भोपाल के अधिमान्य वरिष्ठ पत्रकार पंकज सिंह भदौरिया ने अभिषेक जैन नामक व्यक्ति पर सोशल मीडिया के माध्यम से ब्लैकमेलिंग, बदनाम करने और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) व डीपफेक तकनीक का इस्तेमाल कर झूठी एवं भ्रामक सामग्री प्रसारित करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस कमिश्नर को सौंपे गए शिकायत पत्र में पंकज भदौरिया ने दावा किया है कि अभिषेक जैन अपने कुछ सहयोगियों के साथ मिलकर उनकी 20 वर्षों की पत्रकारिता की साख को नुकसान पहुँचाने की कोशिश कर रहा है। भदौरिया के अनुसार, उन्होंने मानवीय आधार पर अभिषेक जैन की आर्थिक मदद भी कराई थी, जिसके स्क्रीनशॉट उनके पास मौजूद हैं, लेकिन बाद में अभिषेक जैन उन पर विभिन्न लोगों और नेताओं से पैसे दिलाने का दबाव बनाने लगा। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि अभिषेक जैन सोशल मीडिया के माध्यम से कई प्रभावशाली लोगों और जनप्रतिनिधियों को भी ब्लैकमेल करता है। पंकज भदौरिया ने इस पूरे मामले की साइबर फॉरेंसिक जाँच, आरोपियों के डिजिटल उपकरणों की जाँच और कड़ी कानूनी कार्रवाई की माँग की है। वहीं, पुलिस कमिश्नर ने मामले की जाँच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
भोपाल के अधिमान्य वरिष्ठ पत्रकार पंकज सिंह भदौरिया ने अभिषेक जैन नामक व्यक्ति पर सोशल मीडिया के माध्यम से ब्लैकमेलिंग, बदनाम करने और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) व डीपफेक तकनीक का इस्तेमाल कर झूठी एवं भ्रामक सामग्री प्रसारित करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस कमिश्नर को सौंपे गए शिकायत पत्र में पंकज भदौरिया ने दावा किया है कि अभिषेक जैन अपने कुछ सहयोगियों के साथ मिलकर उनकी 20 वर्षों की पत्रकारिता की साख को नुकसान पहुँचाने की कोशिश कर रहा है। भदौरिया के अनुसार, उन्होंने मानवीय आधार पर अभिषेक जैन की आर्थिक मदद भी कराई थी, जिसके स्क्रीनशॉट उनके पास मौजूद हैं, लेकिन बाद में अभिषेक जैन उन पर विभिन्न लोगों और नेताओं से पैसे दिलाने का दबाव बनाने लगा। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि अभिषेक जैन सोशल मीडिया के माध्यम से कई प्रभावशाली लोगों और जनप्रतिनिधियों को भी ब्लैकमेल करता है। पंकज भदौरिया ने इस पूरे मामले की साइबर फॉरेंसिक जाँच, आरोपियों के डिजिटल उपकरणों की जाँच और कड़ी कानूनी कार्रवाई की माँग की है। वहीं, पुलिस कमिश्नर ने मामले की जाँच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
- भोपाल के छोला मंदिर थाना क्षेत्र में हुई एक घटना ने दर्शाया है कि किस तरह पति-पत्नी के बीच की अनबन और नाराज़गी, जब गुस्से में बदल जाती है और बातचीत की जगह हथियार उठा लिए जाते हैं, तो यह मामला घर की चारदीवारी से निकलकर पुलिस और अदालत तक पहुँच जाता है। इस मामले में, पत्नी से नाराज़ एक पति ने बातचीत या समझौता करने के बजाय चाकू उठा लिया, जिससे कई जिंदगियों को दर्द मिला। परिणामस्वरूप, जिस व्यक्ति को अपने परिवार का ध्यान रखना था, उसे पुलिस पकड़कर ले गई। यह घटना हर पति, पत्नी और परिवार के लिए एक महत्वपूर्ण सीख देती है। इसमें बताया गया है कि रिश्तों में जीत-हार नहीं होती, बल्कि केवल समझदारी या बेवकूफी होती है। गुस्से में किया गया हमला कभी भी समस्या का समाधान नहीं बनता, बल्कि नई मुसीबतों की शुरुआत करता है।1
- रायसेन जिले के बाड़ी में वक्फ बोर्ड की 253 एकड़ जमीन की कथित बिक्री का मामला अब गरमा गया है। इस मुद्दे पर, ऑल इंडिया मुस्लिम त्योहार कमेटी ने भोपाल की ताजुल मस्जिद के बाहर जुम्मे की नमाज के बाद विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान, कमेटी ने कांग्रेस नेता इरफान दुर्रानी पर गंभीर आरोप लगाते हुए पूरे मामले की सीबीआई जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। कमेटी के पदाधिकारियों और सदस्यों ने आरोप लगाया कि वक्फ की संपत्तियों में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुई हैं और इस पूरे प्रकरण में कई प्रभावशाली लोगों की भूमिका सामने आ सकती है। ऑल इंडिया मुस्लिम त्योहार कमेटी के संरक्षक शमशुल हसन ने विशेष रूप से इरफान दुर्रानी पर निशाना साधते हुए कहा कि वक्फ की जमीनों को बेचने का यह मामला केवल बाड़ी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसकी जड़ें भोपाल तक फैली हुई हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि वक्फ की संपत्तियों को खुर्द-बुर्द कर निजी हितों के लिए इस्तेमाल किया गया है, जिसकी निष्पक्ष जांच बेहद ज़रूरी है। शमशुल हसन ने ज़ोर देकर कहा कि वक्फ की जमीनें मुस्लिम समाज की अमानत हैं और इन संपत्तियों की सुरक्षा तथा संरक्षण की जिम्मेदारी संबंधित संस्थाओं और प्रशासन की है। कमेटी ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री से मांग की है कि पूरे मामले की सीबीआई से जांच कराई जाए, ताकि सभी दोषी सामने आ सकें। उनका मानना है कि एक स्वतंत्र एजेंसी की जांच से यह स्पष्ट हो जाएगा कि वक्फ की जमीनों के लेन-देन में कौन-कौन लोग शामिल थे और किस स्तर पर नियमों का उल्लंघन हुआ। प्रदर्शन के दौरान कमेटी के पदाधिकारियों ने वक्फ संपत्तियों से जुड़े मामलों में पारदर्शिता लाने और समाज की संपत्तियों को बचाने के लिए सरकार से ठोस कदम उठाने की अपील की। कमेटी ने चेतावनी दी है कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच नहीं कराई गई, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और भी व्यापक रूप दिया जाएगा। फिलहाल, वक्फ बोर्ड की 253 एकड़ जमीन को लेकर उठे इस विवाद ने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में एक नई बहस छेड़ दी है। सबकी नज़रें अब इस बात पर टिकी हैं कि सरकार इस मामले में क्या कदम उठाती है और जांच की मांग पर क्या निर्णय लिया जाता है।1
- मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में गोविंदपुर स्थित इंद्रपुरी लेबर कॉलोनी को रातों-रात खाली करने के आदेश जारी किए गए हैं। इस अचानक फरमान के कारण आज हजारों परिवार बेघर होकर सड़कों पर आ गए हैं। जारी किए गए निर्देशों के अनुसार, शनिवार सुबह 8:00 बजे से तोड़ने की कार्रवाई शुरू की जाएगी। पोस्ट के मुताबिक, यह आदेश मौखिक रूप से और बिना किसी पूर्व नोटिस के दिया गया है, जिसे हजारों परिवारों को बेघर करने वाला "तालिबानी फरमान" बताया गया है। कॉलोनी में मंदिर और मस्जिद जैसे धार्मिक स्थल भी मौजूद हैं, लेकिन आरोप है कि सरकार इन पर कोई ध्यान नहीं दे रही है।4
- मध्य प्रदेश के सीहोर में ज़मीन पर कब्ज़ा करने की नीयत से एक परिवार पर लाठी-डंडों से हमला किया गया है। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है।1
- रायसेन-भोपाल रोड पर एक दुखद सड़क हादसा हो गया है, जिसमें कई लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। इस दुर्घटना में 7 लोगों की दर्दनाक मौत होने की खबर सामने आई है।1
- भोपाल में नाबार्ड द्वारा आम महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है, जहाँ रीवा के सुन्दरम आमों की मांग सबसे अधिक हो रही है।3
- भाजपा सरकार पर गोविंदपुरा विधानसभा क्षेत्र की इंद्रपुरी लेबर कॉलोनी में 'गुंडागर्दी' की चरम सीमा तक पहुँचने का आरोप लगाया गया है, जहाँ रातों-रात कॉलोनी खाली करने का आदेश जारी कर दिया गया है। इस 'तालिबानी फरमान' के चलते हजारों परिवारों के सामने बेघर होने का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। जानकारी के अनुसार, कॉलोनी को शनिवार सुबह 8 बजे तोड़ने का आदेश मौखिक रूप से और बिना किसी पूर्व नोटिस के दिया गया है। इस क्षेत्र में मंदिर और मस्जिद भी स्थित हैं, जिन्हें सरकार ने कथित तौर पर अनदेखा कर दिया है। आदेश के बाद पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल है, जहाँ नागरिक अपने स्वयं के मकान तोड़ने और सामान बचाने का प्रयास कर रहे हैं। हजारों परिवारों, जिनमें छोटे बच्चे भी शामिल हैं, को रात गुजारने के लिए भी पर्याप्त समय नहीं दिया गया है, जिससे उनकी स्थिति और भी विकट हो गई है।1
- मध्य प्रदेश में रायसेन रोड स्थित सेहतगंज के पास एक भीषण सड़क हादसे में शक्ति ट्रेवल्स और कल्पना ट्रेवल्स की बसों की आमने-सामने भिड़ंत हो गई। इस दर्दनाक दुर्घटना में तीन यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 15 से भी अधिक यात्री घायल बताए जा रहे हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इस हादसे की मुख्य वजह बसों की तेज रफ्तार (ओवरस्पीड) और सड़क पर मौजूद एक मोड़ को बताया गया है।1