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कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसमें उन्होंने दावा किया है कि बीजेपी लोकसभा में जोड़तोड़ के जरिए दो-तिहाई बहुमत हासिल करने का प्रयास कर रही है। पायलट के अनुसार, बीजेपी इस मकसद के लिए छोटे राजनीतिक दलों को तोड़ने में सक्रिय है। उन्होंने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि, "जनता ने बीजेपी को दो-तिहाई बहुमत नहीं दिया था, अब बीजेपी उसे जबरदस्ती तोड़-मोड़ कर हासिल करना चाहती है, ये लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।" सचिन पायलट ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) और शिवसेना (UBT) में हुई टूट के लिए भी सीधे तौर पर बीजेपी को जिम्मेदार ठहराया है।
Md Mursaleen
कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसमें उन्होंने दावा किया है कि बीजेपी लोकसभा में जोड़तोड़ के जरिए दो-तिहाई बहुमत हासिल करने का प्रयास कर रही है। पायलट के अनुसार, बीजेपी इस मकसद के लिए छोटे राजनीतिक दलों को तोड़ने में सक्रिय है। उन्होंने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि, "जनता ने बीजेपी को दो-तिहाई बहुमत नहीं दिया था, अब बीजेपी उसे जबरदस्ती तोड़-मोड़ कर हासिल करना चाहती है, ये लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।" सचिन पायलट ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) और शिवसेना (UBT) में हुई टूट के लिए भी सीधे तौर पर बीजेपी को जिम्मेदार ठहराया है।
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- किशनगंज जिले के टेढ़ागाछ में एक कल्वर्ट को खोदकर अधूरा छोड़ देने से स्थानीय सड़क की स्थिति बेहद खराब हो गई है। इस लापरवाही के कारण ग्रामीणों में भारी नाराज़गी है, क्योंकि इस बदहाल रास्ते से उन्हें आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।1
- वाराणसी की एक ऐतिहासिक मस्जिद को लेकर उठे विवाद ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जो सिर्फ ज़मीन के मालिकाना हक तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह भी प्रश्न उठा रहे हैं कि क्या इतिहास को नज़रअंदाज़ करके कोई फैसला किया जा सकता है। यह विवाद तब सामने आया जब यह दावा किया गया कि एक प्राचीन मस्जिद रेलवे की ज़मीन पर बनी हुई है या उसने रेलवे की भूमि पर कब्ज़ा कर रखा है। इस पर जनता पूछ रही है कि यदि यह मस्जिद वास्तव में सात-आठ सौ वर्ष पुरानी है, तो वह भारतीय रेलवे की ज़मीन पर कैसे कब्ज़ा कर सकती है, जबकि भारतीय रेलवे का इतिहास स्वयं लगभग डेढ़ से पौने दो सौ वर्ष पुराना है। यह एक ऐसा प्रश्न है जिसका उत्तर भावनाओं से नहीं, बल्कि तथ्यों और दस्तावेज़ों के आधार पर दिया जाना चाहिए। सवाल यह है कि क्या कोई इमारत अपने अस्तित्व के कई सौ वर्ष बाद बने किसी संस्थान की ज़मीन पर कब्ज़ा कर सकती है? यह भी स्पष्ट किया गया है कि चाहे ज़मीन किसी सरकारी संस्था की हो या किसी धार्मिक स्थल की, कानून सबके लिए समान होना चाहिए। यदि वास्तव में ज़मीन रेलवे की है तो उसके प्रमाण जनता के सामने रखे जाएँ, और यदि ऐतिहासिक रिकॉर्ड मस्जिद के पक्ष में हैं तो उन्हें भी ईमानदारी के साथ स्वीकार किया जाए। दुर्भाग्य से, देश में ऐसे मामलों को अक्सर तथ्यों की अपेक्षा राजनीतिक और सामाजिक पूर्वाग्रहों के आधार पर अधिक उछाला जाता है। यह देश संविधान से चलेगा, शोर-शराबे से नहीं। चाहे ऐतिहासिक विरासत हो, धार्मिक स्थल हो या सरकारी संस्थान, हर मामले का फैसला अदालतों, कानूनी दस्तावेज़ों और प्रमाणिक रिकॉर्ड के आधार पर होना चाहिए। किसी भी समुदाय की भावनाओं से खेलना या इतिहास को अपनी सुविधा के अनुसार प्रस्तुत करना देश के हित में नहीं है। आज आवश्यकता इस बात की है कि सरकार, रेलवे प्रशासन और संबंधित संस्थाएँ पूरी पारदर्शिता के साथ सभी तथ्य जनता के सामने रखें। लोकतंत्र की मांग है कि न्याय की सर्वोच्चता हो, न कि शक्ति और प्रभाव की। यदि सच्चाई किसी एक पक्ष के साथ है, तो उसे छिपाने के बजाय सामने लाया जाए, ताकि अफवाहों, शंकाओं और निराधार आरोपों का हमेशा के लिए अंत हो सके।1
- Post by SonuMandal3
- अररिया जिले में कांग्रेस के जिला अध्यक्ष मासूम रेज़ा ने वर्तमान समय में देश के प्रमुख मुद्दों, जैसे कि बढ़ती महंगाई, रोजगार के अभाव और हाल ही में सामने आए NEET पेपर लीक के गंभीर मामले पर अपनी राय रखी है।1
- अररिया में कांग्रेस जिलाध्यक्ष मासूम रेज़ा के विचारों पर चर्चा हुई है, जिनमें मुख्य रूप से महंगाई, रोजगार के मुद्दे और NEET पेपर लीक का विषय शामिल था। इन अहम राष्ट्रीय मुद्दों पर उनके बयान की प्रतीक्षा की गई।1
- बिहार के अररिया जिले के कुर्सकांटा प्रखंड स्थित ताराबाड़ी में एक हृदय विदारक घटना सामने आई है, जहाँ एक वृद्ध चचरी पुल से नदी में गिर गए हैं। इस वृद्ध की पहचान बुधू मल्लिक के रूप में हुई है, जो पुल से नदी में गिरने के बाद से ही लापता बताए जा रहे हैं। घटना के घंटों बाद तक चली गहन खोजबीन के बावजूद उनका कोई सुराग नहीं मिल पाया है। स्थानीय प्रयासों के विफल होने के बाद, अब इस मामले में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की टीम को बुलाया गया है ताकि लापता बुधू मल्लिक की तलाश की जा सके।1
- किशनगंज जिले के टेढ़ागाछ में फुलवरिया ब्रिज एप्रोच एक बड़े खतरे का कारण बन गया है, जिससे कभी भी कोई गंभीर हादसा हो सकता है। इस स्थिति को लेकर यह सवाल उठ रहा है कि आखिर प्रशासन इस गंभीर मामले पर क्यों मौन है।1
- आरा में एक कथित फेक एनकाउंटर की घटना पर भारी बवाल छिड़ गया है। इस घटना में भरत तिवारी का कथित तौर पर फेक एनकाउंटर हुआ है, जिससे लोगों में काफी आक्रोश है। इस मामले पर आरा के सांसद ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए सम्राट चौधरी पर आरोप लगाया है कि उन्होंने 'गलत किया'। इस पूरे प्रकरण के बाद, लोग न्याय की गुहार लगा रहे हैं।1