बूंदी। जिला जनाना अस्पताल में प्रसव के लिए भर्ती गर्भवती महिला की ऑपरेशन के कुछ देर बाद तबीयत बिगड़ गई। डॉक्टरों ने महिला को कोटा रेफर किया, लेकिन कोटा पहुंचते ही महिला की मौत हो गई। घटना के बाद मृतका के परिजनों और ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। मृतका के पति हनूमान सेन निवासी सिलोर के अनुसार, वह अपनी पत्नी वर्षा सेन को प्रसव के लिए एक दिन पहले बूंदी जिला जनाना अस्पताल लेकर पहुंचे थे। परिजनों का आरोप है कि वहां डॉक्टर चंद्रेश मीणा ने महिला का ऑपरेशन किया, जिसके बाद महिला ने एक बच्चे को जन्म दिया। महिला के 2 साल का बच्चा पहले से है। ऑपरेशन के करीब आधे घंटे बाद महिला की तबीयत बिगड़ गई। परिजनों का आरोप है कि हालत बिगड़ने के बाद महिला को कोटा रेफर कर दिया गया। कोटा अस्पताल पहुंचने पर महिला की मौत हो गई। महिला की मौत की सूचना के बाद सिलोर गांव में परिजन और सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण सड़क पर उतर आए। ग्रामीणों ने सड़क पर बबूल की टहनियां और कांटे रखकर तथा शव को सड़क पर रखकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने डॉक्टर चंद्रेश मीणा के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों का आरोप है कि संबंधित डॉक्टर द्वारा गर्भवती महिलाओं का इलाज सही तरीके से नहीं किया जाता और पूर्व में भी गर्भवती महिलाओं की मौत के मामले सामने आ चुके हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। सड़क जाम की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों तथा परिजनों से समझाइश का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण उचित कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। प्रदर्शन के चलते करीब चार घंटे तक सड़क पर जाम की स्थिति बनी रही। बाद में पुलिस उपाधीक्षक और एसडीएम मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों व परिजनों को मामले में उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। अधिकारियों के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने सड़क से जाम हटा दिया। मामले में अब परिजनों की शिकायत, चिकित्सकीय रिकॉर्ड और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई का इंतजार है।
बूंदी। जिला जनाना अस्पताल में प्रसव के लिए भर्ती गर्भवती महिला की ऑपरेशन के कुछ देर बाद तबीयत बिगड़ गई। डॉक्टरों ने महिला को कोटा रेफर किया, लेकिन कोटा पहुंचते ही महिला की मौत हो गई। घटना के बाद मृतका के परिजनों और ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। मृतका के पति हनूमान सेन निवासी सिलोर के अनुसार, वह अपनी पत्नी वर्षा सेन को प्रसव के लिए एक दिन पहले बूंदी जिला जनाना अस्पताल लेकर पहुंचे थे। परिजनों का आरोप है कि वहां डॉक्टर चंद्रेश मीणा ने महिला का ऑपरेशन किया, जिसके बाद महिला ने एक बच्चे को जन्म दिया। महिला के 2 साल का बच्चा पहले से है। ऑपरेशन के करीब आधे घंटे बाद महिला की तबीयत बिगड़ गई। परिजनों का आरोप है कि हालत बिगड़ने के बाद महिला को कोटा रेफर कर दिया गया। कोटा अस्पताल पहुंचने पर महिला की मौत हो गई। महिला की मौत की सूचना के बाद सिलोर गांव में परिजन और सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण सड़क पर उतर आए। ग्रामीणों ने सड़क पर बबूल की टहनियां और कांटे रखकर तथा शव को सड़क पर रखकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने डॉक्टर चंद्रेश मीणा के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों का आरोप है कि संबंधित डॉक्टर द्वारा गर्भवती महिलाओं का इलाज सही तरीके से नहीं किया जाता और पूर्व में भी गर्भवती महिलाओं की मौत के मामले सामने आ चुके हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। सड़क जाम की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों तथा परिजनों से समझाइश का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण उचित कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। प्रदर्शन के चलते करीब चार घंटे तक सड़क पर जाम की स्थिति बनी रही। बाद में पुलिस उपाधीक्षक और एसडीएम मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों व परिजनों को मामले में उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। अधिकारियों के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने सड़क से जाम हटा दिया। मामले में अब परिजनों की शिकायत, चिकित्सकीय रिकॉर्ड और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई का इंतजार है।
- अलमारी खोली तो सामने बैठा था कोबरा! स्कूल में मचा हड़कंप अलमारी खोली तो सामने बैठा था कोबरा! स्कूल में मचा हड़कंप1
- कुलगुरु प्रो. बी.पी. सरस्वत ने शैक्षणिक नवाचार पर दिया जोर, नए पाठ्यक्रमों को मिली स्वीकृति डेटा साइंस-एआई से वाइल्डलाइफ टूरिज्म तक, कोटा विश्वविद्यालय में शुरू होंगे नए पाठ्यक्रम कोटा। कोटा विश्वविद्यालय की विद्या परिषद की 27वीं बैठक शुक्रवार को कुलगुरु प्रो. बी.पी. सरस्वत की अध्यक्षता में हुई। बैठक में शैक्षणिक एवं शोध गतिविधियों को विस्तार देने के साथ राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप पाठ्यक्रम विकास पर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। शैक्षणिक सत्र 2026-27 से चार नए पाठ्यक्रम शुरू करने को मंजूरी दी गई। इनमें पीजी डिप्लोमा इन बूंदी-कोटा ट्रेडिशनल पेंटिंग, पीजी डिप्लोमा इन स्पोर्ट्स मैनेजमेंट एंड टूरिज्म, पीजी डिप्लोमा इन वाइल्डलाइफ टूरिज्म तथा फाइव ईयर इंटीग्रेटेड बीएससी-एमएससी डेटा साइंस एंड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस शामिल हैं। साथ ही आमंत्रित विषय विशेषज्ञों का मानदेय 500 से बढ़ाकर 800 रुपये करने को स्वीकृति दी गई। एमसीए की प्रवेश प्रक्रिया 2026-27 से एमबीए की तर्ज पर विश्वविद्यालय स्तर पर कराने संबंधी आदेशों को भी परिषद के समक्ष रखा गया। शोध मंडल की बैठकों तथा विभिन्न पाठ्यक्रमों में सीट वृद्धि संबंधी प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। प्रो. एन.एल. हेड़ा ने एनईपी अनुरूप पाठ्यक्रम निर्माण की संरचना एवं प्रक्रिया पर प्रस्तुतीकरण दिया।3
- पत्रकारों के धरने पर पहुंचे कोटा दक्षिण विधायक संदीप शर्मा, कार्रवाई का दिया आश्वासन कोटा नगर निगम में री पोलिंग के दौरान फर्जी वोटिंग की रिपोर्टिंग करने वाले पत्रकार के साथ मारपीट मामले में कार्रवाई नहीं होने पर महावीर नगर थाने के बाहर शहर के कई पत्रकारों ने इकट्ठा हो कर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया: 4 घंटे तक धरने पर बैठे रहे लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई: 4 घंटे बाद कोटा दक्षिण विधायक संदीप शर्मा के धरना स्थल पर आकर कार्रवाई का आश्वासन देने के बाद पत्रकारों ने धरना खत्म किया: धरने पर पत्रकारों से बातचीत कर कार्रवाई का आश्वासन देते विधायक संदीप शर्मा1
- तीन थानों की की कार्यवाही में 25लाख का मादक पदार्थ जब्त, महिला सहित पांच आरोपी की गिरफ्तार। तीन थानों की की कार्यवाही में 25लाख का मादक पदार्थ जब्त, महिला सहित पांच आरोपी की गिरफ्तार। दूनी/टोंक(हरि शंकर माली)। पुलिस ने क्षेत्र में लगभग 25 लाख रुपए का मादक पदार्थ जप्त कर एक महिला सहित 5 आरोपी गिरफ्तार, अलग-अलग तीन थानों की कार्रवाई DST टीम टोंक व थाना मेहन्दवास, बरोनी व घाड़:- रोशन मीना SP टोेंक के निर्देशन में नशा मुक्त टोंक अभियान के तहत नशे के कारोबार को किया ध्वस्त। टोेंक पुलिस द्वारा अवैध नशे के विरुद्ध लगातार ताबडतोड़ कार्यवाही जारी, जिला स्पेशल टीम टोंक व तीन थानों की टीमों द्वारा अवैध नशे के विरूद्ध कार्यवाही करते हुये करीबन 22 लाख 50 हजार रुपये कीमत का 45 किलोग्राम अवैध मादक पदार्थ गांजा व 01 लाख 60 हजार रुपये कीमत की 08 ग्राम स्मैक बरामद। अवैध मादक पदार्थ परिवहन में प्रयुक्त 02 कार व 01 मोटरसाईकिल जब्त कर 05 आरोपीयो को गिरफतार किया जाकर 03 प्रकरण दर्ज किये गये। गिरफ्तार आरोपित लालाराम पुत्र कंवरपाल गुर्जर निवासी सोहेला सुनीता पत्नी लालाराम गुर्जर निवासी सोहेला, मुकेश महावर पुत्र बद्रीलाल कोली निवासी सुभाष नगर टोंक, मनोज पुत्र सीताराम निवासी दूनी , कालूराम गुर्जर पुत्र भंवर लाल गुर्जर निवासी कालाकांकरा दूनी1
- रावतभाटा। कांग्रेस के वार्ड नंबर 11 डमी प्रत्याशी तेजराज सिंह चुंडावत ने उठाया नामांकन पत्र, केवल दो प्रत्याशी अब्दुल रशीद सागर कांग्रेस, बीजेपी से अनुसूइयां नागर मैदान में, 21 सितंबर का है सबको इंतजार, किसका बनेगा बोर्ड कौन होगा नया अध्यक्ष, किसकी होगी जीत किसकी होगी मात, जुड़े रहिए इंडिया न्यूज़ राजस्थान के साथ, संवाददाता मनीष सुखवाल। रावतभाटा। कांग्रेस के वार्ड नंबर 11 डमी प्रत्याशी तेजराज सिंह चुंडावत ने उठाया नामांकन पत्र, केवल दो प्रत्याशी अब्दुल रशीद सागर कांग्रेस, बीजेपी से अनुसूइयां नागर मैदान में, 21 सितंबर का है सबको इंतजार, किसका बनेगा बोर्ड कौन होगा नया अध्यक्ष, किसकी होगी जीत किसकी होगी मात, जुड़े रहिए इंडिया न्यूज़ राजस्थान के साथ, संवाददाता मनीष सुखवाल।1
- बनेठा में एक माह चलेगा जनसेवा अभियान, योजनाओं का लाभ दिलाने पर रहेगा जोर बनेठा | ग्राम पंचायत बनेठा में विकसित भारत–जन सेवा अभियान 2026 के तहत एक माह तक विभिन्न जनसेवा एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। अभियान 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलेगा। अभियान के दौरान ग्रामीणों को सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देने के साथ पात्रता और आवेदन प्रक्रिया के बारे में बताया जाएगा। पात्र लाभार्थियों को योजनाओं से जोड़कर उन्हें लाभ दिलाने पर भी जोर रहेगा। किसान, महिलाएं, युवा और अन्य ग्रामीण अभियान में भाग लेकर योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। ग्राम विकास अधिकारी जितेन्द्र मीणा ने ग्रामीणों से अभियान में अधिक से अधिक भागीदारी निभाने और पंचायत स्तर पर आयोजित होने वाली गतिविधियों में शामिल होने की अपील की। उन्होंने कहा कि अभियान का उद्देश्य जनसेवा के साथ योजनाओं की जानकारी और सुविधाओं को आमजन तक पहुंचाना है।1
- संभाग के सबसे बड़े एमबीएस अस्पताल में ट्रॉली-व्हीलचेयर की बदहाल व्यवस्था, मरीजों को गोद में उठाकर भटकते परिजन संभाग के सबसे बड़े एमबीएस अस्पताल में ट्रॉली-व्हीलचेयर की बदहाल व्यवस्था, मरीजों को गोद में उठाकर भटकते परिजन एंकर संभाग के सबसे बड़े एमबीएस अस्पताल में मरीजों को ट्रॉली और व्हीलचेयर नहीं मिलने की समस्या में सुधार होता नजर नहीं आ रहा है। अस्पताल में मरीजों के परिजन उन्हें गोद में उठाकर एक जगह से दूसरी जगह ले जाने को मजबूर हैं। अपने बीमार दादाजी को लेकर अस्पताल पहुंचे एक युवक ने बताया कि पहले वे मेडिकल कॉलेज गए, लेकिन वहां परेशानी होने के बाद एमबीएस अस्पताल आए। यहां भी पिछले करीब दो घंटे से उन्हें लगातार इधर से उधर भेजा जा रहा है। मरीज को लाने-ले जाने के लिए ट्रॉली या व्हीलचेयर उपलब्ध नहीं होने से काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मजबूरी में मरीज को गोद में उठाकर इधर-उधर घूमना पड़ रहा है। मामले में अस्पताल अधीक्षक डॉ. राकेश ने बताया कि एमबीएस अस्पताल में रोजाना हजारों मरीजों का आना-जाना रहता है। उन्होंने कहा कि ट्रॉली स्टाफ को ड्रेस कोड के लिए पाबंद किया जाएगा, ताकि मरीजों को ट्रॉली उपलब्ध कराने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो और व्यवस्था में सुधार हो सके।1
- अलमारी खोली तो सामने बैठा था कोबरा! स्कूल में मचा हड़कंप अलमारी खोली तो सामने बैठा था कोबरा! स्कूल में मचा हड़कंप1
- बीसी के नाम पर रकम जमा करवाने और वापस नहीं लौटाने का आरोप कोटा आरकेपुरम थाना क्षेत्र में बीसी के नाम पर लोगों से रकम जमा करवाकर वापस नहीं लौटाने का मामला सामने आया है। केशवपुरा निवासी जितेंद्र पालीवाल की शिकायत पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। शिकायत में करीब 500 से 1000 लोगों से 8 से 10 करोड़ रुपए तक लिए जाने की आशंका जताई गई है। हालांकि प्रभावित लोगों की संख्या और रकम की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही होगी। शिकायत के मुताबिक, आरकेपुरम मुक्तिधाम के पीछे रहने वाले कृष्ण मुरारी माहेश्वरी अलग-अलग बीसी संचालित करते हैं। इनमें लोगों से उनकी क्षमता के अनुसार हर महीने करीब दो से पांच हजार रुपए जमा करवाए जाते थे। आरोप है कि बीसी की अवधि पूरी होने के बावजूद कई लोगों को उनकी जमा राशि वापस नहीं मिली। रकम मांगने पर टालमटोल का आरोप शिकायतकर्ता का कहना है कि रकम वापस मांगने पर पहले टालमटोल की गई। बाद में फोन उठाना भी बंद कर दिया गया। इसके बाद उन्होंने पुलिस को शिकायत देकर कार्रवाई और निष्पक्ष जांच की मांग की। दस्तावेजों से वास्तविक रकम पता लगाने की मांग पालीवाल ने पुलिस से संबंधित बैंक लेन-देन, रसीदों, डायरी और अन्य दस्तावेजों की जांच कराने की मांग की है, ताकि जमा कराई गई वास्तविक रकम और प्रभावित लोगों की संख्या का पता चल सके। शिकायत में बताए गए करोड़ों रुपए और सैकड़ों लोगों से जुड़े दावे फिलहाल आरोपों पर आधारित हैं। एफआईआर दर्ज होने के बाद अब जांच में लेन-देन की स्थिति स्पष्ट होगी।4