ओडिशा के गंजाम जिले में रिश्तों को शर्मसार करने वाला एक बेहद दर्दनाक और शर्मनाक मामला सामने आया है, जहां पुलिस ने अपनी ही 22 वर्षीय विवाहित बेटी का वर्षों तक कथित तौर पर यौन शोषण करने के आरोप में एक 57 वर्षीय सरकारी स्कूल के शिक्षक को गिरफ्तार किया है। इस झकझोर देने वाली घटना का खुलासा तब हुआ जब लगातार हो रही मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना से परेशान होकर युवती ने कथित तौर पर खुदकुशी का प्रयास किया। पीड़िता ने पुलिस को दिए बयान में आरोप लगाया है कि उसके पिता ने शादी से पहले कई वर्षों तक उसका यौन शोषण किया। विवाह होने के बाद भी आरोपी पिता ने धमकियों और मानसिक दबाव के जरिए उसका उत्पीड़न जारी रखा। सामाजिक बदनामी और परिवार टूटने के डर से वह लंबे समय तक चुप रही। आखिरकार, इस प्रताड़ना से तंग आकर युवती ने अपने ससुराल में कथित तौर पर खुद पर पेट्रोल डालकर आग लगा ली। गंभीर रूप से झुलसी हुई अवस्था में उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उसने पुलिस के सामने पूरी आपबीती बयां की। पीड़िता के इसी बयान के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले की विस्तृत जांच जारी है और पीड़िता द्वारा लगाए गए अन्य आरोपों की भी गंभीरता से जांच की जा रही है। जांच में यदि किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है, तो उसके खिलाफ भी कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। यह मामला दर्शाता है कि घरेलू यौन हिंसा और शोषण के मामलों में पीड़ित अक्सर भय, सामाजिक दबाव और बदनामी के कारण चुप रह जाते हैं, जिन्हें सुरक्षित माहौल, कानूनी सहायता और समय पर न्याय मिलना आवश्यक है।
ओडिशा के गंजाम जिले में रिश्तों को शर्मसार करने वाला एक बेहद दर्दनाक और शर्मनाक मामला सामने आया है, जहां पुलिस ने अपनी ही 22 वर्षीय विवाहित बेटी का वर्षों तक कथित तौर पर यौन शोषण करने के आरोप में एक 57 वर्षीय सरकारी स्कूल के शिक्षक को गिरफ्तार किया है। इस झकझोर देने वाली घटना का खुलासा तब हुआ जब लगातार हो रही मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना से परेशान होकर युवती ने कथित तौर पर खुदकुशी का प्रयास किया। पीड़िता ने पुलिस को दिए बयान में आरोप लगाया है कि उसके पिता ने शादी से पहले कई वर्षों तक उसका यौन शोषण किया। विवाह होने के बाद भी आरोपी पिता ने धमकियों और मानसिक दबाव के जरिए उसका उत्पीड़न जारी रखा। सामाजिक बदनामी और परिवार टूटने के डर से वह लंबे समय तक चुप रही। आखिरकार, इस प्रताड़ना से तंग आकर युवती ने अपने ससुराल में कथित तौर पर खुद पर पेट्रोल डालकर आग लगा ली। गंभीर रूप से झुलसी हुई अवस्था में उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उसने पुलिस के सामने पूरी आपबीती बयां की। पीड़िता के इसी बयान के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले की विस्तृत जांच जारी है और पीड़िता द्वारा लगाए गए अन्य आरोपों की भी गंभीरता से जांच की जा रही है। जांच में यदि किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है, तो उसके खिलाफ भी कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। यह मामला दर्शाता है कि घरेलू यौन हिंसा और शोषण के मामलों में पीड़ित अक्सर भय, सामाजिक दबाव और बदनामी के कारण चुप रह जाते हैं, जिन्हें सुरक्षित माहौल, कानूनी सहायता और समय पर न्याय मिलना आवश्यक है।
- फिरोजाबाद क्षेत्र की तरफ बढ़ रहे गौरक्षक और हिंदू संगठन के कार्यकर्ता दक्ष चौधरी को पुलिस ने जिले की सीमा पर ही रोक दिया। एएसपी ग्रामीण अनुज चौधरी और उनकी पुलिस टीम ने कानून-व्यवस्था तथा सुरक्षा कारणों को ध्यान में रखते हुए यह कार्रवाई की। दक्ष चौधरी अपने समर्थकों के साथ हाल ही में हुए अरुण खटीक हत्याकांड के पीड़ित परिजनों से मुलाकात करने जा रहे थे। इस दौरान जिले में शांति व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। एएसपी अनुज चौधरी को उत्तर प्रदेश पुलिस में अपनी सख्त और स्पष्ट कार्यशैली के लिए जाना जाता है। कानून-व्यवस्था को बनाए रखने के लिए वह आए दिन चर्चा में रहते हैं।1
- उत्तर प्रदेश में बहुजन राजनीति के भीतर सियासी हलचल काफी तेज हो गई है। मायावती ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दलित समाज से कानून हाथ में न लेने की जोरदार अपील की है। उन्होंने समाज से बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के बताए संवैधानिक और कानूनी रास्ते पर चलकर ही अन्याय के खिलाफ संघर्ष करने को कहा। इसी दौरान उन्होंने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि कुछ लोग ऐसी घटनाओं पर केवल “मगरमच्छ के आंसू” बहाते हैं और समाज को भड़काने की कोशिश करते हैं। मीडिया रिपोर्टों में मायावती की इस टिप्पणी को चंद्रशेखर आजाद पर एक परोक्ष हमला बताया गया है। इस बयान के सामने आने के बाद चंद्रशेखर आजाद ने भी अपना जवाब दिया है। चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि मायावती के इस बयान से उनके मन को गहरी ठेस पहुंची है। हालांकि, उन्होंने अपनी प्रतिक्रिया में मायावती के प्रति अपना पूरा सम्मान जताया है, लेकिन साथ ही उनके द्वारा लगाए गए आरोपों पर अपनी असहमति भी जाहिर की है।1
- चोरी की दो अलग-अलग घटनाओं का सफल अनावरण करते हुए थाना हाथरस गेट पुलिस ने चोरी करने वाले गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 950 ग्राम चांदी के चोरी हुए आभूषण और ₹1,610 नकद बरामद किए हैं। पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा के निर्देश पर गठित टीम ने संदिग्ध व्यक्ति एवं वाहन चेकिंग अभियान के दौरान आरटीओ कार्यालय के पास से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, 14 नवंबर 2025 को तवेला गली के रहने वाले गगन वर्मा ने थाना हाथरस गेट में शिकायत दर्ज कराई थी कि चोर उनकी 'साक्षी ज्वैलर्स' नामक दुकान का शटर काटकर करीब डेढ़ लाख रुपये मूल्य के चांदी के आभूषण चुरा ले गए। इसके अलावा, 15 जून 2026 को महादेव कॉलोनी में किराये पर रहने वाले कृष्णपाल ने भी अपने मकान में चोरी की शिकायत दर्ज कराई थी। पकड़े गए आरोपियों की पहचान जलालपुर निवासी अनंत और जलालपुर गणेशपुर निवासी सनी सेंगर के रूप में हुई है। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने सुनसान मकानों की रेकी कर चोरी करने की बात स्वीकार की है और साक्षी ज्वैलर्स की दुकान का शटर काटने का जुर्म भी कबूल किया है। प्रभारी निरीक्षक नितिन कसाना के नेतृत्व में पुलिस टीम आरोपियों के आपराधिक इतिहास की जांच कर रही है और उनके खिलाफ आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है।2
- हाथरस के कोतवाली हाथरस गेट क्षेत्र के मोहल्ला रमनपुर स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में शनिवार दोपहर शॉर्ट सर्किट से अचानक आग लग गई। यह हादसा विद्यालय की ऊपरी मंजिल पर बने एक कमरे में हुआ। आग लगने की वजह से कमरे में रखा बिस्तर और अन्य सामान जलकर पूरी तरह राख हो गया। राहत की बात यह रही कि विद्यालय में रह रही सभी 21 छात्राएं इस हादसे में पूरी तरह सुरक्षित हैं। घटना के समय सभी छात्राएं नीचे मैस में बैठकर भोजन कर रही थीं, जिसके कारण एक बड़ा हादसा होने से टल गया। कमरे से धुआं उठता देखकर विद्यालय के शिक्षकों ने तुरंत पुलिस और फायर ब्रिगेड को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही दमकल की टीम मौके पर पहुंची और आग बुझाने का काम शुरू किया। इस दौरान जब छोटी दमकल का पानी खत्म हो गया, तो विद्यालय की ही पानी की टंकी से पानी का इस्तेमाल कर आग पर काबू पाया गया। घटना की जानकारी मिलने पर जिलाधिकारी अतुल वत्स और पुलिस अधीक्षक चिरंजेव नाथ सिन्हा भी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने विद्यालय की छात्राओं से बातचीत कर उनका हालचाल जाना और घटना की पूरी जानकारी ली। इस पूरी घटना में किसी भी तरह के जान-माल का नुकसान नहीं हुआ है।1
- हाथरस के थाना हसायन पुलिस ने चोरी की एक घटना का सफल खुलासा करते हुए एक महिला समेत गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से चोरी किए गए सोने-चांदी के आभूषण और ₹33,300 नकद बरामद किए गए हैं। पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा के निर्देश पर क्षेत्राधिकारी सिकंदराराऊ के नेतृत्व में टीमों का गठन किया गया था, जिन्होंने संदिग्ध व्यक्ति एवं वाहन चेकिंग अभियान के दौरान ग्राम नगला रति के पास से इन तीनों को दबोचा। इस मामले में ग्राम छीतीपुर निवासी महावीर सिंह ने 7 मई 2026 को अपने घर से अज्ञात चोरों द्वारा नकदी और जेवर चोरी किए जाने की शिकायत दर्ज कराई थी। इसी तहरीर के आधार पर थाना हसायन में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में जहांगीरपुर कोडरा निवासी राजेश, छीतीपुर निवासी योगेश और एक महिला शामिल हैं। प्रभारी निरीक्षक मनीष चिकारा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने इस पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया। पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे पहले सुनसान पड़े मकानों की रेकी करते थे और मौका मिलते ही चोरी की वारदात को अंजाम देते थे। बरामद सामान में एक जोड़ी चांदी की पाजेब, चार जोड़ी पायल, दो बच्चा कंदुनी, सोने की तीन अंगूठियां शामिल हैं। पुलिस अब पकड़े गए आरोपियों के आपराधिक इतिहास की जांच कर रही है और मामले में आवश्यक विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।2
- सादाबाद थाना क्षेत्र के मढ़नई गांव में शादी समारोह के दौरान एक बेहद दर्दनाक हादसे में चार वर्षीय मासूम बच्ची की पोखर में डूबने से मौत हो गई। देवनगर सलेमपुर रोड के रहने वाले सत्यवीर सिंह अपनी चार वर्षीय बेटी सोना और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ गांव मढ़नई में अपने रिश्तेदार प्रवीण (पुत्र युगराज सिंह) के यहां आयोजित भात कार्यक्रम में शामिल होने आए थे। रविवार को प्रवीण की बारात आगरा के शमशाबाद क्षेत्र में जानी थी, लेकिन इस हृदयविदारक घटना के बाद शादी वाले घर की तमाम खुशियां पलभर में मातम में बदल गईं और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। घटना के अनुसार, शनिवार दोपहर करीब एक बजे मासूम सोना घर के बाहर खेलते-खेलते अचानक लापता हो गई थी। परिजनों और ग्रामीणों ने काफी देर तक गांव में उसकी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। देर शाम जब परिजनों को आशंका हुई कि बच्ची पास के पोखर में तो नहीं चली गई, तो ग्रामीणों की मदद से पोखर में तलाश शुरू कराई गई। पोखर की सफाई कराए जाने के दौरान मासूम बच्ची का शव बरामद हुआ। उसे तत्काल बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई और आवश्यक कार्रवाई की, जिसके बाद परिजन बच्ची के शव को सादाबाद स्थित अपने घर ले गए। इस हादसे के बाद से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।4