संभल जनपद में राजकीय इंटर कॉलेज के प्रवक्ताओं की प्रवेश परीक्षा 14 जून को आयोजित की जाएगी, जिसके लिए छह परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इस परीक्षा के दौरान ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मियों के मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर पूर्ण पाबंदी रहेगी। इस संबंध में जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल ने विस्तृत जानकारी दी है। यह प्रवेश परीक्षा पूरे प्रदेश में उत्तर प्रदेश पुलिस की भर्ती परीक्षा के बाद होने वाली एक और बड़ी भर्ती परीक्षा है। संभल जनपद के छह परीक्षा केंद्रों पर लगभग 4 से 5000 अभ्यर्थी परीक्षा देने पहुंचेंगे। परीक्षा को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए कक्ष निरीक्षक, स्टेटिक मजिस्ट्रेट और सेक्टर मजिस्ट्रेट की तैनाती कर दी गई है। जिलाधिकारी ने नगर पालिका को परीक्षा केंद्रों के आसपास पेयजल, टेंट, मोबाइल टॉयलेट और साफ-सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं, जबकि मुख्य चिकित्सा अधिकारी को ओआरएस, ग्लूकोज और अन्य स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने को कहा गया है। इसके अतिरिक्त, परीक्षा कक्षों में पंखे, प्रकाश व्यवस्था, जनरेटर और स्वच्छ शौचालयों की व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश जारी किए गए हैं। आयोग से प्राप्त सभी निर्देशों का पालन किया जाएगा। परीक्षा 14 जून को सुबह 9:30 से 11:30 बजे के बीच एक ही शिफ्ट में होगी। पुलिस कर्मियों के मोबाइल फोन के प्रतिबंध पर जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल ने स्पष्ट किया कि, “निश्चित तौर पर मोबाइल अंदर ले जाने की मनाही है। ड्यूटी पर तैनात स्टाफ को भी यह निर्देशित किया गया है कि मोबाइल का उपयोग न करें।”
संभल जनपद में राजकीय इंटर कॉलेज के प्रवक्ताओं की प्रवेश परीक्षा 14 जून को आयोजित की जाएगी, जिसके लिए छह परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इस परीक्षा के दौरान ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मियों के मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर पूर्ण पाबंदी रहेगी। इस संबंध में जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल ने विस्तृत जानकारी दी है। यह प्रवेश परीक्षा पूरे प्रदेश में उत्तर प्रदेश पुलिस की भर्ती परीक्षा के बाद होने वाली एक और बड़ी भर्ती परीक्षा है। संभल जनपद के छह परीक्षा केंद्रों पर लगभग 4 से 5000 अभ्यर्थी परीक्षा देने पहुंचेंगे। परीक्षा को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए कक्ष निरीक्षक, स्टेटिक मजिस्ट्रेट और सेक्टर मजिस्ट्रेट की तैनाती कर दी गई है। जिलाधिकारी ने नगर पालिका को परीक्षा केंद्रों के आसपास पेयजल, टेंट, मोबाइल टॉयलेट और साफ-सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं, जबकि मुख्य चिकित्सा अधिकारी को ओआरएस, ग्लूकोज और अन्य स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने को कहा गया है। इसके अतिरिक्त, परीक्षा कक्षों में पंखे, प्रकाश व्यवस्था, जनरेटर और स्वच्छ शौचालयों की व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश जारी किए गए हैं। आयोग से प्राप्त सभी निर्देशों का पालन किया जाएगा। परीक्षा 14 जून को सुबह 9:30 से 11:30 बजे के बीच एक ही शिफ्ट में होगी। पुलिस कर्मियों के मोबाइल फोन के प्रतिबंध पर जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल ने स्पष्ट किया कि, “निश्चित तौर पर मोबाइल अंदर ले जाने की मनाही है। ड्यूटी पर तैनात स्टाफ को भी यह निर्देशित किया गया है कि मोबाइल का उपयोग न करें।”
- खुदागंज थाना गेट के समीप सिद्धि विनायक इंटरप्राइजेज नामक दुकान पर एक किसान के साथ खुलेआम कालाबाजारी और फर्जीवाड़ा करने का मामला सामने आया है। दुकानदार ने किसान को केवल एक कट्टा खाद बेचा, लेकिन अपने कोटे को पूरा करने के लिए कागजों में दस कट्टे खाद बेचे जाने का रिकॉर्ड दिखाया। यह धोखाधड़ी की घटना खुदागंज थाना गेट के पास हुई है।1
- बिल्सी के गांव बेहटाजवी निवासी रामचंद्र वैध, जो पहले मोच और सामान्य शारीरिक समस्याओं का इलाज करते थे, आजकल अपने बढ़ते और गंभीर दावों के कारण चर्चा और सवालों के घेरे में हैं। सोशल मीडिया पर प्रसिद्धि पाने के बाद, उनकी पहचान एक साधारण वैध से बदलकर "गुरु जी" के रूप में हो गई है। जिस काजल शाक्य नामक लड़की ने उन्हें वायरल किया था, उसी ने अब उन पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिससे उनके दावों की सच्चाई पर "सच या छल" का सवाल उठ रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि पहले केवल हाथ-पैर और गर्दन की मोच देखने वाले वैध जी अब दुआ, आशीर्वाद और कथित चमत्कारों के जरिए कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियों सहित गंभीर रोगों को ठीक करने का दावा कर रहे हैं। इन दावों का कोई वैज्ञानिक या चिकित्सकीय प्रमाण सामने नहीं आया है। साथ ही, पहले निःशुल्क सेवा का दावा करने वाले वैध जी के यहां अब दान पात्र रखा जाने लगा है, जिससे यह सवाल उठ रहा है कि क्या यह सेवा है या श्रद्धा और मजबूरी का आर्थिक लाभ उठाने का माध्यम। क्षेत्र के कई जागरूक लोगों का मानना है कि बीमारी से परेशान लोग उम्मीद में ऐसे बड़े-बड़े दावों का शिकार बन सकते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने भी स्पष्ट किया है कि कैंसर जैसी बीमारियों का उपचार आधुनिक चिकित्सा पद्धति से ही संभव है, और ऐसे मामलों में चमत्कारिक इलाज के दावों पर भरोसा करना मरीज की जान के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। यह सवाल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से भी पूछा जा रहा है कि क्या खुलेआम किए जा रहे इन गंभीर दावों की जांच होगी, या आस्था के नाम पर ये दावे ऐसे ही चलते रहेंगे। रिपोर्ट इंडिया टीवी 24 न्यूज ब्यूरो चीफ बदायूं विवेक चौहान की है, जिसमें यह भी रेखांकित किया गया है कि आस्था रखना हर व्यक्ति का अधिकार है, लेकिन आस्था के नाम पर झूठे दावे कर लोगों को गुमराह करना समाज और मरीजों दोनों के लिए खतरनाक हो सकता है।1
- रूदायन नगर में स्थित एक देवालय में प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम संपन्न होने के उपरांत एक भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें सैकड़ों भक्तों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। यह देवालय, जो मूल रूप से राधा कृष्ण के नाम से जाना जाता था और अब साईं मंदिर के नाम से प्रसिद्ध है, का पुनर्निर्माण और मूर्तियों की प्राण-प्रतिष्ठा का कार्य नगर के समाजसेवियों रामनाथ रस्तोगी जी, प्रभु रस्तोगी जी, नारायण रस्तोगी जी और रामेश्वर रस्तोगी जी द्वारा करवाया गया। सफेद पत्थर से बना यह चमचमाता देवालय किसी तीर्थ स्थल से कम नहीं लगता। विद्वान पंडितों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ अनेक दैवीय रूपों की प्राण-प्रतिष्ठा कराई। इसके बाद निकाली गई आकर्षक शोभायात्रा में पीतल बैंड की धुन पर देवी-देवताओं की मूर्ति रूप और रंग-बिरंगी पोशाक में सजे पुरुष और महिलाओं ने नगर की भलाई के लिए उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस मंगलमय अवसर पर नगर पंचायत कार्यालय की ओर से भी विशेष व्यवस्थाएं की गईं। शोभायात्रा में शामिल भक्तों के मार्ग पर साफ-सफाई, जल छिड़काव और भगवान की बारात के स्वागत में चूना डलवाया गया। इसके साथ ही, नगर के विभिन्न स्थानों पर भक्तों के लिए जलपान की व्यवस्था भी की गई; राजपुर रोड स्थित नत्थूलाल गुप्ता ने आइसक्रीम, मुरली मनोहर गुप्ता ने हलवा, तथा मेडिकल के सामने खुले चौक के बीचों-बीच अंकित गुप्ता, मोनू गुप्ता और रमन गुप्ता आदि ने भक्तों को जलपान कराकर उनकी थकान दूर की। शोभायात्रा के दौरान नगर में जगह-जगह सामूहिक रूप से फूलों की वर्षा की गई। इस अवसर पर दीपक गुप्ता, चुनमुन गुप्ता, किसन रस्तोगी, अंकित गुप्ता, मोनू गुप्ता, मृदुल गुप्ता, नत्थू लाल गुप्ता, मा. रामप्रकाश गुप्ता सहित सैकड़ों भक्तगण मौजूद रहे।1
- एक मुस्लिम लड़की ने मुसलमानों की पूरी पोल खोल दी है, जिसमें वह सब कुछ बताते हुए कह रही है कि मदरसे बंद कर दिए जाने चाहिए। उसने मुसलमानों के संबंध में कई खुलासे किए हैं।1
- रामपुर जनपद के स्वार क्षेत्र की ग्राम पंचायत जमुना जमनी के चोहद्दा गाँव के जंगल में एक तेंदुआ देखे जाने से ग्रामीणों में दहशत फैल गई है। बुधवार को कुछ ग्रामीण जब जंगल और नदी किनारे के क्षेत्र में गए थे, तभी उन्हें एक तेंदुआ टहलता हुआ दिखाई दिया। तेंदुए को देखते ही लोगों में अफरा-तफरी मच गई और कुछ लोगों ने अपने मोबाइल फोन से इसका वीडियो बना लिया। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद पूरे क्षेत्र में तेंदुए की चर्चा शुरू हो गई है। ग्रामीणों का कहना है कि तेंदुए की मौजूदगी के कारण लोगों में भय का माहौल बना हुआ है और किसान अपने खेतों तथा जंगल की ओर जाने में अत्यधिक सावधानी बरत रहे हैं। उन्होंने वन विभाग से क्षेत्र में निगरानी बढ़ाने और ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए आवश्यक सुरक्षा उपाय करने की मांग की है। हालांकि, तेंदुए के संबंध में अभी तक वन विभाग की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।1
- भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के एक ‘फेंकू प्रवक्ता’ की एक पत्रकार ने बोलती बंद कर दी है। यह घटना एक वीडियो में कैद हो गई है, जिसमें देखा जा सकता है कि पत्रकार ने प्रवक्ता को पूरी तरह से खामोश कर दिया।1
- मुरादाबाद में एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना में एक रोडवेज बस ने बाइक सवार परिवार को बुरी तरह कुचल दिया। इस हादसे में मौके पर ही एक बच्चे की मौत हो गई, जबकि पति, पत्नी और साली गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को तत्काल सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ इलाज के दौरान पत्नी और साली ने भी दम तोड़ दिया। इस प्रकार, इस भीषण सड़क दुर्घटना में कुल तीन लोगों की मौत हो गई। वहीं, पति की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है और उनका इलाज जारी है। मृतक जनपद सम्भल के निवासी बताए गए हैं। यह घटना कटघर थाना क्षेत्र के रामगंगा पुल के पास हुई। सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुँची और बस को अपनी हिरासत में ले लिया। हालांकि, बस चालक घटना के बाद बस छोड़कर फरार हो गया।4
- बिल्सी क्षेत्र के बेहटाजवी गाँव में रहने वाले रामचंद्र वैध, जिन्हें अब सोशल मीडिया पर प्रसिद्धि मिलने के बाद “गुरु जी” के नाम से जाना जाता है, अपने इलाज के बढ़ते दावों को लेकर चर्चा और सवालों के घेरे में हैं। पहले केवल मोच और सामान्य शारीरिक समस्याओं को देखने वाले वैध जी पर अब ग्रामीणों द्वारा गंभीर से गंभीर बीमारियों, यहाँ तक कि कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी को भी दुआ, आशीर्वाद और कथित चमत्कारों के ज़रिए ठीक करने का दावा करने का आरोप लगाया जा रहा है। इन दावों का कोई भी वैज्ञानिक या चिकित्सकीय प्रमाण सामने नहीं आया है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जो व्यक्ति पहले निःशुल्क सेवा देने का दावा करता था, उसके यहाँ अब दान पात्र क्यों रखा गया है। जागरूक लोगों का कहना है कि यह सेवा कम और श्रद्धा व मजबूरी का आर्थिक लाभ उठाने का माध्यम ज़्यादा प्रतीत होता है, जो बीमार लोगों की उम्मीदों का फायदा उठा सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का भी मानना है कि कैंसर जैसी बीमारियों का उपचार केवल आधुनिक चिकित्सा पद्धति से ही संभव है, और चमत्कारिक इलाज के दावों पर भरोसा करना मरीज की जान के लिए खतरा बन सकता है। अब प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से यह पूछा जा रहा है कि क्या खुलेआम किए जा रहे इन गंभीर बीमारियों के इलाज के दावों की जाँच की जाएगी, या फिर आस्था के नाम पर ऐसे दावे यूँ ही चलते रहेंगे। यह रेखांकित किया गया है कि आस्था रखना हर व्यक्ति का अधिकार है, लेकिन आस्था के नाम पर झूठे दावे कर लोगों को गुमराह करना समाज और मरीजों दोनों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।2
- एक वायरल वीडियो में एक प्रेमी जोड़े को बस यात्रा के दौरान सार्वजनिक रूप से अश्लीलता करते देखा गया है, जिससे सहयात्रियों को, विशेषकर महिलाओं को, बहुत असहजता महसूस हुई। इस दृश्य से बगल में बैठी एक बुजुर्ग महिला इतनी शर्मिंदा हुई कि उन्होंने अपना चेहरा ही ढँक लिया। इस वीडियो के सामने आने के बाद सार्वजनिक शिष्टाचार, व्यक्तिगत स्वतंत्रता और साझा स्थानों के सम्मान को लेकर ऑनलाइन एक तीखी बहस छिड़ गई है। हालाँकि इस मामले पर लोगों की राय बंटी हुई है, लेकिन कई उपयोगकर्ता इस बात पर जोर दे रहे हैं कि सार्वजनिक परिवहन सभी यात्रियों के लिए आरामदायक और सुविधाजनक होना चाहिए। यह घटना इस बात पर विचार करने के लिए मजबूर करती है कि सार्वजनिक स्थानों पर व्यवहार की क्या सीमाएँ होनी चाहिए और यदि आप ऐसे किसी दृश्य के साक्षी होते, तो आपकी व्यक्तिगत प्रतिक्रिया क्या होती।1