रविवार को मथुरा के डैंपियर नगर में लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की 301वीं जयंती अत्यंत हर्षोल्लास और उमंग के साथ मनाई गई। इस भव्य और दिव्य कार्यक्रम में पाल बघेल धनगर समाज के हजारों लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया, जिन्होंने श्रद्धापूर्वक लोकमाता अहिल्याबाई को नमन किया। कार्यक्रम की शुरुआत लोकमाता के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित करने के साथ हुई, जिसके बाद एक विचार गोष्ठी और एक विशाल रैली का आयोजन किया गया। यह लगातार पाँचवाँ वर्ष है जब मातेश्वरी अहिल्याबाई होल्कर की जयंती और शोभायात्रा पूरे मथुरा में धूमधाम से निकाली जा रही है। इस वर्ष की रैली में विशेष रूप से सात झांकियां, चार बग्गी, बैंड बाजा और डीजे शामिल थे। हजारों लोगों की उपस्थिति के साथ, लगभग 300-400 बाइकों पर सवार होकर मातेश्वरी की एक अत्यंत सुंदर शोभायात्रा निकाली गई। इसमें केवल तस्वीर ही नहीं, बल्कि तलवार लिए हुए अहिल्याबाई मातेश्वरी के जीवंत स्वरूप को भी रैली में प्रदर्शित किया गया। समाज के नेताओं ने इस जन्मोत्सव को समाज के जागरूक और संगठित होने का प्रमाण बताया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अब समाज शिक्षा की ओर तेजी से बढ़ रहा है और प्रगति के नए सोपान तय करने के लिए अग्रसर है। इस पूरे उत्सव को बड़े ही शालीनता और सौहार्दपूर्ण माहौल में मनाया गया। आयोजकों ने इस कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रशासन और विशेषकर मीडिया के भरपूर सहयोग के लिए धन्यवाद व्यक्त किया। मथुरा में जगह-जगह इस भव्य रैली का पुष्प वर्षा से गर्मजोशी से स्वागत किया गया, जिससे पूरा माहौल उत्सव के रंग में रंग गया। लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की 301वीं जयंती ने एक बार फिर समाज में एकजुटता, जागरूकता और उत्सव की भावना को बल दिया।
रविवार को मथुरा के डैंपियर नगर में लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की 301वीं जयंती अत्यंत हर्षोल्लास और उमंग के साथ मनाई गई। इस भव्य और दिव्य कार्यक्रम में पाल बघेल धनगर समाज के हजारों लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया, जिन्होंने श्रद्धापूर्वक लोकमाता अहिल्याबाई को नमन किया। कार्यक्रम की शुरुआत लोकमाता के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित करने के साथ हुई, जिसके बाद एक विचार गोष्ठी और एक विशाल रैली का
आयोजन किया गया। यह लगातार पाँचवाँ वर्ष है जब मातेश्वरी अहिल्याबाई होल्कर की जयंती और शोभायात्रा पूरे मथुरा में धूमधाम से निकाली जा रही है। इस वर्ष की रैली में विशेष रूप से सात झांकियां, चार बग्गी, बैंड बाजा और डीजे शामिल थे। हजारों लोगों की उपस्थिति के साथ, लगभग 300-400 बाइकों पर सवार होकर मातेश्वरी की एक अत्यंत सुंदर शोभायात्रा निकाली गई। इसमें केवल तस्वीर ही नहीं, बल्कि
तलवार लिए हुए अहिल्याबाई मातेश्वरी के जीवंत स्वरूप को भी रैली में प्रदर्शित किया गया। समाज के नेताओं ने इस जन्मोत्सव को समाज के जागरूक और संगठित होने का प्रमाण बताया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अब समाज शिक्षा की ओर तेजी से बढ़ रहा है और प्रगति के नए सोपान तय करने के लिए अग्रसर है। इस पूरे उत्सव को बड़े ही शालीनता और सौहार्दपूर्ण
माहौल में मनाया गया। आयोजकों ने इस कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रशासन और विशेषकर मीडिया के भरपूर सहयोग के लिए धन्यवाद व्यक्त किया। मथुरा में जगह-जगह इस भव्य रैली का पुष्प वर्षा से गर्मजोशी से स्वागत किया गया, जिससे पूरा माहौल उत्सव के रंग में रंग गया। लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की 301वीं जयंती ने एक बार फिर समाज में एकजुटता, जागरूकता और उत्सव की भावना को बल दिया।
- शहीद विपिन शर्मा के अंतिम दर्शन के समय प्रशासनिक अधिकारियों की गैरमौजूदगी को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश फूट पड़ा। इस घटना पर ग्रामीणों ने अपना गुस्सा व्यक्त किया।1
- अधिक मास के चलते पूरे ब्रजमंडल में ब्रज चौरासी कोस की परिक्रमा का आयोजन किया जा रहा है। इस दौरान श्रद्धालु जगह-जगह प्याऊ और भंडारे का भी आयोजन कर रहे हैं। इसी परिक्रमा के दौरान एक मध्य प्रदेश निवासी युवक ने बाइक पर बैठकर परिक्रमा कर रही युवतियों से छेड़छाड़ की। इस घटना का वीडियो तेजी से वायरल हो गया, जिसके बाद वृंदावन पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया है।1
- मथुरा जिले के वृंदावन कोतवाली के बाहर पत्रकारों का धरना प्रदर्शन लगातार जारी है। पत्रकार अपने ऊपर हो रहे लगातार हमलों के खिलाफ विरोध जता रहे हैं, और उनका आरोप है कि इन हमलों के मामले में पुलिस की तरफ से कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है।1
- गाजियाबाद में हुए एक कांड के संदर्भ में माननीय योगी जी ने एक महत्वपूर्ण बयान दिया है।1
- पूछा जा रहा है कि जब एक ही प्रदेश है और एक ही सरकार है, तो फिर दो अलग-अलग जगहों पर अलग-अलग नियम क्यों लागू किए जा रहे हैं। इस बात पर सवाल उठाया गया है कि एक समान प्रशासनिक व्यवस्था में ऐसी विसंगति क्यों बनी हुई है।1
- मथुरा में चल रही ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा के दौरान, एक व्यक्ति ने अपनी माँ को सिर पर रखकर परिक्रमा पूरी कर दुनिया के सामने आस्था और प्रेम की एक अनूठी मिसाल पेश की है।1
- उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के मांट क्षेत्र में स्थित भीम गाँव में माता अहिल्याबाई की एक भव्य शोभायात्रा निकाली गई। इस शोभायात्रा में श्रद्धालुओं का भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा, और लोगों ने जगह-जगह पुष्प वर्षा कर इसका जोरदार स्वागत किया।1
- वृंदावन कोतवाली पर पत्रकारों ने धरना प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन पत्रकारों के साथ हुई अभिद्रता, यानी दुर्व्यवहार, के विरोध में किया गया।1