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2016 बेच की तेज तर्रार आईएएस अधिकारी मेधा भारद्वाज बनी पाकुड़ की उपायुक्त
Muddin Press
2016 बेच की तेज तर्रार आईएएस अधिकारी मेधा भारद्वाज बनी पाकुड़ की उपायुक्त
More news from झारखंड and nearby areas
- तेल भरवाने पहुंचे चालक के ऑटो में मिला खतरनाक कोबरा रेस्क्यू टीम ने सुरक्षित पकड़ा मो० काजीरुल शेख पाकुड़: महंगाई के इस दौर में अब सांपों ने भी शायद किराया बचाने का तरीका सीख लिया है।सुबह गढ़बाड़ी कोल स्टोर फार्म के पास स्थित दीपक कुमार पेट्रोल पंप पर एक स्पेक्ट्रेल कोबरा बिना टिकट ऑटो में सफर करता पकड़ा गया। फर्क बस इतना था कि बाकी यात्री सीट पर बैठते हैं, जबकि जनाब सीधे इंजन के पास वीआईपी जगह पर कब्जा जमाए थे।सुबह करीब 10 बजे ऑटो चालक पेट्रोल भरवाने पहुंचा। तभी उसकी नजर सीट के नीचे गई और वहां फन फैलाकर बैठे कोबरा महाराज दिखाई दिए। दृश्य ऐसा था मानो ऑटो चालक नहीं, खुद यमराज का कॉल आ गया हो।कोबरा दिखते ही पेट्रोल पंप पर भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। कुछ लोग इतनी तेजी से भागे कि अगर ओलंपिक में भेज दिए जाते तो देश के लिए मेडल पक्का था। वहीं कुछ बहादुर लोग सुरक्षित दूरी से मोबाइल कैमरा ऑन कर “वन्यजीव विशेषज्ञ” बने हुए थे।पंप संचालक ने तुरंत इलाके को खाली कराया और स्नेक रेस्क्यू टीम को बुलाया। करीब 20 मिनट की मशक्कत के बाद टीम ने सांप को बाहर निकाला। रेस्क्यू टीम ने बताया कि यह करीब 5 फीट लंबा जहरीला स्पेक्ट्रेल कोबरा है, जिसका काटना जानलेवा हो सकता है।विशेषज्ञों का मानना है कि भीषण गर्मी से परेशान होकर कोबरा ने ऑटो के इंजन को अपना “समर रिजॉर्ट” बना लिया था। फिलहाल उसे सुरक्षित पकड़कर जंगल में छोड़ने की तैयारी की जा रही है।घटना के बाद इलाके में चर्चा है कि अब लोग ऑटो में बैठने से पहले किराया नहीं, सीट के नीचे “नागराज चेक” जरूर करेंगे।3
- आज दोपहर महेशपुर के घरवाड़ी फार्म स्थित दीपक कुमार पेट्रोल पंप पर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक ऑटो के अंदर विशालकाय सांप देखा गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, पेट्रोल पंप पर खड़े एक ऑटो के इंजन और सीट के पास एक स्पेक्ट्रेल कोबरा (Spectacled Cobra) छिपा बैठा था। पंप जैसे भीड़भाड़ वाले इलाके में जहरीले सांप की मौजूदगी से वहां मौजूद कर्मचारियों और राहगीरों में दहशत फैल गई। गनीमत रही कि किसी अनहोनी से पहले ही सांप पर नजर पड़ गई और तुरंत स्थानीय रेस्क्यू टीम को इसकी सूचना दी गई। रेस्क्यूअर ने बेहद सूझबूझ और सावधानी के साथ ऑटो के संकरे हिस्से से कोबरा को सुरक्षित बाहर निकाला। सांप के पकड़े जाते ही पेट्रोल पंप पर मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली। रेस्क्यू टीम के अनुसार, यह एक वयस्क स्पेक्ट्रेल कोबरा है, जिसे अब आबादी से दूर सुरक्षित प्राकृतिक आवास (जंगल) में छोड़ दिया जाएगा।1
- Post by Rameshkumar1
- ओडिशा के केओंझार जिला के पटना थाना क्षेत्र में एक बेहद भावुक और चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है। मल्लीपासी गांव के रहने वाले जीतू मुंडा की बहन का करीब दो महीने पहले निधन हो गया था। बताया जाता है कि उसकी बहन के खाते में 19,300 रुपये जमा थे। अनपढ़ होने के कारण जीतू कई बार बैंक पहुंचा, लेकिन बैंक कर्मचारियों ने पैसे देने से इनकार कर दिया।1
- *विद्यालय में बच्चों से नाला साफ कराने का आरोप, प्रधानाध्यापक पर उठे सवाल* चांदन (बांका) प्रखंड क्षेत्र के प्रोन्नत मध्य विद्यालय गाजोरायडीह से एक चिंताजनक मामला सामने आया है, जहां छात्रों से नाले की सफाई कराए जाने का आरोप लगा है। इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जो इलाके में तेजी से वायरल हो रहा है।प्राप्त जानकारी के अनुसार, विद्यालय परिसर में एक छात्र नाले में उतरकर कीचड़ साफ करता दिख रहा है, जबकि अन्य लोग खड़े होकर देखते नजर आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि यह सब प्रधानाध्यापक राम बाबू सिंह की मौजूदगी में हुआ।सूत्रों की मानें तो विद्यालय में बच्चों से जूठे बर्तन धुलवाने और गंदगी साफ कराने जैसी गतिविधियां पहले भी कराई जाती रही हैं। बुधवार को जब बच्चों से नाला साफ कराया गया, तब मामला और गंभीर हो गया। हालांकि इस न्यूज़ को मेरा न्यूज़ चैनल पुष्टि नहीं करता है. इसे लेकर ग्रामीणों और अभिभावकों में काफी आक्रोश देखा जा रहा है।अभिभावकों का कहना है कि विद्यालय में बच्चों को शिक्षा देने के बजाय उनसे इस तरह का कार्य कराना न केवल गलत है, बल्कि उनके स्वास्थ्य और अधिकारों के साथ भी खिलवाड़ है।हालांकि, इस संबंध में विद्यालय के प्रधानाध्यापक राम बाबू सिंह ने इन आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि ऐसी कोई बात नहीं है।वहीं, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी सुरेश ठाकुर ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद यदि कोई दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।फिलहाल, यह मामला शिक्षा व्यवस्था और बच्चों के अधिकारों पर गंभीर सवाल खड़ा कर रहा है। रिपोर्ट :उमाकांत पोद्दार2
- इंतजार करती रही दुलहन, 10 लाख के लिए नहीं आई बरात!उत्तर प्रदेश के संभल (बनियाठेर थाना) में एक परिवार की बेटी बरात का इंतजार करती रही, लेकिन दूल्हे मोहम्मद मुस्तफा ने शादी से पहले 10 लाख रुपये अतिरिक्त माँग लिए। पैसे न जुट पाए तो पूरी बरात ही नहीं आई। मंगनी पर लाखों खर्च हो चुके थे, खाना-पीना सब बेकार पड़ा रह गया। दुल्हन रो-रोकर बाप से लिपट गई।इस्लाम में निकाह तो सिर्फ 3 गवाहों के सामने कुछ मिनटों में हो जाता है — बिना किसी खर्च के। फिर कहाँ मर गया है लोगों का ज़मीर?1
- राज्यपाल के नाम सौंपा ज्ञापन मो० काजीरूल शेख पाकुड़: लोकतंत्र में सवाल पूछना अब शायद जोखिम भरा काम हो गया है। अगर सवाल सत्ता से जुड़ा हो, तो फिर हेलमेट और बॉडीगार्ड की जरूरत भी पड़ सकती है। हजारीबाग में दो पत्रकारों के साथ हुई मारपीट की घटना के विरोध में बुधवार को प्रेस क्लब पाकुड़ के पत्रकारों ने काला बिल्ला लगाकर विरोध प्रदर्शन किया और राज्यपाल के नाम उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा।दरअसल, 28 अप्रैल को हजारीबाग में मंत्री इरफान अंसारी के कार्यक्रम के दौरान दो पत्रकारों ने कुछ सवाल पूछ लिए। बस फिर क्या था — सवालों का जवाब शब्दों से नहीं, बल्कि हाथ-पैरों से दिया गया। मंत्री समर्थकों और कुछ कथित असामाजिक तत्वों ने पत्रकारों की पिटाई कर दी। गाली-गलौज का बोनस अलग से मिला।घायल पत्रकारों को इलाज के लिए स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया। इलाज के बाद उन्होंने थाने में शिकायत दर्ज कराई। हालांकि पत्रकारों के बीच यह चर्चा भी रही कि अब शायद खबर लिखने से पहले यह भी देखना पड़ेगा कि सवाल पूछना “सुरक्षित” है या नहीं।बुधवार को प्रेस क्लब पाकुड़ के अध्यक्ष मुकेश जायसवाल के नेतृत्व में पत्रकारों ने विरोध प्रदर्शन किया। पत्रकारों ने कहा कि राज्य में लगातार पत्रकारों पर हमले हो रहे हैं और यह लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को कमजोर करने की कोशिश है। उनका कहना था कि अगर सवाल पूछने वालों की पिटाई होगी, तो फिर प्रेस कॉन्फ्रेंस और जनसंपर्क कार्यक्रमों का मतलब सिर्फ ताली बजाना ही रह जाएगा।प्रदर्शन के बाद पत्रकार समाहरणालय पहुंचे और उपायुक्त मेघा भारद्वाज को राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में दोषियों पर कार्रवाई और पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की गई। मौके पर बड़ी संख्या में पत्रकार मौजूद थे।6
- *दो महीने में ही भरभराकर गिरा जलमीनार, संवेदक पर लापरवाही का आरोप* चांदन (बांका): पीएचईडी विभाग के अंतर्गत एक बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है, जहां निर्माण के महज दो महीने के भीतर ही जलमीनार धराशाई हो गया। घटना बुधवार दोपहर की बताई जा रही है, जब चांदन प्रखंड के पूर्वी कट सकरा पंचायत अंतर्गत वार्ड नंबर 7 फुलजोरा गांव में अचानक पानी टंकी सहित पूरा जलमीनार भरभराकर गिर पड़ा। यह जलमीनार गांव के हरी सिंह के जमीन पर बनाया गया था। घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई।हालांकि, गनीमत रही कि घटना के समय आसपास कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था, जिससे बड़ी दुर्घटना टल गई। ग्रामीण गोपाल सिंह, मुकेश सिंह, संटू यादव, राजू यादव, राज कुमार यादव और अशोक सिंह ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए संवेदक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण में घटिया किस्म के सामग्री का उपयोग किया गया, जिसके कारण इतना बड़ा ढांचा इतने कम समय में ही ढह गया। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि जलमीनार के नीचे अक्सर लोग विश्राम किया करते थे। यदि यह घटना रात के समय होती, तो जान-माल का बड़ा नुकसान हो सकता था। जलमीनार के गिरने के बाद मौके पर कोई भी सामान सही-सलामत नहीं बचा है।इस घटना ने सरकारी योजनाओं की गुणवत्ता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि चांदन प्रखंड में ऐसे कई जलमीनार बनाए गए हैं, जिनकी स्थिति कागज पर कुछ और, जबकि जमीन पर कुछ और ही नजर आती है। लोगों ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।वहीं, भीषण गर्मी और गिरते जलस्तर के बीच इस तरह की घटना से इलाके में पेयजल संकट गहराने की आशंका बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि एक तरफ तेज धूप में जलस्तर लगातार नीचे जा रहा है, वहीं दूसरी ओर जलमीनार के ध्वस्त होने से पानी की समस्या और गंभीर हो गई है।क्या बोले अधिकारीइस संबंध में पीएचईडी विभाग के एसडीओ मनीष कुमार ने कहा कि,मामले की जानकारी मिली है। जांच के लिए टीम भेजी जा रही है। प्रथम दृष्टया निर्माण में तकनीकी गड़बड़ी या गुणवत्ता की कमी की आशंका है। जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। रिपोर्ट: उमाकांत पोद्दार2
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