संगठन ने नियमों के दुरुपयोग की संभावना जताते हुए कहा कि यदि किसी छात्र-छात्रा के खिलाफ झूठी या दुर्भावनापूर्ण शिकायत की जाती है तो शिकायतकर्ता के खिलाफ दंड का स्पष्ट प्रावधान नहीं होने से नियमों का दुरुपयोग हो सकता है। बिना जांच कार्रवाई से भय का माहौल बनने की जताई आशंका महासभा ने ज्ञापन में कहा कि नए नियमों के तहत शिकायत मिलने के बाद जल्द कार्रवाई की व्यवस्था से उच्च शिक्षण संस्थानों में भय का वातावरण बन सकता है। संगठन का कहना है कि उचित जांच और पुख्ता साक्ष्यों के आधार पर ही किसी विद्यार्थी के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। महासभा ने दावा किया कि ऐसे प्रावधान विद्यार्थियों की शिक्षा, मानसिक स्थिति और उनकी योग्यता पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकते हैं। ज्ञापन में UGC इक्विटी रेगुलेशन 2026 को पूरी तरह वापस लेने, उच्च शिक्षण संस्थानों में समानता बनाए रखने और संविधान के अनुच्छेद 14 व 15 में दिए गए अधिकारों की रक्षा करने की मांग की गई। आरक्षण का आधार आर्थिक करने की मांग सवर्ण महासभा ने आरक्षण व्यवस्था में भी बदलाव की मांग की है। संगठन का कहना है कि आरक्षण का आधार केवल जातिगत नहीं होना चाहिए, बल्कि आर्थिक स्थिति और वास्तविक जरूरत को भी आधार बनाया जाना चाहिए। इससे सभी वर्गों के गरीब और जरूरतमंद लोगों को इसका लाभ मिल सकेगा। महासभा ने यह भी मांग की कि आरक्षण का लाभ लेकर आर्थिक रूप से संपन्न हो चुके परिवारों को बार-बार आरक्षण का लाभ न मिले। ऐसे परिवार, जिन्होंने आरक्षण के माध्यम से सरकारी सेवा सहित अन्य सुविधाएं प्राप्त कर आर्थिक रूप से मजबूत स्थिति हासिल कर ली है, उन्हें आरक्षण के दायरे से बाहर करने की व्यवस्था की जाए, ताकि इसका लाभ वास्तविक रूप से गरीब, वंचित और जरूरतमंद लोगों तक पहुंच सके। संगठन ने राष्ट्रपति से देश के शिक्षित युवाओं और उच्च शिक्षण संस्थानों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर न्यायसंगत निर्णय लेने की अपील की। रैली के दौरान सवर्ण महासभा के अध्यक्ष प्रताप सिंह बटुक आचार्य हेमंत श्रीवास्तव बंटी चौहान, प्रहलाद सिकरवार सिकरवार, अमित कोठारी हेमंत भारद्वाज मांगू राजावत बसंत कोठारी गजानंद तेंगुरिया भोला दादा खेरी मित्तल बंटू चौहान भीमराज सिंह चौहान आदित्य पिपरोनिया प्रमोद कोठारी प्रमोद सिसोदिया राहुल कोठारी बंटी भूषण विनोद पाराशर गोपाल डागरासहित समाज के अन्य लोग मौजूद रहे। UGC इक्विटी रेगुलेशन के विरोध में रैली UGC इक्विटी रेगुलेशन 2026 वापस लेने की मांग, सवर्ण महासभा ने रैली निकालकर राष्ट्रपति के नाम तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन आरक्षण व्यवस्था को आर्थिक आधार पर लागू करने और संपन्न परिवारों को आरक्षण के लाभ से बाहर रखने की भी मांग कराहल UGC इक्विटी (स्वामित्व) रेगुलेशन 2026 को पूरी तरह वापस लेने और आरक्षण व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर मंगलवार को सवर्ण महासभा कराहल के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने रैली निकाली। रैली के बाद राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया। इसमें उच्च शिक्षण संस्थानों में लागू किए गए नए नियमों को लेकर चिंता जताते हुए उन्हें वापस लेने की मांग की गई। साथ ही आरक्षण का आधार केवल जातिगत न होकर आर्थिक स्थिति और वास्तविक जरूरत के आधार पर तय करने की मांग रखी गई। सवर्ण महासभा की ओर से दिए गए ज्ञापन में कहा गया है कि UGC के नए नियमों से उच्च शिक्षण संस्थानों में जातिगत भेदभाव बढ़ने की आशंका है। संगठन ने नियमों के दुरुपयोग की संभावना जताते हुए कहा कि यदि किसी छात्र-छात्रा के खिलाफ झूठी या दुर्भावनापूर्ण शिकायत की जाती है तो शिकायतकर्ता के खिलाफ दंड का स्पष्ट प्रावधान नहीं होने से नियमों का दुरुपयोग हो सकता है। बिना जांच कार्रवाई से भय का माहौल बनने की जताई आशंका महासभा ने ज्ञापन में कहा कि नए नियमों के तहत शिकायत मिलने के बाद जल्द कार्रवाई की व्यवस्था से उच्च शिक्षण संस्थानों में भय का वातावरण बन सकता है। संगठन का कहना है कि उचित जांच और पुख्ता साक्ष्यों के आधार पर ही किसी विद्यार्थी के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। महासभा ने दावा किया कि ऐसे प्रावधान विद्यार्थियों की शिक्षा, मानसिक स्थिति और उनकी योग्यता पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकते हैं। ज्ञापन में UGC इक्विटी रेगुलेशन 2026 को पूरी तरह वापस लेने, उच्च शिक्षण संस्थानों में समानता बनाए रखने और संविधान के अनुच्छेद 14 व 15 में दिए गए अधिकारों की रक्षा करने की मांग की गई। आरक्षण का आधार आर्थिक करने की मांग सवर्ण महासभा ने आरक्षण व्यवस्था में भी बदलाव की मांग की है। संगठन का कहना है कि आरक्षण का आधार केवल जातिगत नहीं होना चाहिए, बल्कि आर्थिक स्थिति और वास्तविक जरूरत को भी आधार बनाया जाना चाहिए। इससे सभी वर्गों के गरीब और जरूरतमंद लोगों को इसका लाभ मिल सकेगा। महासभा ने यह भी मांग की कि आरक्षण का लाभ लेकर आर्थिक रूप से संपन्न हो चुके परिवारों को बार-बार आरक्षण का लाभ न मिले। ऐसे परिवार, जिन्होंने आरक्षण के माध्यम से सरकारी सेवा सहित अन्य सुविधाएं प्राप्त कर आर्थिक रूप से मजबूत स्थिति हासिल कर ली है, उन्हें आरक्षण के दायरे से बाहर करने की व्यवस्था की जाए, ताकि इसका लाभ वास्तविक रूप से गरीब, वंचित और जरूरतमंद लोगों तक पहुंच सके। संगठन ने राष्ट्रपति से देश के शिक्षित युवाओं और उच्च शिक्षण संस्थानों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर न्यायसंगत निर्णय लेने की अपील की। रैली के दौरान सवर्ण महासभा के अध्यक्ष प्रताप सिंह बटुक आचार्य हेमंत श्रीवास्तव बंटी चौहान, प्रहलाद सिकरवार सिकरवार, अमित कोठारी हेमंत भारद्वाज मांगू राजावत बसंत कोठारी गजानंद तेंगुरिया भोला दादा खेरी मित्तल बंटू चौहान भीमराज सिंह चौहान आदित्य पिपरोनिया प्रमोद कोठारी प्रमोद सिसोदिया राहुल कोठारी बंटी भूषण विनोद पाराशर गोपाल डागरासहित समाज के अन्य लोग मौजूद रहे।
संगठन ने नियमों के दुरुपयोग की संभावना जताते हुए कहा कि यदि किसी छात्र-छात्रा के खिलाफ झूठी या दुर्भावनापूर्ण शिकायत की जाती है तो शिकायतकर्ता के खिलाफ दंड का स्पष्ट प्रावधान नहीं होने से नियमों का दुरुपयोग हो सकता है। बिना जांच कार्रवाई से भय का माहौल बनने की जताई आशंका महासभा ने ज्ञापन में कहा कि नए नियमों के तहत शिकायत मिलने के बाद जल्द कार्रवाई की व्यवस्था से उच्च शिक्षण संस्थानों में भय का वातावरण बन सकता है। संगठन का कहना है कि उचित जांच और पुख्ता साक्ष्यों के आधार पर ही किसी विद्यार्थी के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। महासभा ने दावा किया कि ऐसे प्रावधान विद्यार्थियों की शिक्षा, मानसिक स्थिति और उनकी योग्यता पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकते हैं। ज्ञापन में UGC इक्विटी रेगुलेशन 2026 को पूरी तरह वापस लेने, उच्च शिक्षण संस्थानों में समानता बनाए रखने और संविधान के अनुच्छेद 14 व 15 में दिए गए अधिकारों की रक्षा करने की मांग की गई। आरक्षण का आधार आर्थिक करने की मांग सवर्ण महासभा ने आरक्षण व्यवस्था में भी बदलाव की मांग की है। संगठन का कहना है कि आरक्षण का आधार केवल जातिगत नहीं होना चाहिए, बल्कि आर्थिक स्थिति और वास्तविक जरूरत को भी आधार बनाया जाना चाहिए। इससे सभी वर्गों के गरीब और जरूरतमंद लोगों को इसका लाभ मिल सकेगा। महासभा ने यह भी मांग की कि आरक्षण का लाभ लेकर आर्थिक रूप से संपन्न हो चुके परिवारों को बार-बार आरक्षण का लाभ न मिले। ऐसे परिवार, जिन्होंने आरक्षण के माध्यम से सरकारी सेवा सहित अन्य सुविधाएं प्राप्त कर आर्थिक रूप से मजबूत स्थिति हासिल कर ली है, उन्हें आरक्षण के दायरे से बाहर करने की व्यवस्था की जाए, ताकि इसका लाभ वास्तविक रूप से गरीब, वंचित और जरूरतमंद लोगों तक पहुंच सके। संगठन ने राष्ट्रपति से देश के शिक्षित युवाओं और उच्च शिक्षण संस्थानों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर न्यायसंगत निर्णय लेने की अपील की। रैली के दौरान सवर्ण महासभा के अध्यक्ष प्रताप सिंह बटुक आचार्य हेमंत श्रीवास्तव बंटी चौहान, प्रहलाद सिकरवार सिकरवार, अमित कोठारी हेमंत भारद्वाज मांगू राजावत बसंत कोठारी गजानंद तेंगुरिया भोला दादा खेरी मित्तल बंटू चौहान भीमराज सिंह चौहान आदित्य पिपरोनिया प्रमोद कोठारी प्रमोद सिसोदिया राहुल कोठारी बंटी भूषण विनोद पाराशर गोपाल डागरासहित समाज के अन्य लोग मौजूद रहे। UGC इक्विटी रेगुलेशन के विरोध में रैली UGC इक्विटी रेगुलेशन 2026 वापस लेने की मांग, सवर्ण महासभा ने रैली निकालकर राष्ट्रपति के नाम तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन आरक्षण व्यवस्था को आर्थिक आधार पर लागू करने और संपन्न परिवारों को आरक्षण के लाभ से बाहर रखने की भी मांग कराहल UGC इक्विटी (स्वामित्व) रेगुलेशन 2026 को पूरी तरह वापस लेने और आरक्षण व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर मंगलवार को सवर्ण महासभा कराहल के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने रैली निकाली। रैली के बाद राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया। इसमें उच्च शिक्षण संस्थानों में लागू किए गए नए नियमों को लेकर चिंता जताते हुए उन्हें वापस लेने की मांग की गई। साथ ही आरक्षण का आधार केवल जातिगत न होकर आर्थिक स्थिति और वास्तविक जरूरत के आधार पर तय करने की मांग रखी गई। सवर्ण महासभा की ओर से दिए गए ज्ञापन में कहा गया है कि UGC के नए नियमों से उच्च शिक्षण संस्थानों में जातिगत भेदभाव बढ़ने की आशंका है। संगठन ने नियमों के दुरुपयोग की संभावना जताते हुए कहा कि यदि किसी छात्र-छात्रा के खिलाफ झूठी या दुर्भावनापूर्ण शिकायत की जाती है तो शिकायतकर्ता के खिलाफ दंड का स्पष्ट प्रावधान नहीं होने से नियमों का दुरुपयोग हो सकता है। बिना जांच कार्रवाई से भय का माहौल बनने की जताई आशंका महासभा ने ज्ञापन में कहा कि नए नियमों के तहत शिकायत मिलने के बाद जल्द कार्रवाई की व्यवस्था से उच्च शिक्षण संस्थानों में भय का वातावरण बन सकता है। संगठन का कहना है कि उचित जांच और पुख्ता साक्ष्यों के आधार पर ही किसी विद्यार्थी के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। महासभा ने दावा किया कि ऐसे प्रावधान विद्यार्थियों की शिक्षा, मानसिक स्थिति और उनकी योग्यता पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकते हैं। ज्ञापन में UGC इक्विटी रेगुलेशन 2026 को पूरी तरह वापस लेने, उच्च शिक्षण संस्थानों में समानता बनाए रखने और संविधान के अनुच्छेद 14 व 15 में दिए गए अधिकारों की रक्षा करने की मांग की गई। आरक्षण का आधार आर्थिक करने की मांग सवर्ण महासभा ने आरक्षण व्यवस्था में भी बदलाव की मांग की है। संगठन का कहना है कि आरक्षण का आधार केवल जातिगत नहीं होना चाहिए, बल्कि आर्थिक स्थिति और वास्तविक जरूरत को भी आधार बनाया जाना चाहिए। इससे सभी वर्गों के गरीब और जरूरतमंद लोगों को इसका लाभ मिल सकेगा। महासभा ने यह भी मांग की कि आरक्षण का लाभ लेकर आर्थिक रूप से संपन्न हो चुके परिवारों को बार-बार आरक्षण का लाभ न मिले। ऐसे परिवार, जिन्होंने आरक्षण के माध्यम से सरकारी सेवा सहित अन्य सुविधाएं प्राप्त कर आर्थिक रूप से मजबूत स्थिति हासिल कर ली है, उन्हें आरक्षण के दायरे से बाहर करने की व्यवस्था की जाए, ताकि इसका लाभ वास्तविक रूप से गरीब, वंचित और जरूरतमंद लोगों तक पहुंच सके। संगठन ने राष्ट्रपति से देश के शिक्षित युवाओं और उच्च शिक्षण संस्थानों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर न्यायसंगत निर्णय लेने की अपील की। रैली के दौरान सवर्ण महासभा के अध्यक्ष प्रताप सिंह बटुक आचार्य हेमंत श्रीवास्तव बंटी चौहान, प्रहलाद सिकरवार सिकरवार, अमित कोठारी हेमंत भारद्वाज मांगू राजावत बसंत कोठारी गजानंद तेंगुरिया भोला दादा खेरी मित्तल बंटू चौहान भीमराज सिंह चौहान आदित्य पिपरोनिया प्रमोद कोठारी प्रमोद सिसोदिया राहुल कोठारी बंटी भूषण विनोद पाराशर गोपाल डागरासहित समाज के अन्य लोग मौजूद रहे।
- ग्राम पंचायत में स्थित श्री हाड़ा जी महाराज के मेले में उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी संख्या में भीड़1
- सवाई माधोपुर जिला अस्पताल के कोने पर नीमली रोड पर गंदगी में प्लास्टिक पनीयां खाती गौ वंश। स्वस्थ सवाई माधोपुर स्वच्छ सवाई माधोपुर की उड़ रही है धज्जियां। सवाई माधोपुर जिला अस्पताल के कोने पर नीमली रोड पर गंदगी में प्लास्टिक पनीयां खाती गौ वंश। स्वस्थ सवाई माधोपुर स्वच्छ सवाई माधोपुर की उड़ रही है धज्जियां।1
- केलवाड़ा क्षेत्र के नाटई गांव में खेत से अवैध ट्रांसफार्मर जब्त केलवाड़ा कस्बे के निकट नाटई गांव में विद्युत विभाग की टीम ने कार्रवाई करते हुए खेत से 16 केवी का अवैध विद्युत ट्रांसफार्मर जब्त किया। समरानियां विद्युत विभाग के कनिष्ठ अभियंता संजय मीना ने बताया कि ग्रामीण से मिली सूचना के बाद टीम मौके पर पहुंची, जहां ट्रांसफार्मर संचालित मिला। टीम ने ट्रांसफार्मर जब्त कर लिया। हालांकि मामले में किसी के खिलाफ प्रकरण दर्ज नहीं किया गया है। सहायक अभियंता ने ग्रामीणों से अपील की कि अवैध ट्रांसफार्मर अथवा विद्युत चोरी की सूचना तत्काल विभाग को दें।1
- पोहरी बस स्टैंड पर बच्चे लगा रहे झाड़ू आखिर जिम्मेदार कौन नगर परिषद या मां बाप। पोहरी नगर परिषद से ऐसा मामला सामने आया है जिस मै पोहरी बस स्टैंड पर सफाई न के बराबर की जा रही है और सफाई की भी जा रही है वो भी 10 साल के छोटे बच्चों से। सुबह करीब 10 बजे बस स्टैंड पर भारी मात्रा मै गंदगी देखने को मिली और जैसे कि सफाई कई दिनों से नहीं की गई हो पर जब बच्चों को झाड़ू लगाते देखा तो पूरा मंजर की बदल गया। अब देखना यह है कि इस पर नगर परिषद क्या एक्शन लेता है।1
- सगाई के बाद शादी में अड़चन, प्रेमी जोड़े ने गाजियाबाद पहुंचकर रचाई शादी ❤️ श्योपुर जिले के युवक और राजस्थान की युवती की सगाई के बाद कथित तौर पर शादी को लेकर परिजनों के बीच सहमति नहीं बन पाई। युवती की कहीं और शादी कराने की चर्चा के बीच दोनों प्रेमी घर से दूर गाजियाबाद पहुंचे और अपनी मर्जी से शादी कर ली। मामला सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। श्योपुर जिले में प्रेम विवाह और पारिवारिक विवाद से जुड़े ऐसे कई मामले अब तक लगातार सामने आ रहे हैं। ऐसा क्यों? #Sheopur #Ghaziabad #LoveMarriage #ViralNews #श्योपुर #पत्रकार #विजयपुर1
- गोवा के खूबसूरत बीच और समुद्र की लहरों के बीच बिताए ये पल बल्लू टी स्टॉल फेमस श्योपुर, मध्य प्रदेश के लिए हमेशा यादगार रहेंगे। 🌊🌴❤️ समुद्र का सुंदर नज़ारा, ठंडी हवाएं और गोवा की यादें—सफर को बना देती हैं खास। ☕🙏 गोवा का तट अरब सागर से लगा हुआ है और अपनी खूबसूरत बीचों के लिए प्रसिद्ध है। गोवा की यादें ❤️🌊☕ बल्लू टी स्टॉल फेमस श्योपुर, मध्य प्रदेश 🙏 #गोवा #बीच #समुद्र #बल्लू #श्योपुर #मध्यप्रदेश #Sheopur #Trending #ViralVideo #GoaViral #ShivpurViral1
- सवाई माधोपुर जिला अस्पताल के कोने पर नीमली रोड पर गंदगी में प्लास्टिक पनीयां खाती गौ वंश। गंदगी का आलम। स्वस्थ सवाई माधोपुर स्वच्छ सवाई माधोपुर की उड़ रही है धज्जियां। #DM Sawai Madhopur #Nagar Parishad Sawai Madhopur #Nagar Nigam Jaipur #CMO Jaipur #PMO Sawai Madhopur #cmho Sawai Madhopur #CM bhajanlal Sharma1
- श्री त्रिनेत्र गणेश लक्खी मेला 2026 विश्व प्रसिद्ध रणथंभौर किले में भक्ति और आस्था का सागर उमड़ा गणेश चतुर्थी पर वार्षिक मेले में स्वच्छता और आगंतुकों की सुरक्षा पर फोकस रहा कलक्टर ने श्रद्धालुओं और जिलेवासियों और अधिकारी-कार्मिकों का सहयोग के लिए आभार जताया सवाई माधोपुर, 14 सितम्बर। विश्व के एकमेव श्री त्रिनेत्र गणेश मंदिर में गणेश चतुर्थी के अवसर पर वार्षिक लक्खी मेले में तीसरे दिन सोमवार को विश्व प्रसिद्ध रणथंभौर दुर्ग में भक्ति, उत्साह और आस्था का झरना बहता रहा। इसके साथ ही, यह तीन दिवसीय वार्षिक महोत्सव सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। जिला कलक्टर काना राम के निर्देशन में प्रशासन ने इस वर्ष मेले के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा के साथ स्वच्छता पर फोकस किया और बेहतरीन व्यवस्थाओं ने इस आयोजन को ऐतिहासिक रूप से सफल बनाया। सवाई माधोपुर जिले के साथ ही, आसपास के अन्य जिलों और दूसरे राज्यों से लाखों श्रद्धालुओं ने गणेश चतुर्थी के दिन भव्य महोत्सव में श्री त्रिनेत्र गणेश मंदिर दर्शन और पूजा अर्चना की। मेले में जिला प्रशासन, नगर परिषद और पंचायती राज विभाग की ओर से सवाई माधोपुर शहर, रणथंभौर रोड, मेला मार्ग और किला तथा मंदिर परिसर क्षेत्र में साफ-सफाई और स्वच्छता ने इस बार मेले की भव्यता को नया आयाम दिया। “श्री गणेश स्वच्छ सेवा सम्मान” के रूप में भंडारों में साफ-सफाई के लिए प्रोत्साहन योजना इस बार के आयोजन की अनूठी पहल साबित रही। जिला कलक्टर काना राम ने मेले के सफल आयोजन के लिए श्रद्धालुओं, आम जिलावासियों, मेला समिति सहित विभिन्न गतिविधियों की आयोजन समितियों और प्रशासनिक अधिकारियों को भी बधाई दी। उन्होंने विशेषकर पुलिस तथा वन विभाग सहित सभी सरकारी विभागों और संस्थाओं के कार्मिकों के साथ-साथ विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ताओं का मेले की सभी गतिविधियों को सफल बनाने में सहयोग के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि भगवान गणेश के लाखों श्रद्धालुओं ने अनुशासित रहकर श्रद्धा भाव से भागीदारी की, जिस कारण चुनौतीपूर्ण स्थिति के बावजूद व्यवस्थाएं नियंत्रित और अनुशासित रहीं। मेले के दौरान लाखों की संख्या में श्रद्धालु गजानन्द महाराज के जन्मोत्सव के लोकगीत गाते, झूमते-नृत्य करते हुए दर्शन के लिए पहुंचे और आरती की। श्रद्धालुओं ने दुर्गम पहाड़ी चढ़कर जयकारों की गूंज के बीच भगवान त्रिनेत्र गणेशजी के दरबार में विशेष रूप से सजाई गई मूर्ति के दर्शन किए और गणेशजी की पत्नियों रिद्धि और सिद्धि तथा पुत्रों शुभ और लाभ के दर्शन कर हाथ जोड़कर मनोकामनाएं पूरी करने की प्रार्थना की। वर्षा में भीगते हुए श्रद्धालु ‘गणपति बप्पा मोरिया’ के जयकारों के साथ मंदिर तक पहुँचे। लोगों ने बताया कि मेला मार्ग में कदम रखने तक की जगह नहीं होने के बावजूद फिर भी प्रशासन और मंदिर ट्रस्ट की बेहतर व्यवस्थाओं के चलते मंदिर प्रांगण में श्रद्धालुओं को सुचारू रूप से दर्शन होते रहे। भंडारों में साफ-सफाई के लिए प्रोत्साहन योजना सफल: गणेश चतुर्थी मेले के दौरान उल्लास और श्रद्धा के बीच सवाई माधोपुर शहर और जिले के विभिन्न मार्गों पर सैकड़ों की संख्या में भंडारों और प्रसादी वितरण का आयोजन हुआ, जिनमें श्रद्धालुओं के साथ-साथ स्थानीय लोगों ने उत्साह के साथ भागीदारी की। जिला कलक्टर कान राम के निर्देशन में “स्वच्छ भंडारा, स्वस्थ मेला” अभियान ने पूरे वातावरण को सम्मानजनक और साफ-सुथरा बनाए रखा। इसके लिए भंडारों में साफ-सफाई की विशेष व्यवस्था के लिए दिशा-निर्देश लागू किए गए और बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले भंडारों को 21 हजार, 11 हजार और 5 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि तथा 5 अन्य को 1-1 हजार रुपये की सांत्वना राशि देकर सम्मानित करने की योजना बेहद सफल रही। इस योजना से भंडारा आयोजकों, श्रद्धालुओं और आम लोगों में उत्साह बना रहा और प्रशासनिक स्तर पर भी साफ-सफाई कार्य में कोई ढिलाई नजर नहीं आई। जगह-जगह भंडारों और प्रसादी वितरण की व्यवस्था :- सवाई माधोपुर में मेले के सभी मार्ग पर विभिन्न सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों, व्यापार मंडलों और भामाशाहों की ओर से जगह-जगह भंडारे सजाए गए। निःशुल्क भंडारों में श्रद्धालुओं को भोजन, चाय-नाश्ता, पूरी-सब्जी, खीर-मालपुआ, जलेबी-कचोरी से लेकर शरबत तक वितरित किया गया, श्रद्धालु भंडारों पर श्रद्धा और आत्मीयता से प्रसादी ग्रहण करते रहे, लेकिन कहीं पर भी अव्यवस्था नहीं हुई। गणेश भक्तों के लिए एकदम दुरुस्त सुरक्षा और व्यवस्था:- तीन दिवसीय मेले के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए। मेले को विभिन्न जोनों में बाँटा गया, जहाँ 2000 से अधिक पुलिसकर्मी और अधिकारी तैनात रहे। मंदिर में दर्शन के लिए महिलाओं एवं पुरुषों की कतारें अलग रखी गईं। श्रद्धालुओं के आवागमन के लिए मात्र 10 रुपये किराये पर रेलवे स्टेशन से गणेश धाम तक बस सेवा संचालित की गई। शहर के विभिन्न स्थानों से रोड़वेज की बसें लगाई गई। श्री त्रिनेत्र गणेश लक्खी मेला 2026 विश्व प्रसिद्ध रणथंभौर किले में भक्ति और आस्था का सागर उमड़ा गणेश चतुर्थी पर वार्षिक मेले में स्वच्छता और आगंतुकों की सुरक्षा पर फोकस रहा कलक्टर ने श्रद्धालुओं और जिलेवासियों और अधिकारी-कार्मिकों का सहयोग के लिए आभार जताया सवाई माधोपुर, 14 सितम्बर। विश्व के एकमेव श्री त्रिनेत्र गणेश मंदिर में गणेश चतुर्थी के अवसर पर वार्षिक लक्खी मेले में तीसरे दिन सोमवार को विश्व प्रसिद्ध रणथंभौर दुर्ग में भक्ति, उत्साह और आस्था का झरना बहता रहा। इसके साथ ही, यह तीन दिवसीय वार्षिक महोत्सव सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। जिला कलक्टर काना राम के निर्देशन में प्रशासन ने इस वर्ष मेले के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा के साथ स्वच्छता पर फोकस किया और बेहतरीन व्यवस्थाओं ने इस आयोजन को ऐतिहासिक रूप से सफल बनाया। सवाई माधोपुर जिले के साथ ही, आसपास के अन्य जिलों और दूसरे राज्यों से लाखों श्रद्धालुओं ने गणेश चतुर्थी के दिन भव्य महोत्सव में श्री त्रिनेत्र गणेश मंदिर दर्शन और पूजा अर्चना की। मेले में जिला प्रशासन, नगर परिषद और पंचायती राज विभाग की ओर से सवाई माधोपुर शहर, रणथंभौर रोड, मेला मार्ग और किला तथा मंदिर परिसर क्षेत्र में साफ-सफाई और स्वच्छता ने इस बार मेले की भव्यता को नया आयाम दिया। “श्री गणेश स्वच्छ सेवा सम्मान” के रूप में भंडारों में साफ-सफाई के लिए प्रोत्साहन योजना इस बार के आयोजन की अनूठी पहल साबित रही। जिला कलक्टर काना राम ने मेले के सफल आयोजन के लिए श्रद्धालुओं, आम जिलावासियों, मेला समिति सहित विभिन्न गतिविधियों की आयोजन समितियों और प्रशासनिक अधिकारियों को भी बधाई दी। उन्होंने विशेषकर पुलिस तथा वन विभाग सहित सभी सरकारी विभागों और संस्थाओं के कार्मिकों के साथ-साथ विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ताओं का मेले की सभी गतिविधियों को सफल बनाने में सहयोग के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि भगवान गणेश के लाखों श्रद्धालुओं ने अनुशासित रहकर श्रद्धा भाव से भागीदारी की, जिस कारण चुनौतीपूर्ण स्थिति के बावजूद व्यवस्थाएं नियंत्रित और अनुशासित रहीं। मेले के दौरान लाखों की संख्या में श्रद्धालु गजानन्द महाराज के जन्मोत्सव के लोकगीत गाते, झूमते-नृत्य करते हुए दर्शन के लिए पहुंचे और आरती की। श्रद्धालुओं ने दुर्गम पहाड़ी चढ़कर जयकारों की गूंज के बीच भगवान त्रिनेत्र गणेशजी के दरबार में विशेष रूप से सजाई गई मूर्ति के दर्शन किए और गणेशजी की पत्नियों रिद्धि और सिद्धि तथा पुत्रों शुभ और लाभ के दर्शन कर हाथ जोड़कर मनोकामनाएं पूरी करने की प्रार्थना की। वर्षा में भीगते हुए श्रद्धालु ‘गणपति बप्पा मोरिया’ के जयकारों के साथ मंदिर तक पहुँचे। लोगों ने बताया कि मेला मार्ग में कदम रखने तक की जगह नहीं होने के बावजूद फिर भी प्रशासन और मंदिर ट्रस्ट की बेहतर व्यवस्थाओं के चलते मंदिर प्रांगण में श्रद्धालुओं को सुचारू रूप से दर्शन होते रहे। भंडारों में साफ-सफाई के लिए प्रोत्साहन योजना सफल: गणेश चतुर्थी मेले के दौरान उल्लास और श्रद्धा के बीच सवाई माधोपुर शहर और जिले के विभिन्न मार्गों पर सैकड़ों की संख्या में भंडारों और प्रसादी वितरण का आयोजन हुआ, जिनमें श्रद्धालुओं के साथ-साथ स्थानीय लोगों ने उत्साह के साथ भागीदारी की। जिला कलक्टर कान राम के निर्देशन में “स्वच्छ भंडारा, स्वस्थ मेला” अभियान ने पूरे वातावरण को सम्मानजनक और साफ-सुथरा बनाए रखा। इसके लिए भंडारों में साफ-सफाई की विशेष व्यवस्था के लिए दिशा-निर्देश लागू किए गए और बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले भंडारों को 21 हजार, 11 हजार और 5 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि तथा 5 अन्य को 1-1 हजार रुपये की सांत्वना राशि देकर सम्मानित करने की योजना बेहद सफल रही। इस योजना से भंडारा आयोजकों, श्रद्धालुओं और आम लोगों में उत्साह बना रहा और प्रशासनिक स्तर पर भी साफ-सफाई कार्य में कोई ढिलाई नजर नहीं आई। जगह-जगह भंडारों और प्रसादी वितरण की व्यवस्था :- सवाई माधोपुर में मेले के सभी मार्ग पर विभिन्न सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों, व्यापार मंडलों और भामाशाहों की ओर से जगह-जगह भंडारे सजाए गए। निःशुल्क भंडारों में श्रद्धालुओं को भोजन, चाय-नाश्ता, पूरी-सब्जी, खीर-मालपुआ, जलेबी-कचोरी से लेकर शरबत तक वितरित किया गया, श्रद्धालु भंडारों पर श्रद्धा और आत्मीयता से प्रसादी ग्रहण करते रहे, लेकिन कहीं पर भी अव्यवस्था नहीं हुई। गणेश भक्तों के लिए एकदम दुरुस्त सुरक्षा और व्यवस्था:- तीन दिवसीय मेले के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए। मेले को विभिन्न जोनों में बाँटा गया, जहाँ 2000 से अधिक पुलिसकर्मी और अधिकारी तैनात रहे। मंदिर में दर्शन के लिए महिलाओं एवं पुरुषों की कतारें अलग रखी गईं। श्रद्धालुओं के आवागमन के लिए मात्र 10 रुपये किराये पर रेलवे स्टेशन से गणेश धाम तक बस सेवा संचालित की गई। शहर के विभिन्न स्थानों से रोड़वेज की बसें लगाई गई।1
- नाबालिग से गैंगरेप मामले में दबाव बनाने का आरोप, परिजनों ने एसडीओपी को सौंपा आवेदन बोले- बयान बदलने के लिए धमकाया जा रहा, आरोपियों की गिरफ्तारी और परिवार की सुरक्षा की मांग विजयपुर। नाबालिग के अपहरण और गैंगरेप के मामले में नया मोड़ सामने आया है। पीड़िता के परिजनों ने सोमवार को एसडीओपी विजयपुर को आवेदन सौंपकर आरोप लगाया कि मामले में बयान बदलने के लिए उन पर दबाव बनाया जा रहा है और धमकियां दी जा रही हैं। परिजनों ने विजयपुर थाना प्रभारी पर भी आरोपियों के पक्ष में हस्तक्षेप करने का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है।आवेदन में परिजनों ने बताया कि 22 अगस्त की रात करीब 10:30 बजे नाबालिग के अपहरण की रिपोर्ट विजयपुर थाने में दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने 26 अगस्त को बालिका को बरामद किया। इसके बाद 27 अगस्त को न्यायालय में दिए बयान में बालिका ने आरोपियों के नाम बताए।परिजनों के अनुसार, मामले में दल्लो गुर्जर, शैलू यादव और अत्र धाकड़ पर बारी-बारी से दुष्कर्म करने के आरोप लगाए गए हैं। परिजनों का आरोप है कि 31 अगस्त की रात विजयपुर थाना प्रभारी द्वारा उन्हें, बालिका और उसकी भाभी को थाने बुलाया गया तथा बयान नहीं देने की चेतावनी दी गई। आरोपियों की तलाश जारी पुलिस के मुताबिक नाबालिग के साथ हुए गैंगरेप मामले में अब तक दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है, जबकि तीन आरोपी फरार बताए जा रहे हैं। फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है।परिजनों ने एसडीओपी से आरोपियों की गिरफ्तारी, उनके मकानों पर कार्रवाई करने और परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है। वहीं पुलिस की ओर से मामले में फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है।1