मां काली मंदिर पहुंच पथ के लिए महंत ने दी निजी जमीन, ग्रामीणों में खुशी संझौली (रोहतास)। प्रखंड क्षेत्र के चैता बहोरी वैकुंठ धाम आश्रम के संस्थापक श्री उमाशंकर दास जी महाराज द्वारा मां काली मंदिर के पास जाने वाले रास्ते के लिए अपनी निजी भूमि दिए जाने पर ग्रामीणों एवं श्रद्धालुओं में खुशी का माहौल है। वर्षों से मंदिर तक पहुंचने में लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। विशेषकर शादी-विवाह, धार्मिक अनुष्ठान एवं बैंड-बाजा के साथ आने-जाने में काफी परेशानी होती थी। बताया जाता है कि मां काली मंदिर प्रांगण तक जाने वाला रास्ता काफी संकरा था, जिससे बड़े वाहनों और बारातियों को आने-जाने में दिक्कत होती थी। इस समस्या को देखते हुए श्री उमाशंकर दास जी महाराज ने समाज हित में अपनी निजी जमीन देकर रास्ते को चौड़ा करने की पहल की। उनके इस फैसले से अब मंदिर तक आवागमन सुगम हो गया है तथा ग्रामीणों में खुशी देखी जा रही है। महाराज जी के शिष्य सोनू कुमार ने कहा कि गुरुदेव हमेशा समाज और धर्म के कार्यों को प्राथमिकता देते हैं। उन्होंने बताया कि मां काली मंदिर में दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंचते हैं और रास्ते की समस्या लंबे समय से बनी हुई थी। गुरुदेव ने लोगों की सुविधा को देखते हुए अपनी निजी भूमि देकर एक मिसाल कायम की है। उन्होंने कहा कि यह केवल रास्ता नहीं, बल्कि समाज सेवा और धार्मिक आस्था के प्रति समर्पण का प्रतीक है। ग्रामीणों ने भी महाराज जी के इस कार्य की सराहना करते हुए कहा कि उनका यह योगदान आने वाली पीढ़ियों तक याद रखा जाएगा ग्रामीणों एवं मंदिर श्रद्धालुओं ने श्री उमाशंकर दास जी महाराज के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उनके स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना की है।
मां काली मंदिर पहुंच पथ के लिए महंत ने दी निजी जमीन, ग्रामीणों में खुशी संझौली (रोहतास)। प्रखंड क्षेत्र के चैता बहोरी वैकुंठ धाम आश्रम के संस्थापक श्री उमाशंकर दास जी महाराज द्वारा मां काली मंदिर के पास जाने वाले रास्ते के लिए अपनी निजी भूमि दिए जाने पर ग्रामीणों एवं श्रद्धालुओं में खुशी का माहौल है। वर्षों से मंदिर तक पहुंचने में लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। विशेषकर शादी-विवाह, धार्मिक अनुष्ठान एवं बैंड-बाजा के साथ आने-जाने में काफी परेशानी होती थी। बताया जाता है कि मां काली मंदिर प्रांगण तक जाने वाला रास्ता काफी संकरा था, जिससे बड़े वाहनों और बारातियों को आने-जाने में दिक्कत होती थी। इस समस्या को देखते हुए श्री उमाशंकर दास जी महाराज ने समाज हित में अपनी निजी जमीन देकर रास्ते को चौड़ा करने की पहल की। उनके इस फैसले से अब मंदिर तक आवागमन सुगम हो गया है तथा ग्रामीणों में खुशी देखी जा रही है। महाराज जी के शिष्य सोनू कुमार ने कहा कि गुरुदेव हमेशा समाज और धर्म के कार्यों को प्राथमिकता देते हैं। उन्होंने बताया कि मां काली मंदिर में दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंचते हैं और रास्ते की समस्या लंबे समय से बनी हुई थी। गुरुदेव ने लोगों की सुविधा को देखते हुए अपनी निजी भूमि देकर एक मिसाल कायम की है। उन्होंने कहा कि यह केवल रास्ता नहीं, बल्कि समाज सेवा और धार्मिक आस्था के प्रति समर्पण का प्रतीक है। ग्रामीणों ने भी महाराज जी के इस कार्य की सराहना करते हुए कहा कि उनका यह योगदान आने वाली पीढ़ियों तक याद रखा जाएगा ग्रामीणों एवं मंदिर श्रद्धालुओं ने श्री उमाशंकर दास जी महाराज के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उनके स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना की है।
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- Post by Kaushal kumr Kaushal1
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- अरवल मेहेंदिया के वालिदाज में NH-149 पर ऑटो और मैजिक गाड़ी में आमने-सामने की टक्कर हो गई। इस भीषण हादसे में जहानाबाद से काम पर आ रहे 2 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि 6 अन्य गंभीर रूप से घायल हैं।1
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