logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

एकता व संस्कारों में निहित है हिंदू समाज की शक्ति सृष्टि उत्पत्ति के साथ सनातन उत्पत्ति- अनिल जी ( क्षेत्र प्रचारक, पूर्वी उत्तर प्रदेश) मऊ । हिंदू समाज की वास्तविक शक्ति उसकी एकता तथा संगठन और संस्कारों में निहित है। हिंदू समाज के लोगों को जागरूक होकर एकजुट होने से ही राष्ट्र सशक्त और सुरक्षित रहेगा। युवाओं को अपनी सामाजिक जिम्मेदारी को समझते हुए राष्ट्रहित में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। यह बातें हिंदू सम्मेलन के मुख्य अतिथि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र प्रचारक पूर्वी उत्तर प्रदेश अनिल जी ने कही । अनिल जी मधुबन नगर पंचायत के पांती रोड स्थित गांधी मैदान में आयोजित हिन्दू सम्मेलन को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हिंदू समाज के लोगों को संगठित रहकर सकारात्मक सोच के साथ राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान देना चाहिए। पूज्य संतों की अगुवाई में देश आगे बढ़ा है। संपूर्ण दुनिया में जो गौरवपूर्ण स्थान इस देश को मिला उसके पीछे यहां की संत परंपरा है, आध्यात्मिक चेतना है, आध्यात्मिक शक्ति है। इन्ही पूज्य सन्तों द्वारा सनातन धर्म का प्रचार होता है और धर्म को परिभाषित किया जाता है, और हिंदू धर्म क्या है? हिंदू परंपरा क्या है? हिंदू संस्कृति क्या है? इसकी व्याख्या पूज्य सन्तों द्वारा बताया गया है। सनातन जो चिर पुरातन है, लेकिन वास्तव में सनातन धर्म जीवन जीने की कला है। सनातन केवल एक धर्म नहीं है, सनातन धर्म जीवन जीने की शैली है। सनातन एक वृत्ति है, सनातन धर्म एक अवधारणा है। इसलिए सनातन धर्म को केवल पूजा पद्धति में व शब्दों में बांधना न्यायोचित नहीं होगा। सनातन धर्म उद्घोष करता है 'सर्वे भवन्तु सुखिनः, सर्वे सन्तु निरामया, सर्वे भद्राणि पश्यन्तु, मा कश्चिद दुख भागभवेत' यह ही सनातन धर्म है और सनातन कहता है वसुधैव कुटुंबकम्। सनातन ही कहता है सभी की सुख के कामना निर्मल पावन भावना। संपूर्ण सृष्टि में, संसार में, ब्रह्मांड में केवल एक ही धर्म है। बाकी सब पूजा पद्धति है। पंथ है। हम कहीं से भूल से बोल देते हैं, अज्ञानता बस बोल देते हैं सर्व धर्म सम भाव। क्या हमारे पूज्य संत महाराज जी, आचार्य जी इसकी अनुमति देंगे। मुझे लगता है अनुमति नहीं देंगे। क्या यह आध्यात्मिक परंपरा, इस देश की चेतना या देश की सांस्कृतिक परंपरा इन शब्दों को बोलने के लिए अनुमति देगी मुझे लगता है नहीं देगी। क्योंकि पूरे ब्रह्मांड में, पूरे परंपराओं में एक ही धर्म है और वो है सनातन धर्म बाकी सब पंथ है, संप्रदाय है। जो सर्वाग्रही है, सर्वव्यापी है वही सनातन धर्म है। भारत माता की जय और वंदे मातरम के उदघोष से प्रमाणित होती है ।देश भक्ति जो सनातन को मानता है वो संविधान को भी मानता है।सनातन धर्म से बड़ा है राष्ट्र धर्म प्रखर राष्ट्रभक्ति से ही बनेगा भारत महाशक्ति सनातन के गहराइयों में जाएंगे तो कभी सामाजिक विषमता नहीं होगी। मन के भीतर भी नहीं होगा। जो सच्चा सनातनी है वही देश और धर्म के संरक्षण के लिये मर सकता है, मिट सकता है लेकिन सनातन को मिटने नहीं देता। सनातन का मतलब अगर दीवारों में चुनना या अपनी संस्कृति-धर्म परिवर्तित करना है तो सच्चे सनातनियों ने दीवारों में चुनना स्वीकार किया परंतु धर्म पर आँच आने नहीं दिया । सनातन का मतलब क्या होता है? सनातन का मतलब केवल मंदिर में जाकर भगवत या भगवती आराधना नहीं है। सनातन संस्कार है, सेवा है। सनातन अनुशासन का प्रतिबिंब है, प्रतिरूप है। अन्य मतावलंबी-मजहब के लोग कहते हैं हमारे यहां तो मजहब से बड़ा कोई नहीं है, मजहब ही सर्वोपरि है। केवल सनातनी ही कहता है मजहब से भी बड़ा होता है धर्म, सनातन धर्म से बड़ा है कोई है तो वो राष्ट्र है, भारत है। केवल सनातनी कहता है, केवल व केवल हिंदू ही कहता है राष्ट्र सर्वोपरि है। इसलिए हिंदू ही इस देश के लिए आहुति देता है। हिंदू ही है जो देश के लिए मर मिटता है। हिन्दू ही है जो कहता है जिए देश हित मरें देशहित, तिल-तिल कर गल जाना सीखें, कंटक-पथ अपनाना सीखें। इसलिए हिंदू ही भारत का राष्ट्रीय समाज है।आज दुनिया में कितनी प्रकार की विकृतियां हैं? कितनी प्रकार की चुनौतियां हैं? क्या वह हमारे देश में नहीं है?हमारे देश में भी चुनौतियां हैं। हमारे देश के अंदर भी विकृतियां हैं। उन चुनौतियों से निकल सकते हैं उसके लिए एक ही उपाय है आध्यात्मिक जीवन शैली। आध्यात्मिक जीवन शैली से ही हम अपने को कुरीतियों और विसंगतियों से बच सकतें हैं। इसलिए सदियों से हजारों वर्षों से भारत सुरक्षित रहा है भारत अभेद्य रहा है क्योंकि यहां आध्यात्मिक परंपरा और अध्यात्मिकता हर घर में हर जेहन में प्रत्येक परिवारों में चिन्तन होता था इसलिए भारत का प्रत्येक परिवार सुरक्षित और संरक्षित रहता था। क्षेत्र प्रचारक अनिल जी ने जोर दे कर कहा कि यदि भगवान राम ने अपने जीवन में समरसता स्थापित नहीं की होती, तो लोग उन्हें भगवान नहीं मानते।लोग कहते हैं भारत के अंदर छुआछूत, सामाजिक विषमता तो बहुत पहले से थी। यदि छुआछूत बहुत पहले से होती तो चक्रवर्ती सम्राट राजा दशरथ व सुमंत एक ही गुरुकुल में नहीं पढ़ते। एक समाज के सबसे ऊंचे स्थान का व्यक्ति वो एक निचले स्थान का व्यक्ति एक ही शिक्षा मंदिर में जाकर शिक्षा ग्रहण करते हैं। इससे बड़ा सामाजिक समरसता का उदाहरण नहीं हो सकता। प्रकृति का संरक्षण होता था। माता सीता अपने बच्चों से कहती है कि बेटा पेड़ क्यों काटता है, उसमें भी जीव है। लव कुश को समझ में आता कि पेड़ों में भी जीव है। पेड़ लगाना व उसका संरक्षण करना, जैसे हम बच्चों का संरक्षण करते है, बच्चों के स्वास्थ्य की, शिक्षा की, संस्कार की चिंता करते हैं वैसे ही वृक्षों की भी चिंता करनी पड़ेगी तब जाकर के पर्यावरण का संरक्षण होगा। उन्होंने उपस्थित माताओं-बहनों से जल संरक्षण हेतु भी आग्रह किया । स्व का जब जागरण होता है तब बहुत बड़ा परिवर्तन आता है। हनुमान जी का स्व जगा तो सबसे कठिन कार्य विशाल समुद्र को लांघ गए। अंगद का जब स्व जगा तो लंका के राक्षस समुदाय ने उनके प्रताप को देखा। हिंदू समाज का भी स्व जगा था 6 दिसंबर 1992 में जब हिंदू समाज आक्रोशित हुआ था तब तथाकथित कलंकित ढांचा, जो बाबर ने श्रीराम जन्मभूमि मंदिर को तोड़कर बनाया था उसे हिंदू समाज ने ढहा दिया। तब हिंदू समाज के शौर्य को दुनिया ने देखा। उन्होंने इस अवसर पर आह्वान किया कि हम अपना हस्ताक्षर अंग्रेजी के बदले हिंदी में करें। उन्होंने नागरिक कर्तव्यों के विषय में कहा कि कर्तव्य की चर्चा कम हो रही है, अधिकारों की चर्चा अधिक हो रही है। जब हम कर्तव्यों की चर्चा करना प्रारम्भ करेंगे तभी यह देश विश्वगुरु बनने की ओर अग्रसर होगा। भारत विश्व गुरु है, हिन्दू राष्ट्र है। अपने आचरण से भी सम्पूर्ण दुनिया को दिखाना है कि भारत विश्व गुरु है। हिंदू सम्मेलन में मातृशक्ति के प्रतिनिधि के रूप में उपस्थित प्रख्यात कथावाचिका मानस मंदाकिनी डॉक्टर रागिनी मिश्रा ने लव जिहाद की बढ़ती हुई घटनाओं पर चिंता व्यक्त की और उपस्थित माता-बहनों से अपने परिवार की बच्चियों को घर में ही संस्कार देने का आग्रह किया उन्होंने कहा कि सनातन नित्य नूतन है और पुरातन भी है भारत को समाप्त कर पाना किसी के बस की बात नहीं है क्योंकि यह देवभूमि है । हिंदू सम्मेलन को खाकी दास बाबा कुटी के महंत रामकिशोर दास जी ने संबोधित करते हुए कहा कि भारत का हिंदू अब पुरानी गलतियों से सबक लेते हुए एकजुट हो रहा है और जल्द ही भारत हिंदू राष्ट्र बनेगा। सम्मेलन की अध्यक्षता वरिष्ठ अधिवक्ता विमल श्रीवास्तव व संचालन अमित गुप्ता ने किया। इस अवसर पर सियाराम बरनवाल, सुभाष चंद्र मद्धेशिया, रामचंद्र गुप्ता, हरिओम जी, विपिन जायसवाल, रतन गुप्ता, प्रेमचंद वर्मा, राजकुमार, अनिल, विजयशंकर, सोनू* ..इत्यादि उपस्थित रहे ।

12 hrs ago
user_RISHI RAI
RISHI RAI
घोसी, मऊ, उत्तर प्रदेश•
12 hrs ago
688394ad-6e07-4b58-8c69-62a3ce540757

एकता व संस्कारों में निहित है हिंदू समाज की शक्ति सृष्टि उत्पत्ति के साथ सनातन उत्पत्ति- अनिल जी ( क्षेत्र प्रचारक, पूर्वी उत्तर प्रदेश) मऊ । हिंदू समाज की वास्तविक शक्ति उसकी एकता तथा संगठन और संस्कारों में निहित है। हिंदू समाज के लोगों को जागरूक होकर एकजुट होने से ही राष्ट्र सशक्त और सुरक्षित रहेगा। युवाओं को अपनी सामाजिक जिम्मेदारी को समझते हुए राष्ट्रहित में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। यह बातें हिंदू सम्मेलन के मुख्य अतिथि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र प्रचारक पूर्वी उत्तर प्रदेश अनिल जी ने कही । अनिल जी मधुबन नगर पंचायत के पांती रोड स्थित गांधी मैदान में आयोजित हिन्दू सम्मेलन को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हिंदू समाज के लोगों को संगठित रहकर सकारात्मक सोच के साथ राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान देना चाहिए। पूज्य संतों की अगुवाई में देश आगे बढ़ा है। संपूर्ण दुनिया में जो गौरवपूर्ण स्थान इस देश को मिला उसके पीछे यहां की संत परंपरा है, आध्यात्मिक चेतना है, आध्यात्मिक शक्ति है। इन्ही पूज्य सन्तों द्वारा सनातन धर्म का प्रचार होता है और धर्म को परिभाषित किया जाता है, और हिंदू धर्म क्या है? हिंदू परंपरा क्या है? हिंदू संस्कृति क्या है? इसकी व्याख्या पूज्य सन्तों द्वारा बताया गया है। सनातन जो चिर पुरातन है, लेकिन वास्तव में सनातन धर्म जीवन जीने की कला है। सनातन केवल एक धर्म नहीं है, सनातन धर्म जीवन जीने की शैली है। सनातन एक वृत्ति है, सनातन धर्म एक अवधारणा है। इसलिए सनातन धर्म को केवल पूजा पद्धति में व शब्दों में बांधना न्यायोचित नहीं होगा। सनातन धर्म उद्घोष करता है 'सर्वे भवन्तु सुखिनः, सर्वे सन्तु निरामया, सर्वे भद्राणि पश्यन्तु, मा कश्चिद दुख भागभवेत' यह ही सनातन धर्म है और सनातन कहता है वसुधैव कुटुंबकम्। सनातन ही कहता है सभी की सुख के कामना निर्मल पावन भावना। संपूर्ण सृष्टि में, संसार में, ब्रह्मांड में केवल एक ही धर्म है। बाकी सब पूजा पद्धति है। पंथ है। हम कहीं से भूल से बोल देते हैं, अज्ञानता बस बोल देते हैं सर्व धर्म सम भाव। क्या हमारे पूज्य संत महाराज जी, आचार्य जी इसकी अनुमति देंगे। मुझे लगता है अनुमति नहीं देंगे। क्या यह आध्यात्मिक परंपरा, इस देश की चेतना या देश की सांस्कृतिक परंपरा इन शब्दों को बोलने के लिए अनुमति देगी मुझे लगता है नहीं देगी। क्योंकि पूरे ब्रह्मांड में, पूरे परंपराओं में एक ही धर्म है और वो है सनातन धर्म बाकी सब पंथ है, संप्रदाय है। जो सर्वाग्रही है, सर्वव्यापी है वही सनातन धर्म है। भारत माता की जय और वंदे मातरम के उदघोष से प्रमाणित होती है ।देश भक्ति जो सनातन को मानता है वो संविधान को भी मानता है।सनातन धर्म से बड़ा है राष्ट्र धर्म प्रखर राष्ट्रभक्ति से ही बनेगा भारत महाशक्ति सनातन के गहराइयों में जाएंगे तो कभी सामाजिक विषमता नहीं होगी। मन के भीतर भी नहीं होगा। जो सच्चा सनातनी है वही देश और धर्म के संरक्षण के लिये मर सकता है, मिट सकता है लेकिन सनातन को मिटने नहीं देता। सनातन का मतलब अगर दीवारों में चुनना या अपनी संस्कृति-धर्म परिवर्तित करना है तो सच्चे सनातनियों ने दीवारों में चुनना स्वीकार किया परंतु धर्म पर आँच आने नहीं दिया । सनातन का मतलब क्या होता है? सनातन का मतलब केवल मंदिर में जाकर भगवत या भगवती आराधना नहीं है। सनातन संस्कार है, सेवा है। सनातन अनुशासन का प्रतिबिंब है, प्रतिरूप है। अन्य मतावलंबी-मजहब के लोग कहते हैं हमारे यहां तो मजहब से बड़ा कोई नहीं है, मजहब ही सर्वोपरि है। केवल सनातनी ही कहता है मजहब से भी बड़ा होता है धर्म, सनातन धर्म से बड़ा है कोई है तो वो राष्ट्र है, भारत है। केवल सनातनी कहता है, केवल व केवल हिंदू ही कहता है राष्ट्र सर्वोपरि है। इसलिए हिंदू ही इस देश के लिए आहुति देता है। हिंदू ही है जो देश के लिए

a9598afb-b184-4f2a-8291-6f79abc38a72

मर मिटता है। हिन्दू ही है जो कहता है जिए देश हित मरें देशहित, तिल-तिल कर गल जाना सीखें, कंटक-पथ अपनाना सीखें। इसलिए हिंदू ही भारत का राष्ट्रीय समाज है।आज दुनिया में कितनी प्रकार की विकृतियां हैं? कितनी प्रकार की चुनौतियां हैं? क्या वह हमारे देश में नहीं है?हमारे देश में भी चुनौतियां हैं। हमारे देश के अंदर भी विकृतियां हैं। उन चुनौतियों से निकल सकते हैं उसके लिए एक ही उपाय है आध्यात्मिक जीवन शैली। आध्यात्मिक जीवन शैली से ही हम अपने को कुरीतियों और विसंगतियों से बच सकतें हैं। इसलिए सदियों से हजारों वर्षों से भारत सुरक्षित रहा है भारत अभेद्य रहा है क्योंकि यहां आध्यात्मिक परंपरा और अध्यात्मिकता हर घर में हर जेहन में प्रत्येक परिवारों में चिन्तन होता था इसलिए भारत का प्रत्येक परिवार सुरक्षित और संरक्षित रहता था। क्षेत्र प्रचारक अनिल जी ने जोर दे कर कहा कि यदि भगवान राम ने अपने जीवन में समरसता स्थापित नहीं की होती, तो लोग उन्हें भगवान नहीं मानते।लोग कहते हैं भारत के अंदर छुआछूत, सामाजिक विषमता तो बहुत पहले से थी। यदि छुआछूत बहुत पहले से होती तो चक्रवर्ती सम्राट राजा दशरथ व सुमंत एक ही गुरुकुल में नहीं पढ़ते। एक समाज के सबसे ऊंचे स्थान का व्यक्ति वो एक निचले स्थान का व्यक्ति एक ही शिक्षा मंदिर में जाकर शिक्षा ग्रहण करते हैं। इससे बड़ा सामाजिक समरसता का उदाहरण नहीं हो सकता। प्रकृति का संरक्षण होता था। माता सीता अपने बच्चों से कहती है कि बेटा पेड़ क्यों काटता है, उसमें भी जीव है। लव कुश को समझ में आता कि पेड़ों में भी जीव है। पेड़ लगाना व उसका संरक्षण करना, जैसे हम बच्चों का संरक्षण करते है, बच्चों के स्वास्थ्य की, शिक्षा की, संस्कार की चिंता करते हैं वैसे ही वृक्षों की भी चिंता करनी पड़ेगी तब जाकर के पर्यावरण का संरक्षण होगा। उन्होंने उपस्थित माताओं-बहनों से जल संरक्षण हेतु भी आग्रह किया । स्व का जब जागरण होता है तब बहुत बड़ा परिवर्तन आता है। हनुमान जी का स्व जगा तो सबसे कठिन कार्य विशाल समुद्र को लांघ गए। अंगद का जब स्व जगा तो लंका के राक्षस समुदाय ने उनके प्रताप को देखा। हिंदू समाज का भी स्व जगा था 6 दिसंबर 1992 में जब हिंदू समाज आक्रोशित हुआ था तब तथाकथित कलंकित ढांचा, जो बाबर ने श्रीराम जन्मभूमि मंदिर को तोड़कर बनाया था उसे हिंदू समाज ने ढहा दिया। तब हिंदू समाज के शौर्य को दुनिया ने देखा। उन्होंने इस अवसर पर आह्वान किया कि हम अपना हस्ताक्षर अंग्रेजी के बदले हिंदी में करें। उन्होंने नागरिक कर्तव्यों के विषय में कहा कि कर्तव्य की चर्चा कम हो रही है, अधिकारों की चर्चा अधिक हो रही है। जब हम कर्तव्यों की चर्चा करना प्रारम्भ करेंगे तभी यह देश विश्वगुरु बनने की ओर अग्रसर होगा। भारत विश्व गुरु है, हिन्दू राष्ट्र है। अपने आचरण से भी सम्पूर्ण दुनिया को दिखाना है कि भारत विश्व गुरु है। हिंदू सम्मेलन में मातृशक्ति के प्रतिनिधि के रूप में उपस्थित प्रख्यात कथावाचिका मानस मंदाकिनी डॉक्टर रागिनी मिश्रा ने लव जिहाद की बढ़ती हुई घटनाओं पर चिंता व्यक्त की और उपस्थित माता-बहनों से अपने परिवार की बच्चियों को घर में ही संस्कार देने का आग्रह किया उन्होंने कहा कि सनातन नित्य नूतन है और पुरातन भी है भारत को समाप्त कर पाना किसी के बस की बात नहीं है क्योंकि यह देवभूमि है । हिंदू सम्मेलन को खाकी दास बाबा कुटी के महंत रामकिशोर दास जी ने संबोधित करते हुए कहा कि भारत का हिंदू अब पुरानी गलतियों से सबक लेते हुए एकजुट हो रहा है और जल्द ही भारत हिंदू राष्ट्र बनेगा। सम्मेलन की अध्यक्षता वरिष्ठ अधिवक्ता विमल श्रीवास्तव व संचालन अमित गुप्ता ने किया। इस अवसर पर सियाराम बरनवाल, सुभाष चंद्र मद्धेशिया, रामचंद्र गुप्ता, हरिओम जी, विपिन जायसवाल, रतन गुप्ता, प्रेमचंद वर्मा, राजकुमार, अनिल, विजयशंकर, सोनू* ..इत्यादि उपस्थित रहे ।

More news from Uttar Pradesh and nearby areas
  • Post by Public news
    1
    Post by Public news
    user_Public news
    Public news
    Foreign Exchange Students Organization Mau, Uttar Pradesh•
    22 hrs ago
  • मकर संक्रांति पर कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही की प्रेस कांफ्रेंस, किसानों के लिए कई अहम घोषणाएं मकर संक्रांति के पावन अवसर पर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने आज एक प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने किसानों को पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कृषि क्षेत्र से जुड़ी कई महत्वपूर्ण योजनाओं और नीतियों की जानकारी दी। कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि मकर संक्रांति केवल एक पर्व नहीं, बल्कि किसानों के परिश्रम और नई फसल की शुरुआत का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि सरकार किसानों की आय बढ़ाने और खेती को लाभकारी बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। प्रेस कांफ्रेंस में मंत्री ने कहा कि रबी फसलों की बुवाई इस वर्ष संतोषजनक रही है और मौसम भी अनुकूल बना हुआ है। सरकार द्वारा समय पर खाद, बीज और सिंचाई की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। साथ ही उन्होंने घोषणा की कि जल्द ही किसानों के खातों में अगली किस्त की सहायता राशि भेजी जाएगी। सूर्य प्रताप शाही ने प्राकृतिक खेती और आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने पर जोर देते हुए कहा कि इससे न केवल लागत कम होगी, बल्कि उत्पादन और गुणवत्ता में भी सुधार आएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गांव-गांव तक योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचाया जाए। प्रेस कांफ्रेंस के अंत में कृषि मंत्री ने सभी किसानों से अपील की कि वे सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ उठाएं और किसी भी समस्या के लिए स्थानीय कृषि कार्यालय से संपर्क करें। उन्होंने प्रदेशवासियों को मकर संक्रांति की हार्दिक शुभकामनाएं भी दीं।
    1
    मकर संक्रांति पर कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही की प्रेस कांफ्रेंस, किसानों के लिए कई अहम घोषणाएं
मकर संक्रांति के पावन अवसर पर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने आज एक प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने किसानों को पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कृषि क्षेत्र से जुड़ी कई महत्वपूर्ण योजनाओं और नीतियों की जानकारी दी।
कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि मकर संक्रांति केवल एक पर्व नहीं, बल्कि किसानों के परिश्रम और नई फसल की शुरुआत का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि सरकार किसानों की आय बढ़ाने और खेती को लाभकारी बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
प्रेस कांफ्रेंस में मंत्री ने कहा कि रबी फसलों की बुवाई इस वर्ष संतोषजनक रही है और मौसम भी अनुकूल बना हुआ है। सरकार द्वारा समय पर खाद, बीज और सिंचाई की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। साथ ही उन्होंने घोषणा की कि जल्द ही किसानों के खातों में अगली किस्त की सहायता राशि भेजी जाएगी।
सूर्य प्रताप शाही ने प्राकृतिक खेती और आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने पर जोर देते हुए कहा कि इससे न केवल लागत कम होगी, बल्कि उत्पादन और गुणवत्ता में भी सुधार आएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गांव-गांव तक योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचाया जाए।
प्रेस कांफ्रेंस के अंत में कृषि मंत्री ने सभी किसानों से अपील की कि वे सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ उठाएं और किसी भी समस्या के लिए स्थानीय कृषि कार्यालय से संपर्क करें। उन्होंने प्रदेशवासियों को मकर संक्रांति की हार्दिक शुभकामनाएं भी दीं।
    user_Reporteramit
    Reporteramit
    Journalist देवरिया, देवरिया, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • क्या प्यार सच में एक जुनून बन जाता है? उत्तर प्रदेश के मेरठ से सामने आई एक दिलचस्प और हैरान करने वाली प्रेम कहानी में, एक युवती अपने प्रेमी से शादी की जिद को लेकर हाई वोल्टेज बिजली के टावर पर चढ़ गई। युवती का कहना था कि जब तक शादी के लिए हां नहीं मिलेगी, तब तक वह नीचे नहीं उतरेगी। यह घटना पूरे इलाके में अफरा-तफरी का कारण बनी और पुलिस व बिजली विभाग की टीम को मौके पर पहुंचना पड़ा। युवती और प्रेमी के बीच पहले शादी तय थी, लेकिन पारिवारिक कारणों से रिश्ता टूट गया, जिसके बाद यह कदम उठाया गया। पुलिस ने काउंसलिंग के बाद युवती को सुरक्षित नीचे उतार लिया और मामले को शांतिपूर्वक सुलझाने की प्रक्रिया शुरू की।
    1
    क्या प्यार सच में एक जुनून बन जाता है? उत्तर प्रदेश के मेरठ से सामने आई एक दिलचस्प और हैरान करने वाली प्रेम कहानी में, एक युवती अपने प्रेमी से शादी की जिद को लेकर हाई वोल्टेज बिजली के टावर पर चढ़ गई। युवती का कहना था कि जब तक शादी के लिए हां नहीं मिलेगी, तब तक वह नीचे नहीं उतरेगी। यह घटना पूरे इलाके में अफरा-तफरी का कारण बनी और पुलिस व बिजली विभाग की टीम को मौके पर पहुंचना पड़ा। युवती और प्रेमी के बीच पहले शादी तय थी, लेकिन पारिवारिक कारणों से रिश्ता टूट गया, जिसके बाद यह कदम उठाया गया। पुलिस ने काउंसलिंग के बाद युवती को सुरक्षित नीचे उतार लिया और मामले को शांतिपूर्वक सुलझाने की प्रक्रिया शुरू की।
    user_Vaidehi sulakhiya
    Vaidehi sulakhiya
    Software Developer Deoria, Uttar Pradesh•
    3 hrs ago
  • आज के सच्चाई
    1
    आज के सच्चाई
    user_Bharat sarkar
    Bharat sarkar
    Voice of people देवरिया, देवरिया, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • राष्ट्रपति पुतिन ने बढ़ाई दुनिया की टेंशन
    1
    राष्ट्रपति पुतिन ने बढ़ाई दुनिया की टेंशन
    user_Yogita Jain
    Yogita Jain
    Deoria, Uttar Pradesh•
    7 hrs ago
  • मेला व प्रदर्शनी आयोजक पर लगे गम्भीर आरोप
    1
    मेला व प्रदर्शनी आयोजक पर लगे गम्भीर आरोप
    user_Sunil kumar sharma
    Sunil kumar sharma
    Local News Reporter देवरिया, देवरिया, उत्तर प्रदेश•
    16 hrs ago
  • *जनपद देवरिया थाना बनकटा पुलिस द्वारा 01 चार पहिया वाहन एवं चोरी की 03 दो पहिया वाहन से 126 लीटर देशी शराब के साथ 06 अभियुक्तों को किया गया गिरफ्तार*
    1
    *जनपद देवरिया थाना बनकटा पुलिस द्वारा 01 चार पहिया वाहन एवं चोरी की 03 दो पहिया वाहन से 126 लीटर देशी शराब के साथ 06 अभियुक्तों को किया गया गिरफ्तार*
    user_Vinod Kumar
    Vinod Kumar
    पत्रकारिता देवरिया, देवरिया, उत्तर प्रदेश•
    18 hrs ago
  • वार्ड नंबर 14 में रास्ते को लेकर विवाद वीडियो वायरल देवरिया नगर पालिका के वार्ड नंबर 14 में रास्ते को लेकर विवाद हो गया। विद्या मंदिर स्कूल की जमीन पर चारदीवारी निर्माण से करीब 50 साल पुराना रास्ता बंद होने लगा, जिससे लगभग 100 घरों का आवागमन प्रभावित होने की आशंका है। शनिवार को निर्माण शुरू होते ही स्थानीय लोगों ने विरोध किया। सूचना पर पुलिस व राजस्व विभाग मौके पर पहुंचे और काम रुकवाया गया। प्रशासन ने मामले की जांच कर निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
    1
    वार्ड नंबर 14 में रास्ते को लेकर विवाद वीडियो वायरल
देवरिया नगर पालिका के वार्ड नंबर 14 में रास्ते को लेकर विवाद हो गया। विद्या मंदिर स्कूल की जमीन पर चारदीवारी निर्माण से करीब 50 साल पुराना रास्ता बंद होने लगा, जिससे लगभग 100 घरों का आवागमन प्रभावित होने की आशंका है। शनिवार को निर्माण शुरू होते ही स्थानीय लोगों ने विरोध किया। सूचना पर पुलिस व राजस्व विभाग मौके पर पहुंचे और काम रुकवाया गया। प्रशासन ने मामले की जांच कर निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
    user_Reporteramit
    Reporteramit
    Journalist देवरिया, देवरिया, उत्तर प्रदेश•
    17 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.