*मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने महाकाल लोक से पीएम ई-बस सेवा एवं उज्जैन दर्शन सेवा का शुभारंभ किया* *स्वयं भी बस में सफर किया* उज्जैन, 27 सितंबर ।प्रदेश में सुगम, सुरक्षित और आधुनिक सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को गति देते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को श्री महाकाल लोक के अन्नक्षेत्र पार्किंग परिसर में पीएम ई-बस सेवा तथा उज्जैन दर्शन सेवा का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शक्ति पथ, महाकाल लोक से बसों को झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर वेदपाठी बटुकों के द्वारा वेद मंत्रों का वाचन किया गया और डमरू वादन भी किया गया। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने इस अवसर पर कहा कि मैं भगवान श्री महाकालेश्वर को प्रणाम करता हूं । आज उनकी नगरी में एक अद्भुत अलग प्रकार का दिन है। एक के बाद एक शहर को रोज एक नई सौगात मिल रही है । रोज नए प्रकार के विकास के कीर्तिमान बन रहे हैं । 21 साल पहले राज्य परिवहन निगम की बसें चला करती थीं , फिर किसी कारण से सार्वजनिक परिवहन बसों को बंद करना पड़ा । हमने वह अभाव आज पूरा किया है। राज्य परिवहन निगम की बसें एक राज्य से दूसरे राज्य जाएंगी । शहर के अंदर नगरीय स्तर पर भी बसें चलाई जाएंगी । उज्जैन में धार्मिक पर्यटन केंद्र के लिए 10 बसों की सौगात मिल रही है। हम सब इसमें यात्रा करेंगे। कार्यक्रम में सांसद श्री अनिल फिरोजिया, राज्यसभा सांसद बाल योगी उमेश नाथ जी महाराज, डॉ लता वानखेड़े, महापौर श्री मुकेश टटवाल, मध्य प्रदेश हाउसिंग बोर्ड के अध्यक्ष श्री ओम जैन, सिंहस्थ मेला प्राधिकरण समिति के अध्यक्ष श्री जगदीश अग्रवाल, श्री संजय अग्रवाल, श्री विवेक जोशी, श्री राजेंद्र भारती, श्री जगदीश पांचाल, श्री प्रभुलाल जाटवा, एडीजी श्री राकेश गुप्ता, डीआईजी श्री नवनीत भसीन, संभागायुक्त श्री आशीष सिंह,कलेक्टर श्री रौशन कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक श्री प्रदीप शर्मा, सीईओ जिला पंचायत श्री श्रेयांस कूमट, नगर निगम आयुक्त श्री अभिलाष मिश्रा, सीईओ स्मार्ट सिटी श्री संदीप सोनी, अधीक्षण यंत्री श्री के ही मालवीय एवं अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री डॉ यादव द्वारा प्रदेशवासियों का सफर सुगम बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा एवं ई-बस सेवा का शुभारंभ किया गया है। उज्जैन में यह सेवा श्रद्धालुओं, पर्यटकों और नगरवासियों को एक ही व्यवस्था के अंतर्गत प्रमुख धार्मिक एवं दर्शनीय स्थलों तक पहुंचाने का माध्यम बनेगी। *उज्जैन दर्शन मार्ग* उज्जैन दर्शन सेवा का निर्धारित मार्ग मेघदूत वन पार्किंग से प्रारंभ होकर महाकाल लोक, हरसिद्धि मंदिर, क्षिप्रा नदी, ऋणमुक्तेश्वर महादेव, भर्तृहरि गुफा, गढ़ कालिका माता मंदिर, काल भैरव मंदिर, सिद्धवट मंदिर, अंगारेश्वर मंदिर, मंगलनाथ मंदिर, सांदीपनि आश्रम, भूखी माता मंदिर, चिंतामण गणेश मंदिर, अष्ट विनायक मंदिर, शनि नवग्रह मंदिर, इस्कॉन मंदिर, बस स्टैंड एवं उज्जैन रेलवे स्टेशन होते हुए पुनः मेघदूत वन पार्किंग पर समाप्त होगा। इसका शुल्क ₹200 मात्र होगा , यूपीआई के माध्यम से पेमेंट कर सकेंगे । यह बसें पूर्ण रूप से जीरो एमिशन रहेंगी , इनसे पॉल्यूशन बिल्कुल नहीं होगा और यह इलेक्ट्रिकल चार्ज होंगी। यह मार्ग उज्जैन के प्रमुख मंदिरों एवं पौराणिक स्थलों को एक श्रृंखला में जोड़ेगा। उज्जैन दर्शन रूट की कुल लंबाई 27.01 किलोमीटर है। *बस संचालन की व्यवस्था* यात्री निर्धारित स्टॉप पर बस से उतरकर संबंधित मंदिर या दर्शनीय स्थल का दर्शन कर सकेंगे तथा दर्शन पूर्ण होने के बाद उसी स्टॉप से अगली उपलब्ध उज्जैन दर्शन बस में यात्रा जारी रख सकेंगे। निर्धारित वैधता अवधि के दौरान एक ही टिकट पर यात्री मार्ग के विभिन्न स्टॉप से बस में चढ़ और उतर सकेंगे। सभी प्रमुख मंदिरों एवं दर्शनीय स्थलों के निकट निर्धारित बस स्टॉप बनाए जाएंगे। यात्रियों को लंबी प्रतीक्षा न करनी पड़े, इसके लिए बसों का संचालन नियमित अंतराल पर किया जाएगा। प्रत्येक प्रमुख स्थल पर दर्शन एवं भ्रमण के लिए पर्याप्त समय उपलब्ध रहेगा। यह सेवा मेघदूत वन पार्किंग से प्रारंभ होकर प्रमुख धार्मिक स्थलों को जोड़ते हुए उज्जैन रेलवे स्टेशन तक कनेक्टिविटी प्रदान करेगी, जिससे बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को एक ही सेवा से प्रमुख दर्शन स्थलों तक पहुंचने में सुविधा होगी। *आधुनिक सुविधाएं* बसों में लाइव सीसीटीवी, जीपीएस आधारित लाइव ट्रैकिंग, डिजिटल टिकटिंग तथा यूपीआई/डिजिटल भुगतान की सुविधा उपलब्ध रहेगी। यात्रियों की सुरक्षा एवं सुविधा के लिए बसों की रियल टाइम मॉनिटरिंग की जाएगी। बस में डिजिटल असिस्टेंट सह उज्जैन दर्शन गाइड भी उपलब्ध रहेंगे, जो प्रमुख मंदिरों, दर्शनीय स्थलों, मार्ग एवं दर्शन संबंधी आवश्यक जानकारी प्रदान करेंगे। *प्रमुख दर्शन स्थल एवं मान्यता* महाकालेश्वर मंदिर भगवान शिव के बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक एवं उज्जैन का अधिष्ठाता देव स्थल है। यहाँ की भस्म आरती विशेष रूप से प्रसिद्ध है। महाकाल लोक शिव पुराण की कथाओं एवं शिव-स्वरूपों को मूर्तियों, स्तंभों और भित्तिचित्रों के माध्यम से प्रस्तुत करता है। हरसिद्धि माता उज्जैन की प्राचीन शक्तिस्थली हैं। क्षिप्रा नदी के पवित्र घाटों पर स्नान एवं पूजा-अर्चना की मान्यता है। ऋणमुक्तेश्वर महादेव में पूजा से विभिन्न ऋणों से मुक्ति की मान्यता जुड़ी है। भर्तृहरि गुफाएँ राजा भर्तृहरि की तपस्या एवं नाथ संप्रदाय की साधना परंपरा से जुड़ी हैं। गढ़ कालिका मंदिर की मान्यता महाकवि कालिदास से जुड़ी हुई है। काल भैरव उज्जैन के रक्षक देवता माने जाते हैं। सिद्धवट पितृ कर्मों के लिए विशेष तीर्थ है। अंगारेश्वर एवं मंगलनाथ मंदिर मंगल ग्रह संबंधी मान्यताओं से जुड़े हैं। सांदीपनि आश्रम वह स्थल है जहाँ मान्यता के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण, बलराम एवं सुदामा ने शिक्षा प्राप्त की थी। भूखी माता, चिंतामण गणेश, अष्ट विनायक, शनि नवग्रह एवं इस्कॉन मंदिर भी इस मार्ग के महत्वपूर्ण केंद्र हैं। *नगर की अन्य बस मार्ग व्यवस्था* उज्जैन शहर में सुगम परिवहन के अंतर्गत कुल 12 मार्ग निर्धारित किए गए हैं, जिनमें तपोभूमि से पान विहार, उज्जैन रेलवे स्टेशन से कालियादेह महल, कानीपुरा से अभिलाषा कॉलोनी, देवास गेट से तपोभूमि, देवास गेट से ताजपुर, देवास गेट से नए आरटीओ कार्यालय, महाकाल चौराहा से अभिलाषा कॉलोनी, देवास गेट से नानाखेड़ा, अवंतिका विश्वविद्यालय से नानाखेड़ा, देवास गेट से मुरलीपुरा, तपोभूमि से नजरपुर तथा उज्जैन दर्शन मार्ग शामिल हैं। इन मार्गों से नगर के प्रमुख आवासीय, व्यावसायिक, शैक्षणिक एवं धार्मिक क्षेत्रों को बस सेवा से जोड़ा गया है। यह सेवा श्रद्धालुओं को महंगे निजी परिवहन पर निर्भरता घटाते हुए सुविधाजनक, किफायती और सुरक्षित दर्शन यात्रा उपलब्ध कराएगी। सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के दृष्टिगत उज्जैन में सुगम आवागमन की यह व्यवस्था नगरवासियों एवं देश-विदेश से आने वाले भक्तों दोनों के लिए महत्वपूर्ण कदम है।
*मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने महाकाल लोक से पीएम ई-बस सेवा एवं उज्जैन दर्शन सेवा का शुभारंभ किया* *स्वयं भी बस में सफर किया* उज्जैन, 27 सितंबर ।प्रदेश में सुगम, सुरक्षित और आधुनिक सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को गति देते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को श्री महाकाल लोक के अन्नक्षेत्र पार्किंग परिसर में पीएम ई-बस सेवा तथा उज्जैन दर्शन सेवा का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शक्ति पथ, महाकाल लोक से बसों को झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर वेदपाठी बटुकों के द्वारा वेद मंत्रों का वाचन किया गया और डमरू वादन भी किया गया। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने इस अवसर पर कहा कि मैं भगवान श्री महाकालेश्वर को प्रणाम करता हूं । आज उनकी नगरी में एक अद्भुत अलग प्रकार का दिन है। एक के बाद एक शहर को रोज एक नई सौगात मिल रही है । रोज नए प्रकार के विकास के कीर्तिमान बन रहे हैं । 21 साल पहले राज्य परिवहन निगम की बसें चला करती थीं , फिर किसी कारण से सार्वजनिक परिवहन बसों को बंद करना पड़ा । हमने वह अभाव आज पूरा किया है। राज्य परिवहन निगम की बसें एक राज्य से दूसरे राज्य जाएंगी । शहर के अंदर नगरीय स्तर पर भी बसें चलाई जाएंगी । उज्जैन में धार्मिक पर्यटन केंद्र के लिए 10 बसों की सौगात मिल रही है। हम सब इसमें यात्रा करेंगे। कार्यक्रम में सांसद श्री अनिल फिरोजिया, राज्यसभा सांसद बाल योगी उमेश नाथ जी महाराज, डॉ लता वानखेड़े, महापौर श्री मुकेश टटवाल, मध्य प्रदेश हाउसिंग बोर्ड के अध्यक्ष श्री ओम जैन, सिंहस्थ मेला प्राधिकरण समिति के अध्यक्ष श्री जगदीश अग्रवाल, श्री संजय अग्रवाल, श्री विवेक जोशी, श्री राजेंद्र भारती, श्री जगदीश पांचाल, श्री प्रभुलाल जाटवा, एडीजी श्री राकेश गुप्ता, डीआईजी श्री नवनीत भसीन, संभागायुक्त श्री आशीष सिंह,कलेक्टर श्री रौशन कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक श्री प्रदीप शर्मा, सीईओ जिला पंचायत श्री श्रेयांस कूमट, नगर निगम आयुक्त श्री अभिलाष मिश्रा, सीईओ स्मार्ट सिटी श्री संदीप सोनी, अधीक्षण यंत्री श्री के ही मालवीय एवं अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री डॉ यादव द्वारा प्रदेशवासियों का सफर सुगम बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा एवं ई-बस सेवा का शुभारंभ किया गया है। उज्जैन में यह सेवा श्रद्धालुओं, पर्यटकों और नगरवासियों को एक ही व्यवस्था के अंतर्गत प्रमुख धार्मिक एवं दर्शनीय स्थलों तक पहुंचाने का माध्यम बनेगी। *उज्जैन दर्शन मार्ग* उज्जैन दर्शन सेवा का निर्धारित मार्ग मेघदूत वन पार्किंग से प्रारंभ होकर महाकाल लोक, हरसिद्धि मंदिर, क्षिप्रा नदी, ऋणमुक्तेश्वर महादेव, भर्तृहरि गुफा, गढ़ कालिका माता मंदिर, काल भैरव मंदिर, सिद्धवट मंदिर, अंगारेश्वर मंदिर, मंगलनाथ मंदिर, सांदीपनि आश्रम, भूखी माता मंदिर, चिंतामण गणेश मंदिर, अष्ट विनायक मंदिर, शनि नवग्रह मंदिर, इस्कॉन मंदिर, बस स्टैंड एवं उज्जैन रेलवे स्टेशन होते हुए पुनः मेघदूत वन पार्किंग पर समाप्त होगा। इसका शुल्क ₹200 मात्र होगा , यूपीआई के माध्यम से पेमेंट कर सकेंगे । यह बसें पूर्ण रूप से जीरो एमिशन रहेंगी , इनसे पॉल्यूशन बिल्कुल नहीं होगा और यह इलेक्ट्रिकल चार्ज होंगी। यह मार्ग उज्जैन के प्रमुख मंदिरों एवं पौराणिक स्थलों को एक श्रृंखला में जोड़ेगा। उज्जैन दर्शन रूट की कुल लंबाई 27.01 किलोमीटर है। *बस संचालन की व्यवस्था* यात्री निर्धारित स्टॉप पर बस से उतरकर संबंधित मंदिर या दर्शनीय स्थल का दर्शन कर सकेंगे तथा दर्शन पूर्ण होने के बाद उसी स्टॉप से अगली उपलब्ध उज्जैन दर्शन बस में यात्रा जारी रख सकेंगे। निर्धारित वैधता अवधि के दौरान एक ही टिकट पर यात्री मार्ग के विभिन्न स्टॉप से बस में चढ़ और उतर सकेंगे। सभी प्रमुख मंदिरों एवं दर्शनीय स्थलों के निकट निर्धारित बस स्टॉप बनाए जाएंगे। यात्रियों को लंबी प्रतीक्षा न करनी पड़े, इसके लिए बसों का संचालन नियमित अंतराल पर किया जाएगा। प्रत्येक प्रमुख स्थल पर दर्शन एवं भ्रमण के लिए पर्याप्त समय उपलब्ध रहेगा। यह सेवा मेघदूत वन पार्किंग से प्रारंभ होकर प्रमुख धार्मिक स्थलों को जोड़ते हुए उज्जैन रेलवे स्टेशन तक कनेक्टिविटी प्रदान करेगी, जिससे बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को एक ही सेवा से प्रमुख दर्शन स्थलों तक पहुंचने में सुविधा होगी। *आधुनिक सुविधाएं* बसों में लाइव सीसीटीवी, जीपीएस आधारित लाइव ट्रैकिंग, डिजिटल टिकटिंग तथा यूपीआई/डिजिटल भुगतान की सुविधा उपलब्ध रहेगी। यात्रियों की सुरक्षा एवं सुविधा के लिए बसों की रियल टाइम मॉनिटरिंग की जाएगी। बस में डिजिटल असिस्टेंट सह उज्जैन दर्शन गाइड भी उपलब्ध रहेंगे, जो प्रमुख मंदिरों, दर्शनीय स्थलों, मार्ग एवं दर्शन संबंधी आवश्यक जानकारी प्रदान करेंगे। *प्रमुख दर्शन स्थल एवं मान्यता* महाकालेश्वर मंदिर भगवान शिव के बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक एवं उज्जैन का अधिष्ठाता देव स्थल है। यहाँ की भस्म आरती विशेष रूप से प्रसिद्ध है। महाकाल लोक शिव पुराण की कथाओं एवं शिव-स्वरूपों को मूर्तियों, स्तंभों और भित्तिचित्रों के माध्यम से प्रस्तुत करता है। हरसिद्धि माता उज्जैन की प्राचीन शक्तिस्थली हैं। क्षिप्रा नदी के पवित्र घाटों पर स्नान एवं पूजा-अर्चना की मान्यता है। ऋणमुक्तेश्वर महादेव में पूजा से विभिन्न ऋणों से मुक्ति की मान्यता जुड़ी है। भर्तृहरि गुफाएँ राजा भर्तृहरि की तपस्या एवं नाथ संप्रदाय की साधना परंपरा से जुड़ी हैं। गढ़ कालिका मंदिर की मान्यता महाकवि कालिदास से जुड़ी हुई है। काल भैरव उज्जैन के रक्षक देवता माने जाते हैं। सिद्धवट पितृ कर्मों के लिए विशेष तीर्थ है। अंगारेश्वर एवं मंगलनाथ मंदिर मंगल ग्रह संबंधी मान्यताओं से जुड़े हैं। सांदीपनि आश्रम वह स्थल है जहाँ मान्यता के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण, बलराम एवं सुदामा ने शिक्षा प्राप्त की थी। भूखी माता, चिंतामण गणेश, अष्ट विनायक, शनि नवग्रह एवं इस्कॉन मंदिर भी इस मार्ग के महत्वपूर्ण केंद्र हैं। *नगर की अन्य बस मार्ग व्यवस्था* उज्जैन शहर में सुगम परिवहन के अंतर्गत कुल 12 मार्ग निर्धारित किए गए हैं, जिनमें तपोभूमि से पान विहार, उज्जैन रेलवे स्टेशन से कालियादेह महल, कानीपुरा से अभिलाषा कॉलोनी, देवास गेट से तपोभूमि, देवास गेट से ताजपुर, देवास गेट से नए आरटीओ कार्यालय, महाकाल चौराहा से अभिलाषा कॉलोनी, देवास गेट से नानाखेड़ा, अवंतिका विश्वविद्यालय से नानाखेड़ा, देवास गेट से मुरलीपुरा, तपोभूमि से नजरपुर तथा उज्जैन दर्शन मार्ग शामिल हैं। इन मार्गों से नगर के प्रमुख आवासीय, व्यावसायिक, शैक्षणिक एवं धार्मिक क्षेत्रों को बस सेवा से जोड़ा गया है। यह सेवा श्रद्धालुओं को महंगे निजी परिवहन पर निर्भरता घटाते हुए सुविधाजनक, किफायती और सुरक्षित दर्शन यात्रा उपलब्ध कराएगी। सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के दृष्टिगत उज्जैन में सुगम आवागमन की यह व्यवस्था नगरवासियों एवं देश-विदेश से आने वाले भक्तों दोनों के लिए महत्वपूर्ण कदम है।
- *लखनऊ: यूपी में BJP की कोर कमेटी की बैठक मुख्यमंत्री आवास में शुरू।* बैठक में CM योगी आदित्यनाथ, डिप्टी CM ब्रजेश पाठक और केशव प्रसाद मौर्य शामिल। BJP प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह भी बैठक में मौजूद। बैठक में राज्यसभा की 8-9 सीटों के साथ शिक्षक और स्नातक MLC की 11 सीटों को लेकर मंथन होगा। राज्यसभा चुनाव और विधान परिषद चुनाव में उम्मीदवारों के पैनल पर होगी चर्चा। सूत्रों की माने तो कोर कमेटी की बैठक की बाद नामो का फाइनल पैनल केंद्रीय नेतृत्व को भेजा जाएगा।1
- इफ्को में नेशनल वर्कशॉप क्लाइमेट का दो दिवसीय मंथन का आयोजन किया गया4
- swarnkar samaj Rajesh soni ankjyotishi sammanit huyebadhai मुख्य संपादक स्वर्ण सागर भोपाल पत्रिका श्री राजेश सोनी अंकज्योतिषी का सम्मान करते हुए, श्री ओपी सोनी प्रदे श अध्यक्ष एवं उपाध्याय श्री जीतेन्द्र सोनी और गोपाल सोनी सराफा अध्याय जोनपुर यूपी होटल मयूर पैलेस आईएसबीटी भोपाल में4
- शादी का झांसा देकर डेढ़ साल तक किया शोषण, शादी का दबाव बनाया तो वादे से मुकरा आरोपी, एफआईआर के बाद पीड़िता को दी जा रही धमकियां,पुलिस कमिश्नर से लगाई सुरक्षा की गुहार भोपाल के मिसरोद थाना क्षेत्र में एक युवती ने एक व्यक्ति पर शादी का झांसा देकर करीब डेढ़ साल तक उसका शोषण करने और बाद में शादी से इनकार करने का आरोप लगाया है। पीड़िता का कहना है कि आरोपी ने शुरुआत में खुद को अविवाहित बताया था और शादी का भरोसा देकर उसके साथ संबंध बनाए। बाद में जब उसे आरोपी के पहले से शादीशुदा होने की जानकारी मिली तो उसने विरोध किया, लेकिन आरोपी ने दोबारा शादी करने का आश्वासन दिया। आरोप है कि बाद में उसने शादी से साफ इनकार कर दिया। मामले में युवती की शिकायत पर पुलिस आरोपी के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच कर रही है। अब पीड़िता ने पुलिस कमिश्नर संजय कुमार से मुलाकात कर निष्पक्ष कार्रवाई और सुरक्षा की मांग की है। युवती का आरोप है कि एफआईआर दर्ज होने के बाद उस पर मामला वापस लेने का दबाव बनाया जा रहा है और आरोपी पक्ष की ओर से जान से मारने की धमकियां भी दी जा रही हैं। बातचीत से शुरू हुई पहचान, फिर शादी का दिया भरोसा पीड़िता के मुताबिक करीब डेढ़ साल पहले उसकी पहचान राजकुमार पाटीदार से हुई थी। शुरुआत में दोनों के बीच बातचीत हुई और धीरे-धीरे यह पहचान दोस्ती में बदल गई। युवती का दावा है कि कुछ समय बाद राजकुमार ने उसके सामने प्रेम का इजहार किया और शादी करने की बात कही। युवती ने कहा कि राजकुमार ने खुद को अविवाहित बताते हुए उससे शादी का वादा किया। इसके बाद करीब डेढ़ साल तक दोनों के बीच संबंध रहे। पीड़िता के मुताबिक आरोपी हर बार जल्द शादी करने की बात कहकर उसे भरोसा दिलाता रहा। बाद में युवती को पता चला कि राजकुमार पहले से शादीशुदा है। उसने इस बात का विरोध किया तो आरोपी ने दोबारा शादी करने का भरोसा दिलाया, लेकिन बाद में शादी करने से इंकार कर दिया। इसके बाद युवती ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। एफआईआर के बाद धमकी देने का आरोप पीड़िता का कहना है कि पुलिस में शिकायत और एफआईआर दर्ज होने के बाद अब उसे केस वापस लेने के लिए धमकाया जा रहा है। इसी को लेकर वह पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंची और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के साथ अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। मामले में पैसों और मकान की मांग किए जाने के आरोपों पर युवती ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उसने आरोपी को ब्लैकमेल नहीं किया। उसके मुताबिक, आरोपी की ओर से समझौते के नाम पर 25 लाख रुपये देने का प्रस्ताव रखा गया था, जबकि वह पैसे लेकर मामला खत्म करने के बजाय आरोपी से शादी करना चाहती थी। युवती का दावा है कि उसने तब आरोपी से कहा था कि वह उसे अगर खरीदना चाहता है तो रहने के लिए मकान और 50 लाख रुपए दे जिसको आरोपी ने ठुकरा दिया था। इस बात जिक्र एफआईआर में भी किया गया था। पीड़िता ने बताया कि उसने मदद के लिए कुछ हिंदू संगठनों से भी संपर्क किया, लेकिन उसे अपेक्षित सहायता नहीं मिली। अगर आरोपी वर्ग विशेष से होता तो सब साथ खड़े होते लेकिन वह हिंदू धर्म से है तो कोई भी साथ नहीं दे रहा है।लगातार मिल रही धमकियों के चलते अब उसे घर से बाहर निकलने में भी डर लग रहा है।4
- भोपाल के चुना भट्टी चौराहे पर डंपर ड्राइवर और मालिकों ने किया चक्का जाम देखिए शब्द लाइन समाचार की एक बड़ी खबर भोपाल 28 सितंबर 2026 कर डंपर ड्राइवर ने किया चक्का जाम1
- hum bewafa hargiz Na The kar Ham Wafa Kar Na sake welcome to Mohabbat Ras Na Aayi Shayar Gangadhar Malajpure1
- 🚨📍 BREAKING NEWS | मंदिर के लाउडस्पीकर की आवाज को लेकर विवाद! मंदिर में बज रहे लाउडस्पीकर की आवाज को लेकर पड़ोसियों ने विरोध किया। इसके बाद विवाद बढ़ गया और मंदिर के पुजारी रामकृष्ण के साथ मारपीट का मामला सामने आया। पुलिस ने मामले में हरीश चतुर्वेदी, देवांश चतुर्वेदी और ऋतु चतुर्वेदी के खिलाफ केस दर्ज किया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। 📌 PIN THIS NEWS 📲 खबरों के लिए संपर्क करें WhatsApp: 89625 441961
- पूजा अहिरवार की मौत मामले में NHRC से जांच की मांग भोपाल। पूजा अहिरवार की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) से निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। शिकायत के अनुसार 24 सितंबर की रात पूजा को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान 25 सितंबर को उसकी मौत हो गई। शिकायत में पति अशोक अहिरवार व ससुराल पक्ष पर प्रताड़ना के आरोप लगाए गए हैं। NHRC से पुलिस रिपोर्ट तलब कर निष्पक्ष जांच, संबंधित दस्तावेज व साक्ष्य सुरक्षित रखने तथा दोषियों पर कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है। पूजा अहिरवार की मौत मामले में NHRC से जांच की मांग भोपाल। पूजा अहिरवार की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) से निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। शिकायत के अनुसार 24 सितंबर की रात पूजा को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान 25 सितंबर को उसकी मौत हो गई। शिकायत में पति अशोक अहिरवार व ससुराल पक्ष पर प्रताड़ना के आरोप लगाए गए हैं। NHRC से पुलिस रिपोर्ट तलब कर निष्पक्ष जांच, संबंधित दस्तावेज व साक्ष्य सुरक्षित रखने तथा दोषियों पर कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।2