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टीकमगढ़ जिले की पलेरा मंडी का नजारा बारिश के मौसम में कैसा दिख रहा है, इस पर एक खास रिपोर्ट प्रस्तुत की गई है। यह रिपोर्ट राम सिंह यादव जी के साथ तैयार की गई है, जिसमें मंडी के वर्तमान दृश्यों को दर्शाया गया है।
राम सिंह यादव जिला ब्यूरो चीफ टीकमगढ़
टीकमगढ़ जिले की पलेरा मंडी का नजारा बारिश के मौसम में कैसा दिख रहा है, इस पर एक खास रिपोर्ट प्रस्तुत की गई है। यह रिपोर्ट राम सिंह यादव जी के साथ तैयार की गई है, जिसमें मंडी के वर्तमान दृश्यों को दर्शाया गया है।
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- ग्राम बेला में नाली पर अतिक्रमण को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा है। बारिश के पानी से गांव में हुए जलभराव से परेशान होकर ग्रामीणों ने नौगांव–पलेरा मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस मामले में तत्काल कार्रवाई करने की मांग की है।1
- नगर परिषद पलेरा के वार्ड नंबर 4 में निर्माणाधीन सीसी सड़क में घटिया सामग्री के उपयोग का मामला सामने आया है। वार्डवासियों ने ठेकेदार पर मनमानी करने, एस्टीमेट में तय मापदंडों को दरकिनार करने और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाते हुए प्रशासन से शिकायत की है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि ठेकेदार द्वारा सड़क निर्माण में मानक के अनुरूप सामग्री का उपयोग नहीं किया जा रहा है। आरोपों के अनुसार, सड़क में घटिया सीमेंट, कम मात्रा में गिट्टी और घटिया रेत का इस्तेमाल हो रहा है, जिससे एस्टीमेट में तय मापदंडों का पूरी तरह उल्लंघन किया जा रहा है। सड़क की गुणवत्ता को लेकर आक्रोशित वार्डवासियों ने मौके पर ही काम रुकवाकर विरोध प्रदर्शन किया। उनका कहना है कि इस घटिया निर्माण से सड़क कुछ ही महीनों में उखड़ जाएगी और इससे शासन की राशि का दुरुपयोग होगा। इस मामले में वार्डवासियों ने तहसीलदार पलेरा और पलेरा थाने में लिखित शिकायती आवेदन दिया है। शिकायत में ठेकेदार पर न केवल गुणवत्ताहीन काम करने और मनमानी का आरोप है, बल्कि यह भी कहा गया है कि विरोध करने पर ठेकेदार द्वारा उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई है। इस गंभीर आरोप से लोगों में दहशत का माहौल बन गया है। वार्डवासियों ने प्रशासन से इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने, दोषी ठेकेदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और सीसी सड़क का निर्माण गुणवत्तापूर्ण सामग्री से सुनिश्चित कराने की मांग की है।4
- Post by पत्रकार धर्मेंद्र बुन्देला1
- छतरपुर जिले के सटई थाना क्षेत्र के भड़नपुरा गांव में शुक्रवार शाम करीब 4 बजे आकाशीय बिजली गिरने से 40 वर्षीय राजकमारी पटेल की मौत हो गई। यह हादसा उस समय हुआ जब राजकमारी अपने खेत में काम कर रही थीं और बारिश से बचने के लिए एक पेड़ के नीचे खड़ी हो गईं। जानकारी के अनुसार, रामेश्वर पटेल की पत्नी राजकमारी पटेल (40) अपने खेत पर मौजूद थीं। बारिश शुरू होने पर वह बचाव के लिए खेत में लगे पेड़ के नीचे चली गईं। इसी दौरान तेज गर्जना के साथ आकाशीय बिजली सीधे पेड़ पर गिरी, जिसकी चपेट में आने से राजकमारी गंभीर रूप से झुलस गईं। घटना के बाद, परिजन उन्हें तुरंत निजी वाहन से जिला अस्पताल ले गए, जहाँ इमरजेंसी में डॉ. अभय सिंह ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। महिला के शव का आज 04 जुलाई की सुबह करीब 11:30 बजे जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम किया गया। पुलिस ने इस मामले में मर्ग कायम कर आगे की जांच शुरू कर दी है।1
- छतरपुर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र में एक पीड़ित परिवार ने अपनी बहू और उसके मायके पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिवार का कहना है कि उनकी बहू और उसके मायके वाले उन पर लगातार झूठी एफआईआर दर्ज करा रहे हैं, उन्हें ब्लैकमेल कर रहे हैं और जान से मारने की धमकी भी दे रहे हैं। पीड़ित परिवार के अनुसार, यह पूरा विवाद उनके बेटे की सड़क हादसे में दुखद मौत के बाद शुरू हुआ। इस मामले में निष्पक्ष जांच और न्याय की गुहार लगाते हुए परिवार ने पुलिस अधीक्षक (SP) को एक आवेदन सौंपा है। हालांकि, ये सभी आरोप शिकायतकर्ता पक्ष के दावे पर आधारित हैं, और मामले की जांच अभी पुलिस द्वारा की जानी है।1
- सुप्रीम कोर्ट से राजा रघुवंशी हत्याकांड को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है। अदालत ने इस मामले की मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी की जमानत पर फिलहाल रोक लगाने से इनकार कर दिया है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में कुछ गंभीर सवाल भी उठाए हैं और मेघालय सरकार की याचिका पर सुनवाई जारी रखने की बात कही है। अब इस मामले की अगली सुनवाई अगले गुरुवार को निर्धारित की गई है।1
- छतरपुर के बागेश्वर धाम में अनंत अंबानी का आगमन हुआ, जहाँ पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने उनका भव्य स्वागत किया। इस अवसर पर पं. शास्त्री ने अनंत अंबानी को गदा, रुद्राक्ष माला और अंग वस्त्र भेंट किए।1
- छतरपुर के श्री जटाशंकर धाम में मूसलाधार बारिश हुई है, जिसके कारण पूरा मंदिर परिसर जलमग्न हो गया है। इस जोरदार बारिश में, ऐसा प्रतीत हुआ मानो गंगा मैया ने स्वयं भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया हो।1