ग्राम बाईहेड़ा की हरिजन समाज की गलियों में सड़कों की हालत अत्यंत खराब है, जहाँ सड़कों पर पानी भरा रहता है। इससे बच्चों को निकलने, खेलने और वाहनों (खासकर बाइक) को गुजरने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बच्चों को स्कूल छोड़ने में भी दिक्कतें आ रही हैं, वहीं वाहनों का निकलना भी दूभर हो गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस समस्या के समाधान में सरकार और ग्रामीण सरपंच साहब कोई रुचि नहीं ले रहे हैं, क्योंकि उनका मानना है कि सरपंच को 'हरिजन' समाज से कोई सरोकार नहीं है। ग्रामीणों के अनुसार, गांव की मुखिया को भी इन समस्याओं से कोई मतलब नहीं है। यह शिकायत 2 साल पहले भी की गई थी और सरपंच साहब को भी बताया गया था, लेकिन वे 2 साल से केवल आश्वासन दे रहे हैं कि सड़क अब बन जाएगी। ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि यहाँ जातिवाद का सिलसिला है, और यदि यह किसी और जाति का इलाका होता तो सड़क का निर्माण बहुत पहले ही हो गया होता। सड़क की अत्यधिक खराब स्थिति के साथ-साथ, हरिजन समाज में नल और बिजली (लाइट) जैसी मूलभूत सुविधाओं की भी भारी कमी है। इस समस्या पर वीडियो बनाकर न्यूज़ चैनलों पर दो-तीन बार साझा भी किया गया है, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। सरकार से अनुरोध किया गया है कि वे हरिजन समाज की इन बुनियादी समस्याओं पर ध्यान दें, विशेषकर सड़क की बदहाली पर। जय सियाराम।
ग्राम बाईहेड़ा की हरिजन समाज की गलियों में सड़कों की हालत अत्यंत खराब है, जहाँ सड़कों पर पानी भरा रहता है। इससे बच्चों को निकलने, खेलने और वाहनों (खासकर बाइक) को गुजरने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बच्चों को स्कूल छोड़ने में भी दिक्कतें आ रही हैं, वहीं वाहनों का निकलना भी दूभर हो गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस समस्या के समाधान में सरकार और ग्रामीण सरपंच साहब कोई रुचि नहीं ले रहे
हैं, क्योंकि उनका मानना है कि सरपंच को 'हरिजन' समाज से कोई सरोकार नहीं है। ग्रामीणों के अनुसार, गांव की मुखिया को भी इन समस्याओं से कोई मतलब नहीं है। यह शिकायत 2 साल पहले भी की गई थी और सरपंच साहब को भी बताया गया था, लेकिन वे 2 साल से केवल आश्वासन दे रहे हैं कि सड़क अब बन जाएगी। ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि यहाँ जातिवाद का सिलसिला है, और यदि यह किसी और जाति का
इलाका होता तो सड़क का निर्माण बहुत पहले ही हो गया होता। सड़क की अत्यधिक खराब स्थिति के साथ-साथ, हरिजन समाज में नल और बिजली (लाइट) जैसी मूलभूत सुविधाओं की भी भारी कमी है। इस समस्या पर वीडियो बनाकर न्यूज़ चैनलों पर दो-तीन बार साझा भी किया गया है, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। सरकार से अनुरोध किया गया है कि वे हरिजन समाज की इन बुनियादी समस्याओं पर ध्यान दें, विशेषकर सड़क की बदहाली पर। जय सियाराम।
- राजगढ़ जिले के खिलचीपुर में एक 6 साल की बच्ची से दुष्कर्म के आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, और यह मामला न्यायिक प्रक्रिया में है। इस गंभीर घटना के बीच, शहर के कथावाचक पंडित हरिनारायण वैष्णव के एक वॉट्सएप मैसेज ने एक नई बहस छेड़ दी है, जिसमें उन्होंने आरोपी का एनकाउंटर करने वाले पुलिसकर्मी को 1 लाख रुपये नकद इनाम देने की घोषणा की है। पंडित हरिनारायण वैष्णव ने साफ तौर पर पुष्टि की है कि यह पोस्ट उन्होंने ही डाली थी। उन्होंने ऐसे दरिंदे और वहशी व्यक्ति के लिए त्वरित और कठोर न्याय की मांग करते हुए कहा कि यदि पुलिस वाले ऐसे आरोपी का एनकाउंटर करते हैं, तो वे एक लाख रुपये का नकद इनाम देंगे। कथावाचक ने अदालतों से अपील की है कि ऐसे अपराधियों को फांसी दी जाए और यदि ऐसा संभव नहीं है, तो पुलिस को खुली छूट मिलनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे कांड करने वाले का एनकाउंटर होने पर शासन को उस पुलिस अधिकारी को पुरस्कृत और पदोन्नत करना चाहिए, जो तत्काल न्याय सुनिश्चित करता है और वर्षों तक अदालती प्रक्रिया का इंतजार नहीं करना पड़ता। पुलिस द्वारा आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजने के बाद भी, पंडित वैष्णव का सवाल है कि क्या केवल गिरफ्तारी से न्याय मिल गया? उन्होंने इस विचार को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि गिरफ्तारी न्याय नहीं है, बल्कि न्याय तो केवल यह है कि ऐसे व्यक्ति को फांसी दी जाए। उन्होंने कठोर कानून बनाने और पुलिस को खुली छूट देने की मांग की ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, क्योंकि ऐसी घटनाओं से पवित्र धरती कलंकित होती है और बालिका का जीवन खराब हो जाता है। खिलचीपुर पुलिस से मिली शिकायत के अनुसार, यह घटना 16 जून की शाम करीब 4:00 बजे की है। पीड़िता अपनी सहेली के साथ दिनेश सेन (25) की खिलौने की दुकान पर गई थी। बाद में पीड़िता अकेले ही एक खिलौना वापस करने के लिए दुकान पर लौटी, और इसी दौरान दुकान संचालक दिनेश सेन पर मासूम बच्ची के साथ गलत हरकत करने का आरोप है। रात में बच्ची के निजी अंगों में दर्द होने पर परिजनों ने पूछताछ की, तो उसने दुकानदार दिनेश की करतूत बताई। घटना से आक्रोशित परिजन 17 जून 2026 को बच्ची को लेकर थाना खिलचीपुर पहुंचे। पुलिस ने पीड़िता की मां की शिकायत पर आरोपी दिनेश सेन के खिलाफ लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (POCSO एक्ट) 2012 की धारा 5 व 6 के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। इस घिनौने कृत्य की चौतरफा निंदा हो रही है।1
- ग्राम तिलावत गोविंद के अपेक्स इंटरनेशनल स्कूल में एक बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। जानकारी के अनुसार, स्कूल प्रबंधन पर बच्चों को ट्रांसफर सर्टिफिकेट (टीसी) नहीं देने और बिना किसी वैध प्रवेश के ही उनसे पैसे की मांग करने का गंभीर आरोप है। यह पूरा मामला स्कूल में चल रही कथित अनियमितताओं की ओर इशारा करता है।1
- शाजापुर जिले के सलसलाई नगर में पाँच दिनों से चल रहा श्री विष्णु महायज्ञ और बाबा रामदेव प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव सोमवार को धूमधाम से संपन्न हो गया। इस भव्य धार्मिक अनुष्ठान के अंतिम दिन नगर में आस्था का विशाल जनसैलाब उमड़ पड़ा, जिसमें आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से आए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। अनुष्ठान के समापन अवसर पर, यज्ञआचार्य निखिल शर्मा के सानिध्य में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ महायज्ञ की पूर्णाहूति दी गई। आचार्य द्वारा विधि-विधान से बाबा रामदेव की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा संपन्न करवाई गई, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। इस दौरान उपस्थित भक्तों ने 'बाबा रामदेव की जय' के जयकारे लगाए। यज्ञ की पूर्णाहुति के बाद मुख्य मंदिर परिसर में बाबा रामदेव की भव्य महाआरती की गई। आरती के पश्चात आयोजित 'महाभंडारे' में हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसादी ग्रहण की। आयोजन समिति ने बड़ी संख्या में आए भक्तों की सुविधा के लिए विशेष प्रबंध किए थे, ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा न हो। पाँच दिवसीय इस धार्मिक आयोजन के कारण पूरे नगर में उत्सव जैसा माहौल बना रहा। दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं ने बाबा रामदेव के दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना की। आयोजन समिति के सदस्यों ने सभी धर्मप्रेमी बंधुओं का आभार व्यक्त करते हुए इस समारोह को क्षेत्र में शांति और सद्भाव का प्रतीक बताया।1
- नाभि जटका प्रयोग से संबंधित जानकारी उपलब्ध है।1
- विदिशा के ग्राम मणिपुर से बड़ी संख्या में किसानों ने कलेक्टर से शिकायत करते हुए पंप लाइन खोलने की मांग की है। किसानों का आरोप है कि गांव के एक व्यक्ति ने उनके खेतों तक बिजली पहुंचाने वाली पंप लाइन पर कब्जा कर लिया है, जिसके चलते उन्हें तीन महीने से बिजली नहीं मिल रही है। किसानों ने बताया कि पंप लाइन बाधित होने के कारण उनकी मूंग की फसल बर्बाद हो गई है। जब उन्होंने संबंधित व्यक्ति से लाइन खोलने को कहा, तो उसने आत्महत्या करने की धमकी दी और किसानों को मारने की भी धमकी दी। इस समस्या के कारण अब किसान धान की फसल के लिए चिंतित हैं, क्योंकि समय पर पानी नहीं मिला तो वह भी खराब हो जाएगी। किसानों के अनुसार, मालुम सिंह नामक व्यक्ति ने पिछले तीन महीने से पंप लाइन को रोककर बिजली की आपूर्ति बंद कर रखी है। किसानों ने इस मामले की शिकायत विभिन्न जगहों पर की थी, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। इसी कारण आज वे अपनी समस्या लेकर कलेक्टर के सामने गुहार लगाने पहुंचे हैं, ताकि उनकी धान की फसल को बचाया जा सके और उन्हें समय पर बिजली और पानी मिल सके।4
- भोपाल के अयोध्यानगर थाना क्षेत्र में पुलिस ने मोबाइल लुटेरे एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में चार बदमाशों को गिरफ्तार किया गया है और उनके कब्जे से 22 मोबाइल फोन के साथ-साथ अपराधों में इस्तेमाल की गई चार स्पोर्ट बाइकें जब्त की गई हैं। जब्त किए गए सामान की कुल कीमत लगभग 11 लाख रुपये आंकी गई है। आरोपी बड़ी चालाकी से घटनाओं को अंजाम देते थे, जिसमें वे स्पोर्ट बाइक का इस्तेमाल करते थे और अपनी पहचान छुपाने के लिए बाइकों की नंबर प्लेट बदल देते थे। वे मुख्य रूप से उन लोगों को निशाना बनाते थे जो सड़क पर मोबाइल फोन हाथ में लेकर चल रहे होते थे। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे बड़ा पैसा कमाने और अपने महंगे शौक पूरे करने के लिए इन वारदातों को अंजाम देते थे। घटनाओं में प्रयुक्त केटीएम, पल्सर 200 एनएस जैसी स्पोर्ट बाइक्स के साथ-साथ चोरी की होंडा साइन और R1-5 भी आरोपियों के पास से बरामद की गई हैं। इसके अलावा, टीला और अयोध्यानगर थाना क्षेत्रों से चुराई गई कुछ मोटरसाइकिलें भी उनके कब्जे से मिली हैं। गिरफ्तार किए गए आरोपियों का पहले से ही आपराधिक रिकॉर्ड रहा है, जिसमें चोरी, मारपीट और आर्म्स एक्ट जैसे मामले दर्ज हैं। इनकी गिरफ्तारी से अयोध्यानगर, पिपलानी, गोविंदपुरा, हबीबगंज, बागसेवनिया और टीला जैसे क्षेत्रों में हुई कुल 12 मोबाइल लूट और झपटमारी की घटनाओं का खुलासा हुआ है। इस पूरे मामले का पर्दाफाश पुलिस उपायुक्त जोन-2 श्री विकास सहवाल के निर्देशन में गठित एक पुलिस टीम द्वारा किया गया।1