संविधान को बचाने की शपथ के साथ मनाया गणतंत्र दिवस -बकाया भुगतान की मांग को लेकर 344 वें दिन भी जारी रहा जेके मजदूरों का धरना कोटा। बकाया भुगतान की मांग को लेकर कोटा जिला कलेक्ट्रेट के मुख्य द्वार पर पिछले 11 महीनों से अनिश्चित कालीन धरना दे रहे जेके सिंथेटिक्स फैक्ट्री के मजदूरों ने सोमवार को गणतंत्र दिवस अनोखे अंदाज में मनाया। मजदूरों ने संविधान की रक्षा की शपथ ली और बकाया वेतन भुगतान की मांग को लेकर अपनी एकजुटता प्रदर्शित की। धरने में शामिल सैकड़ों मजदूरों और महिलाओं ने मुख्य अतिथि सीटू के पूर्व राष्ट्रीय प्रभारी कामरेड जेएस मजूमदार के नेतृत्व में गणतंत्र दिवस समारोह आयोजित किया। जेके सिंथेटिक्स फैक्ट्री की तीनों मजदूर यूनियनों कामरेड हबीब खान, कामरेड उमाशंकर और कामरेड नरेंद्र सिंह के नेतृत्व में 18 फरवरी 2025 से चल रहा यह धरना 344 वें दिन में प्रवेश कर चुका है। मजदूर नेता कामरेड हबीब खान ने बताया कि पिछले 11 महीनों से मजदूर बकाया वेतन की मांग को लेकर आंदोलनरत हैं। लेकिन राज्य सरकार ने अभी तक कोई भुगतान नहीं किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की खुलेआम अवहेलना कर रही है। जिससे मजदूरों और महिलाओं में गहरा रोष व्याप्त है। मुख्य वक्ता मजूमदार ने सरकार पर साधा निशाना सीटू के राष्ट्रीय स्तर से आए मुख्य वक्ता कामरेड जेएस मजूमदार ने सभा को संबोधित करते हुए केंद्र और राज्य की बीजेपी सरकारों को मजदूर-किसान विरोधी करार दिया। उन्होंने कहा कि सरकार पूंजीपतियों के साथ मिलकर मजदूरों के हितों वाले श्रम कानूनों को खत्म करने पर तुली हुई है। सीटू सहित अन्य ट्रेड यूनियनों ने इसका कड़ा विरोध किया है। मजूमदार ने आगामी 12 फरवरी को प्रस्तावित राष्ट्रव्यापी मजदूर हड़ताल को सफल बनाने की अपील की। उन्होंने बताया कि राजस्थान सरकार को मजदूरों का बकाया वेतन जल्द भुगतान करना ही होगा। सीटू राज्य कमेटी और जेके मजदूरों का प्रतिनिधिमंडल मुख्य सचिव से मुलाकात करेगा। बातचीत चल रही है और जल्द ही सफलता मिलने की उम्मीद है। धरने में उमड़ी भीड़ 845 ने दर्ज की उपस्थिति सीटू मीडिया प्रभारी मुरारीलाल बैरवा ने बताया कि गणतंत्र दिवस समारोह में लगभग 845 जेके मजदूर, महिलाएं और सीटू कार्यकर्ता उपस्थित रहे। धरने पर यूनियन रजिस्टर में सभी ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। सभा को इन्होंने किया संबोधित सभा को कामरेड उमाशंकर, कामरेड नरेंद्र सिंह, कामरेड केदार जोशी, कामरेड हनुमान सिंह, कामरेड अली मोहम्मद, कामरेड कालीचरण सोनी, कामरेड सतीश चंद त्रिवेदी, कामरेड पुष्पा खींची, रेशमा देवी, निर्मला बाई, रहीसा बानो सहित अन्य नेताओं ने भी संबोधित किया।
संविधान को बचाने की शपथ के साथ मनाया गणतंत्र दिवस -बकाया भुगतान की मांग को लेकर 344 वें दिन भी जारी रहा जेके मजदूरों का धरना कोटा। बकाया भुगतान की मांग को लेकर कोटा जिला कलेक्ट्रेट के मुख्य द्वार पर पिछले 11 महीनों से अनिश्चित कालीन धरना दे रहे जेके सिंथेटिक्स फैक्ट्री के मजदूरों ने सोमवार को गणतंत्र दिवस अनोखे अंदाज में मनाया। मजदूरों ने संविधान की रक्षा की शपथ ली और बकाया वेतन भुगतान की मांग को लेकर अपनी एकजुटता प्रदर्शित की। धरने में शामिल सैकड़ों मजदूरों और महिलाओं ने मुख्य अतिथि सीटू के पूर्व राष्ट्रीय प्रभारी कामरेड जेएस मजूमदार के नेतृत्व में
गणतंत्र दिवस समारोह आयोजित किया। जेके सिंथेटिक्स फैक्ट्री की तीनों मजदूर यूनियनों कामरेड हबीब खान, कामरेड उमाशंकर और कामरेड नरेंद्र सिंह के नेतृत्व में 18 फरवरी 2025 से चल रहा यह धरना 344 वें दिन में प्रवेश कर चुका है। मजदूर नेता कामरेड हबीब खान ने बताया कि पिछले 11 महीनों से मजदूर बकाया वेतन की मांग को लेकर आंदोलनरत हैं। लेकिन राज्य सरकार ने अभी तक कोई भुगतान नहीं किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की खुलेआम अवहेलना कर रही है। जिससे मजदूरों और महिलाओं में गहरा रोष व्याप्त है। मुख्य वक्ता मजूमदार ने सरकार पर
साधा निशाना सीटू के राष्ट्रीय स्तर से आए मुख्य वक्ता कामरेड जेएस मजूमदार ने सभा को संबोधित करते हुए केंद्र और राज्य की बीजेपी सरकारों को मजदूर-किसान विरोधी करार दिया। उन्होंने कहा कि सरकार पूंजीपतियों के साथ मिलकर मजदूरों के हितों वाले श्रम कानूनों को खत्म करने पर तुली हुई है। सीटू सहित अन्य ट्रेड यूनियनों ने इसका कड़ा विरोध किया है। मजूमदार ने आगामी 12 फरवरी को प्रस्तावित राष्ट्रव्यापी मजदूर हड़ताल को सफल बनाने की अपील की। उन्होंने बताया कि राजस्थान सरकार को मजदूरों का बकाया वेतन जल्द भुगतान करना ही होगा। सीटू राज्य कमेटी और जेके मजदूरों का प्रतिनिधिमंडल
मुख्य सचिव से मुलाकात करेगा। बातचीत चल रही है और जल्द ही सफलता मिलने की उम्मीद है। धरने में उमड़ी भीड़ 845 ने दर्ज की उपस्थिति सीटू मीडिया प्रभारी मुरारीलाल बैरवा ने बताया कि गणतंत्र दिवस समारोह में लगभग 845 जेके मजदूर, महिलाएं और सीटू कार्यकर्ता उपस्थित रहे। धरने पर यूनियन रजिस्टर में सभी ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। सभा को इन्होंने किया संबोधित सभा को कामरेड उमाशंकर, कामरेड नरेंद्र सिंह, कामरेड केदार जोशी, कामरेड हनुमान सिंह, कामरेड अली मोहम्मद, कामरेड कालीचरण सोनी, कामरेड सतीश चंद त्रिवेदी, कामरेड पुष्पा खींची, रेशमा देवी, निर्मला बाई, रहीसा बानो सहित अन्य नेताओं ने भी संबोधित किया।
- प्रहलाद गुंजल का बयान: “चप्पल तोड़कर राजनीति में बना नेता, जरूरत पड़ी तो रात 2 बजे भी जनता के लिए खड़ा रहूंगा” न्यूज़ स्क्रिप्ट: राजस्थान। वरिष्ठ राजनीतिक नेता प्रहलाद गुंजल ने अपने संघर्षपूर्ण राजनीतिक सफर को लेकर एक भावुक और सशक्त बयान दिया है। उन्होंने कहा कि वे किसी सिफारिश या दिखावे के सहारे नहीं, बल्कि कठिन परिश्रम और जनता की सेवा के दम पर राजनीति में आगे बढ़े हैं। प्रहलाद गुंजल ने कहा, “मैं चप्पल उठाकर नेता नहीं बना हूं, बल्कि चप्पल तोड़कर राजनीति में नेता बना हूं। यह सफर संघर्ष, मेहनत और आम जनता के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने का परिणाम है।” उन्होंने अपने बयान के माध्यम से यह संदेश दिया कि राजनीति में उनकी पहचान जमीन से जुड़ी सोच और निरंतर जनसेवा से बनी है। उन्होंने आगे कहा कि जनता की मदद और समस्याओं के समाधान के लिए वे हर समय उपलब्ध रहने को तैयार हैं। “अगर किसी को मेरी जरूरत होगी तो मैं रात के 2 बजे भी खड़ा रहूंगा, चाहे इसके लिए मुझे अपनी जान तक जोखिम में डालनी पड़े,” ऐसा कहते हुए उन्होंने अपने समर्पण और जिम्मेदारी की भावना को स्पष्ट किया। गुंजल के इस बयान के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। समर्थकों ने इसे उनके संघर्ष और जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक बताया है, वहीं राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह बयान जनता से भावनात्मक जुड़ाव मजबूत करने और अपनी जमीनी छवि को और सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण संदेश है। प्रहलाद गुंजल के इस बयान ने एक बार फिर राजनीति में संघर्ष, सेवा और जिम्मेदारी जैसे मुद्दों को चर्चा के केंद्र में ला दिया1
- 😥💔🥀sabanam nisha 💔 Abdul hamid sohar2
- -इटावा में मजदूर किसान भवन पर झंडारोहण कर मनाया गणतंत्र दिवस इटावा/ कोटा। कोटा जिले के इटावा के मजदूर किसान भवन में सोमवार को गणतंत्र दिवस पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया। कार्यक्रम में श्रमिकों, किसानों और निर्माण मजदूरों की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही। जहां सभी ने संविधान की रक्षा के लिए एकजुट संघर्ष करने तथा सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ आंदोलन तेज करने की शपथ ली। कार्यक्रम की शुरुआत बाबूलाल गोगडिया द्वारा राष्ट्रीय ध्वज फहराने के साथ हुई। मुख्य वक्ता के रूप में सीपीआई(एम) के तहसील सचिव कामरेड मुकुट बिहारी जंगम ने संबोधित किया। उन्होंने संविधान के मूल्यों की रक्षा, मजदूर-किसान हितों की लड़ाई और वर्तमान नीतियों के खिलाफ एकता का आह्वान किया। कार्यक्रम में ये रहे मौजूद कार्यक्रम में किसान सभा के उपाध्यक्ष भोजराज नागर, चेतनप्रकाश मीणा, निर्माण मजदूर यूनियन (सीटू) के उपाध्यक्ष अमोलक चंद, राकेश कुमार, प्रेम पेंटर, गिर्राज प्रसाद, कमल कुमार, बंटी महावर, रामफूल महावर, मुरारीलाल बैरवा, बबलू शेरावत, रामनारायण पहाड़िया, प्रेमशंकर, द्वारका प्रसाद, लड्डू लाल सहित दर्जनों कामगार महिलाएं और निर्माण मजदूर उपस्थित रहे। एकजुट होकर आंदोलन चलाने की ली शपथ समारोह के दौरान सभी उपस्थित साथियों ने संविधान को बचाने के लिए एकजुट आंदोलन चलाने की शपथ ली। साथ ही, 28 जनवरी को उपखंड मुख्यालय पर होने वाले किसान-मजदूर आंदोलन को पूर्ण सफल बनाने तथा 12 फरवरी को ट्रेड यूनियनों के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर होने वाली हड़ताल को मजबूती से लागू करने का दृढ़ संकल्प लिया गया। कार्यक्रम के अंत में प्रसाद वितरण किया गया। यूनियन अध्यक्ष कामरेड गोपाल लाल महावर ने सभी को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कार्यक्रम का समापन किया।4
- Aakashians celebrate Basant panchami1
- Post by Har dum Apki seva main1
- Post by Kalim khan1
- Ek kahani...... BHARAT MERA DESH HAI.1
- कोटा ,शहर में लगातार गायों के शरीर के अंग मिलने की घटनाएं सामने आ रही हैं,मामला दादाबाड़ी थाना क्षेत्र का है जहां एक वाहन में गायों के शरीर के भाग काट के ले जाने की तैयारी थी जो बेहद गंभीर और संवेदनशील मामला बनता जा रहा है। इन घटनाओं से आम लोगों में आक्रोश और भय का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बार-बार ऐसी घटनाएं होने के बावजूद प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस और सख्त कार्रवाई नहीं की गई है। जानकारी के अनुसार, अलग-अलग इलाकों में संदिग्ध हालात में गायों के कटे हुए अंग मिलने से कानून-व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। पशु प्रेमी संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। वहीं, इस मामले पर प्रशासन का कहना है कि जांच जारी है और संबंधित विभागों को सतर्क कर दिया गया है। पुलिस आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और संदिग्धों की पहचान की जा रही है। अब देखना होगा कि प्रशासन कब तक इस गंभीर मामले पर ठोस कदम उठाता है और दोषियों को सजा दिलाने में सफल होता है।1