बाबा रामदेव मंदिर में बही राम भक्ति की गंगा, श्रीराम कथा में झूम उठे श्रद्धालु खंडप। कहीं आंखों में भक्ति के आंसू थे तो कहीं श्रीराम के भजनों पर झूमते कदम... बाबा रामदेव मंदिर का वातावरण बुधवार को पूरी तरह राममय नजर आया। गणपति वंदना और कथा पूजन के साथ जैसे ही संगीतमय श्रीराम कथा का शुभारंभ हुआ, मंदिर परिसर में श्रद्धा की ऐसी लहर उठी कि हर कोई भक्ति के रंग में रंगा नजर आया। जय श्रीराम के जयकारों और भजनों की मधुर स्वर लहरियों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। ग्राम खंडप स्थित बाबा रामदेव मंदिर में बुधवार को नौ दिवसीय संगीतमय श्रीराम कथा का विधिवत आगाज हुआ। कथा शुभारंभ से पूर्व श्रद्धालुओं की मौजूदगी में कथा पूजन किया गया। इसके बाद भगवान गणपति की वंदना के साथ श्रीराम कथा का आरंभ हुआ। प्रयागराज से पहुंचे कथावाचक श्री कमलाकांत दुबे महाराज ने संगीतमय शैली में भगवान श्रीराम के जीवन चरित्र, त्याग, मर्यादा, संस्कार एवं आदर्शों से जुड़े प्रसंगों का वर्णन किया। कथा के दौरान जब भजनों की स्वर लहरियां गूंजीं तो श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। भक्तिभाव में डूबे श्रोता अपने स्थान पर झूमते नजर आए, वहीं कई श्रद्धालु भजनों पर नृत्य करने लगे। मंदिर परिसर में गूंजते जय श्रीराम के जयकारों ने माहौल को और अधिक आध्यात्मिक बना दिया। श्रद्धालुओं के चेहरे पर आस्था और उमंग साफ झलक रही थी। कथा के माध्यम से भगवान श्रीराम के आदर्शों को जीवन में अपनाने तथा संस्कारों की राह पर चलने का संदेश दिया गया।श्रीराम कथा का आयोजन 16 सितंबर से 24 सितंबर 2026 तक प्रतिदिन दोपहर 1 बजे से शाम 4 बजे तक बाबा रामदेव मंदिर, खंडप में किया जा रहा है। आयोजकों ने क्षेत्र के धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं से परिवार सहित कथा में पहुंचकर श्रीराम कथा का श्रवण करने एवं आध्यात्मिक लाभ लेने की अपील की रिपोर्टर रोहित जोशी खंडप की रिपोर्ट
बाबा रामदेव मंदिर में बही राम भक्ति की गंगा, श्रीराम कथा में झूम उठे श्रद्धालु खंडप। कहीं आंखों में भक्ति के आंसू थे तो कहीं श्रीराम के भजनों पर झूमते कदम... बाबा रामदेव मंदिर का वातावरण बुधवार को पूरी तरह राममय नजर आया। गणपति वंदना और कथा पूजन के साथ जैसे ही संगीतमय श्रीराम कथा का शुभारंभ हुआ, मंदिर परिसर में श्रद्धा की ऐसी लहर उठी कि हर कोई भक्ति के रंग में रंगा नजर आया। जय श्रीराम के जयकारों और भजनों की मधुर स्वर लहरियों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। ग्राम खंडप स्थित बाबा रामदेव मंदिर में बुधवार को नौ दिवसीय संगीतमय श्रीराम कथा का विधिवत आगाज हुआ। कथा शुभारंभ से पूर्व श्रद्धालुओं की मौजूदगी में कथा पूजन किया गया। इसके बाद भगवान गणपति की वंदना के साथ श्रीराम कथा का आरंभ हुआ। प्रयागराज से पहुंचे कथावाचक श्री कमलाकांत दुबे महाराज ने संगीतमय शैली में भगवान श्रीराम के जीवन चरित्र,
त्याग, मर्यादा, संस्कार एवं आदर्शों से जुड़े प्रसंगों का वर्णन किया। कथा के दौरान जब भजनों की स्वर लहरियां गूंजीं तो श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। भक्तिभाव में डूबे श्रोता अपने स्थान पर झूमते नजर आए, वहीं कई श्रद्धालु भजनों पर नृत्य करने लगे। मंदिर परिसर में गूंजते जय श्रीराम के जयकारों ने माहौल को और अधिक आध्यात्मिक बना दिया। श्रद्धालुओं के चेहरे पर आस्था और उमंग साफ झलक रही थी। कथा के माध्यम से भगवान श्रीराम के आदर्शों को जीवन में अपनाने तथा संस्कारों की राह पर चलने का संदेश दिया गया।श्रीराम कथा का आयोजन 16 सितंबर से 24 सितंबर 2026 तक प्रतिदिन दोपहर 1 बजे से शाम 4 बजे तक बाबा रामदेव मंदिर, खंडप में किया जा रहा है। आयोजकों ने क्षेत्र के धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं से परिवार सहित कथा में पहुंचकर श्रीराम कथा का श्रवण करने एवं आध्यात्मिक लाभ लेने की अपील की रिपोर्टर रोहित जोशी खंडप की रिपोर्ट
- महापौर पद की जंग में कांग्रेस के दो दावेदार, भाजपा व निर्दलीय भी मैदान में पाली। नगर निगम महापौर पद के लिए नामांकन दाखिल होने के साथ ही सियासी तस्वीर सामने आने लगी है। महापौर पद के लिए कांग्रेस, भाजपा और निर्दलीय प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल किए हैं। कांग्रेस की ओर से राजबाला हिंगड़ और सुमित्रा जैन ने दो-दो नामांकन पत्र दाखिल किए। वहीं भाजपा से बागी होकर निर्दलीय मैदान में उतरीं पुष्पा सोमनानी और कुसुम सोनी ने एक-एक नामांकन पत्र दाखिल किया। इसी दौरान नगर निगम में नवनिर्वाचित भाजपा पार्षदों को शपथ भी दिलाई गई। अब महापौर पद के लिए दाखिल नामांकन के बाद सभी की नजरें आगे की प्रक्रिया और राजनीतिक दलों की रणनीति पर टिकी हैं। कांग्रेस के दो दावेदारों के नामांकन के बीच पार्टी की ओर से अंतिम तौर पर किसे समर्थन मिलता है, इस पर भी निगाहें बनी हुई हैं।3
- 🎓 कॉलेज खुलने के साथ विद्यार्थियों में दिखा उत्साह, नए छात्रों ने शुरू की तैयारी पाली। कॉलेजों में नए शैक्षणिक सत्र की गतिविधियां शुरू होने के साथ विद्यार्थियों में भी उत्साह देखने को मिल रहा है। नए छात्र कॉलेज के माहौल, कक्षाओं और अपनी पढ़ाई को लेकर तैयारियां कर रहे हैं। पहली बार कॉलेज जाने वाले विद्यार्थियों के लिए यह समय खास है। कई छात्र पढ़ाई के साथ नए दोस्त बनाने और कॉलेज की अलग-अलग गतिविधियों में हिस्सा लेने को लेकर भी उत्साहित हैं। शिक्षकों का कहना है कि विद्यार्थियों को शुरुआत से ही नियमित कक्षाओं में भाग लेने, समय पर पढ़ाई करने और कॉलेज की शैक्षणिक गतिविधियों में सक्रिय रहने पर ध्यान देना चाहिए। 📍 पाली | स्थानीय समाचार2
- सोमेसर में उमस के बाद जमकर बरसे बादल, खुशी से लबालब किसान सोमेसर कस्बे सहित आस पास गांवों में उमस के बाद बादलों से बारिश सै किसानों के चेहरे खिल उठे1
- कांग्रेस से सुमित्रा-राजबाला ने भरा फॉर्म, गले भी मिली, भाजपा ने भी नमिता को बनाया प्रत्याशी पाली,ब्युरो चिफ मनीष राठौड़। नगर निगम में महापौर की दौड़ में अब भाजपा की भी एंट्री हो गई है। पार्टी ने नमिता बुबकिया को महापौर का प्रत्याशी घोषित किया है। इससे पहले कांग्रेस की ओर से राजबाला हिंगड़, सुमित्रा जैन, निर्दलीय कुसुम सोनी और पुष्पा सोमनानी मंगलवार को महापौर का नामांकन पत्र लेकर गए थे। ऐसे में देखना होगा कि महापौर का ताज किसके सिर बंधता है। महापौर के लिए 21 सितंबर और उप महापौर के लिए 22 सितंबर को वोटिंग होगी।1
- पाली शहर के बीचो बिच घोसी वाड़ा के सुलभ कॉम्प्लेक्स के घोसी वाड़ा सुलभ कॉम्प्लेक्स के रास्ते पर और आम आने जाने वाले के रास्ते को गाड़ियों से रोक दिया जाता है जैसे पार्किंग बनाई गई किसी के घर के सामने रहने वाले जब बोलते हैं तो लड़ाई झगड़ा जिलचालू कर देते हैं स्कूल की गाड़ियों को सुबह के समय मुश्किल बच्चों को लेकर जाना पड़ता है नगर परिषद अधिकारी आकर खुद देख सकते हैं कि रहने वालों को और सुबह के समय सफाई कर्मचारियों को झाड़ू और सफाई के अंदर कितनी मुश्किलों का सामना और सारा रास्ता जाम कर दिया जाता है जिला प्रशासन खुद आकर मोका मुआइना कर सकती है आम आदमी का रास्ता रोकना गाडियों को खड़ा कर देना और मोहल्ला और रहने वालों को मार्ग नहीं मिलना रोड पर भी गाड़ी खड़ी कर देना3
- बडी उमस के बाद इन्द्रदेव महेरबान जम कर बरसें बादल किसानों के चहरे पर छाई खुशी घेनड़ी गांव में बडी उमस के बाद इन्द्रदेव महेरबान जम कर बरसें बादल1
- समय सीमा खत्म होते ही निगम का गेट बंद, सिब्बल जमा कराने को लेकर आधे घंटे चली कशमकश पाली। नगर निगम महापौर पद के नामांकन जमा कराने के अंतिम दिन निगम परिसर में उस समय अलग ही नजारा देखने को मिला, जब निर्धारित समय पूरा होते ही मुख्य गेट बंद कर दिया गया। नामांकन के साथ सिब्बल जमा कराने पहुंचे कुछ प्रत्याशियों और पुलिस के बीच प्रवेश को लेकर काफी देर तक कशमकश चली। बताया गया कि गेट बंद होने के करीब आधे घंटे बाद जब अंदर जाने का मौका मिला तो निगम परिसर में दो युवा भागते हुए नजर आए। हालांकि रिटर्निंग अधिकारी के आदेश पर उन्हें अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई। इस दौरान करीब आधे घंटे तक प्रवेश को लेकर बहस चलती रही, लेकिन निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के नियम का हवाला देते हुए उन्हें अंदर प्रवेश नहीं दिया गया। वहीं सूत्रों के अनुसार, एक राजनीतिक पार्टी की ओर से महापौर पद के लिए सिब्बल पहले ही जमा करवाया जा चुका था। इसी पार्टी का एक अन्य प्रत्याशी भी सिब्बल जमा कराने निगम पहुंचा था। समय सीमा समाप्त होने के कारण उसे प्रवेश मिला या नहीं, इसे लेकर निगम परिसर में चर्चाओं का दौर चलता रहा। महापौर पद के नामांकन की अंतिम समय सीमा को लेकर निगम परिसर में हुए इस घटनाक्रम ने चुनावी माहौल को और गरमा दिया।1
- उमस के बाद जमकर बरसे बादल, खुशी से लबालब हुए किसानों के चेहरे सोमेसर। निम्बाडा कस्बे सहित आसपास के गांवों में पिछले कुछ समय से बनी उमस के बाद आखिरकार बादलों ने जमकर बरसना शुरू किया। बारिश होने से मौसम सुहावना हो गया और लोगों को उमस से राहत मिली। बारिश के बाद खेतों में पानी पहुंचने से किसानों के चेहरे भी खिल उठे। लंबे समय से बारिश का इंतजार कर रहे किसानों ने इसे फसलों के लिए राहत भरा माना। खेतों में बारिश का पानी पहुंचने से फसलों को फायदा होने की उम्मीद है। बारिश के दौरान गांवों और कस्बे की गलियों में भी पानी जमा हुआ। ठंडी हवाओं के साथ हुई बारिश से मौसम में बदलाव देखने को मिला। आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भी लोगों ने बारिश का आनंद लिया। किसानों का कहना है कि समय पर हुई यह बारिश खरीफ फसलों के लिए काफी उपयोगी साबित हो सकती है।2
- डुठारियां के मेघवालों के छोटे वास, वार्ड नंबर 11 में आबादी क्षेत्र के बीच बिजली का तार टूटकर गिरने से बड़ा हादसा होने से बाल-बाल बचा। डुठारियां में मेघवालों के बास में बिजली का टुटने से बड़ा हादसा टला आबादी क्षेत्र में इस तरह बिजली के तार टूटना और विभाग द्वारा *समय पर रखरखाव नहीं किया जाना **घोर निंदनीय एवं गंभीर लापरवाही है। बिजली विभाग से मांग है कि घटना को गंभीरता से लेते हुए तत्काल टूटे तार की मरम्मत करवाकर* पूरे क्षेत्र की बिजली लाइन की जांच करवाई जाए, ताकि भविष्य में किसी बड़ी दुर्घटना की पुनरावृत्ति न हो। जनता की सुरक्षा सर्वोपरि है।3