logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर मुंबई सहित देशभर में योग के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इन आयोजनों में लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और योग को स्वस्थ, सुखी एवं तनावमुक्त जीवन का आधार बताया। मानवाधिकार सुरक्षा एवं संरक्षण ऑर्गेनाइजेशन के तत्वावधान में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में संगठन के पदाधिकारियों और नागरिकों ने योगाभ्यास किया, जिससे समाज को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने का महत्वपूर्ण संदेश मिला। इस दौरान वक्ताओं ने रेखांकित किया कि योग केवल एक व्यायाम नहीं है, बल्कि भारतीय संस्कृति की एक अमूल्य धरोहर है, जो शरीर, मन और आत्मा के बीच गहरा संतुलन स्थापित करती है। रिपोर्टर और सामाजिक कार्यकर्ता सूर्य प्रकाश पाण्डेय ने वर्तमान की भागदौड़ भरी जीवनशैली को देखते हुए योग को समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि नियमित योगाभ्यास से न केवल शारीरिक रोगों से मुक्ति मिलती है, बल्कि मानसिक तनाव, चिंता और अवसाद जैसी समस्याओं से भी राहत मिलती है। पाण्डेय ने सभी नागरिकों से प्रतिदिन कम से कम 30 मिनट योग करने का आग्रह किया। कार्यक्रम के दौरान यह सशक्त संदेश भी दिया गया कि स्वस्थ नागरिक ही सशक्त समाज और एक मजबूत राष्ट्र का निर्माण करते हैं। योग को मानवता, अनुशासन, सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास के विकास का माध्यम भी बताया गया। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के इस महत्वपूर्ण अवसर पर, उपस्थित लोगों ने योग को अपनी दैनिक दिनचर्या का अभिन्न हिस्सा बनाकर 'स्वस्थ भारत' के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया। पूरे कार्यक्रम में "करें योग, रहें निरोग" और "एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य के लिए योग" जैसे प्रेरणादायक संदेश प्रमुखता से गूंजते रहे।

8 hrs ago
user_सूर्य प्रकाश पाण्डेय
सूर्य प्रकाश पाण्डेय
Voice of people Mariahu, Jaunpur•
8 hrs ago
3d798499-04ca-4f20-85f8-228e524098b8

21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर मुंबई सहित देशभर में योग के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इन आयोजनों में लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और योग को स्वस्थ, सुखी एवं तनावमुक्त जीवन का आधार बताया। मानवाधिकार सुरक्षा एवं संरक्षण ऑर्गेनाइजेशन के तत्वावधान में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में संगठन के पदाधिकारियों और नागरिकों ने योगाभ्यास किया, जिससे समाज को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने का महत्वपूर्ण संदेश मिला। इस दौरान वक्ताओं ने रेखांकित किया कि योग केवल एक व्यायाम नहीं है, बल्कि भारतीय संस्कृति की एक अमूल्य धरोहर है, जो शरीर, मन और आत्मा के बीच गहरा संतुलन स्थापित करती है। रिपोर्टर और सामाजिक कार्यकर्ता सूर्य प्रकाश पाण्डेय ने वर्तमान की भागदौड़ भरी जीवनशैली को देखते हुए योग को समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि नियमित योगाभ्यास से न केवल शारीरिक रोगों से मुक्ति मिलती है, बल्कि मानसिक तनाव, चिंता और अवसाद जैसी समस्याओं से भी राहत मिलती है। पाण्डेय ने सभी नागरिकों से प्रतिदिन कम से कम 30 मिनट योग करने का आग्रह किया। कार्यक्रम के दौरान यह सशक्त संदेश भी दिया गया कि स्वस्थ नागरिक ही सशक्त समाज और एक मजबूत राष्ट्र का निर्माण करते हैं। योग को मानवता, अनुशासन, सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास के विकास का माध्यम भी बताया गया। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के इस महत्वपूर्ण अवसर पर, उपस्थित लोगों ने योग को अपनी दैनिक दिनचर्या का अभिन्न हिस्सा बनाकर 'स्वस्थ भारत' के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया। पूरे कार्यक्रम में "करें योग, रहें निरोग" और "एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य के लिए योग" जैसे प्रेरणादायक संदेश प्रमुखता से गूंजते रहे।

More news from Jaunpur and nearby areas
  • सूर्य प्रकाश पाण्डेय और मानवाधिकार सुरक्षा एवं संरक्षण ऑर्गेनाइजेशन की ओर से दिए गए एक संदेश में बताया गया है कि "विनाश काले विपरीत बुद्धि" केवल एक कहावत नहीं, बल्कि जीवन का एक अटल सत्य है। जब मनुष्य पर अहंकार हावी हो जाता है, तब उसकी बुद्धि सही और गलत का अंतर समझने की क्षमता खो देती है। इतिहास और वर्तमान दोनों ही इस बात के गवाह हैं कि अहंकार ने बड़े-बड़े राजाओं, नेताओं, धनवानों और शक्तिशाली व्यक्तियों को पतन की ओर धकेला है। अहंकार मनुष्य को यह भ्रम देता है कि वह सबसे श्रेष्ठ है, उसे किसी की सलाह की आवश्यकता नहीं है, और उसकी हर बात सही है। यही सोच धीरे-धीरे उसके विवेक को नष्ट कर देती है। जब बुद्धि पर अहंकार का पर्दा पड़ जाता है, तब व्यक्ति अपने शुभचिंतकों की बात सुनना भी बंद कर देता है और गलत निर्णय लेने लगता है। रामायण में रावण और महाभारत में दुर्योधन इसके सबसे बड़े उदाहरण प्रस्तुत करते हैं। ज्ञान, शक्ति और वैभव होने के बावजूद अहंकार ने उनकी बुद्धि को भ्रमित कर दिया और अंततः उनका सर्वनाश हुआ। यह संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक है, क्योंकि आज के समय में भी जब व्यक्ति धन, पद या प्रतिष्ठा प्राप्त कर लेता है, तो कई बार वह दूसरों को तुच्छ समझने लगता है और यह भूल जाता है कि समय हमेशा एक जैसा नहीं रहता। जीवन में सफलता जितनी महत्वपूर्ण है, उतना ही महत्वपूर्ण है विनम्र बने रहना। विनम्रता मनुष्य को महान बनाती है, जबकि अहंकार उसे अकेला और कमजोर कर देता है। जो व्यक्ति दूसरों का सम्मान करता है, वह समाज में सम्मान पाता है, लेकिन जो अहंकार में डूब जाता है, वह धीरे-धीरे अपने रिश्ते, मित्र और सम्मान सब कुछ खो देता है। आज आवश्यकता इस बात की है कि हम सफलता मिलने पर भी अपने संस्कार, विनम्रता और मानवता को न भूलें, क्योंकि जीवन का सबसे बड़ा ज्ञान यही है कि अहंकार का अंत विनाश है और विनम्रता का परिणाम सम्मान है। संदेश में जोर दिया गया है कि "जब मनुष्य के भीतर अहंकार बढ़ता है, तब उसका पतन शुरू हो जाता है। इसलिए जीवन में हमेशा विनम्र रहें, क्योंकि झुकने वाला वृक्ष ही फल देता है और अकड़ने वाला वृक्ष सबसे पहले टूटता है।"
    1
    सूर्य प्रकाश पाण्डेय और मानवाधिकार सुरक्षा एवं संरक्षण ऑर्गेनाइजेशन की ओर से दिए गए एक संदेश में बताया गया है कि "विनाश काले विपरीत बुद्धि" केवल एक कहावत नहीं, बल्कि जीवन का एक अटल सत्य है। जब मनुष्य पर अहंकार हावी हो जाता है, तब उसकी बुद्धि सही और गलत का अंतर समझने की क्षमता खो देती है। इतिहास और वर्तमान दोनों ही इस बात के गवाह हैं कि अहंकार ने बड़े-बड़े राजाओं, नेताओं, धनवानों और शक्तिशाली व्यक्तियों को पतन की ओर धकेला है।

अहंकार मनुष्य को यह भ्रम देता है कि वह सबसे श्रेष्ठ है, उसे किसी की सलाह की आवश्यकता नहीं है, और उसकी हर बात सही है। यही सोच धीरे-धीरे उसके विवेक को नष्ट कर देती है। जब बुद्धि पर अहंकार का पर्दा पड़ जाता है, तब व्यक्ति अपने शुभचिंतकों की बात सुनना भी बंद कर देता है और गलत निर्णय लेने लगता है।

रामायण में रावण और महाभारत में दुर्योधन इसके सबसे बड़े उदाहरण प्रस्तुत करते हैं। ज्ञान, शक्ति और वैभव होने के बावजूद अहंकार ने उनकी बुद्धि को भ्रमित कर दिया और अंततः उनका सर्वनाश हुआ। यह संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक है, क्योंकि आज के समय में भी जब व्यक्ति धन, पद या प्रतिष्ठा प्राप्त कर लेता है, तो कई बार वह दूसरों को तुच्छ समझने लगता है और यह भूल जाता है कि समय हमेशा एक जैसा नहीं रहता।

जीवन में सफलता जितनी महत्वपूर्ण है, उतना ही महत्वपूर्ण है विनम्र बने रहना। विनम्रता मनुष्य को महान बनाती है, जबकि अहंकार उसे अकेला और कमजोर कर देता है। जो व्यक्ति दूसरों का सम्मान करता है, वह समाज में सम्मान पाता है, लेकिन जो अहंकार में डूब जाता है, वह धीरे-धीरे अपने रिश्ते, मित्र और सम्मान सब कुछ खो देता है। आज आवश्यकता इस बात की है कि हम सफलता मिलने पर भी अपने संस्कार, विनम्रता और मानवता को न भूलें, क्योंकि जीवन का सबसे बड़ा ज्ञान यही है कि अहंकार का अंत विनाश है और विनम्रता का परिणाम सम्मान है। संदेश में जोर दिया गया है कि "जब मनुष्य के भीतर अहंकार बढ़ता है, तब उसका पतन शुरू हो जाता है। इसलिए जीवन में हमेशा विनम्र रहें, क्योंकि झुकने वाला वृक्ष ही फल देता है और अकड़ने वाला वृक्ष सबसे पहले टूटता है।"
    user_सूर्य प्रकाश पाण्डेय
    सूर्य प्रकाश पाण्डेय
    Voice of people Mariahu, Jaunpur•
    7 hrs ago
  • वाराणसी पुलिसलाइन में एक भव्य योग दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम में शामिल होकर उन्होंने स्वास्थ्य और फिटनेस का महत्वपूर्ण संदेश दिया, साथ ही लोगों से योग को अपने जीवन का हिस्सा बनाने की अपील भी की। सुबह 6 बजे से शुरू हुए इस योग कार्यक्रम में पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल के साथ सैकड़ों योग साधक मौजूद रहे। इस अवसर पर एडिशनल कमिश्नर, डीसीपी, एडीसीपी, एसीपी जैसे वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी भी उपस्थित थे।
    1
    वाराणसी पुलिसलाइन में एक भव्य योग दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम में शामिल होकर उन्होंने स्वास्थ्य और फिटनेस का महत्वपूर्ण संदेश दिया, साथ ही लोगों से योग को अपने जीवन का हिस्सा बनाने की अपील भी की। सुबह 6 बजे से शुरू हुए इस योग कार्यक्रम में पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल के साथ सैकड़ों योग साधक मौजूद रहे। इस अवसर पर एडिशनल कमिश्नर, डीसीपी, एडीसीपी, एसीपी जैसे वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी भी उपस्थित थे।
    user_गजेन्द्र कुमार सिंह
    गजेन्द्र कुमार सिंह
    Pindra, Varanasi•
    3 hrs ago
  • मछलीशहर तहसील में उपजिलाधिकारी अजय कुमार उपाध्याय की अध्यक्षता में एक संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। इस आयोजन में विभिन्न मुद्दों पर सुनवाई की गई।
    1
    मछलीशहर तहसील में उपजिलाधिकारी अजय कुमार उपाध्याय की अध्यक्षता में एक संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। इस आयोजन में विभिन्न मुद्दों पर सुनवाई की गई।
    user_Dharmendra Giri
    Dharmendra Giri
    मछलीशहर, जौनपुर, उत्तर प्रदेश•
    13 hrs ago
  • ज्ञानपुर, भदोही के लिए यह एक ऐतिहासिक क्षण है, जहाँ 75 वर्षों से शिक्षा का केंद्र रहे काशी नरेश राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय को अब विश्वविद्यालय का दर्जा मिल गया है। इसके साथ ही संस्थान का नया नाम काशी नरेश विश्वविद्यालय हो गया है। 1951 में स्थापित इस संस्थान ने हजारों विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा प्रदान की है, और अब मुख्य प्रवेश द्वार पर नया नाम अंकित होने के साथ ही महाविद्यालय की 75 वर्षों पुरानी पहचान इतिहास का हिस्सा बन गई है। विश्वविद्यालय बनने के बाद, क्षेत्र के छात्रों को शिक्षा, शोध और नए पाठ्यक्रमों के बेहतर अवसर मिलेंगे। इस ऐतिहासिक घटनाक्रम के साथ, काशी नरेश विश्वविद्यालय के गठन, इसके इतिहास और महत्व से जुड़ी पूरी जानकारी अब और भी महत्वपूर्ण हो गई है।
    1
    ज्ञानपुर, भदोही के लिए यह एक ऐतिहासिक क्षण है, जहाँ 75 वर्षों से शिक्षा का केंद्र रहे काशी नरेश राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय को अब विश्वविद्यालय का दर्जा मिल गया है। इसके साथ ही संस्थान का नया नाम काशी नरेश विश्वविद्यालय हो गया है। 1951 में स्थापित इस संस्थान ने हजारों विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा प्रदान की है, और अब मुख्य प्रवेश द्वार पर नया नाम अंकित होने के साथ ही महाविद्यालय की 75 वर्षों पुरानी पहचान इतिहास का हिस्सा बन गई है।

विश्वविद्यालय बनने के बाद, क्षेत्र के छात्रों को शिक्षा, शोध और नए पाठ्यक्रमों के बेहतर अवसर मिलेंगे। इस ऐतिहासिक घटनाक्रम के साथ, काशी नरेश विश्वविद्यालय के गठन, इसके इतिहास और महत्व से जुड़ी पूरी जानकारी अब और भी महत्वपूर्ण हो गई है।
    user_NEWS TIME UP
    NEWS TIME UP
    Waiter/Waitress भदोही, भदोही, उत्तर प्रदेश•
    16 hrs ago
  • भदोही के ज्ञानपुर के लिए एक ऐतिहासिक पल में, 75 वर्षों से शिक्षा के केंद्र रहे काशी नरेश राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय को अब विश्वविद्यालय का दर्जा मिल गया है। इसके साथ ही इस प्रतिष्ठित संस्थान को नया नाम 'काशी नरेश विश्वविद्यालय' मिला है। मुख्य प्रवेश द्वार पर भी नए नाम का अंकन कर दिया गया है, जिससे महाविद्यालय की 75 वर्षों पुरानी पहचान अब इतिहास का हिस्सा बन गई है। वर्ष 1951 में स्थापित हुए इस संस्थान ने अब तक हजारों विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा प्रदान की है। अब विश्वविद्यालय बनने के बाद, क्षेत्र के छात्रों को शिक्षा, शोध और नए पाठ्यक्रमों के लिए बेहतर अवसर प्राप्त होंगे। यह वीडियो काशी नरेश विश्वविद्यालय के गठन, इसके समृद्ध इतिहास और भविष्य में इसके महत्व से जुड़ी विस्तृत जानकारी प्रस्तुत करता है। ऐसी ही ताजा और विश्वसनीय खबरों के लिए चैनल को सब्सक्राइब करने, वीडियो को लाइक और शेयर करने का भी आग्रह किया गया है।
    1
    भदोही के ज्ञानपुर के लिए एक ऐतिहासिक पल में, 75 वर्षों से शिक्षा के केंद्र रहे काशी नरेश राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय को अब विश्वविद्यालय का दर्जा मिल गया है। इसके साथ ही इस प्रतिष्ठित संस्थान को नया नाम 'काशी नरेश विश्वविद्यालय' मिला है। मुख्य प्रवेश द्वार पर भी नए नाम का अंकन कर दिया गया है, जिससे महाविद्यालय की 75 वर्षों पुरानी पहचान अब इतिहास का हिस्सा बन गई है।

वर्ष 1951 में स्थापित हुए इस संस्थान ने अब तक हजारों विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा प्रदान की है। अब विश्वविद्यालय बनने के बाद, क्षेत्र के छात्रों को शिक्षा, शोध और नए पाठ्यक्रमों के लिए बेहतर अवसर प्राप्त होंगे।

यह वीडियो काशी नरेश विश्वविद्यालय के गठन, इसके समृद्ध इतिहास और भविष्य में इसके महत्व से जुड़ी विस्तृत जानकारी प्रस्तुत करता है। ऐसी ही ताजा और विश्वसनीय खबरों के लिए चैनल को सब्सक्राइब करने, वीडियो को लाइक और शेयर करने का भी आग्रह किया गया है।
    user_Gufran Patrakar
    Gufran Patrakar
    Reporter भदोही, भदोही, उत्तर प्रदेश•
    16 hrs ago
  • डोभी मंडल के शक्ति केंद्र हिसामपुर ग्राम पंचायत बोदरी में एक महत्वपूर्ण बैठक सफलतापूर्वक संपन्न हुई। इस बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में पंकज सिंह उपस्थित रहे। उनके साथ मंडल उपाध्यक्ष अच्छेलाल राजभर और शक्ति केंद्र संयोजक दशरथ तिवारी भी प्रमुख रूप से मौजूद थे।
    4
    डोभी मंडल के शक्ति केंद्र हिसामपुर ग्राम पंचायत बोदरी में एक महत्वपूर्ण बैठक सफलतापूर्वक संपन्न हुई। इस बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में पंकज सिंह उपस्थित रहे। उनके साथ मंडल उपाध्यक्ष अच्छेलाल राजभर और शक्ति केंद्र संयोजक दशरथ तिवारी भी प्रमुख रूप से मौजूद थे।
    user_अच्छेलाल राजभर पत्रकार
    अच्छेलाल राजभर पत्रकार
    Insurance Agent केराकत, जौनपुर, उत्तर प्रदेश•
    14 min ago
  • पितृ दिवस के पावन अवसर पर मानवाधिकार सुरक्षा एवं संरक्षण ऑर्गेनाइजेशन ने सभी सम्मानित पिताओं को हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई दी। इस अवसर पर परिवार और समाज में पिता के महत्व को रेखांकित करते हुए संगठन ने कहा कि "पिता ही जीवन है, पिता ही प्यार है, पिता ही पूरा संसार है। पिता हैं तो परिवार है।" ऑर्गेनाइजेशन के पदाधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि पिता परिवार की वह मजबूत नींव होते हैं जो अपने बच्चों के सुखद भविष्य के लिए निरंतर संघर्ष करते हैं। उनके अनुसार, पिता अपने परिवार की खुशियों, शिक्षा, सुरक्षा और संस्कारों के लिए जीवनभर समर्पित रहते हैं, और उनके त्याग, परिश्रम तथा मार्गदर्शन से ही परिवार व समाज का विकास संभव होता है। इस दौरान, लोगों से आह्वान किया गया कि वे अपने माता-पिता, विशेषकर पिता के प्रति सम्मान, आदर और कृतज्ञता व्यक्त करें। वक्ताओं ने आधुनिक जीवन की व्यस्तताओं के बीच भी माता-पिता के साथ समय बिताने और उनके योगदान को कभी न भूलने का संदेश दिया। संगठन की ओर से सभी पिताओं के स्वस्थ, सुखी एवं दीर्घायु जीवन की कामना करते हुए पितृ दिवस की शुभकामनाएं प्रेषित की गईं, यह दोहराते हुए कि "पिता का साया जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है, उनका सम्मान और आशीर्वाद ही परिवार की वास्तविक शक्ति है।" रिपोर्टर सूर्य प्रकाश पाण्डेय ने यह जानकारी दी।
    1
    पितृ दिवस के पावन अवसर पर मानवाधिकार सुरक्षा एवं संरक्षण ऑर्गेनाइजेशन ने सभी सम्मानित पिताओं को हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई दी। इस अवसर पर परिवार और समाज में पिता के महत्व को रेखांकित करते हुए संगठन ने कहा कि "पिता ही जीवन है, पिता ही प्यार है, पिता ही पूरा संसार है। पिता हैं तो परिवार है।"

ऑर्गेनाइजेशन के पदाधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि पिता परिवार की वह मजबूत नींव होते हैं जो अपने बच्चों के सुखद भविष्य के लिए निरंतर संघर्ष करते हैं। उनके अनुसार, पिता अपने परिवार की खुशियों, शिक्षा, सुरक्षा और संस्कारों के लिए जीवनभर समर्पित रहते हैं, और उनके त्याग, परिश्रम तथा मार्गदर्शन से ही परिवार व समाज का विकास संभव होता है।

इस दौरान, लोगों से आह्वान किया गया कि वे अपने माता-पिता, विशेषकर पिता के प्रति सम्मान, आदर और कृतज्ञता व्यक्त करें। वक्ताओं ने आधुनिक जीवन की व्यस्तताओं के बीच भी माता-पिता के साथ समय बिताने और उनके योगदान को कभी न भूलने का संदेश दिया। संगठन की ओर से सभी पिताओं के स्वस्थ, सुखी एवं दीर्घायु जीवन की कामना करते हुए पितृ दिवस की शुभकामनाएं प्रेषित की गईं, यह दोहराते हुए कि "पिता का साया जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है, उनका सम्मान और आशीर्वाद ही परिवार की वास्तविक शक्ति है।" रिपोर्टर सूर्य प्रकाश पाण्डेय ने यह जानकारी दी।
    user_सूर्य प्रकाश पाण्डेय
    सूर्य प्रकाश पाण्डेय
    Voice of people Mariahu, Jaunpur•
    8 hrs ago
  • महाराष्ट्र के परभणी जिले में स्थित यशवाड़ी देवस्थान के हनुमान मंदिर के हॉल की छत गिरने से एक बड़ा हादसा हो गया है। इस घटना में 30 से 40 श्रद्धालु घायल हुए हैं। शुरुआती रिपोर्ट्स के अनुसार, इस दुखद हादसे में कुछ लोगों की मौत होने की भी खबर है, जिससे कइयों के हताहत होने की जानकारी मिल रही है।
    1
    महाराष्ट्र के परभणी जिले में स्थित यशवाड़ी देवस्थान के हनुमान मंदिर के हॉल की छत गिरने से एक बड़ा हादसा हो गया है। इस घटना में 30 से 40 श्रद्धालु घायल हुए हैं। शुरुआती रिपोर्ट्स के अनुसार, इस दुखद हादसे में कुछ लोगों की मौत होने की भी खबर है, जिससे कइयों के हताहत होने की जानकारी मिल रही है।
    user_Sapna vyas
    Sapna vyas
    Viral news Jaunpur, Uttar Pradesh•
    18 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.