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भोपाल में नालों पर कब्जे को लेकर सांसद आलोक शर्मा ने बेहद सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने नालों पर किए गए इस अवैध कब्जे के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के स्पष्ट संकेत दिए हैं।
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भोपाल में नालों पर कब्जे को लेकर सांसद आलोक शर्मा ने बेहद सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने नालों पर किए गए इस अवैध कब्जे के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के स्पष्ट संकेत दिए हैं।
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- मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा प्रदेशभर में चलाए जा रहे ‘नशे से दूरी है जरूरी 2.0’ अभियान के तहत भोपाल में विशेष जन जागरूकता रथ को रवाना किया गया है। पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने पुलिस कमिश्नर कार्यालय परिसर से इस रथ को हरी झंडी दिखाई। यह रथ आगामी 30 जुलाई तक शहर के विभिन्न क्षेत्रों में घूमकर लोगों को नशे के नुकसान बताएगा और समाज को नशामुक्त करने का संदेश देगा। आकर्षक ग्राफिक्स और स्लोगनों से सजे इस रथ पर महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबर भी लिखे गए हैं, जिन पर नागरिक नशे के अवैध कारोबार की गुप्त सूचना पुलिस को दे सकते हैं। पुलिस का कहना है कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने इस अभियान को समाज को नशे से बाहर निकालने का एक व्यापक प्रयास बताया है। उन्होंने कहा कि नशा पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करता है, इसलिए पुलिस नशीले पदार्थों के कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है। भोपाल में ड्रग्स के हॉटस्पॉट पहले ही चिह्नित किए जा चुके हैं और छोटे-बड़े अपराधियों का विस्तृत डेटा भी तैयार है। किसी भी आरोपी पर कार्रवाई होने पर पुलिस जांच केवल उसी व्यक्ति तक सीमित नहीं रखेगी, बल्कि पूरे नेटवर्क और उससे जुड़े लोगों की पड़ताल की जाएगी। उन्होंने जनता से भी अपील की है कि वे स्वयं नशे से दूर रहें और आसपास ड्रग्स का अवैध कारोबार दिखने पर पुलिस को सूचना दें। विद्यार्थियों को नशे से बचाने के लिए भोपाल के सभी प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों के आसपास 500 मीटर के दायरे को ड्रग्स मुक्त ज़ोन घोषित किया गया है, जहां नियमित गश्त और विशेष निगरानी रखी जा रही है। अभियान के दौरान शहर के स्कूलों, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों, सामाजिक संस्थाओं और सरकारी व निजी कार्यालयों में भी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके जरिए युवाओं को नशे के दुष्परिणामों की जानकारी देकर स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। भोपाल पुलिस का मानना है कि जनसहभागिता के बिना नशामुक्त समाज का लक्ष्य हासिल करना संभव नहीं है।2
- भोपाल में जिला बार चुनाव में अध्यक्ष पद के उम्मीदवार संतोष शर्मा को भारी मतों से विजयी बनाने की अपील की गई है। इस संबंध में हमारे संवाददाता ने संतोष शर्मा से एक विशेष बातचीत की है, जिसकी पूरी खबर को अवश्य देखने का आग्रह किया गया है।2
- मध्य प्रदेश में 15 जुलाई से 30 जुलाई तक 'नशे से दूरी है जरूरी 2.0' अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत लोगों को नशे से दूर करने के लिए अलग-अलग जिलों में विभिन्न प्रकार के आयोजन किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में, राजधानी भोपाल में भारतीय क्रिकेटर क्रांति गौड़ भोपाल पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचीं, जहां पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने उन्हें सम्मानित किया। इस दौरान मीडिया से चर्चा करते हुए क्रिकेटर क्रांति गौड़ ने कहा कि नशे से लोगों का परिवार तबाह हो जाता है, इसलिए सभी को इससे दूर रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब घर में नशा होता है तो बच्चे भी इसे सीखते हैं। वहीं, भोपाल पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने भी लोगों से नशे से दूरी बनाने की अपील की। कमिश्नर ने कहा कि अगर किसी के आसपास कोई भी व्यक्ति नशा परोसने का काम करता है, तो उसकी सूचना पुलिस को दें। उन्होंने आश्वासन दिया कि सूचना देने वालों का नाम पूरी तरह से गुप्त रखा जाएगा।1
- भोपाल में अमलराज जैन साहब के परिवार ने वृद्धाश्रम में रह रहे उन अकेले लोगों को अपना लिया है जिन्हें उनके अपनों ने ही ठुकरा दिया था। अपनों द्वारा ठुकराए जाने के बाद अकेले रह रहे इन लोगों को अब जैन साहब के परिवार का साथ मिला है, जिन्होंने इन्हें पूरी तरह अपना लिया है।1
- भोपाल के अयोध्यानगर थाना पुलिस ने 'नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0' अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए झील नगर झुग्गी बस्ती से गांजा तस्कर मोहन उर्फ बाला जाटव को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने 38 वर्षीय आरोपी के कब्जे से करीब 300 ग्राम गांजा बरामद किया है, जिसकी कीमत लगभग 10 हजार रुपये बताई जा रही है। पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया है कि वह इतवारा क्षेत्र से गांजा लाकर झुग्गी बस्तियों में सप्लाई करता था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है और अब इस पूरे सप्लाई नेटवर्क की जांच में जुट गई है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, पकड़े गए आरोपी पर पहले से ही 6 आपराधिक मामले दर्ज हैं।1
- मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा पूरे प्रदेश में चलाए जा रहे ‘नशे से दूरी है जरूरी 2.0’ अभियान के तहत भोपाल में विशेष जन जागरूकता रथ को रवाना किया गया है। पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने पुलिस कमिश्नर कार्यालय परिसर से इस रथ को हरी झंडी दिखाई। यह रथ आगामी 30 जुलाई तक भोपाल शहर के विभिन्न क्षेत्रों में घूमकर लोगों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करेगा। आकर्षक ग्राफिक्स और स्लोगनों से सजे इस रथ पर महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबर भी प्रदर्शित किए गए हैं, जिनके माध्यम से नागरिक नशे के अवैध कारोबार की गोपनीय जानकारी पुलिस को दे सकते हैं। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने इस अभियान को समाज को नशे की गिरफ्त से बाहर निकालने का एक व्यापक प्रयास बताया है। उन्होंने कहा कि नशा केवल एक व्यक्ति को नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करता है। उन्होंने नागरिकों से स्वयं नशे से दूर रहने और दूसरों को भी इसके खिलाफ प्रेरित करने की अपील की है। पुलिस कमिश्नर ने बताया कि भोपाल शहर में ड्रग्स के हॉटस्पॉट पहले ही चिन्हित किए जा चुके हैं और अपराधियों का विस्तृत डेटा भी तैयार है। पुलिस किसी भी आरोपी के पकड़े जाने पर जांच को वहीं तक सीमित नहीं रखेगी, बल्कि उसके पूरे नेटवर्क और जुड़े लोगों की पड़ताल कर सख्त कार्रवाई करेगी। विद्यार्थियों को नशे की लत से बचाने के लिए भोपाल के सभी प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों के आसपास के 500 मीटर के दायरे को ड्रग्स मुक्त जोन घोषित किया गया है। इन क्षेत्रों में पुलिस द्वारा विशेष निगरानी और नियमित गश्त की जा रही है। इस अभियान के तहत शहर के स्कूलों, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों, सामाजिक संस्थाओं और सरकारी व निजी संस्थानों में भी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। भोपाल पुलिस का मानना है कि जनसहभागिता के बिना नशामुक्त समाज का लक्ष्य हासिल करना संभव नहीं है, इसलिए आम नागरिकों को इस मुहिम का भागीदार बनाकर नशे के खिलाफ सामूहिक लड़ाई को मजबूत किया जा रहा है।2
- भोपाल के हुजूर में एक पारिवारिक विवाद में हैवानियत की हद पार करने का मामला सामने आया है, जहां दो महीने के एक मासूम बच्चे का पैर तोड़ने का आरोप उसकी सगी चाची पर लगा है। घर के विवाद का शिकार बने इस मासूम के साथ हुई घटना ने सभी को झकझोर कर रख दिया है और मामले की जानकारी सामने आने के बाद से लोगों में भारी आक्रोश है। फिलहाल पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। यदि यह मामला जांच के अधीन है, तो इसका अंतिम सत्य पुलिस जांच और न्यायालय के निर्णय के बाद ही स्पष्ट होगा।1