तिरंगे को नई ऊंचाई: मध्यप्रदेश पुलिस की आरक्षक वर्षा पटेल ने माउंट एल्ब्रुस पर फहराया तिरंगा। तिरंगे को नई ऊंचाई: मध्यप्रदेश पुलिस की आरक्षक वर्षा पटेल ने माउंट एल्ब्रुस पर फहराया तिरंगा भोपाल। मध्यप्रदेश पुलिस की आरक्षक सुश्री वर्षा पटेल ने साहस, दृढ़ संकल्प और देशभक्ति की मिसाल पेश करते हुए यूरोप की सर्वोच्च चोटी माउंट एल्ब्रुस को फतह कर एक नई उपलब्धि हासिल की है। 21 अगस्त 2026 को वर्षा पटेल ने 18,510 फीट (5,642 मीटर) ऊंची माउंट एल्ब्रुस की चोटी पर पहुंचकर वहां तिरंगा और मध्यप्रदेश पुलिस का ध्वज फहराया। उनकी इस उपलब्धि से देश, मध्यप्रदेश और मध्यप्रदेश पुलिस का गौरव बढ़ा है। कठिन मौसम और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच वर्षा पटेल ने अपने अभियान को सफलतापूर्वक पूरा किया। पर्वतारोहण के दौरान उन्हें तेज हवाओं, कड़ाके की ठंड और दुर्गम परिस्थितियों का सामना करना पड़ा, लेकिन उनके मजबूत इरादों और अदम्य साहस के सामने मुश्किलें भी कमजोर पड़ गईं। वर्षा पटेल सुबह 9 बजकर 7 मिनट पर माउंट एल्ब्रुस के शिखर पर पहुंचीं और वहां तिरंगा फहराकर देश के प्रति अपनी निष्ठा और गर्व को प्रदर्शित किया। वर्षा पटेल की यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने पुलिस की वर्दी में अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने के साथ-साथ खेल और साहसिक गतिविधियों के क्षेत्र में भी लगातार अपनी पहचान बनाई है। उनकी सफलता यह संदेश देती है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और उसे हासिल करने का संकल्प मजबूत हो तो कठिन से कठिन परिस्थितियों को भी पार किया जा सकता है। यह पहली बार नहीं है जब वर्षा पटेल ने किसी ऊंची पर्वत चोटी पर तिरंगा फहराया हो। इससे पहले वर्ष 2024 में उन्होंने ऑस्ट्रेलिया की सर्वोच्च चोटी माउंट कोज़ियास्को पर भी तिरंगा फहराकर देश का गौरव बढ़ाया था। लगातार दूसरी बड़ी पर्वतारोहण उपलब्धि हासिल कर उन्होंने अपने साहस और दृढ़ इच्छाशक्ति का परिचय दिया है। पर्वतारोहण के साथ-साथ वर्षा पटेल खेल के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कर चुकी हैं। वह राष्ट्रीय स्तर की बेसबॉल खिलाड़ी हैं और अब तक 10 से अधिक राष्ट्रीय पदक अपने नाम कर चुकी हैं। खेल मैदान से लेकर ऊंची पर्वत चोटियों तक उनका प्रदर्शन युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रहा है। वर्षा पटेल की इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर मध्यप्रदेश पुलिस के पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाणा ने उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने वर्षा पटेल के साहस, अनुशासन और दृढ़ संकल्प की सराहना करते हुए कहा कि उनकी यह उपलब्धि मध्यप्रदेश पुलिस की बेटियों के साथ-साथ प्रदेश के युवाओं के लिए भी प्रेरणादायी है। मध्यप्रदेश पुलिस की आरक्षक वर्षा पटेल ने यह साबित किया है कि वर्दी में देश और समाज की सेवा करने के साथ-साथ व्यक्तिगत प्रतिभा और साहस के दम पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी देश का नाम रोशन किया जा सकता है। उनके लिए माउंट एल्ब्रुस की चोटी तक पहुंचना केवल पर्वतारोहण अभियान की सफलता नहीं, बल्कि तिरंगे को दुनिया की ऊंचाइयों तक पहुंचाने का गौरवपूर्ण क्षण भी है। वर्षा पटेल की सफलता उन सभी युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो अपने सपनों को पूरा करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। कठिन मौसम, ऊंचाई, ठंड और तेज हवाओं के बावजूद लक्ष्य से पीछे न हटना उनके व्यक्तित्व की दृढ़ता को दर्शाता है। मध्यप्रदेश पुलिस की इस साहसी बेटी ने एक बार फिर दिखा दिया कि हौसले बुलंद हों तो ऊंचाइयां भी छोटी पड़ जाती हैं। सेवा की जिम्मेदारी निभाते हुए खेल और पर्वतारोहण के क्षेत्र में देश का गौरव बढ़ाने वाली वर्षा पटेल ने माउंट एल्ब्रुस के शिखर पर तिरंगा फहराकर वास्तव में तिरंगे को नई ऊंचाई दी है।
तिरंगे को नई ऊंचाई: मध्यप्रदेश पुलिस की आरक्षक वर्षा पटेल ने माउंट एल्ब्रुस पर फहराया तिरंगा। तिरंगे को नई ऊंचाई: मध्यप्रदेश पुलिस की आरक्षक वर्षा पटेल ने माउंट एल्ब्रुस पर फहराया तिरंगा भोपाल। मध्यप्रदेश पुलिस की आरक्षक सुश्री वर्षा पटेल ने साहस, दृढ़ संकल्प और देशभक्ति की मिसाल पेश करते हुए यूरोप की सर्वोच्च चोटी माउंट एल्ब्रुस को फतह कर एक नई उपलब्धि हासिल की है। 21 अगस्त 2026 को वर्षा पटेल ने 18,510 फीट (5,642 मीटर) ऊंची माउंट एल्ब्रुस की चोटी पर पहुंचकर वहां तिरंगा और मध्यप्रदेश पुलिस का ध्वज फहराया। उनकी इस उपलब्धि से देश, मध्यप्रदेश और मध्यप्रदेश पुलिस का गौरव बढ़ा है। कठिन मौसम और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच वर्षा पटेल ने अपने अभियान को सफलतापूर्वक पूरा किया। पर्वतारोहण के दौरान उन्हें तेज हवाओं, कड़ाके की ठंड और दुर्गम परिस्थितियों का सामना करना पड़ा, लेकिन उनके मजबूत इरादों और अदम्य साहस के सामने मुश्किलें भी कमजोर पड़ गईं। वर्षा पटेल सुबह 9 बजकर 7 मिनट पर माउंट एल्ब्रुस के शिखर पर पहुंचीं और वहां तिरंगा फहराकर देश के प्रति अपनी निष्ठा और गर्व को प्रदर्शित किया। वर्षा पटेल की यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने पुलिस की वर्दी में अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने के साथ-साथ खेल और साहसिक गतिविधियों के क्षेत्र में भी लगातार अपनी पहचान बनाई है। उनकी सफलता यह संदेश देती है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और उसे हासिल करने का संकल्प मजबूत हो तो कठिन से कठिन परिस्थितियों को भी पार किया जा सकता है। यह पहली बार नहीं है जब वर्षा पटेल ने किसी ऊंची पर्वत चोटी पर तिरंगा फहराया हो। इससे पहले वर्ष 2024 में उन्होंने ऑस्ट्रेलिया की सर्वोच्च चोटी माउंट कोज़ियास्को पर भी तिरंगा फहराकर देश का गौरव बढ़ाया था। लगातार दूसरी बड़ी पर्वतारोहण उपलब्धि हासिल कर उन्होंने अपने साहस और दृढ़ इच्छाशक्ति का परिचय दिया है। पर्वतारोहण के साथ-साथ वर्षा पटेल खेल के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कर चुकी हैं। वह राष्ट्रीय स्तर की बेसबॉल खिलाड़ी हैं और अब तक 10 से अधिक राष्ट्रीय पदक अपने नाम कर चुकी हैं। खेल मैदान से लेकर ऊंची पर्वत चोटियों तक उनका प्रदर्शन युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रहा है। वर्षा पटेल की इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर मध्यप्रदेश पुलिस के पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाणा ने उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने वर्षा पटेल के साहस, अनुशासन और दृढ़ संकल्प की सराहना करते हुए कहा कि उनकी यह उपलब्धि मध्यप्रदेश पुलिस की बेटियों के साथ-साथ प्रदेश के युवाओं के लिए भी प्रेरणादायी है। मध्यप्रदेश पुलिस की आरक्षक वर्षा पटेल ने यह साबित किया है कि वर्दी में देश और समाज की सेवा करने के साथ-साथ व्यक्तिगत प्रतिभा और साहस के दम पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी देश का नाम रोशन किया जा सकता है। उनके लिए माउंट एल्ब्रुस की चोटी तक पहुंचना केवल पर्वतारोहण अभियान की सफलता नहीं, बल्कि तिरंगे को दुनिया की ऊंचाइयों तक पहुंचाने का गौरवपूर्ण क्षण भी है। वर्षा पटेल की सफलता उन सभी युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो अपने सपनों को पूरा करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। कठिन मौसम, ऊंचाई, ठंड और तेज हवाओं के बावजूद लक्ष्य से पीछे न हटना उनके व्यक्तित्व की दृढ़ता को दर्शाता है। मध्यप्रदेश पुलिस की इस साहसी बेटी ने एक बार फिर दिखा दिया कि हौसले बुलंद हों तो ऊंचाइयां भी छोटी पड़ जाती हैं। सेवा की जिम्मेदारी निभाते हुए खेल और पर्वतारोहण के क्षेत्र में देश का गौरव बढ़ाने वाली वर्षा पटेल ने माउंट एल्ब्रुस के शिखर पर तिरंगा फहराकर वास्तव में तिरंगे को नई ऊंचाई दी है।
- गाडरवारा सावन के आखरी सोमवार को श्रावण मास के चलते उज्जैन की अनुरूप नर्मदेश्वर महाकाल की शाही सवारी बड़े ही धूमधाम से निकाली गई इस यात्रा का शहर वासियों ने जगह जगह पुष्प वर्षा के साथ पूजन अर्चन कर स्वागत किया सवारी शिवधाम डमरू घाटी से प्रारंभ हुई और शिवालय चोक पर ऋणमुक्तेश्वर धाम में समापन किया गया1
- जिला ब्यूरो रिपोर्टर राजेश बबेले नगर गौरव दिवस बना यादगार, बुंदेली लोकगीतों पर देर रात तक झूमे बीना के लोग लोकेशन बीना रिपोर्टर राजेश बबेले नगर गौरव दिवस बना यादगार, बुंदेली लोकगीतों पर देर रात तक झूमे बीना के लोग नगरपालिका अध्यक्ष लता सकवार एवं सीएमओ राहुल कौरव के नेतृत्व में आयोजन की भव्यता ने बटोरी सराहना राजेश बबेले बीना। नगर के गौरव, संस्कृति और ऐतिहासिक पहचान को समर्पित बीना नगर गौरव दिवस का आयोजन सोमवार रात मुख्य सड़क पर भव्य रूप से किया गया। नगर पालिका द्वारा आयोजित कार्यक्रम में प्रसिद्ध लोक गायिका कविता शर्मा ने बुंदेली लोकगीतों की मनमोहक प्रस्तुतियां देकर समां बांध दिया। देर रात तक चले कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मौजूद दर्शक लोकगीतों की धुन पर झूमते और तालियां बजाते नजर आए। आयोजन की भव्यता और व्यवस्थाओं की लोगों ने जमकर सराहना की। *कविता शर्मा के बुंदेली गीतों ने बांधा समां* लोक गायिका कविता शर्मा ने बुंदेली संस्कृति और लोक परंपरा से जुड़े चर्चित गीतों की प्रस्तुतियां दीं। उन्होंने ‘आगढ़ दम-बागढ़ दम, नॉन ज्यादा मिर्ची कम’, ‘घर में से निकरे रिपट परे जीना पे जा दार बगर’, ‘दोना काए ने लाये’ और ‘जा कड़ी बगर गई’ जैसे गीतों से माहौल को जीवंत कर दिया। इसके अलावा ‘ऐसी माटी ना भारत के खंड-खंड में, जन्मदाइयों विधाता बुंदेलखंड में’, ‘आज दिन सोने को महाराज’ और ‘कारी बदरिया’ सहित अन्य लोकगीत भी प्रस्तुत किए गए। बुंदेली माटी की खुशबू से जुड़े इन गीतों पर दर्शकों ने जमकर तालियां बजाईं और कलाकार का उत्साहवर्धन किया। *तीन महिला जनप्रतिनिधियों के नेतृत्व की सांसद ने की सराहना* कार्यक्रम की मुख्य अतिथि सागर सांसद लता वानखेड़े ने कहा कि गौरव दिवस के आयोजन में बीना के लोगों के चेहरों पर उत्साह और उमंग साफ दिखाई दे रही है। उन्होंने नगर पालिका अध्यक्ष लता सकवार द्वारा गौरव दिवस की शुरुआत किए जाने की सराहना की। सांसद ने कहा कि यह भी गौरव की बात है कि बीना में तीन महिला जनप्रतिनिधि नेतृत्व कर रही हैं और उन्हें पुरुष जनप्रतिनिधियों का सहयोग भी मिल रहा है। उन्होंने बीना की ऐतिहासिक एवं औद्योगिक पहचान का उल्लेख करते हुए कहा कि एरण बीना का गौरव है। शहर को स्वच्छ, सुंदर और विकसित बनाने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करना होगा। *बीना की तस्वीर और तकदीर बदलने का काम कर रहे’ : निर्मला सप्रे* विधायक निर्मला सप्रे ने कहा कि बीना के विकास को नई दिशा देने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सांसद लता वानखेड़े, नगर पालिका अध्यक्ष लता सकवार, जनपद पंचायत अध्यक्ष उषा राय सहित महिला जनप्रतिनिधियों के सामूहिक प्रयासों से बीना की तस्वीर और तकदीर बदलने का काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में बीना का विकास और तेजी से होगा। बीना को जिला बनाने तथा भविष्य में सागर लोकसभा क्षेत्र से अलग बीना संसदीय क्षेत्र बनाए जाने की दिशा में भी प्रयास जारी हैं। *विकास कार्यों और नई योजनाओं की जानकारी दी* इस दौरान गौरव दिवस के मंच से विधायक निर्मला सप्रे ने क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों और आगामी योजनाओं की जानकारी भी साझा की। •खिमलासा में कॉलेज भवन बनकर तैयार हो चुका है। • भानगढ़ में उप तहसील भवन का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। • मंडी बामोरा को जल्द नगर परिषद का दर्जा मिलने की बात कही गई। • बीना नगरपालिका की सीमा विस्तार की प्रक्रिया जारी है। • भविष्य में बीना को जिला बनाने के लिए प्रयास जारी हैं। • सागर लोकसभा क्षेत्र से अलग बीना संसदीय क्षेत्र बनाए जाने की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं। *हर वर्ष नए रंग-रूप में मनाया जाएगा गौरव दिवस* नगर पालिका अध्यक्ष लता सकवार ने कहा कि बीना का गौरव दिवस हर वर्ष धूमधाम से मनाया जाता है। यह आयोजन प्रत्येक बार कुछ नया लेकर आता है। इसका उद्देश्य बीना की संस्कृति, इतिहास, लोक परंपराओं और शहर के गौरव को लोगों के सामने लाना है। उन्होंने कहा कि गौरव दिवस के माध्यम से शहरवासियों को अपनी ऐतिहासिक विरासत और सांस्कृतिक पहचान से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। *जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी, लेकिन कांग्रेस के सभी पार्षद नहीं पहुंचे* कार्यक्रम में सागर सांसद लता वानखेड़े, विधायक निर्मला सप्रे, नगर पालिका अध्यक्ष लता सकवार सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। हालांकि, कांग्रेस के सभी पार्षद कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए। इसके बावजूद कार्यक्रम में शहरवासियों की अच्छी उपस्थिति रही और देर रात तक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आनंद लिया गया। *विकास, विश्वास और नए अवसर’ का संदेश* बीना गौरव दिवस ने शहर की ऐतिहासिक विरासत, बुंदेली संस्कृति और विकास की संभावनाओं को एक मंच पर लाने का काम किया। लोकगीतों की सुरमयी प्रस्तुतियों से जहां लोगों को अपनी संस्कृति से जुड़ने का अवसर मिला, वहीं जनप्रतिनिधियों द्वारा विकास योजनाओं की जानकारी दिए जाने से बीना के भविष्य को लेकर नई उम्मीदें भी जगीं। *गौरव दिवस का संदेश स्पष्ट रहा*—बीना की पहचान, संस्कृति और विरासत को संजोते हुए शहर को विकास, विश्वास और नए अवसरों की दिशा में आगे बढ़ाना।4
- 🌅 खुला मौसम है, शाम सुहानी है… ठंडी-ठंडी हवाओं में एक प्यारी-सी कहानी है। 💕 चेहरे पर मुस्कान और दिल में सुकून रहे, आप सभी की शाम हमेशा खुशियों से भरी रहे। 🌸✨ शुभ संध्या दोस्तों 🙏❤️ 🌅 खुला मौसम है, शाम सुहानी है… ठंडी-ठंडी हवाओं में एक प्यारी-सी कहानी है। 💕 चेहरे पर मुस्कान और दिल में सुकून रहे, आप सभी की शाम हमेशा खुशियों से भरी रहे। 🌸✨ शुभ संध्या दोस्तों 🙏❤️2
- तिल्दा, नेवरा-लखना में पार्थिव शिवलिंग का रुद्र अभिषेक किया गया1
- नरसिंहपुर-रोड बनवाने की मांग को लेकर ग्रामीणों के साथ स्कूली छात्र-छात्रा पहुंचे कलेक्ट्रेट कलेक्टर को दिया आवेदन बिलगुआ टोला निवासी ग्रामीण और स्कूली छात्र-छात्रा कलेक्ट्रेट पहुंचे जहां उन्होंने कलेक्टर को रोड बनवाने की मांग को लेकर आवेदन दिया वहीं छात्र-छात्राओं ने बताया कि 3 किलोमीटर का कच्चा रास्ता है जिससे रोज आना-जाना पड़ता है। और अधिक बारिश होने के चलते कई बार स्कूल भी नहीं जा पाते हैं बरसात के दिनों में ग्रामीणों को भी इस कच्चे रास्ते से गुजरना पड़ता है जिससे उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है इसलिए आज मंगलवार उन्होंने कलेक्ट्रेट पहुंचकर कलेक्टर को आवेदन दिया और रोड बनवाने की मांग की1
- भारतीय किसान संघ जिला नरसिंहपुर के अभ्यास वर्ग में अभ्यास एवं प्रशिक्षण। संस्थापक श्री दत्तोपंत ठेंगड़ी जी के जीवन परिचय पर प्रात मंत्री स्वदेश कोठारी जी ने विचार व्यक्त किए श्री ठेंगड़ी जी का जीवन सरल और अध्ययन की व्यापकता चिंतन की गहराई ध्येय के प्रति समर्पण सिखाता है किसानों को एकजुट करने किसान का उत्थान हो यह भाव को लेकर संगठन की स्थापना की। 4 मार्च 1979 को भारतीय किसान संघ की स्थापना की गई। जिला उपाध्यक्ष भाव सिंह पटेल द्वारा किसानों को अपने अनुभव साझा किए। प्रांत संगठन मंत्री तुलसीराम जी द्वारा संगठन के संगठनात्मक पहलुओं पर विचार रखा बताया की जो समाज जागरूक रहता है वह समस्याओं का निदान करा लेता है किसान समाज जागरूक हो इन्हीं उद्देश्य को लेकर किसान संघ काम करता है संगठन की मजबूती के लिए नियमित मासिक बैठक अनिवार्य है ग्राम समिति नियमित बैठक संगठन की अवधारणा पर हमको कार्य करना है ग्राम स्वलंबी बने किसान की उन्नति में राष्ट्र की उन्नति है । जिला अध्यक्ष संतोष राय जी के द्वारा संगठन के नारे का अभ्यास कराया गया यह नारे हमें ऊर्जा प्रदान करते हैं संगठन सर्वोपरि है का बोध कराते हुए समर्पण भाव से काम करें चतुर्थ सत्र भारतीय किसान संघ के सत्र में पूर्व जिला अध्यक्ष राकेश खेमरिया जी द्वारा कार्यकर्ता कार्य व कार्यक्रम पर विचार रखे । कार्य के लिए कार्यकर्ताओं की आवश्यकता महत्वपूर्ण है संतुलित और स्थिर मन परिवार के साथ समाजंय बिठाकर धैर्य के साथ सकारात्मक ऊर्जा के साथ काम करना चाहिए रचनात्मक कार्य का गुण भी कार्यकर्ता में होना चाहिए। अनुशासित ढंग से अपने कार्य को पूर्णता की ओर ले जाना चाहिए। कार्यकर्ता की तपस्या ही संगठन की और समाज की मजबूती बनती है भारतीय किसान संघ जिला अभ्यास वर्ग नरसिंहपुर में पंचम सत्र । मंडल रचना एवं सदस्यता लक्ष्य का निर्धारण। प्रत्येक तहसील में मंडल रचना करना। प्रत्येक ग्राम मे सदस्यता हो । मंडल तहसील प्रभारी हो - प्रांत संगठन मंत्री तुलाराम जी षष्ठम सत्र जितेन्द्र जैन द्रारा आयामों का परिचय एवं रचना से अवगत कराया गया सप्तम सत्र- प्रांत उपाध्यक्ष नारायण सिंह पटेल जी द्वारा ग्राम विकास में ग्राम समिति की भूमिका पर प्रकाश डाला गया। अष्टम सत्र - संभागीय अध्यक्ष अनिरूद्धजी पटेल द्वारा संगठन कार्य कार्यक्रम ( उत्सव) एवं संगठन के नाम का महत्व पर प्रकाश डाला गया। मंच संचालन जिला मंत्री अभिषेक पटेल द्वारा किया गया संगठन गीत का अभ्यास नितिन तिवारी जिला प्रचार प्रमुख एशवत पटेल तहसील मंत्री गोटेगांव कार्यक्रम के समापन पर जिला कोषाध्यक्ष विष्णु जी पटेल द्वारा आभार किया गया। कार्यक्रम कृषि विज्ञान केन्द्र नरसिंहपुर में सम्पन्न हुआ सभी जिला पदाधिकारी तहसील अध्यक्ष मंत्री की उपस्थिति रही भारतीय किसान संघ जिला नरसिंहपुर के अभ्यास वर्ग में अभ्यास एवं प्रशिक्षण। संस्थापक श्री दत्तोपंत ठेंगड़ी जी के जीवन परिचय पर प्रात मंत्री स्वदेश कोठारी जी ने विचार व्यक्त किए श्री ठेंगड़ी जी का जीवन सरल और अध्ययन की व्यापकता चिंतन की गहराई ध्येय के प्रति समर्पण सिखाता है किसानों को एकजुट करने किसान का उत्थान हो यह भाव को लेकर संगठन की स्थापना की। 4 मार्च 1979 को भारतीय किसान संघ की स्थापना की गई। जिला उपाध्यक्ष भाव सिंह पटेल द्वारा किसानों को अपने अनुभव साझा किए। प्रांत संगठन मंत्री तुलसीराम जी द्वारा संगठन के संगठनात्मक पहलुओं पर विचार रखा बताया की जो समाज जागरूक रहता है वह समस्याओं का निदान करा लेता है किसान समाज जागरूक हो इन्हीं उद्देश्य को लेकर किसान संघ काम करता है संगठन की मजबूती के लिए नियमित मासिक बैठक अनिवार्य है ग्राम समिति नियमित बैठक संगठन की अवधारणा पर हमको कार्य करना है ग्राम स्वलंबी बने किसान की उन्नति में राष्ट्र की उन्नति है । जिला अध्यक्ष संतोष राय जी के द्वारा संगठन के नारे का अभ्यास कराया गया यह नारे हमें ऊर्जा प्रदान करते हैं संगठन सर्वोपरि है का बोध कराते हुए समर्पण भाव से काम करें चतुर्थ सत्र भारतीय किसान संघ के सत्र में पूर्व जिला अध्यक्ष राकेश खेमरिया जी द्वारा कार्यकर्ता कार्य व कार्यक्रम पर विचार रखे । कार्य के लिए कार्यकर्ताओं की आवश्यकता महत्वपूर्ण है संतुलित और स्थिर मन परिवार के साथ समाजंय बिठाकर धैर्य के साथ सकारात्मक ऊर्जा के साथ काम करना चाहिए रचनात्मक कार्य का गुण भी कार्यकर्ता में होना चाहिए। अनुशासित ढंग से अपने कार्य को पूर्णता की ओर ले जाना चाहिए। कार्यकर्ता की तपस्या ही संगठन की और समाज की मजबूती बनती है भारतीय किसान संघ जिला अभ्यास वर्ग नरसिंहपुर में पंचम सत्र । मंडल रचना एवं सदस्यता लक्ष्य का निर्धारण। प्रत्येक तहसील में मंडल रचना करना। प्रत्येक ग्राम मे सदस्यता हो । मंडल तहसील प्रभारी हो - प्रांत संगठन मंत्री तुलाराम जी षष्ठम सत्र जितेन्द्र जैन द्रारा आयामों का परिचय एवं रचना से अवगत कराया गया सप्तम सत्र- प्रांत उपाध्यक्ष नारायण सिंह पटेल जी द्वारा ग्राम विकास में ग्राम समिति की भूमिका पर प्रकाश डाला गया। अष्टम सत्र - संभागीय अध्यक्ष अनिरूद्धजी पटेल द्वारा संगठन कार्य कार्यक्रम ( उत्सव) एवं संगठन के नाम का महत्व पर प्रकाश डाला गया। मंच संचालन जिला मंत्री अभिषेक पटेल द्वारा किया गया संगठन गीत का अभ्यास नितिन तिवारी जिला प्रचार प्रमुख एशवत पटेल तहसील मंत्री गोटेगांव कार्यक्रम के समापन पर जिला कोषाध्यक्ष विष्णु जी पटेल द्वारा आभार किया गया। कार्यक्रम कृषि विज्ञान केन्द्र नरसिंहपुर में सम्पन्न हुआ सभी जिला पदाधिकारी तहसील अध्यक्ष मंत्री की उपस्थिति रही1
- नरसिंहपुर जिले के करेली स्थित जिला सहकारी बैंक शाखा परिसर में बारिश के बाद जलभराव हो गया। इससे किसानों और अन्य उपभोक्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। बैंक परिसर में पानी भरने का एक वीडियो किसान बसंत किरार ने बनाया। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जो मंगलवार 2 बजें पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना रहा। वीडियो के साथ किसान बसंत किरार ने व्यंग्यात्मक टिप्पणी करते हुए लिखा कि बैंक जाते समय नाव या हवा भरा ट्रैक्टर-ट्रॉली का ट्यूब साथ लेकर जाएं। उन्होंने तंज कसते हुए यह भी कहा कि बैंक प्रबंधन इस 'तालाब' में उचित हितग्राही को ऋण देकर मछली पालन करवाना चाहता है। जलभराव के कारण लोगों को बैंक तक पहुंचने में हो रही कठिनाई को देखते हुए, बैंक प्रबंधन द्वारा आवागमन के लिए एक अस्थायी वैकल्पिक रास्ता तैयार कराया जा रहा है। हालांकि, जल निकासी की स्थायी व्यवस्था कब तक हो पाएगी, यह अभी स्पष्ट नहीं है।1
- भानुप्रतापपुर पहुचे कलेक्टर रामजानकी मंदिर में लिया आशीर्वाद1
- रपटापुल पर पाइपलाइन बनी परेशानी, ग्रामीणों ने कलेक्टर से लगाई गुहार एंकर— नरसिंहपुर में रपटापुल पर डाली गई पाइपलाइन अब लोगों के लिए परेशानी का सबब बनती नजर आ रही है। तिलकवाड़, बेलापुरकरवाड़ और शिवाजीवाड़ के रहवासियों ने कलेक्टर के नाम आवेदन सौंपकर पाइपलाइन में संशोधन कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि पुल पर पाइपलाइन डाले जाने से आवागमन प्रभावित हो रहा है, जिससे ट्रैफिक जाम की स्थिति बन रही है और राहगीरों को परेशानी उठानी पड़ रही है। ग्रामीणों ने यह भी शिकायत की है कि पुल पर गंदगी और कीचड़ के साथ पानी की निकासी बंद होने से बारिश के दौरान पुल पर पानी भर रहा है। ऐसे में लोगों को आवाजाही में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। रहवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि पुल पर रखी पाइपलाइन को दूसरी तरफ से डाला जाए, ताकि आवागमन सुचारु हो सके। ग्रामीणों ने आगामी धार्मिक आयोजनों को देखते हुए जल्द समस्या का निराकरण कराने की मांग की है। रपटापुल पर पाइपलाइन बनी परेशानी, ग्रामीणों ने कलेक्टर से लगाई गुहार एंकर— नरसिंहपुर में रपटापुल पर डाली गई पाइपलाइन अब लोगों के लिए परेशानी का सबब बनती नजर आ रही है। तिलकवाड़, बेलापुरकरवाड़ और शिवाजीवाड़ के रहवासियों ने कलेक्टर के नाम आवेदन सौंपकर पाइपलाइन में संशोधन कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि पुल पर पाइपलाइन डाले जाने से आवागमन प्रभावित हो रहा है, जिससे ट्रैफिक जाम की स्थिति बन रही है और राहगीरों को परेशानी उठानी पड़ रही है। ग्रामीणों ने यह भी शिकायत की है कि पुल पर गंदगी और कीचड़ के साथ पानी की निकासी बंद होने से बारिश के दौरान पुल पर पानी भर रहा है। ऐसे में लोगों को आवाजाही में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। रहवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि पुल पर रखी पाइपलाइन को दूसरी तरफ से डाला जाए, ताकि आवागमन सुचारु हो सके। ग्रामीणों ने आगामी धार्मिक आयोजनों को देखते हुए जल्द समस्या का निराकरण कराने की मांग की है।3