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गौड़ाबौराम के पतवत्ता गांव में एक महिला को रुपए उधार देना महंगा पड़ गया है। बताया गया है कि जब वह अपने दिए हुए रुपए वापस मांग रही है, तो उसे लगातार धमकियाँ मिल रही हैं।
Manoj Kumar sah
गौड़ाबौराम के पतवत्ता गांव में एक महिला को रुपए उधार देना महंगा पड़ गया है। बताया गया है कि जब वह अपने दिए हुए रुपए वापस मांग रही है, तो उसे लगातार धमकियाँ मिल रही हैं।
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- दरभंगा जिले के महथौर पंचायत के पुतई गांव के वार्ड संख्या-1 में मुख्य सड़क और मंदिर जाने वाला रास्ता पिछले कई वर्षों से बदहाल स्थिति में है। हल्की सी बारिश होते ही यह सड़क कीचड़ और पानी से लबालब भर जाती है, जिसके कारण ग्रामीणों को दैनिक आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने इस जर्जर सड़क की मरम्मत के लिए मुखिया, बीडीओ, डीएम और विधायक जैसे सभी संबंधित अधिकारियों को कई बार आवेदन सौंपे हैं। हालांकि, उनकी शिकायत के बावजूद आज तक इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है, और वे आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। ग्रामीणों ने अपनी इस पीड़ा को जिम्मेदार अधिकारियों तक पहुंचाने के लिए इस मामले से जुड़े वीडियो को ज्यादा से ज्यादा साझा करने की अपील की है।1
- सहरसा की मेयर बैन प्रिया ने नवहट्टा में डिग्री कॉलेज की स्थापना की मांग को लेकर चल रहे अनशन को अपना पूर्ण समर्थन दिया है। उन्होंने इस मुद्दे पर अपनी बात रखते हुए प्रशासन और राज्य सरकार तक इस मांग को उठाने का भरोसा दिलाया, साथ ही अनशन पर बैठे लोगों और उनके समर्थकों का आभार व्यक्त किया। मेयर ने स्पष्ट किया कि नवहट्टा के हक की इस लड़ाई में वह पूरी तरह से जनता के साथ खड़ी हैं। उन्होंने कहा कि नवहट्टा का जो हक था, उसे ऐसी जगह स्थानांतरित कर दिया गया है जहाँ छह महीने जलजमाव रहता है, जो कि अत्यंत खेदजनक है। उनका मानना है कि कोसी क्षेत्र की पहचान नवहट्टा से ही है, इसलिए डिग्री कॉलेज यहीं होना चाहिए। मेयर ने विशेष रूप से ज़ोर दिया कि नवहट्टा में डिग्री कॉलेज होने से यहाँ की छात्राओं को पढ़ाई में काफी मदद मिलेगी। अगर इसे कासिमपुर या किसी अन्य दूरदराज के क्षेत्र में ले जाया जाता है, तो सबसे बड़ा मुद्दा बेटियों की असुरक्षा का खड़ा होगा, जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता। मेयर ने यह भी बताया कि नवहट्टा में डिग्री कॉलेज के लिए पर्याप्त ज़मीन, व्यवस्था और इमारत उपलब्ध है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी अधिकारी ने दुर्भावनापूर्ण तरीके से इसे यहाँ से स्थानांतरित किया है, तो वह खुद मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री (उच्च शिक्षा), और राज्यपाल से मिलकर इस मुद्दे को उठाएंगी। बैन प्रिया ने कहा कि वह सबसे पहले डीएम साहब से बात कर उन्हें अनशन की मौजूदा स्थिति से अवगत कराएंगी। उन्होंने उल्लेख किया कि जेठ के तपते महीने और कड़ी धूप में अनशन का आज सातवां दिन है। मेयर ने प्रशासन से तुरंत नींद से जागने और कोई अप्रिय घटना होने से पहले अधिकारियों (एसडीओ और अन्य) को खुद अनशनकारियों से बात करने का आग्रह किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल कागजी कार्रवाई से काम नहीं चलेगा, अधिकारियों को मौके पर आकर कोई ठोस आश्वासन देना होगा। उन्होंने माँ भगवती से प्रार्थना की कि नवहट्टा की जनता के इस संघर्ष में जीत हो और नवहट्टा डिग्री कॉलेज अपने निर्धारित स्थान पर ही स्थापित हो।1
- आम जनता ने नोहटा में डिग्री कॉलेज स्थापित करने की अपनी मुख्य मांग को लेकर अनशन जारी रखने का ऐलान किया है। उन्होंने सभी लोगों से अपनी आवाज को और बुलंद करने का निवेदन किया है, क्योंकि उनका आरोप है कि उनकी आवाज को दबाया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक सरकार उनकी इस मांग को पूरा नहीं करती, तब तक वे चुप नहीं बैठेंगे और उनका अनशन लगातार जारी रहेगा।1
- खगड़िया जिले के अलोली से एक नया भोजपुरी बोलबम गाना सामने आया है, जिसका मुख्य बोल है "ओकरा बिना हम ने जिबो हे हों भोले बाबा"। यह गाना विशेष रूप से सावन के पवित्र महीने के लिए है और पूरी तरह से भगवान भोले बाबा को समर्पित है। इस बोलबम गीत में भक्तिभाव से भरे "नमः शिवाय ॐ नमः शिवाय" के जयकारे शामिल हैं, और इसे सावन के सबसे प्रमुख गानों में से एक बताया जा रहा है।1
- दरभंगा जिले के महथौर पंचायत के वार्ड नंबर 8 से एक चौंकाने वाली जमीनी हकीकत सामने आई है, जहाँ पिछले 10 वर्षों में कई विकास के दावे किए गए, लेकिन स्थानीय लोग आज भी कचरे और गंदगी के बीच जीवन बिताने को मजबूर हैं। यह स्थिति विकास के वादों और धरातल की सच्चाई के बीच के बड़े अंतर को उजागर करती है।1
- पटना जंक्शन पर ट्रेनें लेट होने और पर्याप्त ट्रेनों की अनुपलब्धता के कारण यात्रियों ने हंगामा किया।1
- आज बेगूसराय में आयोजित पब्लिक स्कूल एसोसिएशन सेमिनार में एक ऐसा नज़ारा देखने को मिला जिसने कई लोगों को चौंका दिया। सेमिनार के दौरान गिरिराज सिंह और बोगो सिंह एक ही मंच पर साथ नज़र आए। इस घटना के बाद जो कुछ भी हुआ, उसे देखकर लोगों के होश उड़ जाएंगे और वे आश्चर्यचकित रह जाएंगे।1
- सहरसा के धमसेना स्थित रौशन आनंद सर के पैतृक गाँव में उनके भाई का निधन हो गया। इस हृदयविदारक खबर को सुनते ही माँ का रो-रोकर बहुत बुरा हाल हो गया।1