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दिल्ली में 57 सेकंड का एक वीडियो सामने आने के बाद यह सवाल पूछा जा रहा है कि आखिर वहां क्या हुआ था। इस वीडियो के जरिए यह सवाल उठाया गया है कि घटना में आखिर गलती किसकी है—प्रदर्शनकारियों की, पुलिस की या फिर सरकार की।
Hello Chittorgarh News
दिल्ली में 57 सेकंड का एक वीडियो सामने आने के बाद यह सवाल पूछा जा रहा है कि आखिर वहां क्या हुआ था। इस वीडियो के जरिए यह सवाल उठाया गया है कि घटना में आखिर गलती किसकी है—प्रदर्शनकारियों की, पुलिस की या फिर सरकार की।
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- चित्तौड़गढ़ में आज की बड़ी गतिविधियों के तहत प्रसिद्ध श्री सांवलियाजी मंदिर में 38.23 करोड़ रुपये का भारी चढ़ावा आया है। इसके साथ ही, कपासन उप जिला चिकित्सालय के मुद्दे पर कांग्रेस पार्टी की ओर से बयान जारी किया गया है। धार्मिक क्षेत्र की बात करें तो 551 कलशों की भव्य उपस्थिति के साथ रामकथा का शुभारंभ हो गया है। वहीं, सतखंडा में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित कर कांग्रेस पदाधिकारियों का सम्मान किया गया। इसके अतिरिक्त, क्षेत्र में बाबा रामदेव जी की भव्य शोभायात्रा को लेकर तैयारियां पूरे उत्साह के साथ की जा रही हैं।1
- चित्तौड़गढ़ में पुलिस की यातायात शाखा द्वारा पुलिस लाइन स्थित सामुदायिक भवन में एक दिवसीय बेसिक लाइफ सपोर्ट (BLS) एवं सीपीआर (CPR) प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गजेन्द्र सिंह जौधा के निर्देशन में आयोजित इस शिविर का मुख्य उद्देश्य पुलिसकर्मियों, विद्यार्थियों, सिविल डिफेंस स्वयंसेवकों, पुलिस मित्रों, परिवहन संघों, औद्योगिक क्षेत्र के कर्मचारियों और आम नागरिकों को आपातकालीन स्थितियों में जीवन बचाने की तकनीकों से अवगत कराना था। शिविर के दौरान विशेषज्ञ डॉ. पंकज गुप्ता और उनकी मेडिकल टीम ने प्रतिभागियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। इसके तहत एबीसी (Airway, Breathing, Circulation) तकनीक, श्वास मार्ग खोलने, कृत्रिम सांस देने और छाती दबाने (Chest Compressions) की सही प्रक्रिया की महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं। विशेषज्ञों ने जोर देकर बताया कि मेडिकल इमरजेंसी के शुरुआती 'गोल्डन ऑवर' में यदि सही समय पर बीएलएस और सीपीआर मिल जाए, तो मरीज की जान बचने की संभावना काफी बढ़ जाती है। पुलिस विभाग ने भविष्य में भी इस तरह के जन-जागरूकता और प्रशिक्षण शिविर आयोजित करने की प्रतिबद्धता जताई है।3
- चित्तौड़गढ़ के गंगरार स्थित स्वामी विवेकानंद राजकीय मॉडल स्कूल में 21 जुलाई 2026 को राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशन में संचालित "ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूजडे" अभियान के अंतर्गत एक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। "नशे के दुष्परिणाम : नशे को ना कहो, अपने सपनो को हाँ कहो" शीर्षक पर आयोजित इस शिविर में विद्यार्थियों को नशे के विभिन्न पहलुओं और उनसे बचाव के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रम के दौरान मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित गंगरार की सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट सुश्री खुशबू परिहार जी ने विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने विभिन्न प्रकार के नशे, उनके शरीर व जीवन पर पड़ने वाले दुष्परिणामों और उनसे बचने के प्रभावी उपायों की महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने विशेष रूप से छात्र-छात्राओं को तम्बाकू उत्पादों के सेवन से बचने की सलाह दी और उनसे होने वाली जानलेवा बीमारियों के बारे में विस्तार से जागरूक किया। इसी क्रम में विद्यालय की प्रधानाचार्य श्रीमती विद्या आर्य ने भी छात्र-छात्राओं को संबोधित कर नशे के दुष्प्रभावों के बारे में बताया। इस विशेष जागरूकता शिविर में न्यायालय एवं ताल्लुका विधिक सेवा समिति की ओर से ताल्लुका सचिव ओमप्रकाश मीणा, पीएलवी चेतन पुरोहित और शैतान सिंह उपस्थित रहे। इसके साथ ही विद्यालय के समस्त स्टाफ सदस्यों ने भी कार्यक्रम में अपनी सहभागिता दर्ज कराई।4
- भीलवाड़ा शहर के उपनगर सांगानेर स्थित एक वेस्टेज गोदाम में मंगलवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब वहाँ एक मादा कब्र बिज्जू अपने चार नवजात बच्चों के साथ दिखाई दी। सूचना मिलते ही वन्यजीव रक्षक कुलदीप सिंह राणावत और वन विभाग की टीम मौके पर पहुँची। करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद टीम ने मादा कब्र बिज्जू और उसके चारों नवजात शावकों का सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया। रेस्क्यू के बाद पूरे परिवार को वन विभाग की अभिरक्षा में सौंप दिया गया है, जिन्हें फिलहाल वन विभाग की नर्सरी में रखा जाएगा। डीएफओ के निर्देशानुसार उनकी निगरानी की जाएगी और बाद में सुरक्षित वन क्षेत्र में छोड़ दिया जाएगा। वन्यजीव रक्षक कुलदीप सिंह राणावत ने बताया कि यह पहला मामला है जब किसी कब्र बिज्जू ने आबादी क्षेत्र में बच्चों को जन्म दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि लगातार घटते वन क्षेत्र और बढ़ती आबादी के कारण वन्यजीव अब आबादी वाले इलाकों की ओर आने लगे हैं। वन्यजीव टीम ने आमजन से अपील की है कि यदि कोई वन्यजीव या हिंसक जीव आबादी क्षेत्र में दिखाई दे तो उसे पकड़ने या भगाने का प्रयास न करें। इसकी सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस, वन विभाग या वन्यजीव रेस्क्यू टीम को दें, ताकि समय रहते सुरक्षित रेस्क्यू कर उसे जंगल में छोड़ा जा सके।1
- भीलवाड़ा के मेजा बांध पर जयपुर कमांडेंट के निर्देशानुसार ई कम्पनी की रेस्क्यू टीम ई-4 ने सिविल डिफेंस के साथ मिलकर बोट चालकों, मछुआरों और स्थानीय लोगों को जल सुरक्षा, आपदा प्रबंधन एवं रेस्क्यू से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी। 21 जुलाई को आयोजित इस कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को आपात स्थिति से निपटने और सीपीआर देने की विधि के बारे में विस्तार से अवगत कराया गया। ट्रेनिंग के दौरान बोट चालकों को सख्त निर्देश दिए गए कि बोटिंग के दौरान प्रत्येक व्यक्ति को अनिवार्य रूप से लाइफ जैकेट पहनाई जाए और बिना लाइफ जैकेट किसी को भी बैठने की अनुमति न दी जाए। बोट के असंतुलित होने और दुर्घटनाओं को रोकने के लिए निर्धारित क्षमता से अधिक सवारियां न बैठाने तथा तेज हवाओं, लहरों व खराब मौसम में बोटिंग का संचालन तुरंत स्थगित रखने के निर्देश दिए गए। रेस्क्यू टीम ने पानी में डूब रहे व्यक्ति को बचाने के लिए घबराने के बजाय लाइफ बॉय, रस्सी और बांस का सही तरीके से उपयोग करने की प्रक्रिया समझाई। व्यक्ति को पानी से बाहर निकालने के बाद गंभीर स्थिति में सीपीआर देने का तरीका और उसका महत्व भी बताया गया। इसके साथ ही आपातकालीन परिस्थितियों में तुरंत सही निर्णय लेने, उपलब्ध रेस्क्यू उपकरणों का इस्तेमाल करने और तत्काल प्रशासन व रेस्क्यू टीम को सूचित करने के निर्देश भी प्रदान किए गए।4
- मध्य प्रदेश के नीमच स्थित कृषि मंडी में तुलाई को लेकर विवाद गहरा गया है। इस पूरे मामले पर मंडी अधिकारियों का रुख सामने आया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मंडी में किसानों की सुविधा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।1
- राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में श्री सांवरिया सेठ के आज के लाइव श्रृंगार दर्शन कराए गए हैं। इस पावन अवसर पर सभी भक्तों से विशेष रूप से कमेंट बॉक्स में भगवान का जयकारा लगाने की अपील की गई है ताकि सभी श्रद्धालु इस भक्तिमय माहौल का हिस्सा बन सकें।1
- एल.एच.वी./ए.एन.एम. संघ ऑफ राजस्थान ने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य शासन सचिव को ज्ञापन सौंपकर प्रसूता और गर्भवती महिलाओं की मृत्यु के मामलों में एएनएम नर्सिंग कर्मियों पर की जा रही कार्रवाई का कड़ा विरोध जताया है। संघ का आरोप है कि विभाग द्वारा मीडिया रिपोर्टों और उच्च अधिकारियों के निर्देशों के आधार पर सीधे एएनएम को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है, जिससे प्रदेशभर की महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं में भारी रोष और मानसिक तनाव व्याप्त है। संघ के अनुसार, एएनएम स्वास्थ्य विभाग की आधारभूत कड़ी हैं जो गांव-ढाणी स्तर पर गर्भवती महिलाओं के पंजीकरण, जांच, टीकाकरण, परामर्श और प्रसव पूर्व व उत्तर देखभाल की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाती हैं। वे उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं को समय पर उच्च चिकित्सा संस्थानों में रेफर भी करती हैं। आवश्यक जांचों, स्कैनिंग, उपकरणों और संसाधनों की कमी के बावजूद वे पूरी जिम्मेदारी से काम कर रही हैं, ऐसे में उन्हें बलि का बकरा बनाकर मानसिक रूप से प्रताड़ित करना न्यायसंगत नहीं है। संघ ने सरकार से मांग की है कि उच्च जोखिम प्रसूता मृत्यु मामलों में एएनएम को दोषी न ठहराया जाए, उनके खिलाफ की जा रही कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाई जाए और धारा-17 से जुड़े मामलों में राहत प्रदान की जाए। इसके साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो प्रदेशभर में एएनएम आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगी, जिसकी समस्त जिम्मेदारी राज्य सरकार एवं स्वास्थ्य प्रशासन की होगी।4
- राजसमंद जिले के रेलमगरा उपखंड में प्रस्तावित नाथद्वारा–रेलमगरा–टोडारायसिंह नई रेल लाइन की स्वीकृति की मांग को लेकर 'रेल लाओ' हस्ताक्षर अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में, रेलमगरा के विवेकानंद उच्च माध्यमिक विद्यालय में छात्र-छात्राओं और उनके अभिभावकों ने उत्साहपूर्वक हस्ताक्षर कर इस अभियान को अपना सशक्त समर्थन दिया है। इस अभियान के माध्यम से विद्यार्थियों और अभिभावकों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और राजसमंद सांसद महिमा कुमारी मेवाड़ से इस प्रस्तावित रेल लाइन को जल्द से जल्द स्वीकृति प्रदान कर निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग की। उनका मानना है कि यह रेल परियोजना क्षेत्र के विकास, शिक्षा, रोजगार, व्यापार, पर्यटन और औद्योगिक प्रगति के लिए मील का पत्थर साबित होगी। इस कार्यक्रम में प्रधानाचार्य जीतमल रेगर, प्रधानाचार्य फारुख हुसैन, प्रधानाचार्य लक्ष्मण तेली, अशोक कुमार रेगर, भगवतीलाल खटीक, चंद्रप्रकाश खटीक, सविता सरगरा, पुष्पा विजयवर्गीय, बालमुकुंद सेन, दीपक शर्मा, लक्ष्मीनारायण सालवी, माया जाट, एडवोकेट रमेश चंद्र अहीर, दिलीप वैष्णव एवं राजेंद्र सरगरा सहित विद्यालय परिवार, छात्र, अभिभावक और प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे। अंत में सभी ने संकल्प लिया कि इस हस्ताक्षर अभियान को जन-जन तक पहुंचाया जाएगा और जब तक नाथद्वारा–रेलमगरा–टोडारायसिंह रेल लाइन को स्वीकृति नहीं मिल जाती, तब तक यह जनजागरण जारी रहेगा।4