक्षा में बदलाव की नई कहानी लिख रहा टीचर्स ऑफ बिहार* ▪️नवाचार, सहयोग और डिजिटल संसाधनों के माध्यम से सरकारी विद्यालयों को मिल रही नई दिशा गया। बिहार के सरकारी विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने, शिक्षकों को एक-दूसरे से जोड़ने और बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए एक सशक्त मंच के रूप में उभरा है टीचर्स ऑफ बिहार – द चेंज मेकर्स। यह केवल एक ऑनलाइन मंच नहीं, बल्कि हजारों शिक्षकों के अनुभव, नवाचार और सकारात्मक सोच को एक साथ जोड़ने वाला शिक्षा परिवर्तन का अभियान बन चुका है। *शिक्षकों के लिए बना ज्ञान और नवाचार का सशक्त मंच* टीचर्स ऑफ बिहार का उद्देश्य बिहार के शिक्षकों को ऐसा मंच उपलब्ध कराना है, जहां वे अपने विद्यालयों में किए जा रहे उत्कृष्ट कार्यों, नई शिक्षण विधियों, गतिविधियों और नवाचारों को साझा कर सकें। इस मंच के माध्यम से शिक्षक एक-दूसरे के अनुभवों से सीखते हैं और बेहतर शिक्षण पद्धतियों को अपनाकर बच्चों की सीखने की प्रक्रिया को और प्रभावी बनाते हैं। सरकारी विद्यालयों के बच्चों के लिए उपयोगी पहल* यह मंच विद्यार्थियों के लिए भी अनेक शैक्षणिक अवसर उपलब्ध करा रहा है। विभिन्न प्रतियोगिताओं, शैक्षणिक गतिविधियों, डिजिटल शिक्षण सामग्री, ई-पत्रिकाओं और सीखने-सिखाने के संसाधनों के माध्यम से बच्चों में रचनात्मकता, जिज्ञासा और आत्मविश्वास को बढ़ावा मिल रहा है। *विद्यालयों की बदल रही तस्वीर* बिहार के सरकारी विद्यालयों में शिक्षक अब केवल पाठ्यक्रम पूरा करने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि गतिविधि आधारित शिक्षण, परियोजना कार्य, शिक्षण सहायक सामग्री निर्माण और नवाचारों के माध्यम से बच्चों को बेहतर सीखने का अवसर दे रहे हैं। टीचर्स ऑफ बिहार ऐसे उत्कृष्ट प्रयासों को पहचान और मंच प्रदान कर उन्हें समाज तक पहुंचाने का कार्य कर रहा है। *डिजिटल युग में शिक्षा का मजबूत सहयोगी* वर्तमान समय में जब शिक्षा तेजी से डिजिटल माध्यमों की ओर बढ़ रही है, टीचर्स ऑफ बिहार शिक्षकों को आवश्यक संसाधन, मार्गदर्शन और सहयोग उपलब्ध कराकर शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने का कार्य कर रहा है। इस मंच के माध्यम से शैक्षणिक लेख, ई-पत्रिकाएं, शिक्षण सामग्री और विभिन्न शैक्षणिक पहल उपलब्ध कराई जा रही हैं, जो शिक्षकों और विद्यार्थियों दोनों के लिए उपयोगी साबित हो रही हैं। शिक्षा परिवर्तन की सामूहिक पहल* टीचर्स ऑफ बिहार यह संदेश दे रहा है कि सरकारी विद्यालयों में बदलाव केवल संसाधनों से नहीं, बल्कि शिक्षकों के समर्पण, नवाचार और सामूहिक प्रयासों से संभव है। यह मंच उन हजारों शिक्षकों की आवाज बन चुका है, जो अपने छोटे-छोटे प्रयासों से बिहार की शिक्षा व्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का संकल्प लेकर आगे बढ़ रहे हैं। टीचर्स ऑफ बिहार के प्रदेश प्रवक्ता रंजेश कुमार एवं प्रदेश मीडिया संयोजक मृत्युंजय कुमार ने बताया कि यह मंच बिहार के सरकारी विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता, नवाचार और सकारात्मक बदलाव को बढ़ावा देने के उद्देश्य से निरंतर कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों के अनुभवों को साझा करने, बच्चों के लिए बेहतर सीखने के अवसर उपलब्ध कराने और विद्यालयों में हो रहे उत्कृष्ट कार्यों को समाज तक पहुंचाने में टीचर्स ऑफ बिहार महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। "जहां शिक्षक सीखते हैं, साझा करते हैं और नवाचार करते हैं, वहीं से शिक्षा में वास्तविक परिवर्तन की शुरुआत होती है।" टीचर्स ऑफ बिहार – शिक्षा परिवर्तन का सशक्त मंच, जो बिहार के सरकारी विद्यालयों को नई दिशा दे रहा है।

1 hr ago
user_Dhiraj KumarGupta repoter
Dhiraj KumarGupta repoter
Local News Reporter गया टाउन सी.डी.ब्लॉक, गया, बिहार•
1 hr ago
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शिक्षा में बदलाव की नई कहानी लिख रहा टीचर्स ऑफ बिहार* ▪️नवाचार, सहयोग और डिजिटल संसाधनों के माध्यम से सरकारी विद्यालयों को मिल रही नई दिशा गया। बिहार के सरकारी विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने, शिक्षकों को एक-दूसरे से जोड़ने और बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए एक सशक्त मंच के रूप में उभरा है टीचर्स ऑफ बिहार – द चेंज मेकर्स। यह केवल एक ऑनलाइन मंच नहीं, बल्कि हजारों शिक्षकों के अनुभव, नवाचार और सकारात्मक सोच को एक साथ जोड़ने वाला शिक्षा परिवर्तन का अभियान बन चुका है। *शिक्षकों के लिए बना ज्ञान और नवाचार का सशक्त मंच* टीचर्स ऑफ बिहार का उद्देश्य बिहार के शिक्षकों को ऐसा मंच उपलब्ध कराना है, जहां वे अपने विद्यालयों में किए जा रहे उत्कृष्ट कार्यों, नई शिक्षण विधियों, गतिविधियों और नवाचारों को साझा कर सकें। इस मंच के माध्यम से शिक्षक एक-दूसरे के अनुभवों से सीखते हैं और बेहतर शिक्षण पद्धतियों को अपनाकर बच्चों की सीखने की प्रक्रिया को और प्रभावी बनाते हैं। सरकारी विद्यालयों के बच्चों के लिए उपयोगी पहल* यह मंच विद्यार्थियों के लिए भी अनेक शैक्षणिक अवसर उपलब्ध करा रहा है। विभिन्न प्रतियोगिताओं, शैक्षणिक गतिविधियों, डिजिटल शिक्षण सामग्री, ई-पत्रिकाओं और सीखने-सिखाने के संसाधनों के माध्यम से बच्चों में रचनात्मकता, जिज्ञासा और आत्मविश्वास को बढ़ावा मिल रहा है। *विद्यालयों की बदल रही तस्वीर* बिहार के सरकारी विद्यालयों में शिक्षक अब केवल पाठ्यक्रम पूरा करने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि गतिविधि आधारित शिक्षण, परियोजना कार्य, शिक्षण सहायक सामग्री निर्माण और नवाचारों के माध्यम से बच्चों को बेहतर सीखने का अवसर दे रहे हैं। टीचर्स ऑफ बिहार ऐसे उत्कृष्ट प्रयासों को पहचान और मंच प्रदान कर उन्हें समाज तक पहुंचाने का कार्य कर रहा है। *डिजिटल युग में शिक्षा का मजबूत सहयोगी* वर्तमान समय में जब शिक्षा तेजी से डिजिटल माध्यमों की ओर बढ़ रही है, टीचर्स ऑफ बिहार शिक्षकों को आवश्यक संसाधन, मार्गदर्शन और सहयोग उपलब्ध कराकर शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने का कार्य कर रहा है। इस मंच के माध्यम से शैक्षणिक लेख, ई-पत्रिकाएं, शिक्षण सामग्री और विभिन्न शैक्षणिक पहल उपलब्ध कराई जा रही हैं, जो शिक्षकों और विद्यार्थियों दोनों के लिए उपयोगी साबित हो रही हैं। शिक्षा परिवर्तन की सामूहिक पहल* टीचर्स ऑफ बिहार यह संदेश दे रहा है कि सरकारी विद्यालयों में बदलाव केवल संसाधनों से नहीं, बल्कि शिक्षकों के समर्पण, नवाचार और सामूहिक प्रयासों से संभव है। यह मंच उन हजारों शिक्षकों की आवाज बन चुका है, जो अपने छोटे-छोटे प्रयासों से बिहार की शिक्षा व्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का संकल्प लेकर आगे बढ़ रहे हैं। टीचर्स ऑफ बिहार के प्रदेश प्रवक्ता रंजेश कुमार एवं प्रदेश मीडिया संयोजक मृत्युंजय कुमार ने बताया कि यह मंच बिहार के सरकारी विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता, नवाचार और सकारात्मक बदलाव को बढ़ावा देने के उद्देश्य से निरंतर कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों के अनुभवों को साझा करने, बच्चों के लिए बेहतर सीखने के अवसर उपलब्ध कराने और विद्यालयों में हो रहे उत्कृष्ट कार्यों को समाज तक पहुंचाने में टीचर्स ऑफ बिहार महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। "जहां शिक्षक सीखते हैं, साझा करते हैं और नवाचार करते हैं, वहीं से शिक्षा में वास्तविक परिवर्तन की शुरुआत होती है।" टीचर्स ऑफ बिहार – शिक्षा परिवर्तन का सशक्त मंच, जो बिहार के सरकारी विद्यालयों को नई दिशा दे रहा है।

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  • 81 फर्जी SIM का खेल बेनकाब! साइबर अपराधियों को कनेक्शन देने वाला आरोपी गिरफ्तार! #ट्रेंडिंग #फर्जीSIM #CyberCrime #साइबरअपराध #SIMFraud #CyberCriminals #CrimeNews #BiharNews #BreakingNews #PoliceAction #CrimeAlert #SadhnaNewsBihar
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    81 फर्जी SIM का खेल बेनकाब! साइबर अपराधियों को कनेक्शन देने वाला आरोपी गिरफ्तार!

#ट्रेंडिंग #फर्जीSIM #CyberCrime #साइबरअपराध #SIMFraud #CyberCriminals #CrimeNews #BiharNews #BreakingNews #PoliceAction #CrimeAlert #SadhnaNewsBihar
    user_SATISH KUMAR (पत्रकार)
    SATISH KUMAR (पत्रकार)
    स्थानीय समाचार रिपोर्टर Gaya Town C.D.Block, Bihar•
    16 min ago
  • मानपुर–सलेमपुर बाईपास स्थित मां चामुण्डा देवी मंदिर स्थानीय श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। यहां वर्षभर पूजा होती है, जबकि नवरात्र और सावन में विशेष आयोजन किए जाते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार मां चामुण्डा, मां दुर्गा का शक्ति स्वरूप हैं। भक्त उन्हें शक्ति, साहस और नकारात्मक शक्तियों के विनाश की देवी मानते हैं। मां चामुण्डा देवी मां दुर्गा के उग्र स्वरूपों में से एक मानी जाती हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार उनका नाम चंड और मुंड नामक असुरों के वध से जुड़ा है, इसलिए उन्हें चामुण्डा कहा गया। उन्हें शक्ति, साहस और नकारात्मक शक्तियों के विनाश की देवी के रूप में पूजा जाता है। आपके मानपुर–सलेमपुर बाईपास स्थित मां चामुण्डा देवी मंदिर के समाचार में यह जानकारी इस तरह जोड़ी जा सकती है: “मान्यता है कि मां चामुण्डा देवी शक्ति का स्वरूप हैं और भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करती हैं। मंदिर में विशेष रूप से नवरात्र, सावन तथा अन्य धार्मिक अवसरों पर पूजा-अर्चना और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। सावन के अंतिम मंगलवार को होने वाला सावन महोत्सव भी श्रद्धालुओं के लिए विशेष आस्था का केंद्र रहता है। इस दौरान मां का विशेष श्रृंगार, पूजा-अर्चना, झूला एवं भंडारे का आयोजन किया जाता है।”
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    मानपुर–सलेमपुर बाईपास स्थित मां चामुण्डा देवी मंदिर स्थानीय श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। यहां वर्षभर पूजा होती है, जबकि नवरात्र और सावन में विशेष आयोजन किए जाते हैं।

धार्मिक मान्यता के अनुसार मां चामुण्डा, मां दुर्गा का शक्ति स्वरूप हैं। भक्त उन्हें शक्ति, साहस और नकारात्मक शक्तियों के विनाश की देवी मानते हैं।
मां चामुण्डा देवी मां दुर्गा के उग्र स्वरूपों में से एक मानी जाती हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार उनका नाम चंड और मुंड नामक असुरों के वध से जुड़ा है, इसलिए उन्हें चामुण्डा कहा गया। उन्हें शक्ति, साहस और नकारात्मक शक्तियों के विनाश की देवी के रूप में पूजा जाता है।
आपके मानपुर–सलेमपुर बाईपास स्थित मां चामुण्डा देवी मंदिर के समाचार में यह जानकारी इस तरह जोड़ी जा सकती है:
“मान्यता है कि मां चामुण्डा देवी शक्ति का स्वरूप हैं और भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करती हैं। मंदिर में विशेष रूप से नवरात्र, सावन तथा अन्य धार्मिक अवसरों पर पूजा-अर्चना और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। सावन के अंतिम मंगलवार को होने वाला सावन महोत्सव भी श्रद्धालुओं के लिए विशेष आस्था का केंद्र रहता है। इस दौरान मां का विशेष श्रृंगार, पूजा-अर्चना, झूला एवं भंडारे का आयोजन किया जाता है।”
    user_Ashutosh kumar
    Ashutosh kumar
    Lawyer Lakhibag, Manpur•
    4 hrs ago
  • गयाजी धाम चांद चौरा स्थित संक्रमण अस्पताल के प्रांगण में बन रहे गयाजी धर्मशाला का निर्माण कार्य का निरीक्षण करने बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉo प्रेम कुमार पहुंचे।
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    गयाजी धाम चांद चौरा स्थित संक्रमण अस्पताल के प्रांगण में बन रहे गयाजी धर्मशाला का निर्माण कार्य का निरीक्षण करने बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉo प्रेम कुमार पहुंचे।
    user_Uma Shanker singh
    Uma Shanker singh
    Gaya Town C.D.Block, Bihar•
    23 hrs ago
  • तरवां में धूमधाम से मना ईद-ए-मिलाद-उन-नबी, जुलूस में उमड़ा हजारों का जनसैलाब वजीरगंज प्रखंड के तरवां पंचायत में बुधवार को पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के जन्मदिन के अवसर पर ईद-ए-मिलाद-उन-नबी का पर्व हर्षोल्लास और अकीदत के साथ मनाया गया। इस अवसर पर तरवां बाजार को आकर्षक ढंग से सजाया गया। तरवां से निकला जुलूस-ए-मोहम्मदी टाली, देदौर, टिपौव और भलुआही होते हुए वजीरगंज-फतेहपुर मार्ग से तरवां अंदर बाजार पहुंचा और मजार शरीफ तक गया। जुलूस में हजारों की संख्या में लोग शामिल हुए और पूरे मार्ग में धार्मिक नारों से माहौल गूंजता रहा। जगह-जगह स्थानीय लोगों ने जुलूस का स्वागत फूल-मालाओं से किया। कार्यक्रम को लेकर तरवां टीओपी पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। मौके पर अंचल अधिकारी प्रकाश कुमार, प्रखंड विकास पदाधिकारी प्रभाकर कुमार सिंह, थानाध्यक्ष नीरज कुमार और एसआई सुभाष यादव सहित पुलिस पदाधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने लोगों से शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने तथा आपसी भाईचारा और सौहार्द कायम रखने की अपील की। इस अवसर पर सरपंच प्रतिनिधि एवं शिक्षाप्रेमी क्रांतिवीर शर्मा, 20 सूत्री सदस्य मो. आरिफ हुसैन, समाजसेवी मो. परवेज खान सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। पूरे कार्यक्रम के दौरान उत्साह और सौहार्द का माहौल बना रहा।
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    तरवां में धूमधाम से मना ईद-ए-मिलाद-उन-नबी, जुलूस में उमड़ा हजारों का जनसैलाब
वजीरगंज प्रखंड के तरवां पंचायत में बुधवार को पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के जन्मदिन के अवसर पर ईद-ए-मिलाद-उन-नबी का पर्व हर्षोल्लास और अकीदत के साथ मनाया गया। इस अवसर पर तरवां बाजार को आकर्षक ढंग से सजाया गया। तरवां से निकला जुलूस-ए-मोहम्मदी टाली, देदौर, टिपौव और भलुआही होते हुए वजीरगंज-फतेहपुर मार्ग से तरवां अंदर बाजार पहुंचा और मजार शरीफ तक गया। जुलूस में हजारों की संख्या में लोग शामिल हुए और पूरे मार्ग में धार्मिक नारों से माहौल गूंजता रहा। जगह-जगह स्थानीय लोगों ने जुलूस का स्वागत फूल-मालाओं से किया।
कार्यक्रम को लेकर तरवां टीओपी पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। मौके पर अंचल अधिकारी प्रकाश कुमार, प्रखंड विकास पदाधिकारी प्रभाकर कुमार सिंह, थानाध्यक्ष नीरज कुमार और एसआई सुभाष यादव सहित पुलिस पदाधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने लोगों से शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने तथा आपसी भाईचारा और सौहार्द कायम रखने की अपील की।
इस अवसर पर सरपंच प्रतिनिधि एवं शिक्षाप्रेमी क्रांतिवीर शर्मा, 20 सूत्री सदस्य मो. आरिफ हुसैन, समाजसेवी मो. परवेज खान सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। पूरे कार्यक्रम के दौरान उत्साह और सौहार्द का माहौल बना रहा।
    user_Dhirendra Kumar Verma
    Dhirendra Kumar Verma
    वजीरगंज, गया, बिहार•
    4 hrs ago
  • कोंचेश्वर नाथ महोत्सव के समापन समारोह में शामिल हुए डॉ. अनिल कुमार, प्राचीन विरासत के विकास का लिया संकल्प कोंचेश्वर नाथ महोत्सव के समापन समारोह में शामिल हुए डॉ. अनिल कुमार, प्राचीन विरासत के विकास का लिया संकल्प कोंच। कोंचेश्वर नाथ महोत्सव के समापन समारोह में टिकारी-कोंच क्षेत्र के जनसेवक एवं राजनेता डॉ. अनिल कुमार शामिल हुए। उन्होंने कोंच क्षेत्र की प्राचीन धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत के विकास और संरक्षण के लिए पुनः संकल्प दोहराया। उनके महोत्सव में पहुंचने पर स्थानीय लोगों और आयोजकों में उत्साह देखा गया। समापन समारोह के दौरान अनुमंडल पदाधिकारी प्रवीण कुंदन, प्रखंड विकास पदाधिकारी चंदन कुमार, अंचलाधिकारी रितु सोनी, कोंच थानाध्यक्ष आलोक रंजन, पर्यटन विभाग के उद्घोषक शिवेंद्र कुमार मालवीय, सुधीर पांडेय सहित अन्य पदाधिकारी एवं कर्मियों ने डॉ. अनिल कुमार का अंगवस्त्र एवं मोमेंटो भेंट कर स्वागत किया। डॉ. अनिल कुमार ने कहा कि कोंचेश्वर नाथ मंदिर क्षेत्र की ऐतिहासिक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण केंद्र है। इस प्राचीन विरासत के विकास के लिए सामूहिक प्रयास की जरूरत है। उन्होंने क्षेत्र की धार्मिक एवं ऐतिहासिक धरोहरों को विकसित करने और उन्हें व्यापक पहचान दिलाने की दिशा में प्रयास जारी रखने की बात कही। महोत्सव के समापन समारोह में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता, राजनीतिक कार्यकर्ता, शिक्षक एवं स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। कार्यक्रम में मोहम्मद इरशाद, राकेश कुमार, राणा गौतम, पंकज शर्मा, उपेंद्र सिंह, प्रखंड 20 सूत्री अध्यक्ष श्रीकांत शर्मा, हम नेता अजीत शर्मा, विवेकानंद शर्मा, श्रावण शांडिल्य, भाजपा नेता संजय शर्मा उर्फ बबलू, देवेंद्र शर्मा, राजीव कुमार, छोटू कुमार, साकेत गिरी, संजय कुमार, गुड्डू शर्मा, मुखिया कमल रंजन, दिलीप कुमार, शशि कुमार, पैक्स अध्यक्ष विपिन शर्मा, प्रिंस कुमार सिंह, सरपंच अजय कुमार, राजू सिंह, प्रबुद्ध नागरिक अजय कुमार सिंह, सुनील कुमार शर्मा, शिक्षक कुंदन कुमार, धनंजय कुमार सहित अन्य लोग उपस्थित रहे। दो दिवसीय कोंचेश्वर नाथ महोत्सव के दौरान धार्मिक, सांस्कृतिक एवं भक्ति कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। समापन समारोह में कलाकारों की प्रस्तुतियों के साथ महोत्सव का समापन हुआ। इस दौरान स्थानीय लोगों ने महोत्सव के सफल आयोजन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कोंचेश्वर नाथ मंदिर एवं आसपास के क्षेत्र के विकास की उम्मीद जताई।
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    कोंचेश्वर नाथ महोत्सव के समापन समारोह में शामिल हुए डॉ. अनिल कुमार, प्राचीन विरासत के विकास का लिया संकल्प
कोंचेश्वर नाथ महोत्सव के समापन समारोह में शामिल हुए डॉ. अनिल कुमार, प्राचीन विरासत के विकास का लिया संकल्प
कोंच। कोंचेश्वर नाथ महोत्सव के समापन समारोह में टिकारी-कोंच क्षेत्र के जनसेवक एवं राजनेता डॉ. अनिल कुमार शामिल हुए। उन्होंने कोंच क्षेत्र की प्राचीन धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत के विकास और संरक्षण के लिए पुनः संकल्प दोहराया। उनके महोत्सव में पहुंचने पर स्थानीय लोगों और आयोजकों में उत्साह देखा गया।
समापन समारोह के दौरान अनुमंडल पदाधिकारी प्रवीण कुंदन, प्रखंड विकास पदाधिकारी चंदन कुमार, अंचलाधिकारी रितु सोनी, कोंच थानाध्यक्ष आलोक रंजन, पर्यटन विभाग के उद्घोषक शिवेंद्र कुमार मालवीय, सुधीर पांडेय सहित अन्य पदाधिकारी एवं कर्मियों ने डॉ. अनिल कुमार का अंगवस्त्र एवं मोमेंटो भेंट कर स्वागत किया।
डॉ. अनिल कुमार ने कहा कि कोंचेश्वर नाथ मंदिर क्षेत्र की ऐतिहासिक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण केंद्र है। इस प्राचीन विरासत के विकास के लिए सामूहिक प्रयास की जरूरत है। उन्होंने क्षेत्र की धार्मिक एवं ऐतिहासिक धरोहरों को विकसित करने और उन्हें व्यापक पहचान दिलाने की दिशा में प्रयास जारी रखने की बात कही।
महोत्सव के समापन समारोह में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता, राजनीतिक कार्यकर्ता, शिक्षक एवं स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। कार्यक्रम में मोहम्मद इरशाद, राकेश कुमार, राणा गौतम, पंकज शर्मा, उपेंद्र सिंह, प्रखंड 20 सूत्री अध्यक्ष श्रीकांत शर्मा, हम नेता अजीत शर्मा, विवेकानंद शर्मा, श्रावण शांडिल्य, भाजपा नेता संजय शर्मा उर्फ बबलू, देवेंद्र शर्मा, राजीव कुमार, छोटू कुमार, साकेत गिरी, संजय कुमार, गुड्डू शर्मा, मुखिया कमल रंजन, दिलीप कुमार, शशि कुमार, पैक्स अध्यक्ष विपिन शर्मा, प्रिंस कुमार सिंह, सरपंच अजय कुमार, राजू सिंह, प्रबुद्ध नागरिक अजय कुमार सिंह, सुनील कुमार शर्मा, शिक्षक कुंदन कुमार, धनंजय कुमार सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
दो दिवसीय कोंचेश्वर नाथ महोत्सव के दौरान धार्मिक, सांस्कृतिक एवं भक्ति कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। समापन समारोह में कलाकारों की प्रस्तुतियों के साथ महोत्सव का समापन हुआ। इस दौरान स्थानीय लोगों ने महोत्सव के सफल आयोजन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कोंचेश्वर नाथ मंदिर एवं आसपास के क्षेत्र के विकास की उम्मीद जताई।
    user_नौलेश कुमार
    नौलेश कुमार
    कोंच, गया, बिहार•
    8 hrs ago
  • औरंगाबाद बाद जिले के गोह प्रखंड क्षेत्र के चर्चित दुग्धेश्वर महादेव देवकुंड धाम में श्रावण सोमवारी और अंतिम श्रावण माह में श्रद्धालुओं को दर्शन करने को लेकर बहुत भिंड़ लगी। औरंगाबाद बाद जिले के गोह प्रखंड क्षेत्र के चर्चित दुग्धेश्वर महादेव देवकुंड धाम में श्रावण सोमवारी और अंतिम श्रावण माह में श्रद्धालुओं को दर्शन करने को लेकर बहुत भिंड़ लगी। प्रशासन की बहुत अच्छी व्यवस्था देखी गई प्रशासन की व्यवस्था से श्रद्धालुओं को अच्छी तरह से दर्शन हो रहे हैं और बाजार में अच्छी भिंड़ देखी गई आयें हुए श्रद्धालुओं को पुलिस प्रशासन की ओर से लंबी कतार में लगाकर दर्शन कराया जा रहा था श्रद्धालुओं लोग ने बाबा की जयकारे लग रहे थे लोगों ने प्रशासन के प्रति खुशी जाहिर किया।
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    औरंगाबाद बाद जिले के गोह प्रखंड क्षेत्र के चर्चित दुग्धेश्वर महादेव देवकुंड धाम में श्रावण सोमवारी और अंतिम श्रावण माह में श्रद्धालुओं को दर्शन करने को लेकर बहुत भिंड़ लगी।
औरंगाबाद बाद जिले के गोह प्रखंड क्षेत्र के चर्चित दुग्धेश्वर महादेव देवकुंड धाम में श्रावण सोमवारी और अंतिम श्रावण माह में श्रद्धालुओं को दर्शन करने को लेकर बहुत भिंड़ लगी। प्रशासन की बहुत अच्छी व्यवस्था देखी गई प्रशासन की व्यवस्था से श्रद्धालुओं को अच्छी तरह से दर्शन हो रहे हैं और बाजार में अच्छी भिंड़ देखी गई आयें हुए श्रद्धालुओं को पुलिस प्रशासन की ओर से लंबी कतार में लगाकर दर्शन कराया जा रहा था श्रद्धालुओं लोग ने बाबा की जयकारे लग रहे थे लोगों ने प्रशासन के प्रति खुशी जाहिर किया।
    user_प्रियांशु कुमारी
    प्रियांशु कुमारी
    गोह, औरंगाबाद, बिहार•
    7 hrs ago
  • हुलासगंज में परिजनों से बिछड़े बालक को लोगों ने पुलिस को किया सुपूर्द हुलास गंज बाजार में बिछड़े आठ वर्षीय बालक को लोगों ने किया पुलिस को सुपूर्द मंगलवार के शाम में हुलास गंज बाजार में एक परिजनों से बिछड़े बालक को स्थानीय लोगों द्वारा हुलासगंज पुलिस को सुपूर्द कर दिया गया है। इस संबंध में बताया गया कि वह बालक अपने माता-पिता के साथ कहीं जा रहा था इस दौरान परिजनों से बिछड़ गया है। वह अपना नाम धीरज कुमार तथा पिता का नाम बाबूलाल बता रहा है। स्थानीय लोगों द्वारा उसकी पहचान नहीं होने पर पुलिस को सुपूर्द कर दिया गया है।पुलिस द्वारा उस बच्चे की पहचान की जा रही है।बालक अपना घर कडवयी बता रहा है। जबकि आस पास में कडबयी नाम का कोई गांव नहीं है।
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    हुलासगंज में परिजनों से बिछड़े बालक को लोगों ने पुलिस को किया सुपूर्द 
हुलास गंज बाजार में बिछड़े आठ वर्षीय बालक को लोगों ने किया पुलिस को सुपूर्द 
मंगलवार के शाम में हुलास गंज बाजार में एक परिजनों से बिछड़े बालक को स्थानीय लोगों द्वारा हुलासगंज पुलिस को सुपूर्द कर दिया गया है। इस संबंध में बताया गया कि वह बालक अपने माता-पिता के साथ कहीं जा रहा था इस दौरान परिजनों से बिछड़ गया है। वह अपना नाम धीरज कुमार तथा पिता का नाम बाबूलाल बता रहा है। स्थानीय लोगों द्वारा उसकी पहचान नहीं होने पर पुलिस को सुपूर्द कर दिया गया है।पुलिस द्वारा उस बच्चे की पहचान की जा रही है।बालक अपना घर कडवयी बता रहा है। जबकि आस पास में कडबयी नाम का कोई गांव नहीं है।
    user_मनोज कुमार
    मनोज कुमार
    पत्रकार हुलासगंज, जहानाबाद, बिहार•
    20 hrs ago
  • बोधगया में आंगनबाड़ी केंद्र की मनमानी पर उठे सवाल, निर्धारित समय की उड़ रही धज्जियां
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    बोधगया में आंगनबाड़ी केंद्र की मनमानी पर उठे सवाल, निर्धारित समय की उड़ रही धज्जियां
    user_SATISH KUMAR (पत्रकार)
    SATISH KUMAR (पत्रकार)
    स्थानीय समाचार रिपोर्टर Gaya Town C.D.Block, Bihar•
    7 hrs ago
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