वाराणसी के थाना जैतपुरा क्षेत्र स्थित अशोक विहार कॉलोनी में महिलाओं के साथ मारपीट का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है, जिसमें पीड़ित पक्ष ने एक संपत्ति विवाद के चलते दबंगई, मारपीट और तोड़फोड़ के गंभीर आरोप लगाए हैं। जानकारी के अनुसार, यह घटना एक संपत्ति विवाद से जुड़ी बताई जा रही है। आरोप है कि गाजीपुर निवासी राजेश राय अपने कुछ साथियों के साथ विवादित मकान पर पहुंचा और वहां रह रहे परिवार के साथ अभद्रता करते हुए मारपीट की, जिसमें दो महिलाओं के घायल होने की बात कही जा रही है। वायरल वीडियो में एक व्यक्ति महिलाओं के साथ हाथापाई करते हुए दिख रहा है, जिसे स्थानीय लोग कभी स्वयं को समाचार पत्र का संपादक तो कभी अधिवक्ता बताकर अपना प्रभाव जमाने की कोशिश करते हुए बताते हैं। पीड़ित परिवार, जो कई वर्षों से उस स्थान पर निवास कर रहा है और आर्थिक रूप से कमजोर है, का कहना है कि उन पर दबाव बनाकर मकान खाली कराने का प्रयास किया जा रहा है। घटना के दौरान घर में तोड़फोड़ के भी आरोप लगाए गए हैं। वीडियो सामने आने के बाद लोगों ने पुलिस प्रशासन से इस मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि आरोपी के कुछ प्रभावशाली राजनीतिक लोगों से संबंध हैं, हालांकि इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। पुलिस द्वारा अब तक इस मामले में क्या कार्रवाई की गई है, इसकी कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। उल्लेखनीय है कि वायरल वीडियो और लगाए गए इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, और मामले की वास्तविक स्थिति पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
वाराणसी के थाना जैतपुरा क्षेत्र स्थित अशोक विहार कॉलोनी में महिलाओं के साथ मारपीट का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है, जिसमें पीड़ित पक्ष ने एक संपत्ति विवाद के चलते दबंगई, मारपीट और तोड़फोड़ के गंभीर आरोप लगाए हैं। जानकारी के अनुसार, यह घटना एक संपत्ति विवाद से जुड़ी बताई जा रही है। आरोप है कि गाजीपुर निवासी राजेश राय अपने कुछ साथियों के साथ विवादित मकान पर पहुंचा और वहां रह रहे परिवार के साथ अभद्रता करते हुए मारपीट की, जिसमें दो महिलाओं के घायल होने की बात कही जा रही है। वायरल वीडियो में एक व्यक्ति महिलाओं के साथ हाथापाई करते हुए दिख रहा है, जिसे स्थानीय लोग कभी स्वयं को समाचार पत्र का संपादक तो कभी अधिवक्ता बताकर अपना प्रभाव जमाने की कोशिश करते हुए बताते हैं। पीड़ित परिवार,
जो कई वर्षों से उस स्थान पर निवास कर रहा है और आर्थिक रूप से कमजोर है, का कहना है कि उन पर दबाव बनाकर मकान खाली कराने का प्रयास किया जा रहा है। घटना के दौरान घर में तोड़फोड़ के भी आरोप लगाए गए हैं। वीडियो सामने आने के बाद लोगों ने पुलिस प्रशासन से इस मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि आरोपी के कुछ प्रभावशाली राजनीतिक लोगों से संबंध हैं, हालांकि इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। पुलिस द्वारा अब तक इस मामले में क्या कार्रवाई की गई है, इसकी कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। उल्लेखनीय है कि वायरल वीडियो और लगाए गए इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, और मामले की वास्तविक स्थिति पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
- जौनपुर के मछलीशहर स्थित सुजानगंज थाने में भीषण गर्मी के बीच पेयजल व्यवस्था बदहाल है। थाने परिसर में लगे तीनों प्याऊ केवल शोपीस बनकर रह गए हैं, जिससे यहां आने वाले फरियादियों और आम नागरिकों को पीने के पानी के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इन दिनों क्षेत्र में तापमान लगभग 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच रहा है, ऐसी स्थिति में भी थाने में अपनी समस्याओं के समाधान के लिए आने वाले लोगों को पीने का पानी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। परिसर में लगे तीनों प्याऊ बंद पड़े हैं और उनमें पानी नहीं आ रहा है। एक फरियादी, गायत्री देवी ने बताया कि वह काफी समय से थाने में बैठी हैं, लेकिन पीने के पानी की कोई व्यवस्था नहीं है, जिसके कारण उन्हें मजबूरन बाहर से बोतलबंद पानी खरीदकर अपनी प्यास बुझानी पड़ रही है। इसी तरह, पत्रकार नेहा पटेल ने भी पुष्टि की कि थाने में तीन प्याऊ लगे होने के बावजूद किसी में भी पानी नहीं आ रहा है, जिससे लोगों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। थाने में आने वाले लोगों ने चिंता व्यक्त की है कि भीषण गर्मी के इस दौर में पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा का अभाव एक गंभीर समस्या है।1
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- वाराणसी की विश्वप्रसिद्ध कबीर चौरा गली इन दिनों अवैध ट्रांसपोर्ट व्यवसाय 'राज रोड लाइन्स' के कारण रोज़ाना जाम और विवाद का अड्डा बन गई है। इस गंभीर स्थिति पर संज्ञान लेते हुए, 34 वर्षों से वकालत कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता तारकेश्वरी प्रसाद श्रीवास्तव ने पुलिस कमिश्नर, आरटीओ, जीएसटी और नगर निगम को एक कानूनी नोटिस भेजकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। यह ट्रांसपोर्ट व्यवसाय चेतगंज थाना क्षेत्र के मकान नं. C-25/6 से संचालित हो रहा है। नोटिस के अनुसार, 'राज रोड लाइन्स' के मालिक श्री राज बिना किसी वैध अनुमति के लंबे समय से परिवहन व्यवसाय चला रहे हैं। उनके कर्मचारी नियमित रूप से बड़े बक्से और क्रेट सड़क और फुटपाथ पर रख देते हैं, जिससे ट्रक और मालवाहक वाहन घंटों सड़क पर खड़े रहते हैं। इससे न केवल यातायात बाधित होता है, बल्कि पैदल चलने वाले राहगीरों को भी भारी परेशानी होती है। अधिवक्ता तारकेश्वरी प्रसाद श्रीवास्तव के साथ 03-06-2026 को एक घटना हुई, जब वे अपनी कार गैराज से बाहर निकाल रहे थे। ट्रांसपोर्टर ने उनकी गाड़ी के ठीक सामने सामान रखकर रास्ता रोक दिया। जब उन्होंने इसका विरोध किया, तो ट्रांसपोर्टर और उनके कर्मचारियों ने गाली-गलौज की और शारीरिक हमले की धमकी देकर उन्हें वाहन बाहर निकालने से रोक दिया। शिकायतकर्ता ने अपनी नोटिस में इस बात पर जोर दिया है कि कबीर चौरा गली श्री शिव प्रसाद गुप्ता सरकारी अस्पताल जाने वाली एम्बुलेंस का मुख्य मार्ग है। सड़क पर अवैध कब्जे के कारण आपातकालीन सेवाओं में अनावश्यक देरी हो रही है, जो मरीजों के लिए जानलेवा साबित हो सकती है। यह गली भैरव नाथ मंदिर से थोड़ी दूरी पर स्थित है, जहाँ माननीय मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री नियमित दर्शन के लिए आते हैं। सरकार ने इस क्षेत्र के कला-सांस्कृतिक महत्व को देखते हुए 'कला सांस्कृतिक द्वार' भी बनवाया है। नोटिस में यह भी आरोप लगाया गया है कि 'राज रोड लाइन्स' के पास मोटर वाहन अधिनियम 1988, केंद्रीय मोटर वाहन नियम 1989, यूपी मोटर वाहन नियम, जीएसटी रजिस्ट्रेशन, व्यापार लाइसेंस, वाणिज्यिक परमिट, फिटनेस सर्टिफिकेट, बीमा और पीयूसी जैसे कोई कानूनी दस्तावेज या अनुमति नहीं है। बावजूद इसके, यह पूरा कारोबार स्थानीय यातायात निरीक्षकों, पुलिस और जीएसटी अधिकारियों की कथित मिलीभगत से बेरोकटोक चल रहा है। वरिष्ठ अधिवक्ता ने पुलिस कमिश्नर, डीसीपी चेतगंज, यातायात निरीक्षक, एआरटीओ, जीएसटी अधिकारी और नगर आयुक्त को 2 दिन का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने मांग की है कि इस अवैध धंधे को तत्काल बंद कराया जाए, सड़क को खाली कराया जाए, ट्रांसपोर्टर के मालिक और जिम्मेदार व्यक्तियों पर एफआईआर दर्ज की जाए, और सरकारी राजस्व की भरपाई की जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि इन मांगों पर कोई कार्रवाई नहीं होती है, तो वे माननीय इलाहाबाद हाईकोर्ट में जनहित याचिका (PIL) दायर करेंगे। साथ ही, उन्होंने मुख्यमंत्री से भी भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। अपनी शिकायत के समर्थन में, अधिवक्ता ने सड़क पर हुए कब्जे की तस्वीरें भी संलग्न की हैं।1
- विश्व साइकिल दिवस 2026 के अवसर पर उत्तर प्रदेश के भदोही जिले में एक विशाल साइकिल यात्रा का आयोजन किया गया। यह यात्रा भदोही में निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया।1
- वाराणसी के सामने घाट स्थित लंका थाना क्षेत्र में, गंगा नदी का जलस्तर कम होने के कारण युवकों ने रेत के रास्ते नदी के बीच पहुँचकर बाइक से स्टंट किए। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से वायरल हो रहा है।1
- एक टीवी एंकर द्वारा डिजिटल शिक्षा को लेकर दिए गए बयान के बाद ऑनलाइन टीचर्स और यूट्यूब एजुकेटर्स में गहरी नाराज़गी है। एंकर के इस बयान, जिसमें उन्होंने 'दो कौड़ी का ज्ञान' शब्दों का इस्तेमाल किया, के कारण सोशल मीडिया पर एक बड़ी बहस छिड़ गई है। खान सर समेत कई शिक्षकों ने इस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए करारा जवाब दिया है। यह विवाद इस अहम सवाल को उठाता है कि क्या डिजिटल एजुकेशन को कम आंकना उचित है।1
- 13 माह की एक मासूम बच्ची के साथ दरिंदगी करने वाला सलीम अब अपने किए की माफी मांग रहा है। वह गिड़गिड़ाते हुए कह रहा है, "मेरी गलती हो गई, मुझे माफ़ कर दो साहब, मेरी ग़लती हो गई, मैं बहुत गरीब हूं, सर मैं आपके पैर छू ले रहा हूं.....मुझे माफ़ कर दो।" यह माफीनामा तब सामने आया है जब बरेली पुलिस ने सलीम का "कायदे से इलाज किया है"।1
- जौनपुर के मछलीशहर स्थित सुजानगंज थाने में भीषण गर्मी के बीच पेयजल की व्यवस्था पूरी तरह बदहाल हो गई है। लगभग 45 डिग्री सेल्सियस तापमान के मौजूदा दौर में थाने परिसर में लगाए गए तीनों प्याऊ शोपीस बनकर रह गए हैं, जिससे यहां अपनी समस्याओं के समाधान के लिए आने वाले फरियादी और आम नागरिक पानी के लिए परेशान हो रहे हैं। इन तीनों प्याऊ में पानी नहीं आ रहा है। पेयजल की गंभीर समस्या के कारण लोगों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। फरियादी गायत्री देवी ने बताया कि वह काफी समय से थाने में मौजूद हैं, लेकिन उन्हें पीने के लिए पानी की कोई व्यवस्था नहीं मिली, जिसके चलते उन्हें बाहर से बोतलबंद पानी खरीदकर अपनी प्यास बुझानी पड़ी। वहीं, पत्रकार नेहा पटेल ने भी इस बात की पुष्टि की कि थाने में तीन प्याऊ होने के बावजूद किसी से भी पानी नहीं निकल रहा है। थाने आने वाले लोगों का कहना है कि इस भीषण गर्मी के दौरान पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा का अभाव एक चिंता का विषय है।1
- सतीश पाल का एक दुखद संगीत वीडियो या स्टेटस जारी किया गया है। यह भोजपुरी सामग्री अपनी अच्छी गुणवत्ता के लिए चर्चा में है और वर्तमान में काफी वायरल है, ट्रेंडिंग में है और इसे टॉप टेन में भी शामिल किया गया है।1