Shuru
Apke Nagar Ki App…
मध्य प्रदेश के निवाड़ी जिले में स्थित ओरछा रामराजा मंदिर के प्रांगण में आस्था का एक अद्भुत दृश्य सामने आया। यहाँ आकाशीय बिजली चमकने के बीच प्रभु रामराजा सरकार की दिव्य लीला देखने को मिली, जिसने पूरे मंदिर परिसर में आस्था की अद्भुत रोशनी चमका दी।
Jamil khan
मध्य प्रदेश के निवाड़ी जिले में स्थित ओरछा रामराजा मंदिर के प्रांगण में आस्था का एक अद्भुत दृश्य सामने आया। यहाँ आकाशीय बिजली चमकने के बीच प्रभु रामराजा सरकार की दिव्य लीला देखने को मिली, जिसने पूरे मंदिर परिसर में आस्था की अद्भुत रोशनी चमका दी।
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के तहत आज, 28 मई 2026 को टीकमगढ़ रेलवे स्टेशन से टीकमगढ़ जिले के कुल 196 तीर्थयात्री द्वारका-सोमनाथ के तीर्थदर्शन के लिए ट्रेन द्वारा रवाना हुए। यात्रियों के प्रस्थान से पूर्व रेलवे स्टेशन पर उनके आवश्यक दस्तावेजों का परीक्षण किया गया और उन्हें टिकिट वितरित किए गए। इस अवसर पर सभी तीर्थयात्रियों का फूल माला पहनाकर स्वागत किया गया, जिससे स्टेशन पर उत्साह का वातावरण बन गया। यह उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के अंतर्गत द्वारका-सोमनाथ यात्रा के लिए टीकमगढ़ जिले से इन 196 तीर्थयात्रियों का चयन किया गया था। यात्रियों की सुरक्षा और देखभाल सुनिश्चित करने के लिए विशेष पर्यवेक्षक अधिकारी के रूप में नायब तहसीलदार ओ.पी. गुप्ता तथा अन्य अनुरक्षकों को उनके साथ भेजा गया है। चयनित वरिष्ठ नागरिकों को उनके परिवारजन रेलवे स्टेशन तक छोड़ने आए थे। मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के तहत द्वारका जा रहे तीर्थयात्रियों ने मध्य प्रदेश सरकार द्वारा बुजुर्गों को तीर्थयात्रा कराने के लिए शुरू की गई इस पहल की सराहना की। उन्होंने इस योजना को 'अच्छी' बताते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी को हृदय से धन्यवाद ज्ञापित किया।1
- टीकमगढ़ जिले की सबसे बड़ी जनपद पंचायत जतारा में अव्यवस्था और अधिकारियों की अनुपस्थिति के कारण ग्रामीण जनता बेहद परेशान है। आरोप है कि जनपद सीईओ के पास टीकमगढ़ जनपद का अतिरिक्त प्रभार है, जिस कारण वे जतारा कार्यालय में नियमित रूप से उपस्थित नहीं होते, और इस स्थिति से सभी कामकाज बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत संबंधी कार्यों, भुगतानों और महत्वपूर्ण दस्तावेजों के लिए उन्हें बार-बार कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ते हैं, लेकिन अधिकारियों के न मिलने से उनके काम अटके रहते हैं। शानो हजरत नाम की एक महिला ने अपनी पीड़ा बताते हुए कहा कि वह अपनी परिवार आईडी की समस्या को लेकर पिछले डेढ़ साल से भटक रही हैं, पर उनकी समस्या का अब तक कोई समाधान नहीं हो सका है। अधिकारी नहीं मिलने के कारण पूरा कार्यालय केवल बाबुओं के भरोसे चलता नजर आ रहा है, जिससे दूरदराज के गांवों से आने वाले लोगों को घंटों इंतजार के बाद निराश होकर वापस लौटना पड़ता है। इस गंभीर समस्या को देखते हुए, क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन से कड़ी मांग की है कि जनपद कार्यालय में अधिकारियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाए ताकि जनता को हो रही इस परेशानी से निजात मिल सके।3
- टीकमगढ़ जिला अस्पताल से एक महत्वपूर्ण ब्रेकिंग न्यूज़ सामने आई है, जहाँ अस्पताल के पानी वाले फ्रीजर में करंट आ रहा है। इस गंभीर समस्या को देखते हुए, न्यूज़ जतारा चैनल के संवाददाता सागर सोनी ने अपनी रिपोर्ट में जिम्मेदार अधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप करने और इस खराबी को जल्द से जल्द ठीक करवाने का निवेदन किया है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।1
- मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के अंतर्गत 28 मई 2026 को टीकमगढ़ रेलवे स्टेशन से टीकमगढ़ जिले के 196 तीर्थयात्री ट्रेन द्वारा द्वारका-सोमनाथ तीर्थदर्शन यात्रा के लिए रवाना हुए। रेलवे स्टेशन पर तीर्थयात्रियों का फूलों की माला पहनाकर स्वागत किया गया और उनके दस्तावेजों का परीक्षण कर उन्हें टिकिट वितरित किए गए। यात्रा के लिए रवाना हो रहे इन तीर्थयात्रियों में उत्साह का वातावरण स्पष्ट रूप से देखा गया। इस योजना के तहत द्वारका-सोमनाथ तीर्थदर्शन के लिए टीकमगढ़ जिले से कुल 196 तीर्थयात्रियों का चयन किया गया था। इन यात्रियों की सुरक्षा और देखभाल सुनिश्चित करने के लिए नायब तहसीलदार ओ.पी. गुप्ता को विशेष पर्यवेक्षक अधिकारी के रूप में, और साथ ही अन्य अनुरक्षकों को भी उनके साथ भेजा गया है। मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के तहत चयनित इन वरिष्ठजनों को उनके परिवारजन रेलवे स्टेशन टीकमगढ़ तक छोड़ने आए थे। द्वारका जा रहे तीर्थयात्रियों ने मध्य प्रदेश सरकार द्वारा बुजुर्गों को तीर्थ कराने के लिए प्रारंभ की गई इस योजना की सराहना की और इसे एक अच्छी पहल बताया। सभी यात्रियों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी को इस अवसर पर धन्यवाद भी दिया।2
- Post by Manoj jain1
- टीकमगढ़ के पलेरा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की स्वास्थ्य व्यवस्थाएं पूरी तरह से चरमरा गई हैं, जहां भीषण गर्मी में सैकड़ों मरीज इलाज के लिए पहुँच रहे हैं, लेकिन डॉक्टर नदारद मिल रहे हैं और कुर्सियां खाली पड़ी हैं। डॉक्टरों की इस लापरवाही से मरीजों को समय पर उपचार नहीं मिल पा रहा है, जिसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। मरीजों और स्थानीय निवासियों का आरोप है कि सरकारी डॉक्टर सरकार से वेतन लेने के बावजूद अस्पताल पर कम ध्यान देते हैं। वे अपनी निजी क्लिनिक और घरों से मरीजों को देखते हैं, जबकि मरीजों को मेडिकल की बाहरी दवाइयां लिखकर अच्छा-खासा मुनाफा कमा रहे हैं। अस्पताल में पहले से ही दवाओं और डॉक्टरों की कमी है, जिसके कारण मरीजों को निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ रहा है और घंटों लाइन में खड़े रहने के बाद भी इलाज नहीं मिल पाता। हाल ही में, अंतरराष्ट्रीय मानव अधिकार संरक्षण संगठन के प्रांतीय नेतृत्व दल ने CHC पलेरा का आकस्मिक निरीक्षण किया। प्रांतीय महासचिव राम रतन दीक्षित के निरीक्षण में अस्पताल की भौतिक स्थिति अत्यंत दयनीय पाई गई, जिससे प्रशासनिक और नैतिक स्तर पर घोर अनियमितताएं उजागर हुईं। निरीक्षण के दौरान पता चला कि चिकित्सालय का मुख्य भवन अत्यंत प्राचीन और जीर्ण-शीर्ण है; स्टाफ ने बताया कि वर्षाकाल में छत से पानी टपकता है, जिससे बहुमूल्य चिकित्सीय उपकरण नष्ट हो रहे हैं और मरीजों में संक्रमण का खतरा बढ़ रहा है। संगठन ने अस्पताल में कुछ शासकीय कर्मचारियों की 'वटवृक्ष प्रवृत्ति' पर भी प्रकाश डाला, जो 5 से 10 वर्षों से एक ही स्थान पर जमे हुए हैं और शासकीय सेवा की आड़ में अवैध धनार्जन के लिए अनैतिक जड़ें फैला चुके हैं। इसके अतिरिक्त, 'हस्ताक्षर संस्कृति' का खुलासा हुआ, जहाँ कई कर्मचारी ड्यूटी से नदारद रहते हैं; वे या तो आते ही नहीं, या केवल उपस्थिति पंजी में हस्ताक्षर कर तुरंत चले जाते हैं, जिससे शासन को गुमराह कर बिना काम किए वेतन लिया जा रहा है। राम रतन दीक्षित ने इस स्थिति को शासकीय नियमों का घोर उल्लंघन और पलेरा क्षेत्र की गरीब जनता के स्वास्थ्य व मानव अधिकारों के साथ खिलवाड़ बताया है। संगठन ने जनहित में CMHO टीकमगढ़ से शिकायत कर कठोर कार्रवाई की मांग की है। उनकी प्रमुख मांगों में केवल हस्ताक्षर करके भागने वाले कर्मचारियों पर अंकुश लगाने के लिए अस्पताल में डिजिटल/बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य करना और समय-समय पर औचक निरीक्षण दल भेजना शामिल है।2
- पलेरा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक बार फिर डॉक्टरों की लापरवाही का मामला सामने आया है। शुक्रवार, 29 मई 2026 को सुबह 10:40 बजे तक कई डॉक्टर अपनी ड्यूटी पर नहीं पहुंचे, जिसके चलते दूर-दराज से इलाज के लिए आए मरीज घंटों तक उनके इंतजार में परेशान होते रहे। स्थानीय लोगों और मरीजों का आरोप है कि अस्पताल में पदस्थ डॉ. अंकित राजपूत और महेंद्र पटेल जैसे डॉक्टर नियमित रूप से समय पर ड्यूटी पर नहीं आते और मनमानी रवैया अपनाते हैं। डॉक्टरों की अनुपस्थिति के कारण ओपीडी के बाहर मरीजों की लंबी कतारें लगी रहीं और स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुईं। मरीजों को, जिनमें कई बुजुर्ग और बच्चे भी शामिल थे, समय पर उपचार न मिलने के कारण महंगे निजी अस्पतालों का सहारा लेने पर मजबूर होना पड़ा, जबकि अस्पताल में पहले से ही स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी है। सरकारी नियमों के अनुसार, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों का ड्यूटी का समय सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक निर्धारित है और आपातकालीन सेवाओं के लिए 24 घंटे डॉक्टर उपलब्ध रहने चाहिए, लेकिन पलेरा में इन नियमों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है। नागरिकों ने स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से अस्पताल की व्यवस्थाओं में तुरंत सुधार करने और ड्यूटी से गायब रहने वाले डॉक्टरों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है ताकि मरीजों को समय पर उपचार मिल सके। क्षेत्र के लोगों ने इस मामले में CMHO टीकमगढ़ और कलेक्टर से हस्तक्षेप कर दोषी डॉक्टरों पर कार्रवाई करने का आग्रह किया है।1
- भीषण गर्मी के प्रकोप के कारण कस्बा जाखलौन में चमगादड़ों की मौत हो गई है। यह घटना क्षेत्र में अत्यधिक तापमान के प्रभावों को दर्शाती है।1
- पन्ना जिले के अजयगढ़ में कुआं धंसने से एक बड़ा हादसा हो गया, जिसमें छह मजदूरों की मौत हो गई। इस दुखद घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है।1