पोरसा शहर में आज महिलाओं ने अत्यंत श्रद्धा और परंपरा के साथ वट सप्तमी का पावन पर्व (जिसे कई जगह वट सावित्री व्रत भी कहा जाता है) मनाया, जहाँ सुबह से ही विशेष उत्साह और भक्तिमय माहौल देखा गया। शहर के विभिन्न मंदिरों और सार्वजनिक स्थानों पर स्थित बट वृक्षों के पास महिलाओं की भारी भीड़ उमड़ी, जिन्होंने अपने पति की दीर्घायु, सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना करते हुए बट वृक्ष की पूजा की। इस दौरान भजन-कीर्तन और कथा के आयोजन भी किए गए, जिससे पूरा वातावरण भक्ति से सराबोर हो गया। सुबह होते ही महिलाएं सज-धजकर बट वृक्ष के पास पहुंचीं और विधिपूर्वक पूजन किया। उन्होंने पूजा की थाली में रोली, अक्षत, जल, दूध, फूल, फल और सूत (धागा) लेकर वृक्ष की जड़ में जल व दूध अर्पित किया, रोली-अक्षत से तिलक कर फूल चढ़ाए। महिलाओं ने वृक्ष के चारों ओर सात या उससे अधिक बार धागा लपेटकर परिक्रमा की और अपने सुहाग की रक्षा की प्रार्थना की। इस दिन महिलाएं व्रत भी रखती हैं, जो दिनभर निर्जला या फलाहार के रूप में किया जाता है, और पूजा के अंत में कथा सुनकर आरती की जाती है। इस व्रत का आधार पौराणिक कथा सावित्री और सत्यवान से जुड़ा है, जिसमें पतिव्रता सावित्री ने अपने तप, बुद्धि और अटूट प्रेम से यमराज से अपने पति सत्यवान के प्राण वापस ले लिए थे। यही कारण है कि यह व्रत महिलाओं के लिए अटूट वैवाहिक जीवन और पति की लंबी उम्र का प्रतीक माना जाता है। हिंदू धर्म में वट वृक्ष को अक्षय जीवन और अमरता का प्रतीक माना जाता है, जिसकी लंबी उम्र और फैलती शाखाएं परिवार की स्थिरता और समृद्धि का संदेश देती हैं। यह पावन पर्व न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि परिवार और समाज में रिश्तों की मजबूती और महिलाओं के अटूट विश्वास, प्रेम व समर्पण को भी दर्शाता है। इस दिन की गई पूजा और व्रत को परिवार की सुख-शांति और समृद्धि के लिए अत्यंत फलदायी माना जाता है।
पोरसा शहर में आज महिलाओं ने अत्यंत श्रद्धा और परंपरा के साथ वट सप्तमी का पावन पर्व (जिसे कई जगह वट सावित्री व्रत भी कहा जाता है) मनाया, जहाँ सुबह से ही विशेष उत्साह और भक्तिमय माहौल देखा गया। शहर के विभिन्न मंदिरों और सार्वजनिक स्थानों पर स्थित बट वृक्षों के पास महिलाओं की भारी भीड़ उमड़ी, जिन्होंने अपने पति की दीर्घायु, सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना करते हुए बट वृक्ष की पूजा की। इस दौरान भजन-कीर्तन और कथा के आयोजन भी किए गए, जिससे पूरा वातावरण भक्ति से सराबोर हो गया। सुबह होते ही महिलाएं सज-धजकर बट वृक्ष के पास पहुंचीं और विधिपूर्वक पूजन किया। उन्होंने
पूजा की थाली में रोली, अक्षत, जल, दूध, फूल, फल और सूत (धागा) लेकर वृक्ष की जड़ में जल व दूध अर्पित किया, रोली-अक्षत से तिलक कर फूल चढ़ाए। महिलाओं ने वृक्ष के चारों ओर सात या उससे अधिक बार धागा लपेटकर परिक्रमा की और अपने सुहाग की रक्षा की प्रार्थना की। इस दिन महिलाएं व्रत भी रखती हैं, जो दिनभर निर्जला या फलाहार के रूप में किया जाता है, और पूजा के अंत में कथा सुनकर आरती की जाती है। इस व्रत का आधार पौराणिक कथा सावित्री और सत्यवान से जुड़ा है, जिसमें पतिव्रता सावित्री ने अपने तप, बुद्धि और अटूट प्रेम से यमराज से अपने पति सत्यवान
के प्राण वापस ले लिए थे। यही कारण है कि यह व्रत महिलाओं के लिए अटूट वैवाहिक जीवन और पति की लंबी उम्र का प्रतीक माना जाता है। हिंदू धर्म में वट वृक्ष को अक्षय जीवन और अमरता का प्रतीक माना जाता है, जिसकी लंबी उम्र और फैलती शाखाएं परिवार की स्थिरता और समृद्धि का संदेश देती हैं। यह पावन पर्व न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि परिवार और समाज में रिश्तों की मजबूती और महिलाओं के अटूट विश्वास, प्रेम व समर्पण को भी दर्शाता है। इस दिन की गई पूजा और व्रत को परिवार की सुख-शांति और समृद्धि के लिए अत्यंत फलदायी माना जाता है।
- पोरसा स्थित महाकाल मंदिर के गर्भगृह में डॉ. अनिल गुप्ता के तत्वावधान में आर्मीमैन श्री लेखराज, उनकी धर्मपत्नी वर्षा और पुत्र सार्थक द्वारा पुत्र रत्न की प्राप्ति के उपलक्ष्य में भगवान महाकाल का विशेष अभिषेक संपन्न किया गया। इस धार्मिक आयोजन में पंचद्रव्य और औषधियों से विधिवत पूजा-अर्चना की गई। बताया गया कि परिवार को महाकाल की असीम कृपा से पाँच वर्ष के लंबे इंतज़ार के बाद पुत्र रत्न की प्राप्ति हुई है, जिसके लिए उन्होंने श्रद्धा और आस्था के साथ यह विशेष पूजा-अर्चना करवाई। अभिषेक के बाद कन्या पूजन और कन्या भोज का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में बालिकाओं और महिलाओं ने प्रसाद ग्रहण किया। कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित बच्चों को फल वितरित किए गए। पूरे आयोजन के दौरान मंदिर परिसर में भक्तिमय वातावरण बना रहा और सभी श्रद्धालुओं ने परिवार की सुख-समृद्धि एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए भगवान महाकाल से कामना की।2
- बानमोर के राधा कृष्ण वाटिका नगर में अखिल भारतीय माहौर ग्वारै वैश्य महासभा (रजिस्टर्ड) की वार्षिक राष्ट्रीय आमसभा और अधिवेशन सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। इस महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रकाश चंद्र मांडिल ने की, जबकि जिला पंचायत मुरैना के मुख्य कार्यपालन अधिकारी कमलेश भार्गव मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कमलेश भार्गव जी ने जोर देकर कहा कि मेधावी बच्चों का सम्मान करने से उनका हौसला बढ़ता है, और प्रत्येक समाज को अपने मेधावी बच्चों को सम्मानित करना चाहिए। राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रकाश चंद्र मांडिल ने समाज को ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए कई पहल की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि घरेलू विवादों को निपटाने के लिए परिवार कचहरी शुरू की गई है, और पूरे हिंदुस्तान एवं विदेशों में रह रहे समाज के लोगों की जनगणना का कार्य भी तेजी से चल रहा है। बैठक में सतीश चंद्र चांदिल (सेवानिवृत्त, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर, एमपी इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड), श्रीमती मीना गुप्ता (राष्ट्रीय अध्यक्ष महिला विंग), प्रवीण बांदिल (राष्ट्रीय उपाध्यक्ष), सुरेश गुप्ता (राष्ट्रीय महामंत्री), राजेश गोयल (राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष), मदन मोहन गोयल (राष्ट्रीय सहमंत्री), गोविंद बंसल (मंडल अध्यक्ष बानमोर), अखिलेश बंसल, सुशील गांगिल (प्रभारी), आनंद गुप्ता, दिनेश गोयल, शिवनारायण मांडिल, अशोक मांडिल जैसे कई विशिष्ट अतिथि और पदाधिकारी मौजूद थे। अधिवेशन के दौरान समाज सुधार के कई विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई और महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए। परिवार कचहरी के पदाधिकारियों को सम्मानित किया गया, और दो दर्जन से अधिक मेधावी बच्चों का भी सम्मान किया गया। विशेष रूप से, वर्ष 2025 में हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूल परीक्षाओं में 90% या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले श्रद्धा गुप्ता (मुरैना), कुनाल गोयल (ग्वालियर), कृष्णा गुप्ता (मुरैना), भाग्य बंसल (मुरार), अनमोल गुप्ता (मुरैना), अंशिका गांगिल (मुरार), नैतिक बांदिल (मुरैना), सानवी गुप्ता (नासिक, महाराष्ट्र), शौर्य गुप्ता (मुरैना), अध्ययन गोयल (ग्वालियर), राधा बांदिल (मुरैना), अर्जुन गुप्ता (लश्कर), अभय गोयल (मुरैना), नव्या बंसल (लश्कर), मुस्कान गोयल (मुरैना), भानूप्रिया गोयल (नूराबाद), आयुषी गोयल (मुरैना), परी गुप्ता, काव्या गोयल (लश्कर), राधा गुप्ता, अंशिका गुप्ता, टिकंल गुप्ता, प्राची मांडिल (सभी मुरैना), अनुष्का गुप्ता (मुरार), परी गुप्ता (मुरैना), इशिका गुप्ता (मुरैना) और परी गांगिल (झांसी) जैसे छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त, डॉक्टर भगवान दास अलंकरण सम्मान से डॉक्टर साक्षी गुप्ता (अलवर, राजस्थान), डॉक्टर ललित बांदिल (लश्कर), कशिश गुप्ता (मुरैना), और डॉक्टर अमन गोयल (मुरैना) को नवाजा गया। जनगणना कार्य की प्रगति रिपोर्ट भी प्रस्तुत की गई। समाज के सुधार संबंधी सुझावों को लागू करने के लिए अगली बैठक तक गहन मंथन करने का निर्णय लिया गया।1
- अम्बाह के पोरसा चौराहे पर आज सुबह से ही भीषण जाम जैसी स्थिति बनी हुई है, जिसका मुख्य कारण शादियाँ और कस्बे में बस स्टैंड का अभाव है। शादियों के चलते सुबह से ही यातायात प्रभावित रहा, और दोपहर तक 'सहारग' के प्रभाव से स्थिति और गंभीर हो गई। अम्बाह में बस स्टैंड न होने के कारण वाहनों के आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस यातायात समस्या को नियंत्रित करने में पुलिसकर्मियों को भी भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। चौकी के अभाव में दो पुलिसकर्मी धूप में पसीना-पसीना होते हुए भी मोर्चा संभाले रहे। स्थानीय समाजसेवी लोगों ने भी यातायात व्यवस्था को सुचारु करने में पुलिस का सहयोग किया। यह स्थिति पुलिस प्रशासन के लिए एक "परीक्षा की घड़ी" बनकर उभरी है।2
- अंबाह के पोरसा चौराहे पर दोपहर से ही सालग का असर देखने को मिला, जिससे यातायात व्यवस्था में जाम जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई। इस दौरान, दो पुलिसकर्मियों ने पसीना बहाते हुए मोर्चा संभाला और स्थिति को नियंत्रण में लाने का प्रयास किया। उनके साथ ही, स्थानीय समाजसेवी लोगों ने भी यातायात व्यवस्था को पुनः सामान्य करने में अपना सहयोग दिया।1
- अपनी ससुराल आए एक व्यक्ति की तालाब में डूबने से मौत हो गई है।1
- मुरैना में भाजपा समर्थन मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनमोल श्रीवास्तव के प्रथम आगमन पर जिला अध्यक्ष और कार्यकर्ताओं द्वारा उनका भव्य और जोरदार स्वागत किया गया, जिससे कार्यकर्ताओं में विशेष उत्साह और ऊर्जा देखने को मिली। इस अवसर पर, राष्ट्रीय अध्यक्ष अनमोल श्रीवास्तव ने जिला अध्यक्ष और मंच के पदाधिकारियों के साथ संगठन की मजबूती और भाजपा समर्थन मंच के विस्तार को लेकर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने जोर दिया कि संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करना ही मंच का प्रमुख उद्देश्य है। इसके लिए, उन्होंने अधिक से अधिक युवाओं और समाज के विभिन्न वर्गों को जोड़कर संगठन का विस्तार करने की बात कही। श्रीवास्तव ने कार्यकर्ताओं से संगठन की नीतियों और विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया, साथ ही आगामी कार्यक्रमों और संगठनात्मक गतिविधियों के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय पदाधिकारी प्रेम श्रीवास्तव, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मोहन वर्मा, राष्ट्रीय अध्यक्ष एससी एसटी मोर्चा मनीराम वर्मा और केंद्रीय कार्यालय सचिव सहित जिले के अनेक पदाधिकारी, कार्यकर्ता और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।1
- आगरा के ताजगंज क्षेत्र स्थित पुरानी मंडी में देर रात बाइक सवार अज्ञात बदमाशों ने एक परचून दुकानदार को गोली मार दी और मौके से फरार हो गए। इस फायरिंग की सूचना डायल-112 पर रात 22:00 बजे मिली, जिसके बाद इलाके में सनसनी फैल गई। हमलावरों ने दुकानदार के पैर में गोली मारी है। घायल दुकानदार को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत सामान्य बताई जा रही है। घटना की जानकारी मिलते ही एसीपी ताज सुरक्षा और ताजगंज पुलिस तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने बदमाशों की तलाश तेज कर दी है और सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है, जिसमें हमलावरों के कैद होने की आशंका है। पुलिस इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और लोकल इंटेलिजेंस के जरिए आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। पुरानी मंडी गोलीकांड के खुलासे के लिए पुलिस की कई टीमें सक्रिय हैं और बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए सघन अभियान चला रही हैं। एसीपी यतेन्द्र सिंह नागर ने बताया कि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर घटना का सफल अनावरण किया जाएगा। इस गोलीकांड के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। पुलिस ने क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी है और घटना के हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है। पुलिस अधिकारियों ने जल्द ही मामले का खुलासा करने का दावा किया है, साथ ही बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए उनका सघन अभियान जारी है।1
- आगरा के ताजगंज क्षेत्र स्थित पुरानी मंडी में देर रात बाइक सवार बदमाशों ने एक परचून दुकानदार को गोली मारकर सनसनी फैला दी। दुकान पर पहुँचे दो अज्ञात हमलावरों ने दुकानदार के पैर में गोली मारी और मौके से फरार हो गए। गोलीकांड की सूचना रात करीब 22:00 बजे डायल-112 पर मिली थी, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। घायल दुकानदार को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उसकी हालत सामान्य बताई जा रही है। घटना की जानकारी मिलते ही एसीपी ताज सुरक्षा और ताजगंज पुलिस बल तत्काल घटनास्थल पर पहुँचे और मामले की जाँच शुरू कर दी। पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है, जिसमें हमलावरों के कैद होने की आशंका है, साथ ही इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और लोकल इंटेलिजेंस के जरिए भी आरोपियों तक पहुँचने की कोशिश की जा रही है। पुरानी मंडी गोलीकांड के खुलासे और बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें सक्रिय रूप से सघन अभियान चला रही हैं। एसीपी यतेन्द्र सिंह नागर ने जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी और मामले के सफल अनावरण का दावा किया है। इस वारदात के बाद इलाके में दहशत का माहौल है, जिसे देखते हुए पुलिस ने निगरानी बढ़ा दी है।1