पर्यटन गतिविधियों से प्रशिक्षित युवाओं को सहकारी संगठनों से जोड़ने पर जोर जिला सहकारी विकास समिति की बैठक में उपायुक्त मुकेश रेपस्वाल ने दिए निर्देश चम्बा, 27 अगस्त। जिला में सहकारिता क्षेत्र को मजबूत करने तथा अधिक से अधिक युवाओं को स्वरोजगार एवं उद्यमिता से जोड़ने के उद्देश्य से आज जिला सहकारी विकास समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त चम्बा मुकेश रेपस्वाल ने की। बैठक का आयोजन जिला सहकारी सभाएं कार्यालय चम्बा के तत्वावधान में किया गया। बैठक में उपायुक्त ने कहा कि सहकारी संस्थाएं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के प्रभावी अवसर उपलब्ध करवाने का महत्वपूर्ण माध्यम बन सकती हैं। उन्होंने विशेष रूप से युवा वर्ग को सहकारिता आंदोलन से जोड़ने पर जोर देते हुए विभागीय अधिकारियों को इस दिशा में ठोस एवं प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए। एडवेंचर टूरिज्म में प्रशिक्षित युवाओं को संगठित करने के निर्देश उपायुक्त मुकेश रेपस्वाल ने कहा कि चम्बा जिला में साहसिक पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। ऐसे में एडवेंचर टूरिज्म की विभिन्न गतिविधियों में प्रशिक्षित युवाओं एवं इससे जुड़े लोगों को सहकारी संस्था के रूप में संगठित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इससे एक ओर पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, वहीं दूसरी ओर प्रशिक्षित युवाओं की सेवाओं को व्यवस्थित एवं प्रभावी स्वरूप दिया जा सकेगा। सहकारी मॉडल के माध्यम से युवा मिलकर बेहतर सेवाएं प्रदान करने के साथ अपनी आय के स्थायी साधन भी विकसित कर सकते हैं। कृषि, बागवानी और अन्य आर्थिक गतिविधियों को सहकारिता से जोड़ने पर बल उपायुक्त ने कृषि, बागवानी, दुग्ध उत्पादन, मत्स्य पालन और पर्यटन सहित स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को सहकारी समितियों से जोड़ने की आवश्यकता पर भी बल दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन क्षेत्रों में कार्यरत लोगों को सहकारिता के माध्यम से संगठित करने के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि सहकारी समितियों के माध्यम से छोटे उत्पादकों, किसानों, पशुपालकों, मत्स्य पालकों और पर्यटन क्षेत्र से जुड़े लोगों को सामूहिक रूप से बेहतर बाजार, सेवाएं और आय के अवसर उपलब्ध करवाए जा सकते हैं। जिले की 158 पंचायतों तक पहुंचा सहकारिता का विस्तार बैठक में सहायक पंजीयक सहकारी सभाएं सुरजीत सिंह ने जिला में सहकारिता क्षेत्र की प्रगति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिले में सहकारिता का विस्तार 158 पंचायतों तक हो चुका है और वर्तमान में 175 सहकारी समितियां गठित हैं। उन्होंने बताया कि जिले में 31 प्राथमिक कृषि सहकारी समितियां (PACS) उर्वरक विक्रेता के रूप में कार्य कर रही हैं। इसके अलावा 129 सहकारी समितियों ने साझा सेवा केंद्र (CSC) के लिए आवेदन किया है, जबकि 84 समितियां मंच पर शामिल हो चुकी हैं। बैठक में अधिकारियों ने सहकारी समितियों के माध्यम से स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन, स्वरोजगार को बढ़ावा देने तथा विभिन्न विभागों की योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने से संबंधित विषयों पर भी चर्चा की। बैठक में उपनिदेशक कृषि भूपेंद्र सिंह, उपनिदेशक पशुपालन राकेश भंगालिया, जिला नियंत्रक खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले कर्ण, जिला विकास प्रबंधक नाबार्ड राकेश कुमार सहित विभिन्न बैंकों के प्रबंधक एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
पर्यटन गतिविधियों से प्रशिक्षित युवाओं को सहकारी संगठनों से जोड़ने पर जोर जिला सहकारी विकास समिति की बैठक में उपायुक्त मुकेश रेपस्वाल ने दिए निर्देश चम्बा, 27 अगस्त। जिला में सहकारिता क्षेत्र को मजबूत करने तथा अधिक से अधिक युवाओं को स्वरोजगार एवं उद्यमिता से जोड़ने के उद्देश्य से आज जिला सहकारी विकास समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त चम्बा मुकेश रेपस्वाल ने की। बैठक का आयोजन जिला सहकारी सभाएं कार्यालय चम्बा के तत्वावधान में किया गया। बैठक में उपायुक्त ने कहा कि सहकारी संस्थाएं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के प्रभावी अवसर उपलब्ध करवाने का महत्वपूर्ण माध्यम बन सकती हैं। उन्होंने विशेष रूप से युवा वर्ग को सहकारिता आंदोलन से जोड़ने पर जोर देते हुए विभागीय अधिकारियों को इस दिशा में ठोस एवं प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए। एडवेंचर टूरिज्म में प्रशिक्षित युवाओं को संगठित करने के निर्देश उपायुक्त मुकेश रेपस्वाल ने कहा कि चम्बा जिला में साहसिक पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। ऐसे में एडवेंचर टूरिज्म की विभिन्न गतिविधियों में प्रशिक्षित युवाओं एवं इससे जुड़े लोगों को सहकारी संस्था के रूप में संगठित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इससे एक ओर पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, वहीं दूसरी ओर प्रशिक्षित युवाओं की सेवाओं को व्यवस्थित एवं प्रभावी स्वरूप दिया जा सकेगा। सहकारी मॉडल के माध्यम से युवा मिलकर बेहतर सेवाएं प्रदान करने के साथ अपनी आय के स्थायी साधन भी विकसित कर सकते हैं। कृषि, बागवानी और अन्य आर्थिक गतिविधियों को सहकारिता से जोड़ने पर बल उपायुक्त ने कृषि,
बागवानी, दुग्ध उत्पादन, मत्स्य पालन और पर्यटन सहित स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को सहकारी समितियों से जोड़ने की आवश्यकता पर भी बल दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन क्षेत्रों में कार्यरत लोगों को सहकारिता के माध्यम से संगठित करने के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि सहकारी समितियों के माध्यम से छोटे उत्पादकों, किसानों, पशुपालकों, मत्स्य पालकों और पर्यटन क्षेत्र से जुड़े लोगों को सामूहिक रूप से बेहतर बाजार, सेवाएं और आय के अवसर उपलब्ध करवाए जा सकते हैं। जिले की 158 पंचायतों तक पहुंचा सहकारिता का विस्तार बैठक में सहायक पंजीयक सहकारी सभाएं सुरजीत सिंह ने जिला में सहकारिता क्षेत्र की प्रगति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिले में सहकारिता का विस्तार 158 पंचायतों तक हो चुका है और वर्तमान में 175 सहकारी समितियां गठित हैं। उन्होंने बताया कि जिले में 31 प्राथमिक कृषि सहकारी समितियां (PACS) उर्वरक विक्रेता के रूप में कार्य कर रही हैं। इसके अलावा 129 सहकारी समितियों ने साझा सेवा केंद्र (CSC) के लिए आवेदन किया है, जबकि 84 समितियां मंच पर शामिल हो चुकी हैं। बैठक में अधिकारियों ने सहकारी समितियों के माध्यम से स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन, स्वरोजगार को बढ़ावा देने तथा विभिन्न विभागों की योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने से संबंधित विषयों पर भी चर्चा की। बैठक में उपनिदेशक कृषि भूपेंद्र सिंह, उपनिदेशक पशुपालन राकेश भंगालिया, जिला नियंत्रक खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले कर्ण, जिला विकास प्रबंधक नाबार्ड राकेश कुमार सहित विभिन्न बैंकों के प्रबंधक एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
- नेपाल में भोटे कोशी नदी ने बुधवार को ऐसा रौद्र रूप दिखाया कि रसुवा जिले में भारी तबाही मच गई। कृष्ण चंद राणा | पांगी न्यूज़ टुडे नेपाल से बड़ी खबर... नेपाल में भोटे कोशी नदी ने बुधवार को ऐसा रौद्र रूप दिखाया कि रसुवा जिले में भारी तबाही मच गई। तिब्बत सीमा से सटे तिमुरे, रसुवागढ़ी और स्याफ्रुबेसी सहित आसपास के इलाकों में अचानक आई बाढ़ ने घरों, वाहनों, सड़कों और पुलों को अपनी चपेट में ले लिया। बाढ़ की तेज धार के साथ आया मलबा कई इलाकों में तबाही मचाता हुआ आगे बढ़ा। हाइड्रो पावर परियोजनाओं और अन्य महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को भी भारी नुकसान पहुंचने की खबर है। शुरुआती जानकारी में सात लोगों की मौत की पुष्टि हुई थी और 25 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला गया था। बाद में नेपाल पुलिस की ओर से मृतकों की संख्या बढ़कर 95 तक पहुंचने की सूचना सामने आई। हालांकि, प्रभावित क्षेत्रों में संचार और सड़क संपर्क बाधित होने के कारण नुकसान का पूरा आकलन अभी बाकी है। इस प्राकृतिक आपदा में सुरक्षाकर्मी भी प्रभावित हुए हैं। नेपाल पुलिस मुख्यालय के अनुसार विभिन्न प्रभावित क्षेत्रों में तैनात 28 पुलिसकर्मी लापता बताए गए हैं। इनमें तिमुरे, रसुवागढ़ी, स्याफ्रुबेसी और आसपास के क्षेत्रों में तैनात जवान शामिल हैं। बाढ़ से कई सड़क मार्ग और पुल टूट गए हैं, जिसके चलते राहत और बचाव अभियान में भी मुश्किलें सामने आ रही हैं। नेपाल सरकार ने सेना, नेपाल पुलिस और सशस्त्र पुलिस बल को राहत एवं बचाव कार्य में लगाया है। हेलीकॉप्टरों के माध्यम से भी लापता लोगों की तलाश की जा रही है। अधिकारियों ने नदी किनारे रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है। वहीं, बाढ़ के कारणों को लेकर अभी अंतिम पुष्टि नहीं हुई है। प्रारंभिक सूचनाओं में तिब्बत क्षेत्र में भूस्खलन अथवा नदी के अस्थायी रूप से अवरुद्ध होने की संभावना जताई जा रही है। नेपाल में भोटे कोशी की इस भीषण बाढ़ ने एक बार फिर हिमालयी क्षेत्रों में अचानक आने वाली बाढ़ और भूस्खलन के खतरे की गंभीरता को सामने ला दिया है। राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है और लापता लोगों की तलाश की जा रही है। कृष्ण चंद राणा | पांगी न्यूज़ टुडे1
- पंडित राम प्रसाद शर्मा मंडी वाले अब कुछ चुनिंदा तिथियों पर बड़ोह रोड और नगरोटा बगवां में भी उपलब्ध प्री अपॉइंटमेंट ज़रूरी है1
- सुजानपुर सुजानपुर उपमंडल अधिकारी ने महाविद्यालय के छात्र छात्राओं के साथ पौधे लगाए। ओम मंडल अधिकारी ने कहा कि यह पेड़ मैदान के चारों तरफ लगाए जाएंगे,ताकि मैदान में आने वाले लोगों और राहगीरों को छाया मिल सके। उन्होंने कहा कि लोगों से भी अपील की जाएगी कि मैदान में पशुओं को ना आने दे। पेड़ों को बचाने के लिए बचाव के तरीके भी अपनाया जाएंगे।1
- बिजली का खंबा जो टूटा हुआ है उसे हटाया जाए और दूसरा लगाया जाए बिजली का खंबा यहां से हटाया जाए है और साथ में हमारा घर है बच्चे नीचे जाते हैं साइकिल चलाते हैं पानी भर के ले जाते हैं यहां कल को कोई दुर्घटना हो गई तो इसका जिम्मेवार कौन होगा इसकी कंप्लेंट 2 साल से ऊपर हो गए बट कोई सुनवाई नहीं3
- पंडित राम प्रसाद शर्मा मंडी वाले अब चुनिंदा तिथियों को बड़ोह रोड नगरोटा बगवां में भी उपलब्ध पप्री अपॉइंटमेंट ले कर मिलें1
- 100 फीट गहरी खाई में गिरा भेड़पालक, साथियों ने पीठ पर उठाकर बचाई जान; ‘जाको राखे साइयां…’ कहावत हुई चरितार्थ। चंबा जिले के चुराह क्षेत्र में एक भेड़पालक के साथ हुए हादसे ने हर किसी को हैरान कर दिया। करीब 100 फीट गहरी खाई में गिरने के बावजूद भेड़पालक की जान बच गई। हादसे के बाद उसके साथियों ने जिस साहस और इंसानियत का परिचय दिया, वह काबिले तारीफ है। घायल साथी को सड़क तक पहुंचाने के लिए उन्होंने उसे अपनी पीठ पर उठाया और कई किलोमीटर का कठिन सफर पैदल तय किया। घटना की तस्वीरें चुराह क्षेत्र की बताई जा रही हैं। जानकारी के अनुसार भेड़पालकों का एक दल हर वर्ष की तरह इस बार भी लाहौल-स्पीति से अपनी भेड़-बकरियों को लेकर वापस अपने घर लौट रहा था। इसी दौरान दल जब तंगेड़ा नाले के समीप पहुंचा तो अचानक एक भेड़पालक का पैर फिसल गया। पैर फिसलते ही उसका संतुलन बिगड़ गया और वह पहाड़ी से करीब 100 फीट नीचे गहरी खाई में जा गिरा। हादसे में भेड़पालक गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद मौके पर मौजूद उसके साथियों में अफरा-तफरी मच गई, लेकिन उन्होंने घबराने के बजाय तुरंत घायल साथी को बचाने के लिए प्रयास शुरू कर दिए। साथियों ने पीठ पर उठाकर तय किया कई किलोमीटर का सफर हादसे की गंभीरता के बावजूद घायल को मौके से सड़क तक पहुंचाना आसान नहीं था। दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र और रास्ते की कठिन परिस्थितियों के बीच साथियों ने अदम्य साहस दिखाते हुए घायल भेड़पालक को खाई से बाहर निकाला। सड़क तक पहुंचने के लिए कोई आसान रास्ता नहीं होने के कारण साथियों ने घायल को अपनी पीठ पर उठाया और कई किलोमीटर तक पैदल लेकर चले। इस दौरान उन्होंने न केवल अपने साथी की जान बचाने के लिए हर संभव प्रयास किया, बल्कि कठिन पहाड़ी परिस्थितियों में भी हिम्मत नहीं हारी। काफी मशक्कत के बाद घायल भेड़पालक को चांजू पहुंचाया गया, जहां उसे प्राथमिक उपचार दिया गया। इसके बाद भूमि कंपनी की एंबुलेंस के माध्यम से घायल को बेहतर उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल चंबा भेजा गया। मुश्किल वक्त में साथियों का हौसला बना जीवन की सबसे बड़ी ताकत हादसा कितना गंभीर था, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि भेड़पालक करीब 100 फीट गहरी खाई में जा गिरा था। इतनी ऊंचाई से गिरने के बाद भी उसका जीवित बचना किसी चमत्कार से कम नहीं माना जा रहा है। इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर कहावत “जाको राखे साइयां, मार सके ना कोई” को चरितार्थ कर दिया। वहीं, घायल भेड़पालक के साथियों ने जिस तरह अपनी जान की परवाह किए बिना उसे पीठ पर उठाकर सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया, वह इंसानियत और आपसी भाईचारे की मिसाल है। दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में किसी हादसे के बाद समय पर मदद मिलना बेहद महत्वपूर्ण होता है। इस घटना में साथियों की तत्परता, हिम्मत और सूझबूझ ने घायल को समय पर उपचार तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। यह घटना यह संदेश भी देती है कि मुश्किल वक्त में अपनों का साथ, हौसला और इंसानियत किसी की जिंदगी बचाने की सबसे बड़ी ताकत बन सकते हैं।1
- chin se nepal men aaya mahapralay dekhen is video men puri news1
- #Om_Shanti #poonch_Accident #Shiendra दर्दनाक सड़क हादसा: 5 लोगों की मौत, कई घायल सीरी चोवाना–शिएंद्रा सड़क पर हुए भीषण सड़क हादसे में 6 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल बताए जा रहे हैं। हादसे की विस्तृत जानकारी का इंतजार है। ईश्वर सभी दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करें और शोकाकुल परिवारों को यह दुख सहने की शक्ति दें। वहीं, जो लोग घायल हुए हैं, ईश्वर उन्हें जल्द स्वस्थ एवं तंदुरुस्त करें। 🙏 #BreakingNews #SadNews #RoadAccident #JammuKashmir #AccidentNews1