फिर जल उठा मणिपुर कुकी सड़कों पर उतरी महिलाएं............ फिर जल उठा मणिपुर, कूकी, नागा, मैतेई टकराव से हालात बिगड़े, सड़कों पर महिलाएं धुंधली पड़ी शांति की उम्मीद, 3 वर्षों से एक राज्य सुलग रहा है। मणिपुर घाटी में बड़े पैमाने पर हर रात जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच, बिष्णुपुर में दो मैतेई बच्चों की घर पर हुए प्रोजेक्टाइल हमले में मौत के दो हफ्ते बाद अब प्रशासन ने “उकसाने वालों” के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। पिछले कुछ दिनों से लगभग हर रात सैकड़ों लोगों की मशाल जुलूस निकल रहे हैं, जो रात के कर्फ्यू को चुनौती देते हुए सड़कों पर उतर रहे हैं। कई जगह ये प्रदर्शन सुरक्षा बलों के साथ झड़प में बदल गए हैं। रविवार रात काकचिंग, सगोलबंद, सेक्मई, हेंगांग और उरिपोक समेत कई इलाकों में रैलियां हुईं। काकचिंग और उरिपोक में हालात हिंसक हो गए, जिसके बाद सुरक्षा बलों ने आंसू गैस के गोले छोड़े। काकचिंग में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को डीसी ऑफिस की ओर बढ़ने से रोका, जिसके बाद झड़प हुई। वहीं उरिपोक में प्रदर्शनकारियों ने टायर जलाकर सड़क जाम कर दी और कथित तौर पर गुलेल से सुरक्षा बलों पर हमला किया। घाटी आधारित संगठन COCOMI के नेता शांता नहाकपम ने कहा कि ये प्रदर्शन “दिल्ली पर दबाव बनाने” की कोशिश हैं, ताकि राज्य में जारी हिंसा पर जवाबदेही तय हो सके। उन्होंने बीजेपी के बहिष्कार की भी बात कही। उन्होंने कहा कि एन. बीरेन सिंह सरकार इस मसले को सुलझाने में नाकाम रही, जिसके बाद राष्ट्रपति शासन लगाया गया। लोगों को उम्मीद थी कि हालात सुधरेंगे, लेकिन अब भी दोनों समुदायों के बीच सीधी बातचीत नहीं हो पा रही है। उनके मुताबिक, बीजेपी के हालात संभालने के तरीके पर लोगों को जवाब चाहिए और इसी के लिए दबाव बनाया जा रहा है। लगातार हो रही झड़पों पर उन्होंने कहा कि कुछ युवा गुस्से में आ जाते हैं, लेकिन पुलिस से अपील है कि बल प्रयोग करने के बजाय ऐसे लोगों को हिरासत में लिया जाए, क्योंकि ज्यादा सख्ती से हालात और बिगड़ते हैं। इसी बीच मणिपुर पुलिस ने शनिवार रात इम्फाल वेस्ट में पटसोई से सगोलबंद तक निकाली गई रैली के दौरान हुई हिंसा के मामले में 21 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, भीड़ ने पथराव किया, पेट्रोल बम फेंके और गुलेल व पत्थरों से हमला किया, जिसमें तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए। हालात काबू करने के लिए पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा।
फिर जल उठा मणिपुर कुकी सड़कों पर उतरी महिलाएं............ फिर जल उठा मणिपुर, कूकी, नागा, मैतेई टकराव से हालात बिगड़े, सड़कों पर महिलाएं धुंधली पड़ी शांति की उम्मीद, 3 वर्षों से एक राज्य सुलग रहा है। मणिपुर घाटी में बड़े पैमाने पर हर रात जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच, बिष्णुपुर में दो मैतेई बच्चों की घर पर हुए प्रोजेक्टाइल हमले में मौत के दो हफ्ते बाद अब प्रशासन ने “उकसाने वालों” के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। पिछले कुछ दिनों से लगभग हर रात सैकड़ों लोगों की मशाल जुलूस निकल रहे हैं, जो रात के कर्फ्यू को चुनौती देते हुए सड़कों पर उतर रहे हैं। कई जगह ये प्रदर्शन सुरक्षा बलों के साथ झड़प में बदल गए हैं। रविवार रात काकचिंग, सगोलबंद, सेक्मई, हेंगांग और उरिपोक समेत कई इलाकों में रैलियां हुईं। काकचिंग और उरिपोक में हालात हिंसक हो गए, जिसके बाद सुरक्षा बलों ने आंसू गैस के गोले छोड़े। काकचिंग में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को डीसी ऑफिस की ओर बढ़ने से रोका, जिसके बाद झड़प हुई। वहीं उरिपोक में प्रदर्शनकारियों ने टायर जलाकर सड़क जाम कर दी और कथित तौर पर गुलेल से सुरक्षा बलों पर हमला किया। घाटी आधारित संगठन COCOMI के नेता शांता नहाकपम ने कहा कि ये प्रदर्शन “दिल्ली पर दबाव बनाने” की कोशिश हैं, ताकि राज्य में जारी हिंसा पर जवाबदेही तय हो सके। उन्होंने बीजेपी के बहिष्कार की भी बात कही। उन्होंने कहा कि एन. बीरेन सिंह सरकार इस मसले को सुलझाने में नाकाम रही, जिसके बाद राष्ट्रपति शासन लगाया गया। लोगों को उम्मीद थी कि हालात सुधरेंगे, लेकिन अब भी दोनों समुदायों के बीच सीधी बातचीत नहीं हो पा रही है। उनके मुताबिक, बीजेपी के हालात संभालने के तरीके पर लोगों को जवाब चाहिए और इसी के लिए दबाव बनाया जा रहा है। लगातार हो रही झड़पों पर उन्होंने कहा कि कुछ युवा गुस्से में आ जाते हैं, लेकिन पुलिस से अपील है कि बल प्रयोग करने के बजाय ऐसे लोगों को हिरासत में लिया जाए, क्योंकि ज्यादा सख्ती से हालात और बिगड़ते हैं। इसी बीच मणिपुर पुलिस ने शनिवार रात इम्फाल वेस्ट में पटसोई से सगोलबंद तक निकाली गई रैली के दौरान हुई हिंसा के मामले में 21 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, भीड़ ने पथराव किया, पेट्रोल बम फेंके और गुलेल व पत्थरों से हमला किया, जिसमें तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए। हालात काबू करने के लिए पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा।
- परशुराम जयंती पर परशुराम वंशजों का जुटान भजन-आरती महाप्रसाद से हुआ समापन।1
- चाय से शुरू होकर गाय पर लटक गई सरकार अभी तो टेलर है पिक्चर बाकी है सियानी घोष1
- Post by Thakur Chandan Kumar1
- Darbhanga में Abu dhabi नौकरी का सुनहरा मौका! 23 April को क्लाइंट इंटरव्यू, कंपनी दे रही फ्री फूड, आवास और अच्छी सैलरी, देखिए! #jobopportunities #jobalert #jobs #jobopportunity #jobsearch #jobopening #vacances #vacancy #darbhanga #darbhanga_mithila #darbhangadiaries #DarbhangaNews #gulf #gulfvacancy #gulfvacancies #dubaijobs #dubai #gulfjobs #dubaijobs #dubaijobs2025 #dubaijobswithvisa #dubaijobvacancies #viralvideochallenge #trendingvideo #viralchallenge #viralreelschallenge #jobopportunities #dubaijobs #DubaiJobOpportunities #dubaijobsearch1
- Post by Pawan Mahto Reporter1
- पूरा देखें1
- सड़क पर 'जश्न' या कानून का उल्लंघन? सड़क पर नाच, जनता परेशान: शादियों के नाम पर बीच सड़क पर डीजे बजाकर नाचना अब एक बड़ी मुसीबत बन चुका है। लोग अपनी खुशी के लिए घंटों ट्रैफिक जाम कर देते हैं, जिससे एम्बुलेंस और जरूरी काम से निकले लोग फंसे रह जाते हैं। सिर्फ 10 बजे का नियम काफी नहीं: आयोजकों को लगता है कि रात 10 बजे तक वे कुछ भी करने के लिए स्वतंत्र हैं। पर सवाल यह है कि क्या जश्न के नाम पर सार्वजनिक रास्ता रोकना सही है? प्रशासन की ढिलाई: कई बार पुलिस की मौजूदगी में भी यह सब होता है, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जाती। नजरअंदाज करने की यह आदत आम जनता के लिए सिरदर्द बन गई है। हमारा सवाल: आपकी निजी खुशी दूसरों के लिए सजा क्यों?1
- आखिर क्या हुआ जिससे चर्चित राजद नेत्री प्रिया भीड़ के सामने देर रात्री फुट फुट कर रोने लगी ?? #Priyaraj #Rjd #Viralnews #Harlakhi #Madhubaninews1