दमोह जिले की पटेरा तहसील की ग्राम पंचायत वमनपुरा स्थित मुस्कान वेयरहाउस पर खरीफ सीजन के लिए मूंगफली बीज वितरण में कथित पक्षपात को लेकर किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। किसानों का आरोप है कि नियमों की अनदेखी कर प्रभावशाली और चहेते लोगों को प्राथमिकता दी गई, जबकि सुबह से लाइन में लगे सामान्य और गरीब किसानों को खाली हाथ लौटा दिया गया। नाराज किसानों ने वेयरहाउस के बाहर जोरदार प्रदर्शन करते हुए सड़क पर जाम लगा दिया। उनका आरोप है कि कतार में खड़े किसानों को छोड़ कुछ लोगों को सीधे अंदर बुलाकर बीज दिया गया और बाद में स्टॉक खत्म होने की बात कही गई। प्रदर्शनकारियों ने यह भी दावा किया कि ऑटो में भरकर लगभग 50 बोरियां बाहर भेज दी गईं। जाम की सूचना मिलते ही प्रभारी तहसीलदार मानसी अग्रवाल और थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। काफी देर की समझाइश और शिकायतों को सुनने के बाद किसानों ने प्रदर्शन समाप्त किया, जिससे सड़क का जाम खुल सका। प्रभारी तहसीलदार ने सभी पात्र किसानों को शनिवार सुबह 11 बजे पुनः वेयरहाउस पहुंचने को कहा है और आश्वासन दिया कि किसी भी पात्र किसान को बीज से वंचित नहीं किया जाएगा। गड़बड़ी पाए जाने पर उन्होंने दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की बात भी कही है। वहीं, किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि शनिवार को निष्पक्ष वितरण नहीं हुआ तो वे फिर से आंदोलन करेंगे। इस मामले में वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी डी.के. साहू ने स्पष्ट किया कि कृषि विभाग की भूमिका केवल सुपरविजन तक सीमित है। बीज वितरण का पूरा कार्य तेंदूखेड़ा की मानव अधिकार फाउंडेशन द्वारा संचालित किया जा रहा है और उसी के पोर्टल से इसका वितरण होना था। इस घटना ने क्षेत्र की वितरण व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं और अब सबकी नजरें शनिवार को होने वाले वितरण पर टिकी हैं।
दमोह जिले की पटेरा तहसील की ग्राम पंचायत वमनपुरा स्थित मुस्कान वेयरहाउस पर खरीफ सीजन के लिए मूंगफली बीज वितरण में कथित पक्षपात को लेकर किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। किसानों का आरोप है कि नियमों की अनदेखी कर प्रभावशाली और चहेते लोगों को प्राथमिकता दी गई, जबकि सुबह से लाइन में लगे सामान्य और गरीब किसानों को खाली हाथ लौटा दिया गया। नाराज किसानों ने वेयरहाउस के बाहर जोरदार प्रदर्शन करते हुए सड़क पर जाम
लगा दिया। उनका आरोप है कि कतार में खड़े किसानों को छोड़ कुछ लोगों को सीधे अंदर बुलाकर बीज दिया गया और बाद में स्टॉक खत्म होने की बात कही गई। प्रदर्शनकारियों ने यह भी दावा किया कि ऑटो में भरकर लगभग 50 बोरियां बाहर भेज दी गईं। जाम की सूचना मिलते ही प्रभारी तहसीलदार मानसी अग्रवाल और थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। काफी देर की समझाइश और शिकायतों को सुनने के बाद
किसानों ने प्रदर्शन समाप्त किया, जिससे सड़क का जाम खुल सका। प्रभारी तहसीलदार ने सभी पात्र किसानों को शनिवार सुबह 11 बजे पुनः वेयरहाउस पहुंचने को कहा है और आश्वासन दिया कि किसी भी पात्र किसान को बीज से वंचित नहीं किया जाएगा। गड़बड़ी पाए जाने पर उन्होंने दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की बात भी कही है। वहीं, किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि शनिवार को निष्पक्ष वितरण नहीं हुआ तो वे फिर से
आंदोलन करेंगे। इस मामले में वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी डी.के. साहू ने स्पष्ट किया कि कृषि विभाग की भूमिका केवल सुपरविजन तक सीमित है। बीज वितरण का पूरा कार्य तेंदूखेड़ा की मानव अधिकार फाउंडेशन द्वारा संचालित किया जा रहा है और उसी के पोर्टल से इसका वितरण होना था। इस घटना ने क्षेत्र की वितरण व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं और अब सबकी नजरें शनिवार को होने वाले वितरण पर टिकी हैं।
- मध्य प्रदेश की हटा पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए अंतर-जिला अवैध हथियार गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस गिरोह के खिलाफ शिकंजा कसते हुए कुल 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस बड़ी कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 5 हथियार और 9 जिंदा कारतूस भी जब्त किए हैं।3
- दमोह जिले के पटेरा अंतर्गत बेलखेड़ी में जिला कलेक्टर ने गौशाला का निरीक्षण किया। इस दौरान वहां मौजूद कर्मचारियों द्वारा गौशाला में पानी की कमी होने की बात बताई गई, जिसे जल्द ही दूर किया जाएगा। जिला कलेक्टर ने इस दौरान ग्रामीण जनों से चर्चा की और गौशाला के समय पर रखरखाव के लिए निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि गौ माता की सेवा करना हमारा कर्तव्य है और खेती के लिए जैविक खाद व गोबर खाद आदि के माध्यम से उन्नत खेती करने में गौ माता की सहयोगी भूमिका होती है। ऐसे में गौशाला की सभी आवश्यकताओं को पूर्ण रूप से पूरा करना प्रशासन का काम है।1
- दमोह में मंत्री श्री प्रह्लाद सिंह पटेल ने नर्मदा परिक्रमा को लेकर महत्वपूर्ण विचार व्यक्त किए हैं। उन्होंने कहा कि नर्मदा परिक्रमा केवल एक यात्रा नहीं है, बल्कि यह आत्मिक साधना का मार्ग है। श्रद्धालुओं को प्रेरित करते हुए उन्होंने संदेश दिया कि परिक्रमा के दौरान सामने आने वाली व्यवस्थागत कठिनाइयों से किसी को भी विचलित नहीं होना चाहिए। ऐसी परिस्थितियों में डिगे बिना पूर्ण श्रद्धा, धैर्य और संकल्प के साथ निरंतर आगे बढ़ना ही इस पावन परिक्रमा का वास्तविक संदेश है।1
- दमोह के जवाहर नवोदय विद्यालय में शैक्षणिक सत्र 2027-28 के लिए कक्षा 6वीं में प्रवेश हेतु आयोजित होने वाली चयन परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। जिले के शासकीय और मान्यता प्राप्त विद्यालयों में कक्षा 5वीं में पढ़ रहे पात्र विद्यार्थी इसके लिए निःशुल्क आवेदन कर सकते हैं। इच्छुक उम्मीदवार नवोदय विद्यालय समिति की आधिकारिक वेबसाइट और निर्धारित ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं, जिसकी अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 निर्धारित की गई है। इस चयन परीक्षा का आयोजन 28 नवंबर 2026, शनिवार को किया जाएगा। दमोह कलेक्टर प्रताप नारायण यादव और नवोदय विद्यालय समिति ने शुक्रवार शाम 6 बजे पात्र विद्यार्थियों एवं उनके अभिभावकों से अपील की है। उन्होंने सभी से आग्रह किया है कि अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना समय पर ऑनलाइन पंजीयन पूरा करें और परीक्षा में शामिल होने का अवसर सुनिश्चित करें।1
- मध्य प्रदेश के दमोह जिले के तेंदूखेड़ा अंतर्गत जमुनखेड़ा में सड़कों की हालत साल भर इसी तरह बदहाल बनी रहती है। यहाँ की सड़कों की स्थिति पूरे साल ऐसी ही दयनीय रहती है और इनमें कोई सुधार नहीं होता।1
- दमोह के निवासियों से इन्हें बचाने के लिए आगे आने की अपील की गई है। इस कार्य को पूरा करने के लिए दमोह वासियों के पूर्ण समर्थन और सहयोग की आवश्यकता जताई गई है।1
- दमोह जिले के पटेरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में जिला कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने औचक निरीक्षण किया। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग में कई कमियां पाई गईं, जिन्हें तुरंत दूर करने के लिए कलेक्टर ने कड़े निर्देश दिए हैं। उन्होंने अस्पताल परिसर में साफ-सफाई के प्रति जागरूक रहने और परिसर में स्वच्छ वातावरण बनाए रखने की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने पाया कि मरीजों के लिए पर्ची की फीस ₹10 प्रति है, लेकिन इस जानकारी को अस्पताल में कहीं भी दर्शाया नहीं गया था। इस लापरवाही पर उन्होंने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने इस संबंध में पटेरा बीएमओ को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं।1
- मध्य प्रदेश में आदिवासी अपनी जमीन के लिए आंदोलन कर रहे हैं। उनका साफ मानना है कि जब आज अपने हक के लिए आवाज उठाई जाएगी, तभी आने वाले कल में उन्हें अपनी जमीन पर अधिकार मिल सकेगा।1