जनपद बहराइच के थाना सुजौली व रेंज निशानगाड़ा अंतर्गत सरयू नहर में एक मगरमच्छ के हमले में एक महिला की मौत हो गई। मृतका की पहचान मोहकमपुरवा, ग्राम पंचायत चफरिया निवासी 55 वर्षीय केतकी पत्नी रमेश के रूप में हुई है। परिजनों ने बताया कि केतकी शनिवार शाम पड़ोसी गांव हजारीपुरवा में एक रिश्तेदार की शादी में शामिल होने के लिए घर से निकली थीं। रातभर घर न लौटने पर परिजन परेशान थे। रविवार सुबह लगभग 9 बजे, सरयू नहर के 10 नंबर पुल से करीब 600 मीटर दूर रमपुरवा गांव के पास ग्रामीणों ने नहर में एक मगरमच्छ को महिला का शव मुंह में दबाए देखा। शोर मचाने पर आसपास के लोग दौड़े, जिसके बाद ग्राम प्रधान प्रतिनिधि रमपुरवा विनोद वर्मा ने ग्रामीणों की मदद से शव को मगरमच्छ के चंगुल से छुड़ाकर बाहर निकाला। शव पर मगरमच्छ के हमले के स्पष्ट निशान थे; मगरमच्छ उसका एक पैर खा चुका था और शरीर पर कई गहरे जख्म थे। महिला का शव उसके घर से करीब 3 किलोमीटर दूर बरामद हुआ। घटना की सूचना मिलने पर थानाध्यक्ष प्रकाश चंद्र शर्मा ने एसआई मारकंडे मिश्रा और सत्तार को मौके पर भेजा। लेखपाल अरुण कुमार और ग्राम प्रधान चफरिया अजीज अहमद ने भी घटनास्थल पर पहुंचकर शव की शिनाख्त की। पुलिस टीम ने लेखपाल और ग्राम प्रधान की मौजूदगी में शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। सूचना मिलते ही परिजन घटनास्थल पर पहुँचे और रोते-बिलखते रहे। ग्रामीणों ने वन विभाग पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है, क्योंकि सूचना देने के बाद भी वन विभाग का कोई भी अधिकारी या कर्मचारी मौके पर नहीं पहुँचा। ग्रामीणों का कहना है कि कतर्नियाघाट क्षेत्र में बारिश के बाद से मगरमच्छ के हमलों की घटनाएँ बढ़ गई हैं।
जनपद बहराइच के थाना सुजौली व रेंज निशानगाड़ा अंतर्गत सरयू नहर में एक मगरमच्छ के हमले में एक महिला की मौत हो गई। मृतका की पहचान मोहकमपुरवा, ग्राम पंचायत चफरिया निवासी 55 वर्षीय केतकी पत्नी रमेश के रूप में हुई है। परिजनों ने बताया कि केतकी शनिवार शाम पड़ोसी गांव हजारीपुरवा में एक रिश्तेदार की शादी में शामिल होने के लिए घर से निकली थीं। रातभर घर न लौटने पर परिजन परेशान थे। रविवार सुबह लगभग 9 बजे, सरयू नहर के 10 नंबर पुल से करीब 600 मीटर दूर रमपुरवा गांव के पास ग्रामीणों ने नहर में एक मगरमच्छ को महिला का शव मुंह में दबाए देखा। शोर मचाने पर आसपास के लोग दौड़े, जिसके बाद ग्राम प्रधान प्रतिनिधि रमपुरवा विनोद वर्मा ने ग्रामीणों की मदद से शव को मगरमच्छ के चंगुल से छुड़ाकर बाहर निकाला। शव पर मगरमच्छ के हमले के स्पष्ट निशान थे; मगरमच्छ उसका एक पैर खा चुका था और शरीर पर कई गहरे जख्म थे। महिला का शव उसके घर से करीब 3 किलोमीटर दूर बरामद हुआ। घटना की सूचना मिलने पर थानाध्यक्ष प्रकाश चंद्र शर्मा ने एसआई मारकंडे मिश्रा और सत्तार को मौके पर भेजा। लेखपाल अरुण कुमार और ग्राम प्रधान चफरिया अजीज अहमद ने भी घटनास्थल पर पहुंचकर शव की शिनाख्त की। पुलिस टीम ने लेखपाल और ग्राम प्रधान की मौजूदगी में शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। सूचना मिलते ही परिजन घटनास्थल पर पहुँचे और रोते-बिलखते रहे। ग्रामीणों ने वन विभाग पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है, क्योंकि सूचना देने के बाद भी वन विभाग का कोई भी अधिकारी या कर्मचारी मौके पर नहीं पहुँचा। ग्रामीणों का कहना है कि कतर्नियाघाट क्षेत्र में बारिश के बाद से मगरमच्छ के हमलों की घटनाएँ बढ़ गई हैं।
- बहराइच के मटेरा में लगातार अघोषित बिजली कटौती और बिजली विभाग के अड़ियल रवैये से तंग आकर मटेरा बाजार के समस्त व्यापारियों और क्षेत्रवासियों का गुस्सा फूट पड़ा है। आक्रोशित जनता और व्यापारियों ने आज 33/11 के.वी. विद्युत उपकेंद्र (पावर स्टेशन) मटेरा के सामने एकत्रित होकर शांतिपूर्ण ढंग से धरना दिया और विभाग के खिलाफ जमकर विरोध दर्ज कराया। धरने पर बैठे स्थानीय व्यापारियों और ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में बिजली व्यवस्था पूरी तरह से 'वेंटिलेटर पर' है, जहाँ 24 घंटे में मात्र कुछ घंटों की बिजली वह भी 'किस्तों' (बार-बार ट्रिपिंग) में दी जा रही है। भीषण गर्मी और उमस के इस मौसम में बिजली न मिलने से आम जनजीवन बेहाल है, वहीं मटेरा बाजार का व्यापार पूरी तरह से ठप होने की कगार पर पहुँच गया है। इलेक्ट्रॉनिक, वेल्डिंग, और कोल्ड स्टोरेज जैसे छोटे-बड़े व्यवसाय बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। आंदोलनकारियों ने बिजली विभाग के आला अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए इसे सिर्फ तकनीकी खराबी नहीं, बल्कि विभागीय लापरवाही और जनता की समस्याओं के प्रति घोर उदासीनता का नतीजा बताया। उन्होंने कहा कि कई बार शिकायत करने के बावजूद अधिकारियों के कान पर जूं तक नहीं रेंगी, जिसके बाद मजबूर होकर यह कदम उठाना पड़ा। आंदोलनकारियों की मुख्य मांगें हैं कि मटेरा क्षेत्र को शासन द्वारा निर्धारित रोस्टर/शेड्यूल के अनुसार नियमित एवं निर्बाध बिजली आपूर्ति मिले, जर्जर तारों और बार-बार होने वाली ट्रिपिंग की समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाए, और उपभोक्ताओं के फोन न उठाने वाले लापरवाह कर्मचारियों पर कार्रवाई हो। वक्ताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी कि उनकी मांग कोई नाजायज नहीं है और वे सिर्फ अपने हक की बिजली मांग रहे हैं। यदि शासन के निर्धारित शेड्यूल के अनुसार नियमित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित नहीं की गई और समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं निकला, तो यह शांतिपूर्ण आंदोलन आने वाले दिनों में एक बड़े जन-आंदोलन का रूप ले लेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी विद्युत विभाग और स्थानीय प्रशासन की होगी। इस धरने में मटेरा बाजार के प्रमुख व्यापारी वर्ग, सामाजिक कार्यकर्ता और भारी संख्या में क्षेत्रीय संभ्रांत नागरिक व ग्रामीण मौजूद रहे।1
- बहराइच-गोंडा मार्ग पर चिलवरिया के पास रविवार सुबह करीब 5 बजे एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया, जिसमें वाराणसी कैंट डिपो की एक रोडवेज बस (संख्या UP78HT4651) सीमेंट से लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली से टकरा गई। यह बस गोंडा से बहराइच की ओर आ रही थी और टक्कर इतनी भीषण थी कि ट्रैक्टर-ट्रॉली पलट गई। इस हादसे में ट्रैक्टर-ट्रॉली चालक को गंभीर अवस्था में अस्पताल ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। टक्कर के कारण रोडवेज बस में सवार 11 यात्री घायल हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और सभी घायलों को तत्काल जिला अस्पताल भेजा गया। घायलों में से छह लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई, जबकि पांच अन्य का उपचार अभी जारी है। इन घायलों में एक महिला की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिसका चिकित्सकों की निगरानी में इलाज चल रहा है। घटना की जानकारी मिलने पर जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी और पुलिस अधीक्षक विश्वजीत श्रीवास्तव भी घटनास्थल पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य का जायजा लिया। अधिकारियों ने घायलों को समुचित उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। पुलिस के अनुसार, फिलहाल घटनास्थल पर स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और शांति व्यवस्था कायम है। पुलिस इस सड़क हादसे के कारणों की जांच कर रही है।1
- उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले से एक बड़े और दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है। चिमनी गांव के पास, मशहूर 'ढाबा यूपी 31' के समीप, एक तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर एक गहरी नहर में जा गिरी। हादसे के वक्त कार में कितने लोग सवार थे, इसकी सटीक जानकारी जुटाने के प्रयास किए जा रहे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार काफी तेज गति में थी और ढाबा यूपी 31 के पास चालक ने अचानक वाहन पर से नियंत्रण खो दिया, जिसके चलते कार लहराती हुई सीधे नहर में समा गई। कार को पानी में गिरता देख ढाबे के स्टाफ और स्थानीय ग्रामीणों में हड़कंप मच गया, जिन्होंने तत्काल पुलिस को सूचना दी और खुद भी बचाव कार्य में जुट गए। सूचना मिलते ही स्थानीय थाने की पुलिस और गोताखोरों की टीम मौके पर पहुंच गई है। स्थानीय प्रशासन की मदद से नहर में डूबी कार को बाहर निकालने और उसमें फंसे लोगों को सुरक्षित बचाने के लिए युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है। पानी का बहाव तेज होने के कारण रेस्क्यू टीम को शुरुआती दिक्कतों का सामना करना पड़ा, लेकिन क्रेन और गोताखोरों की मदद से कार को ट्रैक करने की कोशिशें लगातार जारी हैं। एक चश्मदीद ने बताया कि कार की रफ्तार काफी तेज होने के कारण मोड़ पर संतुलन बिगड़ गया था और पुलिस तथा ग्रामीण मिलकर पूरी ताकत से बचाव कार्य में जुटे हैं। फिलहाल, पुलिस हादसे के सही कारणों का पता लगाने में जुटी है। पुलिस कार का रजिस्ट्रेशन नंबर और उसमें सवार लोगों की पहचान करने की कोशिश कर रही है ताकि उनके परिजनों को सूचित किया जा सके। इस हादसे के बाद इलाके में भारी भीड़ जमा हो गई है और सुरक्षा के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है।1
- शारदा नगर/निघासन क्षेत्र की रहने वाली पंछी देवी नामक एक महिला ने एक वीडियो जारी कर न्याय की गुहार लगाई है और स्थानीय पुलिस-प्रशासन व विपक्षी दल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। वीडियो में महिला ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उसे न्याय नहीं मिलता है और वह आत्महत्या जैसा कोई कदम उठाती है, तो इसके सीधे जिम्मेदार प्रशासन और आरोपी होंगे। पंछी देवी ने वीडियो में अपना दर्द बयां करते हुए बताया कि पिछले छह महीने से निघासन के ठाकुर पुरवा निवासी हरनेश कुमार कश्यप के साथ उनका एक मामला चल रहा है। महिला का आरोप है कि हरनेश के बड़े भाई गुरु प्रसाद, जो एक लेखपाल के मुंशी भी हैं, और उनके साथी रोज उन पर केस वापस लेने का दबाव बना रहे हैं। महिला के अनुसार, उन्हें और उनके परिवार को जान से मारने की धमकियां भी मिल रही हैं। धमकियों से परेशान होकर, बीती 22 तारीख को पंछी देवी निघासन के मझली पुरवा में एक मोबाइल टावर पर आत्महत्या करने के इरादे से चढ़ गई थीं। उस समय डायल 112, सीओ, एसडीएम और स्थानीय पुलिस प्रशासन मौके पर मौजूद था। महिला के मुताबिक, तब गुरु प्रसाद ने टावर के नीचे आकर उन्हें यह आश्वासन दिया था कि यदि वह नीचे उतर आती हैं तो हरनेश से उनकी शादी करवा दी जाएगी। हालांकि, महिला का आरोप है कि टावर से नीचे उतरने के बाद से अब तक पुलिस या प्रशासन की तरफ से उनकी कोई सुनवाई नहीं की गई है और उन्हें झूठे आश्वासन देकर नीचे उतारा गया था। हताश होकर पंछी देवी ने इस वीडियो के माध्यम से एक बार फिर चेतावनी दी है कि भविष्य में उनके साथ कोई अनहोनी होने या आत्महत्या करने पर मजबूर होने की स्थिति में, निघासन का पूरा पुलिस प्रशासन, संबंधित सीओ और एसडीएम, गुरु प्रसाद, हरनेश कश्यप और ध्रुव सीधे तौर पर जिम्मेदार होंगे।1
- उत्तर प्रदेश के नोएडा में पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है जो ऑनलाइन फ्रेंडशिप क्लब चलाकर लड़कों को लूटता था। यह गिरोह पहले लड़कों से ऑनलाइन दोस्ती करता था, फिर उन्हें मिलने के लिए बुलाकर उनसे लूटपाट करता था। इस मामले में पुलिस ने गिरोह की तीन लड़कियों और दो लड़कों को गिरफ्तार किया है, जिनकी पहचान निधि यादव, प्रियंका यादव, काजल उर्फ रिया यादव, ओमवीर यादव और मंजेश यादव के रूप में हुई है।1
- अंतर्राष्ट्रीय नेपाल-भारत सीमा पर स्थित रुपईडीहा का डीआईजी ने निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सीमा सुरक्षा व्यवस्था का गहनता से जायजा लिया। निरीक्षण के पश्चात, डीआईजी ने उपस्थित अधिकारियों को सीमा सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु सख्त निर्देश जारी किए।1
- हरियाणा के महेंद्रगढ़ के रहने वाले संतलाल जी एक ऐसे असाधारण व्यक्ति हैं जिन्हें गर्मी के मौसम में सर्दी का अनुभव होता है और सर्दी के दौरान उन्हें गर्मी लगती है। डॉक्टरी जाँच में उन्हें कोई बीमारी नहीं पाई गई है, जो उनके इस मामले को एक अजूबा बना देता है। अपनी इस अनोखी शारीरिक प्रवृत्ति के चलते, संतलाल जी सर्दियों में रोज़ाना बर्फ का सेवन करते हैं और सुबह 5 बजे से ही नहाना शुरू कर देते हैं। वहीं, गर्मियों में उन्हें ठंड से बचने के लिए दो-दो कंबल ओढ़ने पड़ते हैं।1
- बहराइच की यातायात पुलिस ने सड़क सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाने के उद्देश्य से एक व्यापक अभियान चलाया है। इस अभियान के तहत कुल 656 वाहनों का चालान किया गया है और इन पर कुल ₹8,48,700 का जुर्माना लगाया गया है। इस दौरान तीन वाहनों को सीज भी किया गया। पुलिस ने विभिन्न यातायात उल्लंघनों पर कड़ी कार्रवाई की, जिसमें गलत या अस्पष्ट नंबर प्लेट लगाकर वाहन चलाने वाले 5 वाहन शामिल थे, जिनके विरुद्ध मोटर वाहन अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई। दोपहिया वाहन पर तीन सवारी बैठाकर चलने वाले 59 वाहनों के खिलाफ भी इसी अधिनियम के तहत एक्शन लिया गया। इसके अतिरिक्त, 2 चारपहिया वाहनों से ब्लैक फिल्म हटवाकर उन पर भी मोटर वाहन अधिनियम के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की गई। अभियान के दौरान प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रेशर हॉर्न बजाकर ध्वनि प्रदूषण करने वाले 15 भारी वाहनों और मॉडिफाइड साइलेंसर लगाकर दोपहिया वाहन चलाने वाले 2 वाहनों पर भी मोटर वाहन अधिनियम के तहत कार्यवाही की गई। यातायात पुलिस बहराइच द्वारा यह कार्यवाही सड़क सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के दृष्टिगत अभियान चलाकर की गई।2
- बहराइच में एक भीषण सड़क हादसा सामने आया है, जहां एक रोडवेज बस और ट्रैक्टर ट्रॉली के बीच जोरदार टक्कर हो गई। इस दर्दनाक हादसे में रोडवेज बस के चालक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कम से कम 11 अन्य लोग घायल हो गए हैं।1