कोशी प्रमंडल के डीआईजी डॉ. कुमार आशीष ने शनिवार दोपहर सहरसा सदर थाना का निरीक्षण किया, जहाँ उन्हें पुलिस जवानों द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इस दौरान सहरसा के पुलिस अधीक्षक हिमांशु भी उनके साथ मौजूद रहे। निरीक्षण के समय, डीआईजी ने शिकायत बॉक्स के नियमित रूप से न खोले जाने और आगंतुक पंजी (विजिटर रजिस्टर) के अद्यतन न होने पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने सदर थाना अध्यक्ष को फटकार लगाते हुए निर्देश दिया कि शिकायतों का त्वरित निष्पादन हो और सभी अभिलेख नियमित रूप से अपडेट किए जाएं। डॉ. आशीष ने इस बात पर जोर दिया कि आम लोगों को पुलिस से त्वरित न्याय और बेहतर व्यवहार की अपेक्षा होती है, इसलिए पीड़ितों के साथ संवेदनशीलता और सम्मानजनक व्यवहार किया जाना चाहिए। उन्होंने थाने में आने वाले लोगों के लिए बैठने, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त, डीआईजी ने महिला हेल्पलाइन डेस्क का भी जायजा लिया और वहां तैनात महिला पुलिसकर्मियों से फीडबैक लेने के साथ-साथ महिला सुरक्षा और शिकायतों के निष्पादन को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। डीआईजी डॉ. कुमार आशीष ने बताया कि पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर सभी वरीय अधिकारियों को एक-एक थाना गोद लेने की जिम्मेदारी दी गई है। इस पहल का उद्देश्य थानों की कार्यप्रणाली में सुधार लाना, जनता को बेहतर पुलिस सेवा उपलब्ध कराना और शिकायतों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करना है। उन्होंने बल दिया कि आम लोगों की समस्याओं का समाधान पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए, जिससे जन शिकायतों का शीघ्र और प्रभावी निष्पादन कर जनता का पुलिस के प्रति विश्वास मजबूत किया जा सके। निरीक्षण में सहरसा सदर थाना में लंबित मामलों की अपेक्षाकृत अधिक संख्या भी सामने आई, जिस पर डीआईजी ने कहा कि छोटे-छोटे लंबित मामलों की समीक्षा की जा रही है और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने पुलिसकर्मियों को जनता के प्रति मित्रवत और जवाबदेह रवैया अपनाने पर विशेष जोर दिया।
कोशी प्रमंडल के डीआईजी डॉ. कुमार आशीष ने शनिवार दोपहर सहरसा सदर थाना का निरीक्षण किया, जहाँ उन्हें पुलिस जवानों द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इस दौरान सहरसा के पुलिस अधीक्षक हिमांशु भी उनके साथ मौजूद रहे। निरीक्षण के समय, डीआईजी ने शिकायत बॉक्स के नियमित रूप से न खोले जाने और आगंतुक पंजी (विजिटर रजिस्टर) के अद्यतन न होने पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने सदर थाना अध्यक्ष को फटकार लगाते हुए निर्देश दिया कि शिकायतों का त्वरित निष्पादन हो और सभी अभिलेख नियमित रूप से अपडेट किए जाएं। डॉ. आशीष ने इस बात पर जोर दिया कि आम लोगों को पुलिस से त्वरित न्याय
और बेहतर व्यवहार की अपेक्षा होती है, इसलिए पीड़ितों के साथ संवेदनशीलता और सम्मानजनक व्यवहार किया जाना चाहिए। उन्होंने थाने में आने वाले लोगों के लिए बैठने, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त, डीआईजी ने महिला हेल्पलाइन डेस्क का भी जायजा लिया और वहां तैनात महिला पुलिसकर्मियों से फीडबैक लेने के साथ-साथ महिला सुरक्षा और शिकायतों के निष्पादन को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। डीआईजी डॉ. कुमार आशीष ने बताया कि पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर सभी वरीय अधिकारियों को एक-एक थाना गोद लेने की जिम्मेदारी दी गई है। इस पहल का उद्देश्य थानों की कार्यप्रणाली में
सुधार लाना, जनता को बेहतर पुलिस सेवा उपलब्ध कराना और शिकायतों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करना है। उन्होंने बल दिया कि आम लोगों की समस्याओं का समाधान पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए, जिससे जन शिकायतों का शीघ्र और प्रभावी निष्पादन कर जनता का पुलिस के प्रति विश्वास मजबूत किया जा सके। निरीक्षण में सहरसा सदर थाना में लंबित मामलों की अपेक्षाकृत अधिक संख्या भी सामने आई, जिस पर डीआईजी ने कहा कि छोटे-छोटे लंबित मामलों की समीक्षा की जा रही है और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने पुलिसकर्मियों को जनता के प्रति मित्रवत और जवाबदेह रवैया अपनाने पर विशेष जोर दिया।
- तारापुर थाना पुलिस ने शुक्रवार को वाहन जांच के दौरान मिली सूचना के आधार पर एक लावारिस मोटरसाइकिल से 6.6 लीटर देसी शराब बरामद की है। यह बरामदगी तारापुर-खड़गपुर मुख्य मार्ग से खुदिया गांव जाने वाली सड़क के समीप खड़ी एक काले रंग की हीरो स्प्लेंडर प्लस बाइक से हुई। पु०अ०नि० मनीष कुमार दिवा गश्ती पर थे, तभी उन्हें इस लावारिस बाइक के बारे में जानकारी मिली। सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। आसपास के लोगों से पूछताछ के बावजूद जब कोई भी व्यक्ति बाइक का दावेदार बनकर सामने नहीं आया, तब पुलिस ने उसकी तलाशी ली। तलाशी के दौरान, बाइक की डिक्की के अंदर से कुल 11 प्लास्टिक पाउच मिले, जिनमें 6.6 लीटर देसी शराब रखी हुई थी। पुलिस ने तत्काल शराब और मोटरसाइकिल दोनों को जब्त कर लिया। इस मामले में तारापुर थाना कांड संख्या 110/26 दर्ज किया गया है। बिहार मद्य निषेध एवं उत्पाद अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है, और एएसआई प्रमोद कुमार को इस पूरे प्रकरण के अनुसंधान की जिम्मेदारी सौंपी गई है।1
- मुंगेर जिले के असरगंज स्थित जलालाबाद में कल्पना मेडिकल के पास मुख्य सड़क बुरी तरह से खराब हो गई है। सड़क की खस्ताहालत के साथ-साथ नाला भी टूट गया है, जिसके कारण वाहन चालकों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यह समस्या नगर पंचायत असरगंज के क्षेत्र में वाहन चालकों के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।4
- खगड़िया के मोरकाही थाना क्षेत्र में पुलिस कार्रवाई के दौरान एक अभियुक्त की नदी में डूबने से मौत हो गई है। इस घटना को लेकर मृतक के परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। अभियुक्त की मौत के बाद ग्रामीणों ने थाना परिसर के बाहर जमकर हंगामा किया। वहीं, सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो ने इस पूरे मामले को और भी अधिक विवादित बना दिया है। हालांकि, इस घटना को लेकर पुलिस का कोई आधिकारिक पक्ष अभी तक सामने नहीं आया है।1
- फुलका मुरघट नदी के जीर्णोद्धार कार्य में लाखों रुपये की लूट का गंभीर आरोप सामने आया है। इस मामले में एक संवेदक ने सीधे तौर पर वन विभाग और अंचल अधिकारी पर लाखों की लूट का आरोप मढ़ा है।1
- आज रविवार सुबह मुंगेर जिले में 33 केवी कर्णचौरा फीडर पर मेंटेनेंस कार्य किया जाएगा। यह कार्य पूर्वाह्न 11:00 बजे से अपराह्न 02:00 बजे तक चलेगा, जिस दौरान उक्त क्षेत्र में बिजली आपूर्ति पूरी तरह बाधित रहेगी।1
- मुंगेर के किला परिसर स्थित भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के कार्यालय में शनिवार को एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। यह बैठक 7 जून 2026 को आयोजित होने वाले एटक सम्मेलन को सफल बनाने के उद्देश्य से रखी गई थी, जिसमें सभी स्वागत समिति के सदस्यों तथा एटक कार्यकारिणी ने भाग लिया। सीपीआई के पूर्व जिला सचिव अशोक कुमार मंडल की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में महासचिव का प्रतिवेदन और पर्चा सदस्यों द्वारा पारित किया गया। सम्मेलन की सफलता सुनिश्चित करने के लिए सदस्यों के बीच काम का भी बंटवारा किया गया।1
- तारापुर नगर पंचायत के वार्ड संख्या 13 में हुई हल्की बारिश के बाद सड़कों की हालत बेहद खराब हो गई है, जहाँ जगह-जगह जलजमाव और कीचड़ के कारण लोगों का घर से बाहर निकलना दूभर हो गया है। इस स्थिति से स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने शनिवार सुबह करीब 11 बजे बताया कि थोड़ी सी बारिश होते ही सड़कें कीचड़ में तब्दील हो जाती हैं। जल निकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण बारिश का पानी लंबे समय तक सड़कों पर जमा रहता है, जिससे आवागमन बुरी तरह बाधित होता है। कई जगहों पर पैदल चलना भी जोखिम भरा हो गया है, वहीं दोपहिया वाहन चालकों को फिसलने का डर बना रहता है। वार्ड निवासियों का कहना है कि यह समस्या कोई नई नहीं है, लेकिन अब यह गंभीर रूप ले चुकी है। उन्होंने नगर पंचायत प्रशासन से तुरंत जल निकासी की व्यवस्था सुधारने और क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत कराने की मांग की है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते आवश्यक कदम नहीं उठाए गए, तो मानसून के दौरान हालात और भी बदतर हो सकते हैं।1
- पश्चिम बंगाल की राजनीति में आए बदलाव के बाद राज्य में तेज़ी से स्थिति बदल रही है। इसी माहौल के बीच, तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नेता अभिषेक बनर्जी पर उस समय हमला हुआ, जब वे चुनावी हिंसा में घायल हुए TMC कार्यकर्ताओं से मिलने पहुँचे थे। इस घटना के दौरान भीड़ ने अभिषेक बनर्जी पर अंडे फेंके और उनकी शर्ट भी फाड़ दी। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि उन्हें हेलमेट पहनाकर बड़ी मुश्किल से घटनास्थल से सुरक्षित निकाला गया। अभिषेक बनर्जी ने इस हमले के लिए सीधे तौर पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ताओं को ज़िम्मेदार ठहराया है। उन्होंने आरोप लगाया कि वहाँ पहले से मौजूद भाजपा के कार्यकर्ताओं ने उन्हें घेरकर उनके साथ मारपीट की। बनर्जी के अनुसार, हेलमेट पहनने की वजह से ही उनका सिर गंभीर चोट से बच गया।1