logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

*एसीएमओ डॉ. मनोज कुमार के खिलाफ शिकायत पर कार्रवाई न होने का मामला, आरटीआई में मांगा गया पूरा जवाब*। *दर्शन उजाला संभल/लखनऊ* ।जनपद संभल में तैनात एसीएमओ/मेडिकल ऑफिसर डॉ. मनोज कुमार के विरुद्ध दी गई शिकायत पर अब तक की गई कार्रवाई को लेकर सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के तहत आरटीआई दाखिल की गई है। यह आरटीआई सत्यव्रत आर्य, राष्ट्रीय अध्यक्ष (BRNS) द्वारा लगाई गई है। आरटीआई उत्तर प्रदेश शासन के जन सूचना अधिकारी (PIO), मुख्य सचिव कार्यालय, लखनऊ के नाम प्रस्तुत की गई है।आरटीआई में यह स्पष्ट किया गया है कि 6 सितंबर 2025 को डॉ. मनोज कुमार के विरुद्ध शिकायत दी गई थी, लेकिन लंबे समय बाद भी न तो जांच की स्थिति स्पष्ट है और न ही किसी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई सामने आई है। इसी को लेकर सूचना के अधिकार अधिनियम की धारा 6(1) के अंतर्गत अधिकारपूर्वक जवाब मांगा गया है।आरटीआई में पूछा गया है कि संबंधित शिकायत मुख्य सचिव कार्यालय में प्राप्त हुई या नहीं, यदि हुई तो उसका रजिस्ट्रेशन नंबर क्या है और किस अधिकारी को वह शिकायत अग्रसारित की गई। इसके साथ यह भी जानकारी मांगी गई है कि शिकायत के आधार पर कोई प्रारंभिक, विभागीय अथवा विस्तृत जांच कराई गई या नहीं। यदि जांच कराई गई, तो उसका कार्यालय आदेश, जांच अधिकारी या समिति का नाम, पद, विभाग तथा पूरी जांच रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाए।आवेदन में यह भी सवाल उठाया गया है कि यदि शिकायत के बावजूद न तो एफआईआर दर्ज की गई और न ही विभागीय कार्रवाई की गई, तो इसका स्पष्ट कारण क्या है। यह निर्णय किस अधिकारी द्वारा, किस तिथि को और किस नियम अथवा आदेश के आधार पर लिया गया, इसकी पूरी जानकारी मांगी गई है। यदि शिकायत को झूठा या निराधार घोषित किया गया हो, तो उसका विधिक आधार और प्रमाण भी उपलब्ध कराने की मांग की गई है।आरटीआई में यह बिंदु भी शामिल है कि शिकायतकर्ता के बयान बदलने, शिकायत वापस कराने या आरोपी अधिकारी को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से किसी प्रकार की मिलीभगत (Collusion) तो नहीं हुई। यदि इस संबंध में कोई पत्राचार, नोटशीट या प्रस्ताव मौजूद है, तो उसकी प्रमाणित प्रति भी मांगी गई है।इसके अतिरिक्त यह भी पूछा गया है कि क्या इस प्रकरण में विजिलेंस, ईओडब्ल्यू, पुलिस अथवा विधि विभाग से कोई समन्वय किया गया। यदि किया गया तो संबंधित पत्राचार और रिपोर्ट की प्रति उपलब्ध कराई जाए।आरटीआई में डॉ. मनोज कुमार की लंबे समय से एक ही जनपद में तैनाती को भी सवालों के घेरे में रखा गया है। आवेदन में पूछा गया है कि जब राज्य शासन की स्थानांतरण नीति सामान्यतः 3 से 5 वर्ष की होती है, तो किस विशेष शासनादेश या सक्षम प्राधिकारी की अनुमति से उन्हें इतने लंबे समय तक एक ही स्थान पर तैनात रखा गया। संबंधित आदेश या अनुमोदन की प्रति भी मांगी गई है।आरटीआई लगाने वाले सत्यव्रत आर्य ने यह भी स्पष्ट किया है कि मांगी गई समस्त सूचनाएं लोक सेवक की जवाबदेही, भ्रष्टाचार निवारण और प्रशासनिक पारदर्शिता से जुड़ी हैं, इसलिए इन्हें सूचना अधिकार अधिनियम की धारा 8(1) के किसी भी अपवाद के अंतर्गत रोका नहीं जा सकता। नियमानुसार शुल्क जमा कर 30 दिनों के भीतर सूचना उपलब्ध कराने की मांग की गई है।इस आरटीआई के सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग और शासन स्तर पर जवाबदेही को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। अब यह देखना अहम होगा कि शासन और संबंधित विभाग डॉ. मनोज कुमार के विरुद्ध की गई शिकायत और उस पर हुई कार्रवाई को लेकर क्या स्पष्ट जवाब देता है।

21 hrs ago
user_डा जगदेव सिंह प्रजापति
डा जगदेव सिंह प्रजापति
धनौरा, अमरोहा, उत्तर प्रदेश•
21 hrs ago
7b458f9c-5f3a-421a-9bcb-303d0daa07cf

*एसीएमओ डॉ. मनोज कुमार के खिलाफ शिकायत पर कार्रवाई न होने का मामला, आरटीआई में मांगा गया पूरा जवाब*। *दर्शन उजाला संभल/लखनऊ* ।जनपद संभल में तैनात एसीएमओ/मेडिकल ऑफिसर डॉ. मनोज कुमार के विरुद्ध दी गई शिकायत पर अब तक की गई कार्रवाई को लेकर सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के तहत आरटीआई दाखिल की गई है। यह आरटीआई सत्यव्रत आर्य, राष्ट्रीय अध्यक्ष (BRNS) द्वारा लगाई गई है। आरटीआई उत्तर प्रदेश शासन के जन सूचना अधिकारी (PIO), मुख्य सचिव कार्यालय, लखनऊ के नाम प्रस्तुत की गई है।आरटीआई में यह स्पष्ट किया गया है कि 6 सितंबर 2025 को डॉ. मनोज कुमार के विरुद्ध शिकायत दी गई थी, लेकिन लंबे समय बाद भी न तो जांच की स्थिति स्पष्ट है और न ही किसी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई सामने आई है। इसी को लेकर सूचना के अधिकार अधिनियम की धारा 6(1) के अंतर्गत अधिकारपूर्वक जवाब मांगा गया है।आरटीआई में पूछा गया है कि संबंधित शिकायत मुख्य सचिव कार्यालय में प्राप्त हुई या नहीं, यदि हुई तो उसका रजिस्ट्रेशन नंबर क्या है और किस अधिकारी को वह शिकायत अग्रसारित की गई। इसके साथ यह भी जानकारी मांगी गई है कि शिकायत के आधार पर कोई प्रारंभिक, विभागीय अथवा विस्तृत जांच कराई गई या नहीं। यदि जांच कराई गई, तो उसका कार्यालय आदेश, जांच अधिकारी या समिति का नाम, पद, विभाग तथा पूरी जांच रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाए।आवेदन में यह भी सवाल उठाया गया है कि यदि शिकायत के बावजूद न तो एफआईआर दर्ज की गई और न ही विभागीय कार्रवाई की गई, तो इसका स्पष्ट कारण क्या है। यह निर्णय किस अधिकारी द्वारा, किस तिथि को और किस नियम अथवा आदेश के आधार पर लिया गया, इसकी पूरी जानकारी मांगी गई है। यदि शिकायत को झूठा या निराधार घोषित किया गया हो, तो उसका विधिक आधार और प्रमाण भी उपलब्ध कराने की मांग की गई है।आरटीआई में यह बिंदु भी शामिल है कि शिकायतकर्ता के बयान बदलने, शिकायत वापस कराने या आरोपी अधिकारी को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से किसी प्रकार की मिलीभगत (Collusion) तो नहीं हुई। यदि इस संबंध में कोई पत्राचार, नोटशीट या प्रस्ताव मौजूद है, तो उसकी प्रमाणित प्रति भी मांगी गई है।इसके अतिरिक्त यह भी पूछा गया है कि क्या इस प्रकरण में विजिलेंस, ईओडब्ल्यू, पुलिस अथवा विधि विभाग से कोई समन्वय किया गया। यदि किया गया तो संबंधित पत्राचार और रिपोर्ट की प्रति उपलब्ध कराई जाए।आरटीआई में डॉ. मनोज कुमार की लंबे समय से एक ही जनपद में तैनाती को भी सवालों के घेरे में रखा गया है। आवेदन में पूछा गया है कि जब राज्य शासन की स्थानांतरण नीति सामान्यतः 3 से 5 वर्ष की होती है, तो किस विशेष शासनादेश या सक्षम प्राधिकारी की अनुमति से उन्हें इतने लंबे समय तक एक ही स्थान पर तैनात रखा गया। संबंधित आदेश या अनुमोदन की प्रति भी मांगी गई है।आरटीआई लगाने वाले सत्यव्रत आर्य ने यह भी स्पष्ट किया है कि मांगी गई समस्त सूचनाएं लोक सेवक की जवाबदेही, भ्रष्टाचार निवारण और प्रशासनिक पारदर्शिता से जुड़ी हैं, इसलिए इन्हें सूचना अधिकार अधिनियम की धारा 8(1) के किसी भी अपवाद के अंतर्गत रोका नहीं जा सकता। नियमानुसार शुल्क जमा कर 30 दिनों के भीतर सूचना उपलब्ध कराने की मांग की गई है।इस आरटीआई के सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग और शासन स्तर पर जवाबदेही को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। अब यह देखना अहम होगा कि शासन और संबंधित विभाग डॉ. मनोज कुमार के विरुद्ध की गई शिकायत और उस पर हुई कार्रवाई को लेकर क्या स्पष्ट जवाब देता है।

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • Post by Deepak Siddhu
    1
    Post by Deepak Siddhu
    user_Deepak Siddhu
    Deepak Siddhu
    नौगावां सदात, अमरोहा, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • 70 वर्षों तक कांग्रेस ने क्या किया
    1
    70 वर्षों तक कांग्रेस ने क्या किया
    user_Kaviraj Himanshu Saini Samaj Sevak
    Kaviraj Himanshu Saini Samaj Sevak
    Youth Social Services Organisation Amroha, Uttar Pradesh•
    9 hrs ago
  • बिजनौर में टॉफी गले में फंसने से दो साल के बच्चे की मौत, सांस नहीं ले पाया मासूम, टॉफ़ी, मूंगफली और अंगूर जैसे खाद्य पदार्थ ना दें
    1
    बिजनौर में टॉफी गले में फंसने से दो साल के बच्चे की मौत, सांस नहीं ले पाया मासूम, टॉफ़ी, मूंगफली और अंगूर जैसे खाद्य पदार्थ ना दें
    user_Kapil Dehuliya
    Kapil Dehuliya
    Job Bijnor, Uttar Pradesh•
    10 hrs ago
  • सावधान! 10 साल के बच्चे की मोबाइल देखते हुए हार्ट अटैक से मौत
    1
    सावधान! 10 साल के बच्चे की मोबाइल देखते हुए हार्ट अटैक से मौत
    user_Rekha Panchal
    Rekha Panchal
    Bijnor, Uttar Pradesh•
    11 hrs ago
  • खुशखबरी खुशखबरी खुशखबरी अब खुल गया आपके शहर अमरोहा में बच्चों का सर्वोच्च अस्पताल जीवन रक्षा अस्पताल
    1
    खुशखबरी खुशखबरी खुशखबरी अब खुल गया आपके शहर अमरोहा में बच्चों का सर्वोच्च अस्पताल जीवन रक्षा अस्पताल
    user_24x7NEWS TIME CHANNEL
    24x7NEWS TIME CHANNEL
    मुरादाबाद, मुरादाबाद, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • यूपी | मेरठ से SP विधायक अतुल प्रधान का BJP के फायर ब्रांड नेता संगीत सोम पर बड़ा आरोप – 1– पोंटा साहिब में शराब फैक्ट्री 2– मोईन की मीट फैक्ट्री में डायरेक्टर 3– गोरक्षक बताकर सुरक्षा ली, खुद को फर्जी धमकियां दिलवाई 4– CRPF सुरक्षा में 66 करोड़ खर्च
    1
    यूपी | मेरठ से SP विधायक अतुल प्रधान का BJP के फायर ब्रांड नेता संगीत सोम पर बड़ा आरोप –
1– पोंटा साहिब में शराब फैक्ट्री
2– मोईन की मीट फैक्ट्री में डायरेक्टर
3– गोरक्षक बताकर सुरक्षा ली, खुद को फर्जी धमकियां दिलवाई
4– CRPF सुरक्षा में 66 करोड़ खर्च
    user_MAKKI TV NEWS
    MAKKI TV NEWS
    Journalist Meerut, Uttar Pradesh•
    8 hrs ago
  • जनपद हापुड़ के थाना पिलखुवा क्षेत्र अंतर्गत गांव खैरपुर खैराबाद में चोरी की एक बड़ी घटना सामने आई है। बुधवार की रात अज्ञात चोरों ने एक बंद मकान को निशाना बनाते हुए नकदी और कीमती आभूषणों पर हाथ साफ कर दिया। #हापुड़ #पिलखुवा #खैरपुरखैराबाद #हापुड़न्यूज़ #पिलखुवान्यूज़ #यूपीब्रेकिंग #चोरीकीवारदात #घरमेंचोरी #बड़ीखबर #क्राइमन्यूज़ #यूपीपुलिस #पिलखुवापुलिस #हापुड़क्राइम
    1
    जनपद हापुड़ के थाना पिलखुवा क्षेत्र अंतर्गत गांव खैरपुर खैराबाद में चोरी की एक बड़ी घटना सामने आई है। बुधवार की रात अज्ञात चोरों ने एक बंद मकान को निशाना बनाते हुए नकदी और कीमती आभूषणों पर हाथ साफ कर दिया।
#हापुड़
#पिलखुवा
#खैरपुरखैराबाद
#हापुड़न्यूज़
#पिलखुवान्यूज़
#यूपीब्रेकिंग
#चोरीकीवारदात
#घरमेंचोरी
#बड़ीखबर
#क्राइमन्यूज़
#यूपीपुलिस
#पिलखुवापुलिस
#हापुड़क्राइम
    user_Sharafat saifi
    Sharafat saifi
    Journalist हापुड़, हापुड़, उत्तर प्रदेश•
    22 hrs ago
  • आरक्षण की भीख
    1
    आरक्षण की भीख
    user_Kaviraj Himanshu Saini Samaj Sevak
    Kaviraj Himanshu Saini Samaj Sevak
    Youth Social Services Organisation Amroha, Uttar Pradesh•
    11 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.