किराए के मकान में सड़ा-गला शव मिलने से सनसनी, सामने कमरे में रह रहा था पुलिस का सिपाही—सवाल जो जनता पूँछ रही है —जब शव कई दिन पुराना था तो सामने कमरे में रह रहे सिपाही को बदबू पहले क्यों नहीं आई? अगर बदबू से दुकानदारों का बैठना मुश्किल हो गया, तो पुलिस को सूचना देने में इतनी देर क्यों हुई? क्या नन्हें की मौत होली से पहले ही हो चुकी थी? अगर हाँ, तो इतने दिन तक किसी ने उसकी खोज-खबर क्यों नहीं ली? अकेले रह रहे नन्हें की मौत… क्या यह महज़ संयोग है या किसी साजिश की परत छिपी है? मकान में कई किरायेदार रहते थे, कुछ चले गए, फिर भी सिपाही नहीं गया तो कई दिन तक कोई हलचल क्यों नहीं दिखी? क्या पुलिस इस मामले की गहराई से जांच करेगी या इसे सामान्य मौत मानकर फाइल बंद हो जाएगी? शाहाबाद (हरदोई) 7 मार्च। कोतवाली क्षेत्र के अल्लाहपुर तिराहा स्थित एक किराए के मकान में अधेड़ का सड़ा-गला शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। शव कमरे से जुड़े बाथरूम में पड़ा मिला। कई दिन पुराना शव होने के कारण मकान और आसपास के इलाके में तेज बदबू फैल गई, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। बताया गया कि मृतक की पहचान नन्हें (करीब 45 वर्ष) निवासी ग्राम हैदरपुर के रूप में हुई है। वह नगर की एक आरामशीन पर बंधुआ मजदूर के रूप में काम करता था और अल्लाहपुर तिराहा पर जियाउद्दीन के मकान में किराए के एक कमरे में रहता था। इसी मकान के दूसरे कमरे में पीआरवी का आरक्षी अनूप भी किराए पर रह रहा है। होली की छुट्टियों में जहां मकान के अन्य सभी किरायेदार अपने-अपने घर चले गए थे, वहीं सिपाही अनूप और मृतक नन्हें ही मकान में मौजूद बताए जा रहे हैं। सूत्रों और पड़ोसियों के मुताबिक मृतक की पत्नी की कई वर्ष पहले मौत हो चुकी थी और वह अकेले ही जीवन यापन कर रहा था। सहानुभूति के तौर पर कभी-कभी सिपाही की पत्नी उसे खाना भी दे देती थी, लेकिन होली के मौके पर वह बच्चों के साथ मायके चली गई थी। बताया जा रहा है कि कमरे के बाथरूम में पड़ा शव काफी दिन पुराना है और संभवतः होली से पहले ही उसकी मौत हो चुकी थी। शव सड़ने के कारण जब आसपास की दुकानों और मकानों में तेज बदबू फैलने लगी तो लोगों का वहां बैठना तक मुश्किल हो गया। इसके बाद मामले की जानकारी पुलिस तक पहुंची। हालांकि पुलिस और कुछ पड़ोसियों का कहना है कि मकान में रह रहे सिपाही ने ही बदबू आने पर सूचना दी, लेकिन लोगों में यह सवाल भी उठ रहे हैं कि जब शव कई दिन पुराना था तो सामने कमरे में रह रहे व्यक्ति को इसकी भनक पहले क्यों नहीं लगी। वर्जन: पुलिस का कहना है कि शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। मौत के कारणों की जांच की जा रही है। रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी, उसके बाद विधिक कार्यवाही की जाएगी। मकान मालिक जियाउद्दीन ने बताया कि वो नन्हे से किराया नहीं लेते थे। उसे उनके बेटे चाँदमियाँ ने मकान में रखा था, चाँदमियाँ का इन्तेकाल करीब दो माह पूर्व हो चुका है।
किराए के मकान में सड़ा-गला शव मिलने से सनसनी, सामने कमरे में रह रहा था पुलिस का सिपाही—सवाल जो जनता पूँछ रही है —जब शव कई दिन पुराना था तो सामने कमरे में रह रहे सिपाही को बदबू पहले क्यों नहीं आई? अगर बदबू से दुकानदारों का बैठना मुश्किल हो गया, तो पुलिस को सूचना देने में इतनी देर क्यों हुई? क्या नन्हें की मौत होली से पहले ही हो चुकी थी? अगर हाँ, तो इतने दिन तक किसी ने उसकी खोज-खबर क्यों नहीं ली? अकेले रह रहे नन्हें की मौत… क्या यह महज़ संयोग है या किसी साजिश की परत छिपी है? मकान में कई किरायेदार रहते थे, कुछ चले गए, फिर भी सिपाही नहीं गया तो कई दिन तक कोई हलचल क्यों नहीं दिखी? क्या पुलिस इस मामले की गहराई से जांच
करेगी या इसे सामान्य मौत मानकर फाइल बंद हो जाएगी? शाहाबाद (हरदोई) 7 मार्च। कोतवाली क्षेत्र के अल्लाहपुर तिराहा स्थित एक किराए के मकान में अधेड़ का सड़ा-गला शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। शव कमरे से जुड़े बाथरूम में पड़ा मिला। कई दिन पुराना शव होने के कारण मकान और आसपास के इलाके में तेज बदबू फैल गई, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। बताया गया कि मृतक की पहचान नन्हें (करीब 45 वर्ष) निवासी ग्राम हैदरपुर के रूप में हुई है। वह नगर की एक आरामशीन पर बंधुआ मजदूर के रूप में काम करता था और अल्लाहपुर तिराहा पर जियाउद्दीन के मकान में किराए के एक कमरे में रहता था। इसी मकान के दूसरे कमरे में पीआरवी का आरक्षी अनूप भी किराए पर रह रहा है।
होली की छुट्टियों में जहां मकान के अन्य सभी किरायेदार अपने-अपने घर चले गए थे, वहीं सिपाही अनूप और मृतक नन्हें ही मकान में मौजूद बताए जा रहे हैं। सूत्रों और पड़ोसियों के मुताबिक मृतक की पत्नी की कई वर्ष पहले मौत हो चुकी थी और वह अकेले ही जीवन यापन कर रहा था। सहानुभूति के तौर पर कभी-कभी सिपाही की पत्नी उसे खाना भी दे देती थी, लेकिन होली के मौके पर वह बच्चों के साथ मायके चली गई थी। बताया जा रहा है कि कमरे के बाथरूम में पड़ा शव काफी दिन पुराना है और संभवतः होली से पहले ही उसकी मौत हो चुकी थी। शव सड़ने के कारण जब आसपास की दुकानों और मकानों में तेज बदबू फैलने लगी तो लोगों का वहां बैठना तक मुश्किल हो गया।
इसके बाद मामले की जानकारी पुलिस तक पहुंची। हालांकि पुलिस और कुछ पड़ोसियों का कहना है कि मकान में रह रहे सिपाही ने ही बदबू आने पर सूचना दी, लेकिन लोगों में यह सवाल भी उठ रहे हैं कि जब शव कई दिन पुराना था तो सामने कमरे में रह रहे व्यक्ति को इसकी भनक पहले क्यों नहीं लगी। वर्जन: पुलिस का कहना है कि शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। मौत के कारणों की जांच की जा रही है। रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी, उसके बाद विधिक कार्यवाही की जाएगी। मकान मालिक जियाउद्दीन ने बताया कि वो नन्हे से किराया नहीं लेते थे। उसे उनके बेटे चाँदमियाँ ने मकान में रखा था, चाँदमियाँ का इन्तेकाल करीब दो माह पूर्व हो चुका है।
- ***से भी*Karwi, Chitrakoot🙏on 8 March
- Post by Ankit Singh4
- नगर पालिका में 3महीने से ज्यादा समय हो गया है और कई बार शिकायत पत्र दिये हुऐ हैं अभी तक समस्या का समाधान नहीं हुआ है न कोई सड़क बनी और न कोई साफ-सफाई हुई है ना ही कोई नाला बना अधिकारी शिकायत को अनदेखा कर देते है कुछ दिनो के बाद बरसात का पानी मोहल्ले के घरों में भर जायेगा और कई हफ्तों तक भरा रहता है लेकिन नगर पालिका के अधिकारीयों को शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं करना चाहते3
- #हरदोई। जनपद के अरवल थाना क्षेत्र के इस्माइलपुर गांव में अज्ञात कारणों से खलिहान में भीषण आग लग गई। इस अग्निकांड में किसान की लगभग पांच बीघा गेहूं की फसल जलकर पूरी तरह राख हो गई। ग्रामीणों ने घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद जैसे-तैसे आग पर काबू पाया।1
- हरदोई: बीच सड़क 'सुल्तान' बने दो युवक, पुलिस लाइन के सामने जमकर चले लात-घूंसे!वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल...... #ViralVideo #RoadFight #DesiDangal #StreetFight #ViralNews #Kalesh #SocialMediaViral #TrendingNow #बीच_सड़क_दंगल #दे_दना_दन #सुल्तान_ऑफ_हरदोई #बिना_बात_का_बवाल #SavageHardoi #CityKotwali #PoliceLineHardoi #UPPolice #LawAndOrder1
- रिपोर्टर: रजनीश शर्मा, चन्दन हरदोई हरदोई जनपद के टड़ियावां थाना क्षेत्र में ज्वेलर्स के साथ हुई लूट की सनसनीखेज घटना के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए आईजी जोन लखनऊ, किरण एस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान आईजी ने पीड़ित ज्वेलर्स से मुलाकात कर घटना की विस्तृत जानकारी ली और उन्हें जल्द न्याय दिलाने का आश्वासन दिया। उन्होंने मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि घटना का शीघ्र खुलासा किया जाए और आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए। आईजी किरण एस ने स्पष्ट किया कि इस मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने पुलिस टीम को सक्रियता और तत्परता के साथ जांच आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। फिलहाल पुलिस टीम विभिन्न पहलुओं पर जांच कर रही है और संदिग्धों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।2
- उत्तरप्रदेश के हरदोई से सबसे बड़ी खबर… धर्म पर आपत्तिजनक टिप्पणी कर जेल जा चुका एक शख्स…अब करोड़ों की सरकारी जमीन पर कब्जे के आरोपों में घिरा है! इसलिए सवाल सीधा है — 👉 क्या कानून सिर्फ आम लोगों के लिए है? 👉 या रसूखदारों के लिए अलग संविधान चलता है? 👇 समझिए हरदोई के सवायजपुर इलाके से बड़ा खुलासा…आरोप है कि 1975 में ग्राम समाज की जमीन पर कब्जा कर जनता इंटर कॉलेज की नींव रखी गई…अब भूलेख के रिकॉर्ड खुद गवाही दे रहे हैं — 👉 7.79 हेक्टेयर जमीन 👉 15 खसरे 👉 और करोड़ों की कीमत यानि सवाल सिर्फ कब्जे का नहीं… 👉 पूरा सिस्टम कटघरे में है! 🔥 पहला सवाल: क्या सरकारी जमीन पर कब्जा करके कॉलेज खड़ा करना अपराध नहीं है? 🔥 दूसरा सवाल: 1999 में नामांतरण कैसे हुआ? 👉 किसके दबाव में हुआ? 👉 किसने फाइल पास की? 🔥 तीसरा सवाल: अगर जमीन “नवीन परती” थी… तो “मशरूक” बनने की कहानी क्या है? 🔥 चौथा सवाल: क्या यह पूरा खेल राजनीतिक संरक्षण का है? 🔥 पाँचवां और सबसे बड़ा सवाल: 👉 कब खाली होगी ये जमीन? 👉 कब चलेगा बुलडोज़र? सूत्र बताते हैं… 👉 पहले शिक्षक था… 👉 फिर विवादों में आया… 👉 और अब जमीन के खेल का बड़ा खिलाड़ी बन बैठा! और फिर सनातन समाज पर अपने साथियों के साथ चढ़ बैठा, और आखिर एक सभा में यही अकेला नहीं बल्कि इसके साथ कई सिरफिरे धर्म, सभ्यता, सनातन के विरुद्ध बोले लेकिन अभी तक जो कार्यवाही हुईं 👇 वह मामूली क्यों? कथित नेता के परिवार का दबदबा इतना कि…👇 👉 चुनाव में विरोध करने वालों पर कराए मुकदमे! 👇 क्या यही है लोकतंत्र? प्रशासन से सीधा सवाल 👇 तहसीलदार कहते हैं — “आपत्ति आएगी तो जांच करेंगे…” लेकिन सवाल ये है — 👉 क्या इतनी बड़ी जमीन पर कब्जे के लिए भी “आपत्ति” का इंतजार होगा? 👉 क्या प्रशासन खुद संज्ञान नहीं ले सकता? 👉क्या जनपद के डीएम और इलाके के एसडीएम को सत्ता विरोधी और समाज विरोधी शख्स की तानाशाही के मामलों में भी स्वतः संज्ञान लेने में दिक्क़त है? 👉 क्या डीएम चाहें तो मुख्यमंत्री के संज्ञान में मामले का ज्ञान नहीं दे सकते हैं? 👉क्या डीएम को भी कार्यवाही के लिए किसी अनुमति की आवश्यकता है? 👉देश में बुलडोज़र कार्रवाई की मिसालें दी जाती हैं…लेकिन यहां…👇 👉 दशकों से कब्जा… और सिर्फ जांच की बात! तो क्या ये मान लिया जाए कि — 👉 रसूखदारों के आगे कानून बेबस है? 👉क्या इस जिले में भूमाफियाओं के सामने कानून फेल है? 👉 क्या जिले भर के भूमाफियायों की राजस्व अभिलेखागार तक दखलअंदाजी की चर्चाएं सही है? 👉 क्या भूमाफियाओं के सामने प्रशासन वेवश है? 👉 आखिर कब तक चलता रहेगा जमीनों के कब्जे में प्रशासनिक मिलीभगत का ये खेल? 👉 आखिर कब होगी यदुनंदन एवं अन्य भू माफियाओं तथा मिले हुए अफसरों पर सख्त कार्रवाई? 👉 और कब यदुनंदन के कब्जे से सरकारी जमीन होगी कब्जा मुक्त? कुल मिलाकर जब तक नहीं होगी कब्ज़ामुक्त तब तक 👇 हम पूछेंगे… बार-बार पूछेंगे… क्योंकि ये सवाल सिर्फ जमीन का नहीं… 👉 न्याय और सिस्टम की साख का है! 👉 तो क्या सिस्टम अपनी साख बचाएगा?1
- jaago news ✍️ जनपद हरदोई। शुक्रवार को ग्राम बिहट, नेवादा में होली मिलन समारोह का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें क्षेत्र के हजारों लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। *कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश सरकार की उच्च शिक्षा मंत्री रजनी तिवारी जी का आगमन हुआ।* उनके स्वागत में ग्रामीणों ने उत्साह और सम्मान के साथ भागीदारी निभाई, जिससे पूरे कार्यक्रम का माहौल उत्सवमय हो गया। अपने संबोधन में मंत्री रजनी तिवारी जी ने शाहाबाद क्षेत्र में कराए गए विकास कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में अनेक योजनाओं के माध्यम से बुनियादी सुविधाओं को मजबूत किया गया है। विशेष रूप से शाहाबाद में बनाए गए ओवरब्रिज का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि पहले यहां यात्री घंटों जाम में फंसे रहते थे, लेकिन अब इस समस्या से काफी हद तक राहत मिल गई है और आवागमन सुगम हो गया है। कार्यक्रम के दौरान ग्राम बिहट नेवादा के कुछ ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं मंत्री जी के समक्ष रखीं। उच्च शिक्षा मंत्री ने सभी की समस्याओं को गंभीरता से सुना और उनके शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया। इससे उपस्थित लोगों में संतोष और विश्वास का वातावरण देखने को मिला। इस आयोजन में *ब्लाक प्रमुख टोडरपुर श्यामू जी* एवं ग्राम बिहट के प्रधान सूरज कुमार, टोडरपुर ब्लॉक के मंडल अध्यक्ष राघवेन्द्र सिंह, पूर्व प्रधान राम सहाय, पूर्व प्रधान भिस्मभर, अनिल सिंह कोटेदार (मसफना), कुलदीप सिंह (मसफना), पत्रकार आलोक सिंह (मसफना), राजीव द्विवेदी (मंडल उपाध्यक्ष), प्यारेलाल (केंद्र संयोजक), अवधेश , झल्लू (प्रधान कोठवा), राजीव (कोटेदार) सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम ने सामाजिक एकता, भाईचारे और आपसी सौहार्द का संदेश देते हुए ग्रामीणों में नई ऊर्जा का संचार किया।1
- ankit singh Kanpur jila dabali gaon3