उत्तर प्रदेश के जसवंतनगर में ई-रिक्शा चालकों को पिछले कुछ दिनों से एक गंभीर समस्या का सामना करना पड़ रहा है, जहाँ उनके ई-रिक्शे चलते या खड़े होने पर अचानक लॉक हो जाते हैं। इस अप्रत्याशित बाधा के कारण चालकों को घंटों सड़क किनारे रुकना पड़ता है, जिससे न केवल उनकी आजीविका प्रभावित हो रही है, बल्कि यात्रियों को भी भारी असुविधा हो रही है। ई-रिक्शा चालकों ने आरोप लगाया है कि कुछ शरारती तत्व ब्लूटुथ आधारित बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS) का दुरुपयोग कर रहे हैं। उनके अनुसार, ये युवक मनोरंजन या सोशल मीडिया वीडियो बनाने के उद्देश्य से ऐसा कर रहे हैं। आधुनिक लिथियम बैटरी वाले ई-रिक्शों में बैटरी की निगरानी के लिए इस्तेमाल होने वाले मोबाइल ऐप का कथित तौर पर गलत इस्तेमाल किया जा रहा है, जिसमें BAT-BMS जैसे ऐप्स के दुरुपयोग की खबरें देश के कई हिस्सों से भी सामने आई हैं। तकनीकी विशेषज्ञों का मानना है कि यह किसी बड़े 'हैक' से अधिक बैटरी सिस्टम की कमजोर सुरक्षा व्यवस्था का मामला हो सकता है, जहाँ कमजोर ब्लूटुथ सुरक्षा या पासवर्ड वाली बैटरियों में अनधिकृत कनेक्शन की आशंका बनी रहती है, जिससे इलेक्ट्रिक वाहनों की साइबर सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं। ई-रिक्शा चालक जसवीर सिंह, सुरेश कुमार, राजू सिंह और सत्तार सहित अन्य ने पुलिस प्रशासन से इस मामले की गहन जांच करने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए तकनीकी खामियों को दूर करने, बैटरी सिस्टम को अधिक सुरक्षित बनाने तथा ब्लूटुथ सुरक्षा और पासवर्ड व्यवस्था को मजबूत करने की भी अपील की है। इस संबंध में थाना प्रभारी दीक्षित ने बताया है कि उन्हें शिकायतें मिल रही हैं और एक टीम गठित कर निगरानी रखी जा रही है, जिसके तहत दोषियों को पकड़कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उत्तर प्रदेश के जसवंतनगर में ई-रिक्शा चालकों को पिछले कुछ दिनों से एक गंभीर समस्या का सामना करना पड़ रहा है, जहाँ उनके ई-रिक्शे चलते या खड़े होने पर अचानक लॉक हो जाते हैं। इस अप्रत्याशित बाधा के कारण चालकों को घंटों सड़क किनारे रुकना पड़ता है, जिससे न केवल उनकी आजीविका प्रभावित हो रही है, बल्कि यात्रियों को भी भारी असुविधा हो रही है। ई-रिक्शा चालकों ने आरोप लगाया है कि कुछ शरारती तत्व ब्लूटुथ आधारित बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS) का दुरुपयोग कर रहे हैं। उनके अनुसार, ये युवक मनोरंजन या सोशल मीडिया वीडियो बनाने के उद्देश्य से ऐसा कर रहे हैं। आधुनिक लिथियम बैटरी वाले ई-रिक्शों में बैटरी की निगरानी के लिए इस्तेमाल होने वाले मोबाइल ऐप का कथित तौर पर गलत इस्तेमाल किया जा रहा है, जिसमें BAT-BMS जैसे ऐप्स के दुरुपयोग की खबरें देश के कई हिस्सों से भी सामने आई हैं। तकनीकी विशेषज्ञों का मानना है कि यह किसी बड़े 'हैक' से अधिक बैटरी सिस्टम की कमजोर सुरक्षा व्यवस्था का मामला हो सकता है, जहाँ कमजोर ब्लूटुथ सुरक्षा या पासवर्ड वाली बैटरियों में अनधिकृत कनेक्शन की आशंका बनी रहती है, जिससे इलेक्ट्रिक वाहनों की साइबर सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं। ई-रिक्शा चालक जसवीर सिंह, सुरेश कुमार, राजू सिंह और सत्तार सहित अन्य ने पुलिस प्रशासन से इस मामले की गहन जांच करने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए तकनीकी खामियों को दूर करने, बैटरी सिस्टम को अधिक सुरक्षित बनाने तथा ब्लूटुथ सुरक्षा और पासवर्ड व्यवस्था को मजबूत करने की भी अपील की है। इस संबंध में थाना प्रभारी दीक्षित ने बताया है कि उन्हें शिकायतें मिल रही हैं और एक टीम गठित कर निगरानी रखी जा रही है, जिसके तहत दोषियों को पकड़कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
- User7309Etawah, Uttar Pradesh😂2 hrs ago
- User7309Etawah, Uttar Pradesh😤2 hrs ago
- User7309Etawah, Uttar Pradesh😤2 hrs ago
- देहरादून में करीब एक साल पहले हुई ₹10 लाख के गहनों की चोरी का राज सोशल मीडिया की एक रील के जरिए खुल गया। चोरी के इन्हीं गहनों को पहनकर रील और व्हाट्सएप स्टेटस डालना एक नौकरानी को भारी पड़ गया, जिसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। राजपुर थाना पुलिस ने इस मामले में उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी निवासी 34 वर्षीय विमला देवी को गिरफ्तार किया है। मालकिन ने सोशल मीडिया पर अपनी चोरी हुई जूलरी को पहचान लिया और तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपी नौकरानी को पकड़कर चोरी किए गए सभी गहनों को बरामद कर लिया।1
- उत्तर प्रदेश के आगरा में रिश्तों के एक खौफनाक अंत की सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जहाँ पति का शव 45 दिनों तक घर के बाथरूम में दफन रहा। पत्नी ने पति की हत्या कर उसे बाथरूम में दफना दिया और फिर ऊपर से प्लास्टर करवा दिया। इस दौरान वह पति की गुमशुदगी का नाटक करती रही और पुलिस को भी 45 दिनों तक गुमराह करती रही, जबकि घर के बाथरूम में पति का शव दफन था। कॉलोनी के लोगों को भी इस भयानक सच्चाई की भनक तक नहीं लगी और महिला एक सामान्य जिंदगी जीती रही। इस खौफनाक हत्याकांड का राज तब खुला जब भाई की सूचना पर पुलिस प्राक्षी टावर चौकी क्षेत्र में सत्यापन के लिए घर पहुँची। पुलिस वेरिफिकेशन के दौरान महिला घबरा गई, जिससे पुलिस का शक गहरा गया। बाथरूम की खुदाई करने पर प्लास्टर के नीचे से एक इंसानी शव बरामद हुआ, जिसकी पहचान पति के रूप में हुई। पुलिस ने आरोपी पत्नी को हिरासत में ले लिया है और उससे लगातार पूछताछ जारी है। पुलिस इस हत्या की साजिश में अन्य लोगों की भूमिका की भी जाँच कर रही है, जिसने पूरे आगरा में सनसनी फैला दी है।3
- गोहद विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली शेरपुर पंचायत के गाँव महूरीपुरा की स्थिति अत्यंत दयनीय है। यह जानकारी गाँव की मौजूदा दुर्दशा को उजागर करती है।2
- भिंड शहर के प्रमुख पर्यटन और धार्मिक स्थल गौरी सरोवर के विकास कार्यों में तेजी लाने के लिए शुक्रवार शाम विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह ने सरोवर क्षेत्र का निरीक्षण किया। इस दौरान नगर पालिका सीएमओ यशवंत वर्मा और इंजीनियर राजवीर सिंह भदौरिया सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। निरीक्षण के समय विधायक ने अधिकारियों को सरोवर किनारे अधूरे पड़े सभी विकास कार्यों को जल्द पूरा करने और पूरे क्षेत्र से अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए। उन्होंने चुकरिया बाबा मंदिर के आसपास पेड़ों की छंटाई कराने, सरोवर में जमी गाद को मशीनों से निकलवाने तथा वर्षों पुराने पेड़ों की व्यवस्थित छंटाई कर क्षेत्र को आकर्षक बनाने के भी निर्देश दिए। सीएमओ ने जानकारी दी कि सरोवर की रेलिंग का कार्य अंतिम चरण में है। इसके पूर्ण होने के बाद परिक्रमा पथ पर रेलिंग के नीचे पाम के पौधे लगाए जाएंगे और सौगात गार्डन तक फुटपाथ का निर्माण भी कराया जाएगा। विधायक कुशवाह ने स्पष्ट किया कि गौरी सरोवर के आसपास सौंदर्यीकरण और विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।1
- कांग्रेस के एक जिला अध्यक्ष ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तंज कसते हुए कहा है कि भाजपा एक ऐसी वॉशिंग मशीन है, जिसमें जो भी चलाया जाए, वह साफ होकर बाहर निकलता है।4
- भिंड शहर के वायपास स्थित रंजना नगर में गुरुवार-शुक्रवार की दरम्यानी रात एक युवक को सोते समय सांप के बच्चे ने काट लिया। युवक ने हिम्मत दिखाते हुए सांप को पकड़कर एक बोतल में बंद कर लिया और उसे साथ लेकर जिला अस्पताल पहुंचा। चिकित्सकों ने तत्काल उसका उपचार शुरू कर उसे भर्ती कर लिया, और उसकी हालत फिलहाल खतरे से बाहर बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, रौन क्षेत्र के दबरोई निवासी 35 वर्षीय हवलदार सिंह पाल गुरुवार शाम को अपने मामा महाराज सिंह के घर आया हुआ था। रात में वह आंगन में सो रहा था, तभी रात करीब 2:30 बजे उसे अपने पैर में किसी चीज के काटने का अहसास हुआ। जागने पर उसने देखा कि लगभग छह इंच लंबा सांप का बच्चा उसके पैर से लिपटा हुआ था। उसे हटाने के प्रयास में सांप ने उसके हाथ में भी काट लिया। इसके बाद, हवलदार सिंह ने साहस का परिचय देते हुए सांप को पकड़कर बोतल में बंद कर दिया। उसने अपने परिजनों को घटना की जानकारी दी, जिसके बाद उसे तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया। युवक सांप को भी अपने साथ अस्पताल लेकर पहुंचा, ताकि डॉक्टर सही उपचार कर सकें। अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद उसे भर्ती कर लिया गया और चिकित्सकों ने उसकी हालत सुरक्षित बताई है। बाद में, सर्प को बिहड़ में छोड़ दिया गया। सर्प एक्सपर्ट जग्गू परिहार के अनुसार, यह सैंड बोआ प्रजाति का सांप था, जो सबसे शांत स्वभाव वाले और पूरी तरह से विषहीन सांपों में से एक है। उन्होंने बताया कि इसे छेड़ा जाए या खतरा महसूस हो तो यह काट सकता है, जिससे केवल हल्का दर्द या संक्रमण हो सकता है, लेकिन इसका काटना जानलेवा नहीं होता।1
- पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है, जहाँ टीएमसी विधायक कुणाल घोष ने ममता बनर्जी का समर्थन करने वाली चंद्रिमा भट्टाचार्य के पार्टी पदों से इस्तीफे पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। घोष ने अपने बयान में कहा कि कोई भी अपना निर्णय लेने के लिए स्वतंत्र है, लेकिन उन्होंने वर्तमान स्थिति की तुलना उस समय से की जब ममता बनर्जी मुख्यमंत्री थीं और चंद्रिमा भट्टाचार्य के पास सबसे बड़ा मंत्रालय था। घोष के अनुसार, उस समय कोई 'अभिमान' नहीं था, जबकि अब 'अभिमान' स्पष्ट रूप से दिख रहा है। कुणाल घोष के इस बयान ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में नई चर्चाओं को जन्म दिया है, जिससे यह सवाल उठ रहा है कि क्या यह सिर्फ एक व्यक्तिगत फैसला है या फिर टीएमसी के भीतर बढ़ते मतभेदों का संकेत।1
- उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में पुलिस ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 119 लोगों को हिरासत में लिया है, जिनमें 92 युवक और 27 युवतियां शामिल हैं। प्रारंभिक जांच के अनुसार, यह गिरोह फर्जी कॉल सेंटर के माध्यम से अमेरिका समेत कई देशों के नागरिकों को निशाना बनाकर अब तक 250 करोड़ रुपये से अधिक की साइबर ठगी को अंजाम दे चुका है। पुलिस के मुताबिक, यह गिरोह रात के समय एक फर्जी कॉल सेंटर चलाता था। आरोपी खुद को एफबीआई और अन्य अमेरिकी एजेंसियों के अधिकारी बताते हुए विदेशी नागरिकों को कानूनी कार्रवाई का डर दिखाकर उनसे बड़ी रकम ठगते थे। ठगी की गई रकम पहले अमेरिका के बैंक खातों में स्थानांतरित की जाती थी, जिसके बाद उसे क्रिप्टोकरेंसी में बदलकर गिरोह के सदस्यों के बीच बांट दिया जाता था। इस पूरे नेटवर्क में कथित तौर पर एआरक्यू (पूर्व नाम: डॉलरऐप) का इस्तेमाल किया गया। पुलिस ने इस गिरोह के संचालन से जुड़े अहमदाबाद निवासी ऑपरेशन मैनेजर ललित खैराजानी और विक्रम सिंह परमार को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पकड़े गए लोगों में से अधिकांश पूर्वोत्तर राज्यों के बताए जा रहे हैं। करीब 24 घंटे तक चली इस पुलिस कार्रवाई के बाद पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ। इस बीच, सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी वायरल हो रहा है, जिसमें बड़ी संख्या में आरोपियों को पुलिस सुरक्षा में थाने ले जाते हुए दिखाया गया है। फिलहाल, पुलिस पूरे नेटवर्क, इसके विदेशी कनेक्शन, मनी ट्रेल और इस साइबर सिंडिकेट से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी हुई है और मामले की जांच जारी है।1