रांची के धुर्वा स्थित सहजानन्द परिसर में आज मां वैष्णवी आई अस्पताल तिलता कमडे, लोकप्रिय विधायक श्री राजेश कच्छप जी और युवा ब्रह्मर्षि समाज धुर्वा ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में एक निशुल्क नेत्र शिविर का आयोजन किया गया। धुर्वा युवा ब्रह्मर्षि अध्यक्ष पंकज कुमार ने बताया कि इस शिविर का मुख्य उद्देश्य लोगों को आँखों से संबंधित बीमारियों के प्रति जागरूक करना और उन्हें विशेषज्ञ डॉक्टरों से परामर्श दिलाना था। इस अवसर पर लगभग 80 लोगों ने नेत्र शिविर का लाभ उठाया, जहाँ जाँच के दौरान उनमें मोतियाबिंद, अंधेपन, पास की वस्तुओं को देखने में कठिनाई, चश्मा या कॉन्ट्रैक्ट लेंस जैसी विभिन्न नेत्र संबंधी समस्याएं पाई गईं। डॉ. शुभम ने जोर देकर कहा कि आँखों के माध्यम से ही हम अपनी भावनाओं को व्यक्त कर पाते हैं, ऐसे में समय-समय पर आँखों का चेकअप कराते रहना अत्यंत आवश्यक है। नेत्र जाँच के साथ-साथ, स्वास्थ्य सेवा कर्मी व्रजेश शर्मा ने उपस्थित लोगों के ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर की भी जाँच की। रिटायर्ड शिक्षक राजाराम शर्मा ने मानव सेवा को ईश्वर की सेवा बताते हुए कहा कि यह सबसे बड़ा पुण्य कार्य है और यही सच्ची इंसानियत तथा मानवता भी है। इस मौके पर राम बोल कुंवर, राजाराम, हरिशंकर तिवारी, वीरेंद्र तिवारी, सीमा शर्मा, रामबालक शर्मा, उमाकांत सिंह, कमलेश शर्मा, मसूदन मिश्रा, मुरारी मनोहर, शैलेंद्र कुमार दीपू, साहिल सोनू, सुबोध कुमार सिंह, मुरारी कुमार, प्रशांत कुमार शर्मा और मधुसूदन शर्मा सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे।
रांची के धुर्वा स्थित सहजानन्द परिसर में आज मां वैष्णवी आई अस्पताल तिलता कमडे, लोकप्रिय विधायक श्री राजेश कच्छप जी और युवा ब्रह्मर्षि समाज धुर्वा ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में एक निशुल्क नेत्र शिविर का आयोजन किया गया। धुर्वा युवा ब्रह्मर्षि अध्यक्ष पंकज कुमार ने बताया कि इस शिविर का मुख्य उद्देश्य लोगों को आँखों से संबंधित बीमारियों के प्रति जागरूक करना और उन्हें विशेषज्ञ डॉक्टरों से परामर्श दिलाना था। इस अवसर पर लगभग 80 लोगों ने नेत्र शिविर का लाभ उठाया, जहाँ जाँच के दौरान उनमें मोतियाबिंद, अंधेपन, पास की वस्तुओं को देखने में कठिनाई, चश्मा या कॉन्ट्रैक्ट लेंस जैसी विभिन्न नेत्र संबंधी समस्याएं पाई गईं। डॉ. शुभम ने जोर देकर कहा कि आँखों के माध्यम से ही हम अपनी भावनाओं को व्यक्त कर पाते हैं, ऐसे में समय-समय पर आँखों का चेकअप कराते रहना अत्यंत आवश्यक है। नेत्र जाँच के साथ-साथ, स्वास्थ्य सेवा कर्मी व्रजेश शर्मा ने उपस्थित लोगों के ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर की भी जाँच की। रिटायर्ड शिक्षक राजाराम शर्मा ने मानव सेवा को ईश्वर की सेवा बताते हुए कहा कि यह सबसे बड़ा पुण्य कार्य है और यही सच्ची इंसानियत तथा मानवता भी है। इस मौके पर राम बोल कुंवर, राजाराम, हरिशंकर तिवारी, वीरेंद्र तिवारी, सीमा शर्मा, रामबालक शर्मा, उमाकांत सिंह, कमलेश शर्मा, मसूदन मिश्रा, मुरारी मनोहर, शैलेंद्र कुमार दीपू, साहिल सोनू, सुबोध कुमार सिंह, मुरारी कुमार, प्रशांत कुमार शर्मा और मधुसूदन शर्मा सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे।
- डीएसपी दीपक कुमार के नेतृत्व में चलाए गए एक ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया है। इस सफल अभियान के परिणामस्वरूप, 29 विभिन्न मामलों में आरोपी रामदेव उरांव ने आत्मसमर्पण कर दिया है।1
- पांच परगना क्षेत्र में प्रसिद्ध नौ दिवसीय सुसारी पर्व राहे में प्रारंभ हो गया है। इस पर्व का आयोजन सोलह आना समिति द्वारा किया जाता है। पर्व के अनुष्ठानों के तहत, सोमवार की शाम सुसारी और भोक्ता समूह मिलकर लोटन अनुष्ठान संपन्न करेंगे। इसके बाद, बुधवार को दुर्गा घट स्थापित किया जाएगा, जबकि गुरुवार रात काली घट और जागरण का आयोजन होगा। वर्तमान में, भोक्ता समूह के सदस्य गांव के हर आंगन में पहुंचकर शिव पूजन कर रहे हैं।1
- आज के IPL मुकाबले को लेकर दर्शकों में भारी उत्सुकता है, जिसके चलते यह सवाल सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। लोग जानने को उत्सुक हैं कि रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (RCB) और गुजरात टाइटन्स (GT) के बीच होने वाले इस महत्वपूर्ण मैच में कौन सी टीम विजय हासिल करेगी।1
- झारखंड के रामगढ़ जिले के मांडू प्रखंड अंतर्गत कुजू स्थित अक्षत बैंक्वेट हॉल के सभागार में संथाल समाज दिशोम माँझी परगना का 30वां स्थापना दिवस समारोह पारंपरिक संथाली संस्कृति और गौरवशाली विरासत के साथ हर्षोल्लासपूर्वक मनाया गया। इस समारोह में झारखंड सरकार समन्वय समिति के सदस्य दर्जा प्राप्त मंत्री एवं संथाल समाज दिशोम माँझी परगना के केंद्रीय अध्यक्ष फागु बेसरा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में राज्य के विभिन्न जिलों के साथ-साथ ओडिशा, पश्चिम बंगाल, असम और बिहार से बड़ी संख्या में समाज की महिला-पुरुष पारंपरिक संथाली वेशभूषा में शामिल हुए। समारोह की शुरुआत मुख्य अतिथि और अन्य गणमान्य व्यक्तियों के पारंपरिक संथाली रीति-रिवाज, ढोल-मांदर की थाप और उत्साहपूर्ण स्वागत के साथ हुई, जिसके बाद उन्हें पगड़ी, अंगवस्त्र, पुष्पमाला, बैज और पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया गया। समारोह के दौरान भगवान बिरसा मुंडा, तिलका मांझी, सिद्धू-कान्हू, चांद-भैरव और झारखंड आंदोलन के अग्रणी नेता एवं दिशोम गुरु शिबू सोरेन के चित्रों पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। केंद्रीय अध्यक्ष फागु बेसरा ने अपने संबोधन में बताया कि संथाल समाज दिशोम माँझी परगना संथाल समुदाय का एक सामाजिक संगठन है, जिसकी स्थापना 30-31 मई 1997 को हुई थी। उन्होंने पूर्वजों द्वारा सौंपी गई सामाजिक व्यवस्था, स्वशासन, ग्राम सभा, संस्कृति, परंपरा, न्याय व्यवस्था, प्रकृति पूजा और सामाजिक मूल्यों की विरासत को संरक्षित रखने को सभी की जिम्मेदारी बताया। बेसरा ने संथाली भाषा, संस्कृति और धर्म की रक्षा के साथ-साथ जल, जंगल और जमीन तथा संवैधानिक अधिकारों की सुरक्षा के लिए एकजुट होकर संघर्ष को मजबूत करने का आह्वान किया। कार्यक्रम को केंद्रीय महासचिव सोनाराम हेंब्रम और केंद्रीय कोषाध्यक्ष एतो वास्के ने भी संबोधित करते हुए समाज की एकता, संगठन की मजबूती और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण पर जोर दिया। इस अवसर पर केंद्रीय मांझी बुढ़ी लीलमुनी देवी, मरांग बुरु बचाव संघर्ष समिति के केंद्रीय महासचिव हिरालाल मांझी, केंद्रीय उपाध्यक्ष अलख कुमार मांझी, सोनोत संथाल समाज के केंद्रीय सचिव अनिल टुडू, केंद्रीय कोषाध्यक्ष रतीलाल टुडू, डाड़ी प्रखंड प्रमुख सह केंद्रीय सचिव महिला सेल दीपा देवी, बड़कागांव प्रखंड अध्यक्ष सुरज बेसरा, चुरचू प्रखंड अध्यक्ष सहदेव किस्कू, पतरातू प्रखंड अध्यक्ष शंकर मुर्मू सहित टीरु मांझी, पन्नालाल मुर्मू, मनोहर मुर्मू, बिरजू सोरेन, अशोक मुर्मू, विनोद हेंब्रम और रामचंद्र टुडू समेत समाज के कई अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता केंद्रीय अध्यक्ष फागु बेसरा ने की, जबकि संचालन केंद्रीय कोषाध्यक्ष एतो वास्के ने किया। समारोह के अंत में सभी अतिथियों, गणमान्य व्यक्तियों और विभिन्न राज्यों से आए प्रतिनिधियों को अंगवस्त्र, बैज एवं पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया गया, जिसके साथ कार्यक्रम का सफल समापन हुआ।1
- कुख्यात झांगुर ग्रुप के प्रमुख रामदेव उरांव ने अपने दो साथियों के साथ आत्मसमर्पण कर दिया है। यह खबर झांगुर ग्रुप के संदर्भ में एक महत्वपूर्ण घटना को दर्शाती है।1
- रामगढ़ के कुजू में संथाल समाज ने अपने 30वें स्थापना दिवस के अवसर पर जोरदार एकजुटता प्रदर्शित की, जहाँ उन्होंने अपनी पैतृक 'जल-जंगल-जमीन' की रक्षा के लिए प्रबल आह्वान किया। यह आयोजन संथाल संस्कृति और आदिवासी पहचान को सुरक्षित रखने के महत्व पर केंद्रित रहा। दिशोम मांझी परगना के बैनर तले, संथाल समाज ने अपने संवैधानिक अधिकारों और आदिवासी अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का संकल्प लिया। इस अवसर पर, समाज ने अपनी अनूठी विरासत और परंपरागत जीवनशैली को बनाए रखने के लिए संघर्ष जारी रखने की प्रतिबद्धता दोहराई, ताकि उनके समुदाय के अधिकारों को सशक्त किया जा सके।1
- झारखंड की राजधानी रांची में 30 मई 2026 को Entrepreneurial Connect 3.0 (EC 3.0) का सफल आयोजन किया गया, जिसने राज्य के स्टार्टअप और नवाचार इकोसिस्टम को नई दिशा प्रदान की है। I-Hub Startup Jharkhand Foundation और JIIDCO के सहयोग से आयोजित इस महत्वपूर्ण सम्मेलन में 600 से अधिक स्टार्टअप फाउंडर्स, निवेशकों, उद्योग विशेषज्ञों और नीति-निर्माताओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इस कार्यक्रम के दौरान स्टार्टअप ग्रोथ, निवेश, MSME विकास, AI इनोवेशन, Entrepreneurship, Fundraising, Market Expansion और स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर गहन चर्चाएँ हुईं। इस आयोजन ने राज्य में उद्यमशीलता और नवाचार को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में कार्य किया।1
- रातु समर्पण दीप बी.एड कॉलेज, उषामातु में शनिवार को आई.क्यू.ए.सी. और राष्ट्रीय सेवा योजना के संयुक्त तत्वावधान में तम्बाकू निषेध दिवस का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य तम्बाकू के आकर्षण का पर्दाफाश करना और निकोटीन व तम्बाकू की लत से मुकाबला करना था। इस अवसर पर कॉलेज के सचिव महोदय नवल किशोर गुप्ता ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि हमें इस दिवस को केवल एक औपचारिकता के रूप में नहीं मनाना चाहिए, बल्कि इसे अपने अभ्यास में लाकर लोगों को भी जागरूक करना चाहिए। कॉलेज के प्राचार्य डॉ. दशरथ महतो ने इस बात पर चिंता व्यक्त की कि वर्तमान समय में पूरे विश्व की युवा पीढ़ी तम्बाकू और निकोटीन से गंभीर रूप से ग्रसित हो चुकी है। उन्होंने इस भयानक जहर से आज के युवाओं को हर हाल में बचाने की आवश्यकता पर बल दिया, क्योंकि यह उन्हें कैंसर, फेफड़ों की बीमारी, हृदय रोग, मुँह और मसूड़ों की बीमारी जैसी जानलेवा बीमारियों की ओर धकेल रहा है, जिसके दूरगामी परिणाम बहुत बुरे हो रहे हैं। कार्यक्रम के तहत विद्यार्थियों के लिए विभिन्न प्रकार की प्रतियोगिताएँ आयोजित की गईं, जिनमें प्रमुख रूप से पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता, भाषण प्रतियोगिता और एक्सटेम्पोर प्रतियोगिता शामिल थीं। इन प्रतियोगिताओं में सभी विद्यार्थियों ने सक्रिय भागीदारी की और अपने-अपने विचार प्रस्तुत किए। इस आयोजन में प्रबंधन समिति के सदस्य, शिक्षक-शिक्षिकाएँ और छात्र-छात्राएँ भी उपस्थित थे।1
- झारखंड की राजनीति में एक बड़ा सियासी भूचाल आ गया है, जिसने राज्य के महागठबंधन की टेंशन काफी बढ़ा दी है। यह जानकारी सामने आई है कि एक ऐसी पार्टी जिसके पास विधानसभा में सिर्फ दो विधायक हैं, उसी ने महागठबंधन के लिए यह मुश्किलें खड़ी की हैं और उनकी चिंता में इजाफा किया है।1