कटनी पुलिस विभाग में एक बार फिर बड़ी कार्रवाई देखने को मिली है, जहाँ स्लीमानाबाद थाने में पदस्थ सहायक उप निरीक्षक (ASI) संतोष बड़गैयां को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर लाइन अटैच कर दिया गया है। यह कार्रवाई एक वाहन मालिक से ₹5 हजार की रिश्वत मांगने से संबंधित ऑडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद की गई। पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा ने मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित निर्णय लिया। जानकारी के अनुसार, प्रिंस सोनी नामक एक वाहन मालिक की गाड़ी का हाल ही में तेवरी के पास एक्सीडेंट हो गया था। बीमा क्लेम की प्रक्रिया पूरी करने के लिए उन्हें थाने से आवेदन की पावती की आवश्यकता थी। आरोप है कि इसी कानूनी कार्य के बदले एएसआई संतोष बड़गैयां ने प्रिंस सोनी से ₹5 हजार की रिश्वत की मांग की। रिश्वत मांगने की इस बातचीत का ऑडियो रिकॉर्ड होकर तेजी से सोशल मीडिया पर फैल गया, जिसके बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और मामला संभाग स्तर तक पहुँच गया। वरिष्ठ अधिकारियों ने इसका कड़ा संज्ञान लिया, जिसके उपरांत एसपी अभिनय विश्वकर्मा ने बिना देर किए आरोपी एएसआई को निलंबित कर दिया। जिले में पिछले कुछ समय से पुलिस विभाग के भीतर भ्रष्टाचार, मारपीट और अनुशासनहीनता के मामलों में लगातार कार्रवाई हो रही है, जिसे आमजन पहली बार इतनी तेजी और सख्ती से हुई कार्रवाई मान रहे हैं। पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा की इस कार्यशैली की जिलेभर में सराहना की जा रही है। लोगों का मानना है कि शिकायत मिलते ही तत्काल जांच और कार्रवाई से यह स्पष्ट संदेश गया है कि खाकी की छवि खराब करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा, और यदि यह सिलसिला जारी रहा तो पुलिस विभाग में अनुशासन के साथ-साथ जनता का भरोसा भी मजबूत होगा।
कटनी पुलिस विभाग में एक बार फिर बड़ी कार्रवाई देखने को मिली है, जहाँ स्लीमानाबाद थाने में पदस्थ सहायक उप निरीक्षक (ASI) संतोष बड़गैयां को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर लाइन अटैच कर दिया गया है। यह कार्रवाई एक वाहन मालिक से ₹5 हजार की रिश्वत मांगने से संबंधित ऑडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद की गई। पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा ने मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित निर्णय लिया। जानकारी के अनुसार, प्रिंस सोनी नामक एक वाहन मालिक की गाड़ी का हाल ही में तेवरी के पास एक्सीडेंट हो गया था। बीमा क्लेम की प्रक्रिया पूरी करने के लिए उन्हें थाने से आवेदन की पावती की आवश्यकता थी। आरोप है कि इसी कानूनी कार्य के बदले एएसआई संतोष बड़गैयां ने प्रिंस सोनी से ₹5 हजार की रिश्वत की मांग की। रिश्वत मांगने की इस बातचीत का ऑडियो रिकॉर्ड होकर तेजी से सोशल मीडिया पर फैल गया, जिसके बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और मामला संभाग स्तर तक पहुँच गया। वरिष्ठ अधिकारियों ने इसका कड़ा संज्ञान लिया, जिसके उपरांत एसपी अभिनय विश्वकर्मा ने बिना देर किए आरोपी एएसआई को निलंबित कर दिया। जिले में पिछले कुछ समय से पुलिस विभाग के भीतर भ्रष्टाचार, मारपीट और अनुशासनहीनता के मामलों में लगातार कार्रवाई हो रही है, जिसे आमजन पहली बार इतनी तेजी और सख्ती से हुई कार्रवाई मान रहे हैं। पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा की इस कार्यशैली की जिलेभर में सराहना की जा रही है। लोगों का मानना है कि शिकायत मिलते ही तत्काल जांच और कार्रवाई से यह स्पष्ट संदेश गया है कि खाकी की छवि खराब करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा, और यदि यह सिलसिला जारी रहा तो पुलिस विभाग में अनुशासन के साथ-साथ जनता का भरोसा भी मजबूत होगा।
- कटनी में जायन्ट्स ग्रुप ऑफ कटनी सहेली एवं जायन्ट्स वेलफेयर फाउंडेशन ने मंगलवार को माधव नगर गेट के सामने स्थित बजरंगबली जी मंदिर में विशाल मां भंडारा और शरबत वितरण कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया। भीषण गर्मी और लगभग 42 डिग्री सेल्सियस तापमान के बावजूद, संगठन के सदस्यों और महिला शक्ति ने पूरे उत्साह, अनुशासन तथा सेवा भावना के साथ इस कार्यक्रम को ऐतिहासिक रूप दिया, जिससे यह सेवा, समर्पण और संगठन शक्ति का अद्भुत संगम बन गया। इस दौरान, बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भगवान बजरंगबली के दर्शन किए और प्रसाद ग्रहण किया। कार्यक्रम में कटनी जिले के समाजसेवी बसंती यादव, शिवराज गोस्वामी, राजेंद्र शर्मा, देशराज, बालकिशन नामदेव, बसंत भैया के बेटे सहित सैकड़ों की संख्या में महिला मित्र मंडली, ग्रुप के सदस्य एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। महिला शक्ति का योगदान विशेष रूप से आकर्षण का केंद्र रहा, जहाँ ग्रुप की अध्यक्ष और महिला सदस्यों ने तपती धूप में श्रद्धालुओं को शरबत वितरित कर मानव सेवा की एक प्रेरणादायक मिसाल पेश की। उन्होंने पूरी व्यवस्था को कुशलतापूर्वक संभालते हुए यह प्रमाणित किया कि समाज सेवा, धार्मिक आस्था और संगठन को मजबूत बनाने में महिला शक्ति की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। पूरे कार्यक्रम के दौरान मंदिर परिसर भक्तिमय माहौल से गूंजता रहा और श्रद्धालुओं के लिए मां भंडारे तथा शरबत वितरण की सुव्यवस्थित व्यवस्था की गई, जिसकी स्थानीय नागरिकों ने जमकर सराहना की। आयोजकों ने बताया कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य मानव सेवा, सामाजिक एकता, धार्मिक आस्था और संगठन को और अधिक मजबूत बनाना था। कार्यक्रम के अंत में, सभी सदस्यों ने भगवान बजरंगबली से क्षेत्र की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की, और यह सेवा, सहयोग तथा सामाजिक समर्पण की भावना से आयोजित कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ, जो लोगों के लिए प्रेरणा का केंद्र बना।4
- कटनी नगर के निमिहा क्षेत्र से मिली जानकारी के अनुसार, 31 मई 2026 को ज्येष्ठ पूर्णिमा का दिन आदिशक्ति माँ विंध्यवासिनी से संबंधित है।1
- मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 29 मई को जम्मू-कश्मीर के कटरा पहुँचे, जहाँ वे माता वैष्णों देवी के दर्शन करने के साथ-साथ भीड़ प्रबंधन और अन्य सभी व्यवस्थाओं का जायजा लेंगे। इस अध्ययन के लिए उनके साथ एक प्रतिनिधिमंडल भी आया है, और इसी तरह के अध्ययन के लिए मुख्यमंत्री ने देश के अलग-अलग हिस्सों में कई अन्य प्रतिनिधिमंडल भी भेजे हैं। कटरा पहुँचने पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया को बताया कि उनका यहाँ आने का उद्देश्य महाकाल मंदिर, महाकालेश्वर देवस्थान, ओंकारेश्वर देवस्थान तथा हाल ही में उच्च न्यायालय द्वारा माँ वाग्देवी के मंदिर के रूप में मान्यता प्राप्त भोजशाला जैसे प्रमुख धार्मिक संस्थानों का अध्ययन करना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्य लक्ष्य धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की भीड़ के कुशल प्रबंधन, जनसुविधाओं की उपलब्धता और धार्मिक सेवाओं के लिए एक उत्कृष्ट एवं प्रभावी मॉडल विकसित करने की समझ प्राप्त करना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह भी बताया कि उनकी टीमें देश के विभिन्न हिस्सों में व्यवस्थाओं और प्रबंधन प्रणालियों का अवलोकन और अध्ययन कर रही हैं। उन्होंने कहा कि वे देवी माँ के दर्शन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त करेंगे और उन्हें जानकारी दी गई है कि यहाँ मंदिर प्रबंधन के साथ-साथ एक विश्वविद्यालय, एक मेडिकल कॉलेज और अनेक सेवा-प्रधान संस्थाएँ भी संचालित की जा रही हैं। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि यहाँ श्रद्धालुओं के दर्शन हेतु सुव्यवस्थित और सुनियोजित व्यवस्थाएँ उपलब्ध हैं, जिससे उन्हें सहज, सुगम और सुविधाजनक दर्शन का अनुभव प्राप्त होता है।1
- कटनी के मसुरहा वार्ड में पिछले आठ महीनों से सीसी नाली का निर्माण कार्य अधूरा पड़ा हुआ है। गुप्ता जी खाद वालों से लेकर महाकाल गली तक की यह नाली पूरी न होने के कारण क्षेत्रीय नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, नाली के अधूरे निर्माण के चलते लगातार जलभराव, गंदगी और आवागमन में दिक्कतें बनी हुई हैं। क्षेत्रवासियों ने नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारियों से जल्द से जल्द इस निर्माण कार्य को पूरा कराने की मांग की है। नागरिकों ने विशेष रूप से नगर निगम कमिश्नर से निवेदन किया है कि जनहित को ध्यान में रखते हुए इस कार्य को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण कराया जाए।1
- कटनी जिले के रीठी थाना क्षेत्र के ग्राम अमगवां से कानून व्यवस्था पर सवाल उठाता एक संवेदनशील मामला सामने आया है, जहाँ एक अपाहिज किसान रामकिशोर पिछले दो महीनों से न्याय की गुहार लगाने के लिए रीठी थाने और पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय के चक्कर काटने को मजबूर है। शारीरिक रूप से अक्षम होने के कारण यह पीड़ित किसान दूसरों के कंधों पर सवार होकर पुलिस के आला अफसरों तक पहुँच रहा है, लेकिन रीठी पुलिस पर कोई कार्रवाई न करने का आरोप है। शुक्रवार को पीड़ित किसान रामकिशोर एक बार फिर एसपी कार्यालय पहुँचा और अपनी आपबीती सुनाते हुए स्थानीय पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। उसका कहना है कि बीते 8 अप्रैल 2026 की रात करीब 10:30 बजे, पुरानी रंजिश और एक सोची-समझी साजिश के तहत गांव के ही 14 रसूखदार दबंग लाठी, डंडे, लोहे की रॉड और कुल्हाड़ी जैसे जानलेवा हथियारों से लैस होकर उसके घर में घुस आए और जान से मारने की नीयत से उस पर और उसके पूरे परिवार पर हमला किया। हमलावरों में मिल्लूलाल उर्फ बंधा, शंकर कुशवाहा, राघवेंद्र, सुखलाल बर्मन, राहुल बंशकार, धर्मेंद्र, एकलव्य, शनि, लक्ष्मीकांत, सुकल, वर्षा, कमलेश बाई, बल्लू और तेजीलाल शामिल थे। किसान रामकिशोर का आरोप है कि इस हमले में उसकी बेटियों के हाथ टूट गए और परिवार के कई सदस्य घायल हुए। घटना के तुरंत बाद रीठी थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई थी, लेकिन स्थानीय पुलिस ने मामले को पूरी तरह ठंडे बस्ते में डाल दिया। पुलिस ने न तो आरोपियों के खिलाफ उचित और कड़ी धाराओं में मुकदमा दर्ज किया और न ही उनकी गिरफ्तारी के लिए कोई ठोस कदम उठाया, जिसके चलते सभी 14 आरोपी आज भी खुलेआम घूम रहे हैं और केस वापस न लेने पर उन्हें जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। पीड़ित परिवार अब खौफ के साये में अपने ही घर में जीने को मजबूर है। स्थानीय रीठी पुलिस की इस हीलाहवाली से निराश होकर, रामकिशोर ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि इस पूरे मामले की किसी निष्पक्ष अधिकारी से जांच कराई जाए और आरोपियों के खिलाफ साधारण धाराओं के बजाय 'हत्या के प्रयास' (अटेम्प्ट टू मर्डर) का मामला दर्ज किया जाए। इस संबंध में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. संतोष कुमार डेहरिया ने बताया कि यह भूमि विवाद का मामला था, जिसमें दोनों पक्षों की ओर से प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली गई है। उन्होंने कहा कि अभी मेडिकल रिपोर्ट आनी बाकी है और डॉक्टरों की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।1
- कटनी जिले के बहोरीबंद तहसील क्षेत्र के ग्राम अमाड़ी में आंगनवाड़ी भवन वर्षों से बेहद जर्जर हालत में पड़ा हुआ है। भवन की दीवारें जगह-जगह से दरक चुकी हैं और छत का प्लास्टर गिर रहा है, जिसके कारण कभी भी कोई बड़ा और गंभीर हादसा होने की आशंका बनी हुई है। भवन के असुरक्षित होने की वजह से, छोटे बच्चों को तेज धूप और मौसम की मार के बीच खुले आसमान के नीचे ही पढ़ाई करनी पड़ रही है और वहीं पोषण आहार लेना भी पड़ रहा है। यहां तक कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता भी बच्चों को पेड़ों की छांव में या खुले मैदान में संभालने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि इस गंभीर स्थिति को लेकर कई बार शिकायतें की जा चुकी हैं, लेकिन महिला एवं बाल विकास विभाग और स्थानीय प्रशासन ने अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। अभिभावकों में अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर लगातार चिंता बनी हुई है। ग्रामीणों की यह मांग है कि बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जल्द ही एक नया आंगनवाड़ी भवन बनाया जाए या फिर इस जर्जर भवन का तत्काल पुनर्निर्माण कराया जाए।1
- कटनी जनपद की ग्राम पंचायत पौंसरा इस समय गंभीर विवादों में घिरी हुई है। गांव के सरपंच अनिरुद्ध पांडे पर शासकीय भूमि पर कब्जा करने, सार्वजनिक मार्ग को अवरुद्ध करने और प्रशासनिक प्रभाव का उपयोग कर निजी हित साधने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि लगातार शिकायतें किए जाने के बावजूद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे उनमें अत्यधिक आक्रोश है। ग्रामीणों ने बताया कि जमोड़ी टोला में लगभग 50 वर्ष पुरानी शासकीय सीसी सड़क पर बड़े-बड़े पत्थर रखकर रास्ता पूरी तरह बंद कर दिया गया है, जिससे आम लोगों का आवागमन प्रभावित हो रहा है। विशेषकर बड़े वाहनों की आवाजाही थम गई है। उनका यह भी आरोप है कि विरोध करने पर उन्हें धमकाया जाता है। ग्रामीणों के अनुसार, यह मार्ग जमोड़ी टोला से बाम चौरा तक आने-जाने का प्रमुख रास्ता है, और इसके बंद होने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई ग्रामीणों का कहना है कि शिकायत के बावजूद उन्हें न्याय नहीं मिल रहा है। विवाद यहीं तक सीमित नहीं है; ग्रामीणों ने एक और गंभीर आरोप लगाया है कि वर्ष 2013 में जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा स्कूल के लिए सुरक्षित की गई लगभग 7 डिसमिल शासकीय भूमि पर भी पक्का निर्माण करा लिया गया है। ग्रामीणों के मुताबिक, यह निर्माण नियमों के विरुद्ध हुआ है, लेकिन संबंधित अधिकारी इस पर चुप्पी साधे हुए हैं। इस मामले में सुरेश कुमार, आनंद, नंदनी, प्रेमलाल, नीरज, उमेश कोरी, राजेश, संजय कोल सहित दर्जनों ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। उनकी प्रमुख मांगें हैं कि बंद किए गए शासकीय मार्ग को तत्काल खुलवाया जाए, स्कूल की भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया जाए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे एक बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे।1
- पूरा पटेल समाज मनीष पटेल के लिए न्याय की मांग कर रहा है। उनकी स्पष्ट चेतावनी है कि यदि मनीष पटेल को न्याय नहीं मिलता है, तो 'शुद्ध प्रदेश' में शासन-प्रशासन पर से जनता का भरोसा उठ जाएगा। समाज का कहना है कि जातिवाद के आधार पर एफ.आई.आर. दर्ज की जा रही हैं, जिसके खिलाफ आवाज उठाई गई है। पटेल समाज ने दृढ़ संकल्प लिया है कि जब तक मनीष पटेल को न्याय नहीं मिलेगा, तब तक वे शांत नहीं बैठेंगे। इस मांग के समर्थन में "पटेल एकता जिंदाबाद जिंदाबाद जय सरदार पटेल" के नारे भी लगाए गए हैं।1