एक पत्रकार द्वारा अस्पताल निर्माण के लिए पैसों के स्रोत पर सवाल उठाए जाने के बाद, खान सर ने इसका जवाब दिया। उन्होंने बताया कि अस्पताल के निर्माण के लिए राज शमानी के प्लेटफॉर्म पर लोगों ने सहयोग राशि एकत्र की थी। जब यह राशि उन्हें भेजने की बात आई, तो खान सर ने इसे लेने से मना कर दिया और स्पष्ट कहा कि इन पैसों को उन्हें न भेजा जाए, बल्कि किसी ज़रूरतमंद के काम में लगाया जाए। यह कार्य ऐसे समय में बहुत बड़ी बात है जब लोग हर अवसर को कमाई के ज़रियए के रूप में देखते हैं, वहीं खान सर ने अपने लिए आई सहायता को भी ज़रूरतमंदों के नाम कर दिया। यही कारण है कि लाखों छात्र उन्हें केवल एक शिक्षक नहीं मानते। उन्होंने शिक्षा को गरीब और मध्यम वर्ग के बच्चों तक पहुँचाया, कम फीस में पढ़ाया, और बार-बार यह साबित किया कि समाज के लिए कुछ करने की नीयत ही सबसे बड़ी पूंजी होती है। जबकि आरोप लगाना और सवाल उठाना आसान है, यह भी स्पष्ट किया गया है कि वर्षों से लाखों छात्रों का विश्वास जीतना आसान नहीं होता। अन्य सभी आरोप-प्रत्यारोपों का फैसला अदालत और कानून करेंगे, लेकिन किसी व्यक्ति के अच्छे कार्यों और समाज के लिए किए गए योगदान को भी याद रखा जाना चाहिए। इसी भरोसे और योगदान के चलते लाखों छात्र आज भी खान सर के साथ खड़े हैं।
एक पत्रकार द्वारा अस्पताल निर्माण के लिए पैसों के स्रोत पर सवाल उठाए जाने के बाद, खान सर ने इसका जवाब दिया। उन्होंने बताया कि अस्पताल के निर्माण के लिए राज शमानी के प्लेटफॉर्म पर लोगों ने सहयोग राशि एकत्र की थी। जब यह राशि उन्हें भेजने की बात आई, तो खान सर ने इसे लेने से मना कर दिया और स्पष्ट कहा कि इन पैसों को उन्हें न भेजा जाए, बल्कि किसी ज़रूरतमंद के काम में लगाया जाए। यह कार्य ऐसे समय में बहुत बड़ी बात है जब लोग हर अवसर को कमाई के ज़रियए के रूप में देखते हैं, वहीं खान सर ने अपने लिए आई सहायता को भी ज़रूरतमंदों के नाम कर दिया। यही कारण है कि लाखों छात्र उन्हें केवल एक शिक्षक नहीं मानते। उन्होंने शिक्षा को गरीब और मध्यम वर्ग के बच्चों तक पहुँचाया, कम फीस में पढ़ाया, और बार-बार यह साबित किया कि समाज के लिए कुछ करने की नीयत ही सबसे बड़ी पूंजी होती है। जबकि आरोप लगाना और सवाल उठाना आसान है, यह भी स्पष्ट किया गया है कि वर्षों से लाखों छात्रों का विश्वास जीतना आसान नहीं होता। अन्य सभी आरोप-प्रत्यारोपों का फैसला अदालत और कानून करेंगे, लेकिन किसी व्यक्ति के अच्छे कार्यों और समाज के लिए किए गए योगदान को भी याद रखा जाना चाहिए। इसी भरोसे और योगदान के चलते लाखों छात्र आज भी खान सर के साथ खड़े हैं।
- बीबीसी दिनभर का यह न्यूज़कास्ट दो प्रमुख कहानियों पर केंद्रित रहेगा। इसमें पहली कहानी मध्य प्रदेश से कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन के नामांकन खारिज होने पर आधारित है। कार्यक्रम इस बात पर विस्तृत चर्चा करेगा कि उनका नामांकन कैसे और क्यों खारिज हुआ, साथ ही यह भी बताया जाएगा कि राज्यसभा सांसदों का चुनाव कैसे होता है। लोकसभा की रिटायर्ड सेकेंड्री जनरल स्नेहलता श्रीवास्तव इस विषय पर विस्तृत जानकारी देंगी। दूसरी कहानी सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रही 370 रुपये की बिरयानी से जुड़ी है। न्यूज़कास्ट इस बात की पड़ताल करेगा कि यह बिरयानी क्यों ट्रेंड कर रही है और कैसे इस मुद्दे ने महिला अधिकारों से संबंधित एक बड़ी बहस छेड़ दी है।1
- तेज हवाओं के साथ हुई बारिश ने जहाँ एक ओर मौसम को सुहावना बना दिया, वहीं दूसरी ओर इन तेज़ हवाओं के कारण तीन 'केस सब वाले' छप्पर और एक टीन का छप्परनुमा सेड उड़ गए। हालांकि, इस जोरदार बारिश से किसानों को काफी फायदा हुआ।1
- राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रदेश के विभिन्न प्रखंड कार्यालयों में एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान, RJD के वक्ताओं ने वर्तमान सरकार पर जमकर अपनी भड़ास निकाली। राष्ट्रीय जनता दल के कार्यकर्ताओं ने इस एक दिवसीय धरने में सक्रिय रूप से भाग लिया।1
- भागलपुर जिले के कहलगांव अनुमंडल स्थित सिया पंचायत के बरैनी गाँव में एक तालाब को लेकर प्रशासन और ग्रामीणों के बीच गहरा तनाव व्याप्त है। इस स्थिति के चलते भागलपुर से आए अधिकारियों ने मौके पर पहुँचकर स्थल की जाँच की। प्रशासन पर आरोप है कि वह बेकसूर ग्रामीण महिलाओं और छात्राओं को मारपीट के आरोप में पूछताछ कर रहा है। वहीं, शहीद जवान शिवशंकर कुमार के श्राद्ध कार्यक्रम में शामिल होने आए आगंतुकों को भी प्रशासन ने कथित तौर पर नहीं बख्शा।1
- महगामा थाना क्षेत्र अंतर्गत मोहानी गांव, पोस्ट बनरचुआ की 12 वर्षीय वीरा कुमारी मंगलवार सुबह करीब 11 बजे अपने घर से निकली थी, लेकिन देर शाम तक वापस नहीं लौटी। उसके दादा गोविंद साह ने बताया कि बच्ची के लापता होने के बाद से परिजन लगातार उसकी तलाश में जुटे हैं। परिवार के सदस्यों ने रिश्तेदारों और आसपास के क्षेत्रों में भी उसकी खोजबीन की, पर अब तक कोई जानकारी नहीं मिल पाई है, जिससे परिवार में चिंता का माहौल है। परिजनों ने आम लोगों से अपील की है कि यदि किसी को वीरा कुमारी के संबंध में कोई सूचना मिले तो वे तुरंत परिवार या महगामा थाना को सूचित करें, ताकि बच्ची को सकुशल बरामद किया जा सके।1
- संसद के रिकॉर्ड के स्पष्ट सबूतों का हवाला देते हुए, एक गंभीर आरोप लगाया गया है कि एक प्रधानमंत्री ने अपने ही देश की जनता के साथ अब तक का सबसे बड़ा विश्वासघात और गद्दारी की है। इस दावे में कहा गया है कि देश के इतिहास में शायद ही किसी अन्य प्रधानमंत्री ने अपने नागरिकों के साथ इस स्तर का विश्वासघात किया हो।1
- बिहार के हर जिले में हजारों छात्र सड़कों पर उतरकर रौशन आनंद सर की तत्काल रिहाई की मांग कर रहे हैं। छात्रों का कहना है कि रौशन सर का जन्म एक गरीब परिवार में हुआ था और वे गरीब घरों के लड़कों का दर्द समझते थे, जिसके कारण उन्होंने अपने जीवन में लोगों का बहुत सम्मान कमाया है। यही वजह है कि छात्र एकजुट होकर लगातार 'रौशन आनंद सर को रिहा करो' का नारा लगाते हुए उनकी रिहाई की अपील कर रहे हैं।1