लाखों के एलोपैथिक इलाज से न मिला लाभ तो आयुर्वेद ने किया चमत्कार : लकवा के बाद चलना- फिरना हो गया था बंद, आयुर्वेदिक उपचार से खुद चलकर पहुँची औषधालय प्रज्ञा संजीवनी के इलाज से 65 वर्षीय सेवानिवृत्त पुलिस निरीक्षक को मिली नई जिंदगी. जहां आधुनिक चिकित्सा में लकवा (पैरालिसिस) को लंबे और खर्चीले उपचार वाला रोग माना जाता है, वहीं पाली के आयुर्वेद औषधालय प्रज्ञा संजीवनी ने इस रोग पर अपनी प्राचीनता और प्रभावशीलता को सिद्ध किया है। जहां इस औषधालय के नाड़ी वैद्य रामफल पटेल (शांतिकुंज हरिद्वार एवं आयुष से प्रशिक्षित) के पारंपरिक उपचार से बिलासपुर की 65 वर्षीय सेवानिवृत्त पुलिस निरीक्षक श्रीमती उमा गुप्ता के गंभीर अटैक के बाद पुनः अपने पैरों पर खड़ी हो गई है। बिलासपुर निवासी श्रीमती गुप्ता को गत मई में अचानक लकवा का अटैक आया था। परिजनों ने आनन- फानन में शहर के एक बड़े निजी चिकित्सालय में भर्ती कराया, जहां 15 दिन तक उपचार चला। उपचार से जान तो बच गई लेकिन शरीर के हिस्से ने काम करना बंद कर दिया और चलना- फिरना पूरी तरह बंद हो गया। इसके बाद परिजन दूसरे निजी अस्पताल भी ले गए, लेकिन स्थिति में कोई विशेष सुधार नही हुआ और केवल स्थित बनी रही। इसी दौरान परिजनों को पाली के नया बस स्टैंड में संचालित प्रज्ञा संजीवनी औषधालय के बारे में जानकारी मिली और उन्होंने नाड़ी वैद्य रामफल पटेल से संपर्क किया। वैद्य पटेल ने पहले सभी मेडिकल रिपोर्ट मंगवाई और लकवा के मूल कारण- वात प्रकोप, नाड़ी अवरोध और रक्त संचार की बाधा को समझकर वनौषधि, जड़ी- बूटियों और भस्म आधारित एक माह की औषधि दी। परिजनों के अनुसार पहली माह की औषधि के सेवन से ही चमत्कारिक लाभ दिखने लगा। जिन हाथ- पैरों ने काम करना बंद कर दिया था, उनमें हरकत शुरू हो गई और जब दूसरे माह की दवा लेने का समय आया तो श्रीमती उमा गुप्ता किसी के सहारे नही, बल्कि खुद अपने पैरों पर चलकर प्रज्ञा संजीवनी औषधालय पहुँची। यहां अपनी अनुभव को साझा करते हुए श्रीमती गुप्ता ने कहा कि लकवा के बाद मैं पूरी तरह टूट गई थी। लाखों रुपये खर्च करने के बाद भी एलोपैथिक इलाज से मुझे चलने- फिरने की उम्मीद नही मिली थी। वैद्य रामफल पटेल जी की दी हुई आयुर्वेदिक दवाओं ने मुझे नई जिंदगी दी है। आज मैं 90% तक सामान्य हो गई हूं, चलने- फिरने में कोई असहजता नही होती। आयुर्वेद की इस पारंपरिक उपचार कला को मैं प्रणाम करती हूं। वहीं इस बीमारी को लेकर वैद्य रामफल पटेल ने बताया कि लकवा वात जनित गंभीर रोग है। यदि समय रहते नाड़ी परीक्षण कर कारण का पता लगाकर वात- नाशक वनौषधियों से उपचार किया जाए तो असाध्य दिखने वाला रोग भी साध्य हो जाता है। प्रज्ञा संजीवनी में इसी सिद्धांत पर काम होता है। अब तक अनगिनत लकवा पीड़ित मरीज यहां के उपचार से लाभान्वित होकर सामान्य जीवन जी रहे हैं। वैद्य पटेल ने लकवा के मरीजों को अपने खानपान पर विशेष ध्यान देने, नमक व चिकनाई और तली चीजों से परहेज, नियमित दिनचर्या और रक्तचाप (बीपी) की लगातार जांच की सलाह दी है, ताकि दोबारा अटैक की संभावना न रहे। साथ ही उन्होंने लकवा के प्रारंभिक लक्षण जैसे हाथ- पैरों में अचानक सुन्नता, बोलने या समझने में कठिनाई दिखने पर तत्काल आपातकालीन चिकित्सा सहायता लेने कहा है। वहीं उनके मोबाइल नंबर क्रमांक- 94241- 46093, 88151-13134 पर लकवा सहित कोई भी गंभीर बीमारी से ग्रस्त मरीज आयुर्वेदिक उपचार परामर्श ले सकते हैं।
लाखों के एलोपैथिक इलाज से न मिला लाभ तो आयुर्वेद ने किया चमत्कार : लकवा के बाद चलना- फिरना हो गया था बंद, आयुर्वेदिक उपचार से खुद चलकर पहुँची औषधालय प्रज्ञा संजीवनी के इलाज से 65 वर्षीय सेवानिवृत्त पुलिस निरीक्षक को मिली नई जिंदगी. जहां आधुनिक चिकित्सा में लकवा (पैरालिसिस) को लंबे और खर्चीले उपचार वाला रोग माना जाता है, वहीं पाली के आयुर्वेद औषधालय प्रज्ञा संजीवनी ने इस रोग पर अपनी प्राचीनता और प्रभावशीलता को सिद्ध किया है। जहां इस औषधालय के नाड़ी वैद्य रामफल पटेल (शांतिकुंज हरिद्वार एवं आयुष से प्रशिक्षित) के पारंपरिक उपचार से बिलासपुर की 65 वर्षीय सेवानिवृत्त पुलिस निरीक्षक श्रीमती उमा गुप्ता के गंभीर अटैक के बाद पुनः अपने पैरों पर खड़ी हो गई है। बिलासपुर निवासी श्रीमती गुप्ता को गत मई में अचानक लकवा का अटैक आया था। परिजनों ने आनन- फानन में शहर के एक बड़े निजी चिकित्सालय में भर्ती कराया, जहां 15 दिन तक उपचार चला। उपचार से जान तो बच गई लेकिन शरीर के हिस्से ने काम करना बंद कर दिया और चलना- फिरना पूरी तरह बंद हो गया। इसके बाद परिजन दूसरे निजी अस्पताल भी ले गए, लेकिन स्थिति में कोई विशेष सुधार नही हुआ और केवल स्थित बनी रही। इसी दौरान परिजनों को पाली के नया बस स्टैंड में संचालित प्रज्ञा संजीवनी औषधालय के बारे में जानकारी मिली और उन्होंने नाड़ी वैद्य रामफल पटेल से संपर्क किया। वैद्य पटेल ने पहले सभी मेडिकल रिपोर्ट मंगवाई और लकवा के मूल कारण- वात प्रकोप, नाड़ी अवरोध और रक्त संचार की बाधा को समझकर वनौषधि, जड़ी- बूटियों और भस्म आधारित एक माह की औषधि दी। परिजनों के अनुसार पहली माह की औषधि के सेवन से ही चमत्कारिक लाभ दिखने लगा। जिन हाथ- पैरों ने काम करना बंद कर दिया था, उनमें हरकत शुरू हो गई और जब दूसरे माह की दवा लेने का समय आया तो श्रीमती उमा गुप्ता किसी के सहारे नही, बल्कि खुद अपने पैरों पर चलकर प्रज्ञा संजीवनी औषधालय पहुँची। यहां अपनी अनुभव को साझा करते हुए श्रीमती गुप्ता ने कहा कि लकवा के बाद मैं पूरी तरह टूट गई थी। लाखों रुपये खर्च करने के बाद भी एलोपैथिक इलाज से मुझे चलने- फिरने की उम्मीद नही मिली थी। वैद्य रामफल पटेल जी की दी हुई आयुर्वेदिक दवाओं ने मुझे नई जिंदगी दी है। आज मैं 90% तक सामान्य हो गई हूं, चलने- फिरने में कोई असहजता नही होती। आयुर्वेद की इस पारंपरिक उपचार कला को मैं प्रणाम करती हूं। वहीं इस बीमारी को लेकर वैद्य रामफल पटेल ने बताया कि लकवा वात जनित गंभीर रोग है। यदि समय रहते नाड़ी परीक्षण कर कारण का पता लगाकर वात- नाशक वनौषधियों से उपचार किया जाए तो असाध्य दिखने वाला रोग भी साध्य हो जाता है। प्रज्ञा संजीवनी में इसी सिद्धांत पर काम होता है। अब तक अनगिनत लकवा पीड़ित मरीज यहां के उपचार से लाभान्वित होकर सामान्य जीवन जी रहे हैं। वैद्य पटेल ने लकवा के मरीजों को अपने खानपान पर विशेष ध्यान देने, नमक व चिकनाई और तली चीजों से परहेज, नियमित दिनचर्या और रक्तचाप (बीपी) की लगातार जांच की सलाह दी है, ताकि दोबारा अटैक की संभावना न रहे। साथ ही उन्होंने लकवा के प्रारंभिक लक्षण जैसे हाथ- पैरों में अचानक सुन्नता, बोलने या समझने में कठिनाई दिखने पर तत्काल आपातकालीन चिकित्सा सहायता लेने कहा है। वहीं उनके मोबाइल नंबर क्रमांक- 94241- 46093, 88151-13134 पर लकवा सहित कोई भी गंभीर बीमारी से ग्रस्त मरीज आयुर्वेदिक उपचार परामर्श ले सकते हैं।
- मॉडिफाइड साइलेंसर पर ट्रैफिक पुलिस का प्रहार, 8 बुलेट समेत 20 वाहन कार्रवाई की जद में बिलासपुर की सड़कों पर अब मॉडिफाइड साइलेंसर लगाकर फर्राटा भरने वाले बाइकर्स की खैर नहीं है। बुलेट में मॉडिफाइड साइलेंसर लगाकर तेज और कानफोड़ू आवाज निकालने वालों के खिलाफ ट्रैफिक पुलिस ने अभियान तेज कर दिया है। शहर के अलग-अलग चौक-चौराहों पर विशेष टीमों की तैनाती कर वाहनों की जांच की जा रही है। कार्रवाई के दौरान मॉडिफाइड साइलेंसर लगी 8 बुलेट समेत कुल 20 वाहनों पर यातायात नियमों के उल्लंघन का प्रकरण तैयार किया गया है। सभी मामलों को न्यायालय भेजने की तैयारी है। वीओ-1 : ये तस्वीरें बिलासपुर की सड़कों की हैं, जहां अब तेज रफ्तार और मॉडिफाइड साइलेंसर लगाकर दौड़ने वाले बाइकर्स पर ट्रैफिक पुलिस की नजर है। दरअसल शहर के अलग-अलग इलाकों से लगातार शिकायतें सामने आ रही थीं कि कुछ बाइकर्स अपनी बाइकों में मॉडिफाइड साइलेंसर लगाकर तेज आवाज के साथ वाहन दौड़ा रहे हैं। कई बार अचानक निकलने वाली पटाखे जैसी आवाज से राहगीर और दूसरे वाहन चालक भी चौंक जाते हैं। वीओ-2 शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए यातायात पुलिस ने अलग-अलग टीमों का गठन किया और शहर के प्रमुख इलाकों में विशेष जांच अभियान चलाया। सत्यम चौक, अग्रसेन चौक, पुराना बस स्टैंड, सीएमडी चौक, श्रीकांत वर्मा मार्ग, महिमा तिराहा और मैग्नेटो मॉल रोड समेत कई स्थानों पर वाहनों की जांच की गई। वीओ-3 जांच के दौरान 8 बुलेट ऐसी मिलीं, जिनमें मॉडिफाइड साइलेंसर लगे हुए थे। पुलिस ने इनके खिलाफ कार्रवाई की। इसके साथ ही प्रेशर हॉर्न, बिना नंबर प्लेट, नंबर प्लेट पर टेप लगाने और स्टाइलिश नंबर प्लेट जैसे यातायात नियमों के उल्लंघन पर भी कार्रवाई की गई। अभियान में कुल 20 वाहनों के खिलाफ प्रकरण तैयार किए गए हैं, जिन्हें न्यायालय भेजा जा रहा है। बाइट – रामगोपाल करियारे, एएसपी ट्रैफिक वीओ-4 ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक मॉडिफाइड साइलेंसर से निकलने वाली तेज आवाज केवल ध्वनि प्रदूषण का कारण नहीं बनती, बल्कि सड़क पर चलने वाले लोगों के लिए अचानक डर और असहज स्थिति भी पैदा कर सकती है। इसी वजह से पुलिस अब ऐसे वाहनों की लगातार निगरानी कर रही है।4
- 3 किलोमीटर सड़क की मरम्मत जनप्रतिनिधियों ने अपने खर्चे से किया1
- Har Di Bajar Dhaulpur panchayat Pathri jarjar Road Se Kaha Jata Sarpanch Aniruddh Kanwar3
- महिला समिति को तालाब की लीज लेने पर विवाद सरपंच पर दस्तावेज में हस्ताक्षर नहीं करने का आरोप1
- Bilaspur Ratanpur pendra bansjhala pul tota bich me fasi yatri bas bada hadsa tala Bilaspur Ratanpur pendra bansjhala pul tota bich me fasi yatri bas bada hadsa tala1
- एक दिन में तीन घटना का हुआ उजागर सक्ति जिले से तीन बड़ी घटना निकल कर सामने आ रहा हैं। एक दिन में तीन घटना का हुआ उजागर सक्ति जिले से तीन बड़ी घटना निकल कर सामने आ रहा हैं।1
- PM मोदी के जन्मदिन पर BJP का सेवा संकल्प, बिलासपुर में रक्तदान शिविर,युवा मोर्चा के शिविर में 200 से अधिक यूनिट रक्तदान, जरूरतमंदों की मदद की पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन और उनके सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी देशभर में सेवा संकल्प अभियान चला रही है। इसी कड़ी में गुरुवार को भारतीय जनता युवा मोर्चा की ओर से विभिन्न स्थानों पर रक्तदान शिविर आयोजित किए गए। बिलासपुर में भी शहर और ग्रामीण युवा मोर्चा ने जिला अस्पताल और स्वर्ग बिहार यादव सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, कोनी में रक्तदान शिविर लगाया। शिविर में बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ताओं और युवाओं ने पहुंचकर रक्तदान किया। इस दौरान करीब 200 से अधिक यूनिट रक्त एकत्रित किया गया। भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने भी शिविर में पहुंचकर रक्तदाताओं का उत्साह बढ़ाया। वि ओ--- 1---प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन और सार्वजनिक जीवन में 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी की ओर से देशभर में सेवा संकल्प अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर भारतीय जनता युवा मोर्चा ने विभिन्न अस्पतालों में रक्तदान शिविर आयोजित किए।बिलासपुर में भी भारतीय जनता युवा मोर्चा शहर और ग्रामीण इकाई की ओर से जिला अस्पताल तथा स्वर्ग बिहार यादव सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, कोनी में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में बड़ी संख्या में युवा और भाजपा कार्यकर्ता पहुंचे और स्वेच्छा से रक्तदान किया। आयोजकों के मुताबिक शिविर के माध्यम से करीब 200 से अधिक यूनिट रक्त एकत्रित किया गया, जिससे जरूरतमंद मरीजों को रक्त उपलब्ध कराने में मदद मिल सकेगी। बाइट ----- किशोर राय पूर्व महापौर बिलासपुर वि ओ--- 2- रक्तदान शिविर में भाजपा के वरिष्ठ नेता और जनप्रतिनिधि भी शामिल हुए। उन्होंने रक्तदान कर रहे युवाओं का उत्साह बढ़ाया और लोगों को रक्तदान के लिए प्रेरित किया। इस दौरान बिलासपुर विधायक धरमलाल कौशिक, बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला, तखतपुर विधायक धर्मजीत सिंह समेत भाजपा के वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। बाइट ----- वैभव गुप्ता अध्यक्ष भाजयुमो शहर वि ओ--- 3----शिविर में रक्तदान करने वाले भाजपा कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दीर्घायु और स्वस्थ जीवन की कामना की। साथ ही उनके सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने पर उन्हें शुभकामनाएं दीं। भाजपा कार्यकर्ताओं ने कहा कि सेवा के माध्यम से जरूरतमंदों की मदद करना इस अभियान का प्रमुख उद्देश्य है।4
- रायसेन जिले के उदयपुर का मुख्य पुल के साथ बना हुआ सर्विस रोड भारी वाहन के निकलने से 1 फिट गहरा धस गया है1