नरहट प्रखंड के अबगिल गांव में निरंकारी खुले सत्संग का आयोजन अबगिल गांव में निरंकारी खुले सत्संग का आयोजन नरहट (नवादा): नरहट प्रखंड अंतर्गत अबगिल गांव में सावन पूर्णिमा के दिन शुक्रवार को खुले निरंकारी सत्संग का आयोजन किया गया। समस्त निरंकारी परिवार के सहयोग से आयोजित इस सत्संग में दिल्ली से पहुंचे केंद्रीय प्रचारक महात्मा सुरेंद्र नाथ त्रिपाठी ने रामायण के कई प्रेरक प्रसंग सुनाकर उपस्थित श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। उन्होंने श्रद्धालुओं को सत्य के मार्ग पर चलने तथा मानवता की सेवा करने के लिए प्रेरित किया। महात्मा ने कहा कि सतगुरु माता सुदीक्षा जी लगातार मानव समाज को यह संदेश दे रही हैं कि सतगुरु के चरणों से जुड़कर ब्रह्मज्ञान की प्राप्ति करें और परमात्मा से जुड़ें। उन्होंने कहा कि मनुष्य को यह जानने का प्रयास करना चाहिए कि वह कहां से आया है और उसे कहां जाना है। परमात्मा को जाना जा सकता है। भगवान को केवल खोजने से नहीं, बल्कि किसी तत्वदर्शी महात्मा के मार्गदर्शन से परमात्मा को जाना जा सकता है। उन्होंने कहा कि आज समाज में भाई-भाई के बीच लड़ाई हो रही है और लोग एक-दूसरे के दुश्मन बने हुए हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि यदि दो गाड़ियां आपस में टकरा जाएं तो उनके चालक आपस में विवाद करने लगते हैं। इसी बीच कोई तीसरा व्यक्ति आकर बता दे कि दोनों एक-दूसरे के रिश्तेदार हैं, तो उनकी पहचान होते ही विवाद समाप्त हो जाता है। इसी प्रकार सतगुरु हमें यह पहचान करा रहे हैं कि हम सभी एक परमपिता परमात्मा की संतान हैं। महात्मा ने विभिन्न प्रेरक प्रसंगों के माध्यम से श्रद्धालुओं को “एक को मानो, एक को जानो और एक हो जाओ” का संदेश दिया। सत्संग के अंत में कई जिज्ञासु श्रद्धालुओं को ब्रह्मज्ञान प्रदान कर परमात्मा से लखता कराया गया। सत्संग कार्यक्रम को सफल बनाने में शेखपुरा के मुखी विनोद गुप्ता, अर्जुन प्रसाद, सुबोध कुमार, डॉ. रामचंद्र प्रसाद, परमानंद कुमार, सकलदेव प्रसाद सहित सैकड़ों निरंकारी परिवार के सदस्यों ने सहयोग किया। सत्संग के बाद श्रद्धालुओं ने लंगर प्रसाद ग्रहण किया।
नरहट प्रखंड के अबगिल गांव में निरंकारी खुले सत्संग का आयोजन अबगिल गांव में निरंकारी खुले सत्संग का आयोजन नरहट (नवादा): नरहट प्रखंड अंतर्गत अबगिल गांव में सावन पूर्णिमा के दिन शुक्रवार को खुले निरंकारी सत्संग का आयोजन किया गया। समस्त निरंकारी परिवार के सहयोग से आयोजित इस सत्संग में दिल्ली से पहुंचे केंद्रीय प्रचारक महात्मा सुरेंद्र नाथ त्रिपाठी ने रामायण के कई प्रेरक प्रसंग सुनाकर उपस्थित श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। उन्होंने श्रद्धालुओं को सत्य के मार्ग पर चलने तथा मानवता की सेवा करने के लिए प्रेरित किया। महात्मा ने कहा कि सतगुरु माता सुदीक्षा जी लगातार मानव समाज को यह संदेश दे रही हैं कि सतगुरु के चरणों से जुड़कर ब्रह्मज्ञान की प्राप्ति करें और परमात्मा से जुड़ें। उन्होंने कहा कि मनुष्य को यह जानने का प्रयास करना चाहिए कि वह कहां से आया है और उसे कहां जाना है। परमात्मा को जाना जा सकता है। भगवान को केवल खोजने से नहीं, बल्कि किसी तत्वदर्शी महात्मा के मार्गदर्शन से परमात्मा को जाना जा सकता है। उन्होंने कहा कि आज समाज में भाई-भाई के बीच लड़ाई हो रही है और लोग एक-दूसरे के दुश्मन बने हुए हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि यदि दो गाड़ियां आपस में टकरा जाएं तो उनके चालक आपस में विवाद करने लगते हैं। इसी बीच कोई तीसरा व्यक्ति आकर बता दे कि दोनों एक-दूसरे के रिश्तेदार हैं, तो उनकी पहचान होते ही विवाद समाप्त हो जाता है। इसी प्रकार सतगुरु हमें यह पहचान करा रहे हैं कि हम सभी एक परमपिता परमात्मा की संतान हैं। महात्मा ने विभिन्न प्रेरक प्रसंगों के माध्यम से श्रद्धालुओं को “एक को मानो, एक को जानो और एक हो जाओ” का संदेश दिया। सत्संग के अंत में कई जिज्ञासु श्रद्धालुओं को ब्रह्मज्ञान प्रदान कर परमात्मा से लखता कराया गया। सत्संग कार्यक्रम को सफल बनाने में शेखपुरा के मुखी विनोद गुप्ता, अर्जुन प्रसाद, सुबोध कुमार, डॉ. रामचंद्र प्रसाद, परमानंद कुमार, सकलदेव प्रसाद सहित सैकड़ों निरंकारी परिवार के सदस्यों ने सहयोग किया। सत्संग के बाद श्रद्धालुओं ने लंगर प्रसाद ग्रहण किया।
- भाई बहन का त्यौहार मनाई गई रक्षाबंधन, सावन महीना हुई खत्म। रिपोर्टर : इम्तियाज फोनवेल की रिपोर्ट फोटो : स्टार न्यूज़ बिहार बिहार : नवादा खबर। शुक्रवार 28 अगस्त को सावन की पूर्णिमा पर भाई बहन का पवित्र त्यौहार रक्षाबंधन हर्षो उल्लास के साथ मनाई गई। बहनों ने भाइयों को माथा पर तिलक लगाकर पूजा अर्चना की। इसके बाद बहनों ने भाइयों को कलाई में राखी बांधकर भगवान से दीर्घायु के लिए प्रार्थना की गई। बहनों ने भाई को मिठाई खिलाई। इस दरमियान भाइयों ने बहन को सोने कि चैन , टीवी ,कुलर ,मोबाइल लैपटॉप फ्रिज, पंखा, घड़ी आदि गिफ्ट में दिए। हिसुआ प्रखंड के तहत मंझवे के नवयुवक समाजसेवी ए आर अरबाज रक्षाबंधन को लेकर विषय का चर्चा बना हुआ है। अरबाज पिछले 8 वर्षों से अपने दोस्त कुंदन गोलु के बहन सोनी कुमारी ,पम्मी कुमारी से राखी बांधा रहे हैं। अरबाज ने बताया कि भाई बहन का अटूट रिश्ता है। भाई बहन का रिश्ता बरकरार रहेगी। जिस तरह से भाई अपनी बहन को बहन मानता है उसी तरह से दोस्तों, मित्रों ,पड़ोसी की बहन को बहन की नजरिया से देखना चाहिए। इससे हरेक बहन गौराविन्त महसूस करेंगी। इस लिहाज़ से हरेक भाई दूसरे बहन को अपनी बहन का दर्जा देने की संकल्प लें। इस रिश्ते के लिए जाति धर्म का भेदभाव ना करें। इस मौके पर रोहित कुमार, चंदन राज, सागर कुमार, रौशन, समी,राजा, इरफान, साइंस ,गोलु कुमार ने खुशी का इजहार किया।1
- आज सावन पूर्णिमा को लेकर ज़रर्रा बाबा में श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़।1
- आंचलिक पत्रकारिता के पुरोधा स्वर्गीय अशोक प्रसाद सिंह की 5वीं पुण्यतिथि मनाई गई, श्रद्धांजलि सभा में याद किए गए उनके साहसी प्रसंग हिसुआ आंचलिक पत्रकारिता को अपनी लेखनी से नई पहचान देने वाले और युवा पत्रकारों के मार्गदर्शक, श्रद्धेय स्वर्गीय अशोक प्रसाद सिंह को उनकी 5वीं पुण्यतिथि पर भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। नगर परिषद हिसुआ के अस्पताल रोड स्थित अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद कार्यालय में आयोजित इस श्रद्धांजलि सभा की अगुवाई स्थानीय पत्रकार जितेन्द्र आर्यन ने की। कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों, समाजसेवियों, चिकित्सकों और प्रबुद्ध नागरिकों ने स्वर्गीय सिंह के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया। वक्ताओं ने उनकी निडर, निष्पक्ष पत्रकारिता और समाज के प्रति उनकी सकारात्मक सोच को रेखांकित किया। उपस्थित लोगों ने याद किया कि कैसे स्वर्गीय अशोक प्रसाद सिंह संकट की हर घड़ी में बिना परिणाम की परवाह किए हमेशा पत्रकारों सहित समाज के दूसरों लोगों के साथ भी डटकर खड़े रहते थे। स्थानीय पत्रकारों ने उनके साथ घटी कई ऐतिहासिक घटनाओं को साझा करते हुए कहा कि उनकी निडरता सदैव नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा पुंज बनी रहेगी। सभा में मौजूद पत्रकारों ने स्वीकार किया कि आंचलिक पत्रकारिता में उनकी कमी आज भी शिद्दत से महसूस होती है। इस अवसर पर पत्रकार रोहित कुमार पंकज, ओंकार शर्मा कश्यप, रौशन कुमार, डॉक्टर दीपक कुमार, समाजसेवी अशोक चौधरी उर्फ बिल्टू चौधरी, डॉ. सुभाष सुमन, मनोज शर्मा, देवेंद्र विश्वकर्मा, मनीष राठौड़, अभिषेक रंजन उर्फ टुल्लू, उदय चौधरी, दीपक कुमार, सन्नी वर्णवाल, सुभाष प्रसाद सहित शहर के कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। आंचलिक पत्रकारिता के पुरोधा स्वर्गीय अशोक प्रसाद सिंह की 5वीं पुण्यतिथि मनाई गई, श्रद्धांजलि सभा में याद किए गए उनके साहसी प्रसंग हिसुआ आंचलिक पत्रकारिता को अपनी लेखनी से नई पहचान देने वाले और युवा पत्रकारों के मार्गदर्शक, श्रद्धेय स्वर्गीय अशोक प्रसाद सिंह को उनकी 5वीं पुण्यतिथि पर भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। नगर परिषद हिसुआ के अस्पताल रोड स्थित अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद कार्यालय में आयोजित इस श्रद्धांजलि सभा की अगुवाई स्थानीय पत्रकार जितेन्द्र आर्यन ने की। कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों, समाजसेवियों, चिकित्सकों और प्रबुद्ध नागरिकों ने स्वर्गीय सिंह के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया। वक्ताओं ने उनकी निडर, निष्पक्ष पत्रकारिता और समाज के प्रति उनकी सकारात्मक सोच को रेखांकित किया। उपस्थित लोगों ने याद किया कि कैसे स्वर्गीय अशोक प्रसाद सिंह संकट की हर घड़ी में बिना परिणाम की परवाह किए हमेशा पत्रकारों सहित समाज के दूसरों लोगों के साथ भी डटकर खड़े रहते थे। स्थानीय पत्रकारों ने उनके साथ घटी कई ऐतिहासिक घटनाओं को साझा करते हुए कहा कि उनकी निडरता सदैव नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा पुंज बनी रहेगी। सभा में मौजूद पत्रकारों ने स्वीकार किया कि आंचलिक पत्रकारिता में उनकी कमी आज भी शिद्दत से महसूस होती है। इस अवसर पर पत्रकार रोहित कुमार पंकज, ओंकार शर्मा कश्यप, रौशन कुमार, डॉक्टर दीपक कुमार, समाजसेवी अशोक चौधरी उर्फ बिल्टू चौधरी, डॉ. सुभाष सुमन, मनोज शर्मा, देवेंद्र विश्वकर्मा, मनीष राठौड़, अभिषेक रंजन उर्फ टुल्लू, उदय चौधरी, दीपक कुमार, सन्नी वर्णवाल, सुभाष प्रसाद सहित शहर के कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।3
- नवादा में साइबर ठगी का बड़ा खुलासा! बच्चा और लोन दिलाने के नाम पर ठगी, 3 गिरफ्तार1
- रक्षाबंधन के अवसर पर लोमस ऋषि पहाड़ पर लगा भव्य मेला रक्षाबंधन के अवसर पर हजारों श्रद्धालुओं ने की लोमस ऋषि, याज्ञवल्क्य ऋषि व भगवान शिव की पूजा-अर्चना भव्य मेले में रजौली पूर्वी पंचायत के मुखिया के द्वारा की गई महाप्रसाद एवं पेयजल की व्यवस्था रजौली। प्रफुल्ल कुमार सुमन रक्षाबंधन के अवसर पर शुक्रवार को रजौली पूर्वी पंचायत के सरमसपुर गांव में स्थित लोमस ऋषि पहाड़ पर भव्य मेला का आयोजन हुआ। रजौली पूर्वी पंचायत के मुखिया संजय यादव के द्वारा इस भव्य मेले में महाप्रसाद एवं पेयजल की व्यवस्था की गई थी। लोमस ऋषि पहाड़ दर्शन के लिए पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं के बीच महाप्रसाद का वितरण किया गया। भाई-बहन का त्यौहार रक्षाबंधन के अवसर पर प्रत्येक वर्ष लोमस ऋषि पहाड़ पर भव्य मेला का आयोजन होता चला आ रहा है। इस भव्य मेले में पूजन सामग्री के लिए दुकानें, बच्चों के लिए कई प्रकार के झूले मिक्की माउस, नौका, बच्चा गाड़ी, जाली वाला झूला आदि लगे थे। वहीं चाट, गुपचुप, आलूकच, चना, आइसक्रीम, जलेबी, पकौड़ी आदि खाने पीने की दुकानें भी लगी थी। रक्षाबंधन के अवसर पर लोमस ऋषि पहाड़ पर स्थित लोमस ऋषि बाबा, याज्ञवल्क्य ऋषि आश्रम एवं भगवान शिव की मंदिर है। जहां हजारों श्रद्धालुओं के द्वारा रक्षाबंधन के अवसर पर ध्वजा-पताका लगाकर उनकी पूजा-अर्चना कर भगवान से प्रार्थना की गई। भगवान शिव एवं याज्ञवल्क्य ऋषि आश्रम का दर्शन करने के लिए श्रद्धालु 125 सीढ़ियां चढ़कर पहुंचे थें। 125 सीढ़ियां चढ़ने के बाद लोमस ऋषि बाबा का दर्शन के लिए श्रद्धालु पहाड़ की चोटी पर पहुंचकर ध्वजा-पताका लगाकर लोमस ऋषि बाबा का पूजा-अर्चना कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। मान्यताएं हैं कि जो श्रद्धालु लोमस ऋषि बाबा का सच्चे मन से पूजा-अर्चना करते हैं उन सबकी मनोकामनाएं पूर्ण होती है। इस भव्य मेले में विधि व्यवस्था को नियंत्रित करने के लिए थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर रणजीत कुमार के नेतृत्व में एएसआई रवि कुमार समेत थाने के पुलिस बल सीढ़ी पर जगह-जगह लगे हुए थे। पहाड़ पर मंदिर के पास भी पुलिस बल स्थिति पर नजर रखे हुए थे।4
- रक्षाबंधन पर Musharraf Azam ने बहन से बंधवाई राखी! ❤️🎀 | देशवासियों को दी शुभकामनाएं रक्षाबंधन के पावन अवसर पर Musharraf Azam, जिन्हें Virat Kohli के हमशक्ल “Bihar Ka Virat” के नाम से भी जाना जाता है, ने अपनी बहन से राखी बंधवाई। ❤️🎀 इस खास मौके पर लोजपा (राम विलास) के बिहार शरीफ नगर अध्यक्ष Musharraf Azam ने सभी देशवासियों को रक्षाबंधन की हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई दी। भाई-बहन के प्यार और विश्वास का यह पवित्र पर्व सभी के जीवन में खुशियां लेकर आए। 🙏❤️ आप सभी को रक्षाबंधन की हार्दिक शुभकामनाएं! 🇮🇳1
- हुलास गंज थाना क्षेत्र के बेनीपुर गांव में दो पक्षों के बीच हुए मारपीट में महिला समेत तीन लोग हुए घायल बेनीपुर गांव में दो पक्षों के बीच मारपीट, तीन लोग घायल हुलासगंज थाना क्षेत्र के बेनीपुर गांव में दो पक्षों के बीच हुए विवाद में मारपीट की घटना में पचास वर्षीय महिला समेत तीन लोग घायल हो गए। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार महिला अपने पुत्र के साथ बाजार से लौट रही थी इसी बीच उसके पडोसियों ने पुत्र के साथ मारपीट करने लगा। अपने पुत्र को पीटते देख महिला एवं उसका पति फौदारी यादव अपने पुत्र को बचाने की कोशिश करने लगे। लेकिन इस दौरान तीनों को मारपीट कर घायल कर दिया गया। सबसे अधिक महिला देवरती देवी गंभीर रूप से घायल हो गयी।घायल अवस्था में तीनों को हुलासगंज सीएचसी में भर्ती कराया गया।इस संबंध में महिला देवरती देवी द्वारा पड़ोसियों को आरोपित करते हुए प्राथमिकी दर्ज करने हेतू आवेदन दिया गया है।1
- आर्यन बाबू की राखी बनी यादगार, बहनों संग खूब मस्ती और हंसी-ठिठोली रक्षाबंधन का त्योहार आर्यन बाबू के लिए इस बार बेहद खास रहा। सुबह से ही घर में उत्साह का माहौल था। बहनों ने प्यार से आर्यन बाबू की कलाई पर राखी बांधी तो उनके चेहरे पर खुशी साफ झलक रही थी। राखी बंधवाने के बाद आर्यन बाबू ने बहनों को मिठाई खिलाई और उपहार देकर उनका आशीर्वाद लिया। इसके बाद शुरू हुआ असली मनोरंजन। आर्यन बाबू ने अपनी बहनों के साथ खूब हंसी-मजाक किया। कभी कोई मजेदार बात कहकर सबको हंसाया तो कभी बहनों के साथ मिलकर पुराने किस्से याद किए। घर का माहौल ठहाकों से गूंज उठा। बहनों ने भी आर्यन बाबू की खूब टांग खिंचाई की और उन्हें मजेदार बातें सुनाकर खूब हंसाया। आर्यन बाबू ने कहा कि बहनों के साथ बिताया यह पल उनके लिए सबसे अनमोल है। राखी का यह त्योहार प्यार, अपनापन और रिश्तों की मिठास से भरपूर रहा, जिसकी याद सभी के चेहरे पर मुस्कान लाती रहेगी। आर्यन बाबू की राखी बनी यादगार, बहनों संग खूब मस्ती और हंसी-ठिठोली रक्षाबंधन का त्योहार आर्यन बाबू के लिए इस बार बेहद खास रहा। सुबह से ही घर में उत्साह का माहौल था। बहनों ने प्यार से आर्यन बाबू की कलाई पर राखी बांधी तो उनके चेहरे पर खुशी साफ झलक रही थी। राखी बंधवाने के बाद आर्यन बाबू ने बहनों को मिठाई खिलाई और उपहार देकर उनका आशीर्वाद लिया। इसके बाद शुरू हुआ असली मनोरंजन। आर्यन बाबू ने अपनी बहनों के साथ खूब हंसी-मजाक किया। कभी कोई मजेदार बात कहकर सबको हंसाया तो कभी बहनों के साथ मिलकर पुराने किस्से याद किए। घर का माहौल ठहाकों से गूंज उठा। बहनों ने भी आर्यन बाबू की खूब टांग खिंचाई की और उन्हें मजेदार बातें सुनाकर खूब हंसाया। आर्यन बाबू ने कहा कि बहनों के साथ बिताया यह पल उनके लिए सबसे अनमोल है। राखी का यह त्योहार प्यार, अपनापन और रिश्तों की मिठास से भरपूर रहा, जिसकी याद सभी के चेहरे पर मुस्कान लाती रहेगी।1